कविता

बुद्धम् शरणम् गच्छामि

बुद्धं शरणम् गच्छामि,मैं बुद्ध की शरण लेता हूँ,धम्मं शरणम् गच्छामि,मैं धर्म की शरण लेता हूँ,संघं शरणम् गच्छामि,मैं संघ की शरण…

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फ़िल्मों की संस्कारहीनता

क्या क्या दिखलाया जाता भोलीभाली भारतवर्ष की हमारी जनता को,हिंसा खुलेआम नंगापन, छल कपट,नीचा दिखलाना भाई का भाई को। जो…

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इंसान के गुन और गुनाह

इंसान के गुनों और गुनाहों दोनों कीही कीमत होती है, फ़र्क़ यह होता है,कि गुनों की कीमत तो मिलती है,गुनाह…

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दुनिया का दस्तूर

पिता तो साक्षात वट वृक्ष होते हैं,अंदर से नर्म प्रत्यक्ष सख़्त होते हैं,अब जब नहीं हैं वह इस संसार में,बस…

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मातु शारदे:

वर दो माँ, वर दो माँ, वर दो माँ,वीणा पाणिनि वर दो माँ॥ तन मन का तम दूर करो माँ,भव…

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अशोक वाटिका में हनुमान

मेरे राम को भजने वाले,क्यों न सामने आते हो।प्रभू मुद्रिका लाने वाले,तुम छिपके कहाँ बैठे हो।माता मैं बजरंगबली हूँ,प्रभू राम…

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गीता ज्ञान व मित्रता

चाहे अच्छा करो या बुरा, जो व्यक्तिआपकी निंदा करते हैं वह करते रहेंगे,निंदा से अविचलित हुये बिना शान्तिव धैर्य से…

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सत्य की राह सुनसान

भाग्य जब चमकता है,तभी तो काम करता है,कर्म पर ही सब निर्भर है,भाग्य भी कर्म पर निर्भर है। वक्त कब…

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पक्ष-विपक्ष दुश्मन बन बैठे

जल में रहकर मगरमच्छ से बैर,उन शैतानों के भी होते हैं दो पैर,बिना किसी प्रतिबंध वे घूम रहे हैं,छोटी बड़ी…

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स्वार्थलिप्त सब

न्यायालय, पुलिस और अस्पताललोकतंत्र में जनता के सेवक होते हैं,यह तथ्य मगर दीगर है कि यही सबधन बल से अधिक…

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