कविता

जीव अविनाशी — जीवन और मृत्यु का शाश्वत सत्य

सच है, सत्य मानो जैसे पाताल में खो गया हो,अब तो झूठ ही जगत पर छाया हुआ प्रतीत होता है।पुरानी…

3 months ago

विश्व धरोहर दिवस पर काव्य गोष्ठी एवं सम्मान समारोह का आयोजन

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। विश्व धरोहर दिवस के अवसर पर राजकीय बौद्ध संग्रहालय गोरखपुर, क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र गोरखपुर एवं गोरखपुर…

3 months ago

आदित्य सिया-राम मय भारत है

श्रीराम जय राम, जय जय राम,है अवध पुरी अति पावन धाम,रघुकुल रीति ही जहाँ की शान,प्राण जायँ पर वचन की…

3 months ago

राख से उठती लौ: आँसूओं से जन्मी हिम्मत की कहानी

उन दीवारों से पूछो वो 'रातें' कैसी थीं,जब 'रोटी' भी छुप-छुप के खाती थी।उनके आँसू भी 'आवाज़' न करें कहीं,इस…

3 months ago

प्रकृति की सुंदरता: एक सोच

गर्दन को झुकाकर मोबाइल में यदिअजनबी रिश्तों से हम जुड़ सकते हैं,हकीकत के रिश्तों में गर्दन झुकाकरएक दूसरे को भी…

4 months ago

साइकिल

-डॉ. प्रियंका सौरभ नन्हा बच्चा साइकिल चलाए,धीरे-धीरे आगे जाए। पीले-पीले फूल खिले,देख उन्हें वो खुश हो मिले। छोटी-छोटी आँखें हँसती,मस्ती…

4 months ago

माँ दुर्गा स्तुति

✍️ डॉ. कर्नल आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’ मैया शैलसुता ब्रह्मचारिणी माँ,चंद्रघंटा देवी कुशमांडा माता,स्कन्दमाता कात्यायिनी माता,कालरात्रि, महागौरी सिद्धिदात्रीमाता का आवाहन करिये…

4 months ago

🟧 विडंबना नहीं तो और क्या

परिचय अपने ही देश में बेघर दर्द झेलना और शरणार्थी जैसा जीवन जीना आज की सबसे बड़ी विडंबना बनता जा…

4 months ago

कविन लिखि गाथा सुनावतो

— डॉ. कर्नल आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’ आदित्य मति खोजि-खोजि,गूगल-ऊगल में सर्च करत,झूठ और साँच का भेद सबै,कवित्त रचना लिखावतो। सीता-राम,…

4 months ago

परधानी कै चुनाव फिर से नियरान है

सीट सामान्य भई जब सेदस-पंद्रह सोच भई है सयानीभौजिक पांव गहे महतारीतुंही अब लाज बचाओ भवानीकेहुक है रुपया परदेसिककेहुक जेवर…

4 months ago