Friday, July 3, 2026
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रजिस्ट्री और स्पीड पोस्ट बंद! मिठौरा उप डाकघर की लापरवाही से जनता त्रस्त

मिठौरा उप डाकघर में कर्मियों की मनमानी से जनता बेहाल — रजिस्ट्री और स्पीड पोस्ट सेवाएं ठप, लोग घंटों लाइन में परेशान

✍️ नेट न चलने और प्रिंटर खराब होने का बहाना बना कर्मियों ने रोका काम, बच्चों के प्रवेश पत्र और जरूरी दस्तावेज भेजने आए लोग लौटे निराश

ग्रामीण बोले — “हर सप्ताह किसी न किसी वजह से ठप रहती हैं डाक सेवाएं, अब चाहिए कड़ी कार्रवाई

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)।मिठौरा ब्लॉक मुख्यालय स्थित उप डाकघर मिठौरा में इन दिनों कर्मचारियों की लापरवाही और मनमानी से आम जनता परेशान है। सोमवार को डाकघर पहुंचे सैकड़ों उपभोक्ताओं को रजिस्ट्री और स्पीड पोस्ट जैसी आवश्यक सेवाओं के लिए घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ा, मगर सेवाएं शुरू नहीं हो सकीं।

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सुबह से ही लोगों की भीड़ डाकघर के बाहर लगी रही। कर्मियों ने “नेट न चलने और प्रिंटर खराब होने” का हवाला देते हुए कार्य करने से मना कर दिया। इससे कई लोग जिनको जरूरी दस्तावेज़, प्रवेश पत्र या आवेदन भेजने थे, निराश होकर लौटने को मजबूर हुए।

स्थानीय नागरिक रामनाथ चौधरी, अनिल सिंह और सरिता यादव ने बताया कि वे अपने बच्चों के फॉर्म और दस्तावेज स्पीड पोस्ट करने आए थे, लेकिन कर्मियों ने कह दिया कि “नेट नहीं चल रहा, आज काम नहीं होगा।”
ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या कोई नई नहीं, बल्कि लगभग हर सप्ताह किसी न किसी कारण से डाक सेवाएं बाधित रहती हैं।

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जब इस संबंध में उप डाकघर मिठौरा के पोस्टमास्टर ओमप्रकाश गौतम से बात की गई तो उन्होंने कहा —
“आज स्पीड पोस्ट नहीं किया जा सका क्योंकि प्रिंटर खराब था। जैसे ही प्रिंटर ठीक होगा, कार्य सामान्य रूप से शुरू हो जाएगा।”
हालांकि, स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि उसी समय अन्य विभागीय कार्यों में वही प्रिंटर ठीक तरह से चल रहा था, जिससे पोस्टमास्टर का बयान संदिग्ध प्रतीत होता है।
ग्रामीणों — शशिकांत तिवारी, रमेश यादव और अभिषेक चौधरी — का कहना है कि उप डाकघर में अक्सर यही स्थिति रहती है। कई बार कर्मचारी अपने निजी कार्यों में व्यस्त रहते हैं जबकि उपभोक्ता बाहर लाइन में इंतजार करते रहते हैं।

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“डाकघर सरकारी सुविधा का केंद्र है, लेकिन यहां जवाबदेही और निगरानी दोनों की कमी है,” ग्रामीणों ने कहा।
उन्होंने डाक विभाग के उच्चाधिकारियों से जांच की मांग करते हुए कहा कि मिठौरा उप डाकघर की कार्यप्रणाली की समीक्षा हो और लापरवाह कर्मियों पर सख्त कार्रवाई की जाए ताकि जनता को राहत मिल सके।

शिव और पार्वती का अनंत प्रेम: भक्ति और समर्पण की अद्भुत कथा

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✍️ डॉ. कर्नल आदि शंकर मिश्र ‘आदित्य’

हे गौरी शंकर अर्धांगिनी,
यथा त्वं शंकर प्रिया,
तथा माम कुरु कल्याणी,
कांत कांतम सुदुर्लभम ॥

शिव के प्रति पार्वती का प्रेम,
भूल नहीं, भक्ति की ज्योति है।
शिव प्रेमी को पागल कहना,
श्रद्धा पर आघात जैसी होती है।

शिव स्वयं शिवा के अद्भुत प्रेमी,
अर्धनारीश्वर रूप में एकाकार हुए।
शिवा शिव के बिना अधूरे,
दोनों एक-दूसरे में संपूर्ण हुए।

पार्वती के मन में बस शिव ही,
अन्य कोई विचार नहीं ठहरता।
शिवा का हठ, शिव का समर्पण,
दोनों का प्रेम अमर रहता।

दसानन की शिवभक्ति याद करो,
सिर काट कर भी अर्पण किया।
भक्ति थी, हठ भी था शायद,
पर उद्देश्य था शिव का सान्निध्य लिया।

शिव की महिमा शिव ही जाने,
कोई अन्य नहीं पहचान सके।
देवों के देव, अनंत, अनादि,
जिन्हें केवल हृदय से मान सके।

आदित्य अर्चना करे सब शिव से,
हर मन को पार्वती सी अर्धांगिनी मिले।
हर नारी को शिव समान वर मिले,
शिव-शिवा सा दिव्य प्रेम जग में खिले।

📰कम्हरिंया कला ने रचा विकास का इतिहास — अमृत सरोवर बना जनपद का गौरव

जनसेवा की मिसाल: गांव की तस्वीर बदलने वाले प्रधान की मेहनत पर प्रशासन की उपेक्षा भारी



रिपोर्ट – डॉ. सतीश पाण्डेय एवं नीरज

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)महराजगंज जनपद के मिठौरा विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत कम्हरिंया कला आज विकास की मिसाल बन चुका है। ग्राम प्रधान इंद्रेश कुमार यादव के नेतृत्व में यह पंचायत न सिर्फ अपनी स्वच्छता और सौंदर्य के लिए जानी जा रही है, बल्कि अमृत सरोवर परियोजना को मॉडल बनाकर पूरे जनपद में एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत कर रही है।

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🌿 अमृत सरोवर बना आकर्षण का केंद्र
ग्राम प्रधान की दूरदर्शिता और ग्रामीणों के सहयोग से लगभग 34 लाख रुपये की लागत से निर्मित अमृत सरोवर आज किसी आधुनिक स्विमिंग पूल जैसा मनमोहक रूप ले चुका है। इसके चारों ओर पक्के घाट, पौधरोपण, सोलर लाइट और स्वच्छता व्यवस्था इसे विशेष बनाते हैं।
यह सरोवर न केवल जल संरक्षण का उत्कृष्ट उदाहरण है, बल्कि ग्रामीणों के लिए रोजगार, सौंदर्य और पर्यावरण संरक्षण का भी केंद्र बन गया है।
🏡 गांव की तस्वीर और तकदीर दोनों बदलीं
लगभग 1625 की आबादी वाला कम्हरिंया कला अब विकास के मामले में बड़े गांवों को पीछे छोड़ चुका है।
ग्राम प्रधान के कार्यकाल में हुए उल्लेखनीय कार्यों में —
मनरेगा पार्क निर्माण
प्राथमिक विद्यालय का कायाकल्प
आंगनबाड़ी केंद्र का जीर्णोद्धार
सड़क और जल निकासी व्यवस्था का सुदृढ़ीकरण शामिल हैं।
इन कार्यों ने इस गांव को ब्लॉक स्तर पर मॉडल पंचायत के रूप में पहचान दिलाई है।
⚠️ भुगतान अटका, विकास ठप
हालांकि, ग्राम पंचायत की यह प्रगति अब प्रशासनिक लापरवाही की शिकार होती दिख रही है। वित्तीय वर्ष 2024–25 में मनरेगा योजना के तहत बने अमृत सरोवर का भुगतान अभी तक नहीं हुआ, जिससे आगे के कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
ग्राम प्रधान का कहना है —
“सरकार की मंशा जनकल्याण की है, लेकिन जब भुगतान ही न मिले तो विकास कैसे आगे बढ़ेगा?”
💬 ग्रामीणों का दर्द और सवाल
गांव के निवासी रामप्रसाद, सुभाष, प्रेम और शैलेंद्र ने कहा —
“हमारे गांव में जितना विकास हुआ है, उतना आसपास के किसी गांव में नहीं हुआ। लेकिन अफसरों की उपेक्षा से प्रधान का मनोबल टूटता जा रहा है।”
ग्रामीणों ने शासन से मांग की है कि अमृत सरोवर का भुगतान शीघ्र कराया जाए, ताकि शेष कार्य पूरे हो सकें। साथ ही ऐसे मॉडल ग्रामों को राज्य स्तर पर सम्मानित किया जाए, जिससे अन्य पंचायतें भी प्रेरित हों।

कनाडा में भारतीय छात्रों के वीजा आवेदन में भारी गिरावट: सख्त जांच, फर्जीवाड़े और कूटनीतिक तनाव बने बड़ी वजह

राष्ट्र की परम्परा। कभी भारतीय छात्रों की पहली पसंद रहा कनाडा अब अध्ययन वीजा अस्वीकृति के मामलों में सुर्खियों में है। कनाडा सरकार द्वारा हाल में लागू की गई सख्त वीजा नीतियों और बढ़ती जांच के चलते भारतीय छात्रों के आवेदन और उनकी स्वीकृति दोनों में बड़ी गिरावट देखी जा रही है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अगस्त 2025 में भारतीय छात्रों के लगभग 74 प्रतिशत वीजा आवेदन खारिज कर दिए गए, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह दर 32 प्रतिशत थी। यानी अब हर चार आवेदनों में से तीन को अस्वीकार किया जा रहा है।

भारतीय छात्रों के आवेदन में पांच गुना गिरावट
अगस्त 2023 में भारतीय छात्रों के 20,900 आवेदन आए थे, जो अगस्त 2025 में घटकर केवल 4,515 रह गए। कुल मिलाकर सभी देशों के लगभग 40% अध्ययन वीजा आवेदन खारिज किए गए, जबकि चीनी छात्रों की अस्वीकृति दर मात्र 24% रही।

फर्जीवाड़े और आर्थिक मानकों पर सख्ती का असर
2023 में कनाडाई एजेंसियों ने लगभग 1,550 फर्जी स्वीकृति पत्रों के जरिए किए गए वीजा आवेदनों का पर्दाफाश किया था, जिनमें ज्यादातर मामले भारत से जुड़े थे। इसके बाद सरकार ने वीजा जांच प्रक्रिया को और कड़ा किया तथा छात्रों के लिए आर्थिक पात्रता मानक बढ़ा दिए। अब केवल बैंक स्टेटमेंट ही नहीं, बल्कि पैसों के स्रोत का पूरा विवरण देना अनिवार्य कर दिया गया है।

कूटनीतिक तनाव ने भी बढ़ाई मुश्किलें
भारत और कनाडा के बीच 2023 में उस समय राजनयिक तनाव बढ़ा था जब कनाडा के तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने भारत पर एक कनाडाई नागरिक की हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया था। भारत ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था, जिसके बाद दोनों देशों के रिश्तों में गिरावट आई।

भारत का पक्ष
ओटावा स्थित भारतीय दूतावास ने वीजा अस्वीकृति दर में वृद्धि को स्वीकार किया, लेकिन यह भी स्पष्ट किया कि अध्ययन वीजा जारी करना कनाडा के अधिकार क्षेत्र में आता है। दूतावास ने कहा कि भारतीय छात्र विश्वस्तरीय प्रतिभा के धनी हैं और कनाडाई संस्थानों को उनसे हमेशा लाभ मिला है।

नई वीजा नीति और कानून संशोधन
कनाडा सरकार ने प्रस्तावित बिल C-12 पेश किया है, जो सीमा कानून पैकेज बिल C-2 का हिस्सा है। इसके तहत अधिकारियों को अस्थायी वीजा समूहों को रद्द करने के नए अधिकार मिल सकते हैं, खासकर भारत और बांग्लादेश से जुड़े धोखाधड़ी मामलों के मद्देनजर।

रिश्तों में सुधार की कोशिशें
जून 2025 में G-7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मार्क कार्नी की मुलाकात के बाद दोनों देशों ने अपने-अपने उच्चायुक्तों की नियुक्ति कर संबंधों में सुधार के संकेत दिए हैं।

दिल्ली में ‘जहरीला स्मॉग’ बरकरार: AQI 400 के करीब, सांस लेना हुआ मुश्किल; NCR के कई शहरों में हवा ‘बेहद खराब’

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण का संकट गहराता जा रहा है। मंगलवार को भी कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) ‘बेहद खराब’ श्रेणी में दर्ज किया गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली का औसत एक्यूआई 309 रहा, जबकि कई जगह यह 400 के करीब पहुंच गया। इससे सांस और फेफड़ों के मरीजों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

दिल्ली के इलाकों में एक्यूआई स्थिति:
एम्स में 297, लोधी रोड 153, आनंद विहार 392, कर्तव्य पथ 278, वजीरपुर 380, विवेक विहार 402, आरके पुरम 401, रोहिणी 396, अशोक विहार 350, अलीपुर 362, बवाना 369 और जहांगीरपुरी में 373 एक्यूआई दर्ज किया गया। अधिकांश इलाकों में हवा ‘बेहद खराब’ श्रेणी में बनी हुई है।

NCR की स्थिति:
गाजियाबाद की हवा सबसे जहरीली रही, जहां AQI 340 दर्ज किया गया। नोएडा में 312, ग्रेटर नोएडा में 300, गुरुग्राम में 235 और फरीदाबाद में 198 रहा। फरीदाबाद की हवा अपेक्षाकृत साफ रही, लेकिन बल्लभगढ़ में एक्यूआई 319 के पार रहा।

गाजियाबाद में चारों स्टेशनों की हवा बेहद खराब:
इंदिरापुरम 305, लोनी 362, संजयनगर 321 और वसुंधरा 370 AQI के साथ प्रदूषण की सीमा लांघ चुके हैं। स्मॉग से सांस के मरीजों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को परेशानी बढ़ी है।

प्रदूषण के मुख्य कारण:

कूड़े के पहाड़: गाजीपुर, भलस्वा और ओखला की लैंडफिल साइटों से उड़ती धूल हवा में मिल रही है।

निर्माण कार्य की धूल: अनाधिकृत निर्माण स्थलों पर धूल प्रबंधन के नियमों की अनदेखी।

वाहनों का धुआं: दिल्ली में रोजाना करोड़ों वाहन सड़कों पर उतरते हैं।

खुले में कूड़ा जलाना: निगमों की लापरवाही से प्रदूषण और बढ़ा।

औद्योगिक उत्सर्जन: आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों से निकलने वाला धुआं वायुमंडल को दूषित कर रहा है।

विशेषज्ञों की चेतावनी:
CPCB और एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम (AQEWS) ने चेताया है कि अगले 24 घंटे में हवा ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच सकती है। इससे बच्चों, बुजुर्गों और हृदय-फेफड़ों के मरीजों को गंभीर दिक्कतें हो सकती हैं।

ग्रेप-2 (GRAP-2) के तहत निर्माण कार्यों, डीजल जनरेटरों और खुले में कूड़ा जलाने पर पहले से पाबंदी है, लेकिन नियमों के उल्लंघन से स्थिति और खराब हो रही है।

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देवा-फतेहपुर मार्ग पर भीषण सड़क हादसा, ट्रक-आर्टिगा की आमने-सामने टक्कर में छह की मौत, दो गंभीर

बाराबंकी (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। जिले के देवा-फतेहपुर मार्ग पर सोमवार देर शाम एक तेज रफ्तार ट्रक और अर्टिगा कार की आमने-सामने टक्कर में दंपति समेत छह लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा कल्याणी नदी पुल के पास हुआ, जहां टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए।

घटना की सूचना मिलते ही डीएम शशांक त्रिपाठी और एसपी अर्पित विजयवर्गीय मौके पर पहुंचे। हादसे के बाद सड़क पर करीब एक घंटे तक लंबा जाम लगा रहा और क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

पुलिस के अनुसार, फतेहपुर कस्बे के भाजपा नेता गिरधर गोपाल की नई अर्टिगा कार लेकर मौलवीगंज निवासी प्रदीप रस्तोगी (55) अपने परिवार के साथ कानपुर के बिठूर से लौट रहे थे। कल्याणी पुल के पास उनकी कार सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक से टकरा गई।।

हादसे में प्रदीप रस्तोगी, उनकी पत्नी माधुरी रस्तोगी (52), पुत्र नितिन (35), युवक नैमिष (20), चालक श्रीकांत (40) और एक अन्य व्यक्ति बालाजी की मौके पर ही मौत हो गई। कृष्णा रस्तोगी (15) और विष्णु गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है।

पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से गैस कटर से शवों को कार से निकाला गया। हादसे के बाद ट्रक चालक फरार हो गया, जबकि वाहन को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने बताया कि चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।

घटना के बाद फतेहपुर कस्बे में शोक की लहर दौड़ गई। रस्तोगी परिवार क्षेत्र में काफी सम्मानित माना जाता है। पिता और दो बेटों के एक साथ निधन की खबर सुनकर परिजन व ग्रामीणों में मातम छा गया। देर रात तक लोगों की भीड़ उनके घर पर जुटी रही।

गोरखपुर: सांसद रवि किशन को गोली मारने की धमकी देने वाला आरोपी गिरफ्तार, बिहार नहीं पंजाब का निकला अजय यादव

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। भोजपुरी स्टार और सांसद रवि किशन शुक्ल को फोन पर जान से मारने की धमकी देने वाला आरोपी रामगढ़ताल थाना पुलिस के हत्थे चढ़ गया। आरोपी की पहचान अजय कुमार यादव के रूप में हुई है, जो खुद को बिहार के आरा का निवासी बता रहा था, लेकिन जांच में सामने आया कि वह पंजाब के लुधियाना जिले के फतेहगढ़ बग्गा कला गांव का रहने वाला है।

पुलिस ने आरोपी को लुधियाना से गिरफ्तार कर गोरखपुर लाया, जहां पूछताछ के बाद उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।

मामला 30 अक्तूबर का है, जब सांसद के निजी सचिव शिवम द्विवेदी के मोबाइल पर एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया था। उसने खुद को अजय यादव, निवासी आरा (बिहार) बताया और खुद को खेसारी लाल यादव का समर्थक कहते हुए सांसद को गोली मारने की धमकी दी। आरोपी ने कहा कि रवि किशन “जाति विशेष पर टिप्पणी करते हैं”, इसलिए वह उन्हें गोली मारेगा।

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सचिव ने जब कहा कि सांसद ने किसी समुदाय के खिलाफ बयान नहीं दिया, तो आरोपी ने धमकी दी कि वह “चार दिन बाद बिहार आने पर गोली मार देगा।” कॉल के दौरान उसने राम मंदिर पर अपमानजनक टिप्पणी भी की।

सर्विलांस और साइबर सेल की जांच में पता चला कि फोन पंजाब से किया गया था। इसके बाद गोरखपुर पुलिस ने पंजाब पुलिस के साथ संयुक्त अभियान चलाकर आरोपी को फतेहगढ़ बग्गा कला (लुधियाना) से गिरफ्तार किया।

एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि आरोपी से पूछताछ जारी है और उसके मोबाइल की तकनीकी जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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17.40 लाख की लागत से बना सुलभ शौचालय चार साल में हुआ खंडहर

जनता सुविधाओं से वंचित, जिम्मेदारों पर उठे सवाल

कोपागंज नगर पंचायत में लाखों की लागत से बना शौचालय महीनों से बंद, दीवारों में दरारें और सीटें टूटीं — सफाई और रखरखाव की लापरवाही से जनता बेहाल

📝 धीरेन्द्र त्रिपाठी

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)जनपद मऊ के कोपागंज नगर पंचायत क्षेत्र में जनता की सुविधा के लिए 17 लाख 40 हजार रुपये की लागत से बने सुलभ शौचालय की स्थिति आज बदहाल हो चुकी है।
थाना परिसर के बगल में बने इस शौचालय का उद्घाटन 14 अक्टूबर 2021 को भाजपा के पूर्व विधायक विजय राजभर ने बड़े धूमधाम से किया था। यह निर्माण पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष के कार्यकाल में कराया गया था।

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चार साल भी पूरे नहीं हुए कि लाखों की लागत से बना यह सार्वजनिक शौचालय अब जर्जर अवस्था में तब्दील हो चुका है। दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें, टूटी सीटें, और बंद दरवाजे इसकी दुर्दशा बयान कर रहे हैं। महीनों से यह शौचालय बंद पड़ा है, जिससे स्थानीय नागरिकों और बाहरी आगंतुकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि रोजाना सैकड़ों महिला और पुरुष कोपागंज नगर पंचायत क्षेत्र में काम या बाजार के सिलसिले में आते हैं, लेकिन शौचालय बंद होने के कारण उन्हें असुविधा और शर्मिंदगी झेलनी पड़ती है।

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जनता का आरोप है कि लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद नगर पंचायत प्रशासन द्वारा रखरखाव पर कोई ध्यान नहीं दिया गया, जिससे यह सुविधा केंद्र कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया।
वर्तमान में नगर पंचायत की अध्यक्ष आमीना सिद्दीका हैं। नगरवासियों ने उनसे मांग की है कि शौचालय की शीघ्र मरम्मत कराकर इसे दोबारा जनता के उपयोग में लाया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।

युवती के हाथ पर मेहंदी से लिखा था ‘I Love You’, रेलवे ट्रैक पर मिला क्षत-विक्षत शव, पुलिस जांच में जुटी

भदोही (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। जिले के सुरियावां कोतवाली क्षेत्र के मलेपुर गांव के पास सोमवार सुबह एक अज्ञात युवती का शव क्षत-विक्षत हालत में रेलवे ट्रैक के किनारे मिला। युवती के हाथ पर मेहंदी से “I Love You” लिखा था, जिससे प्रेम संबंधों से जुड़ी आशंका को लेकर इलाके में चर्चा फैल गई।

स्थानीय लोगों ने सुबह रेलवे ओवरब्रिज निर्माण स्थल के पास युवती का शव देखा और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची सुरियावां कस्बा पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पहचान कराने की कोशिश की, लेकिन खबर लिखे जाने तक उसकी पहचान नहीं हो सकी।

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पुलिस के अनुसार, युवती की उम्र लगभग 25 से 26 वर्ष बताई जा रही है। उसका बायां पैर जांघ से अलग होकर अप ट्रैक पर, जबकि दायां हाथ डाउन ट्रैक के पास मिला। शव के पास कत्थई रंग की सलवार-समीज के अवशेष पाए गए।

प्रभारी निरीक्षक अजीत श्रीवास्तव ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और पहचान की कोशिश जारी है। उन्होंने कहा कि पहचान होने और शिकायत मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय लोगों का कहना है कि युवती की मौत ट्रेन से गिरने या आत्महत्या की वजह से हो सकती है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।

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यूपी पंचायत चुनाव 2025: ग्राम प्रधान से लेकर जिला पंचायत अध्यक्ष तक खर्च सीमा तय, आज से शुरू हुई मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया

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लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। उत्तर प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग ने आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए उम्मीदवारों के चुनावी खर्च की अधिकतम सीमा तय कर दी है। आयोग के अनुसार अब कोई भी प्रत्याशी निर्धारित सीमा से अधिक खर्च नहीं कर सकेगा।

ग्राम प्रधान अधिकतम ₹1.25 लाख, ग्राम पंचायत सदस्य ₹10 हजार, क्षेत्र पंचायत सदस्य ₹1 लाख, जिला पंचायत सदस्य ₹2.5 लाख, क्षेत्र पंचायत प्रमुख ₹3.5 लाख, और जिला पंचायत अध्यक्ष ₹7 लाख तक खर्च कर सकेंगे। इसके अलावा, आयोग ने विभिन्न श्रेणियों के प्रत्याशियों के लिए नामांकन पत्र और जमानत राशि भी निर्धारित कर दी है।

इसी क्रम में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया भी आज से प्रदेशभर में शुरू हो गई है। 4 नवंबर से 4 दिसंबर के बीच बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) घर-घर जाकर गणना प्रपत्र वितरित करेंगे। प्रदेश के 15.44 करोड़ मतदाताओं को यह फॉर्म भरकर बीएलओ को जमा करना होगा।

गणना प्रपत्र में मतदाता का नाम, एपिक संख्या, भाग संख्या, क्रम संख्या, विधानसभा क्षेत्र का नाम और फोटो पहले से अंकित रहेगा। मतदाता चाहें तो नया पासपोर्ट साइज फोटो भी चिपका सकते हैं। बीएलओ कम से कम तीन बार मतदाता के घर जाकर फॉर्म संग्रह करेंगे।

मतदाता सूची प्रकाशन तिथियां:

प्रारूप मतदाता सूची: 9 दिसंबर 2025

दावे/आपत्तियां दर्ज करने की अंतिम तिथि: 8 जनवरी 2026

सत्यापन एवं निस्तारण: 9 दिसंबर से 31 जनवरी 2026

अंतिम मतदाता सूची प्रकाशन: 7 फरवरी 2026

चुनाव आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि गणना प्रपत्र जमा करते समय किसी दस्तावेज की आवश्यकता नहीं होगी। बीएलओ द्वारा जमा किए गए विवरण के आधार पर ड्राफ्ट मतदाता सूची तैयार की जाएगी।

🕉️ हनुमान जी: पवनपुत्र की अद्भुत उत्पत्ति – शिव अंश से जन्मे पराक्रम के प्रतीक

भारत की पवित्र भूमि पर जब भी धर्म, भक्ति और वीरता की चर्चा होती है, तो सबसे पहले जिस दिव्य नाम की गूंज होती है, वह है — “जय हनुमान ज्ञान गुन सागर”। भगवान हनुमान न केवल शक्ति और पराक्रम के प्रतीक हैं, बल्कि असीम भक्ति, निष्ठा और त्याग के जीवंत स्वरूप भी हैं। उनके जीवन की हर कथा मानवता को प्रेरित करती है — कि सच्ची श्रद्धा और समर्पण से असंभव भी संभव हो जाता है।
🌿 जन्म की कथा: शिव के अंश से अवतरित पवनपुत्र
हनुमान जी का जन्म वानरराज केसरी और माता अंजनी के पुत्र रूप में हुआ। माता अंजनी पूर्वजन्म में एक अप्सरा थीं जिन्हें शापवश पृथ्वी पर जन्म लेना पड़ा। उन्होंने कठोर तपस्या कर भगवान शिव की आराधना की। उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने वायुदेव के माध्यम से अपने अंश को अंजना के गर्भ में प्रविष्ट कराया। इसी दिव्य संयोग से पवनदेव के प्रभाव से जन्मे यह अद्भुत बालक हनुमान कहलाए — इसलिए उन्हें पवनपुत्र हनुमान भी कहा जाता है।
🌺 दैवी वरदान और जन्म का महत्व
स्कंद पुराण तथा वायु पुराण में वर्णित है कि वानरराज केसरी को ऋषियों ने वरदान दिया था — “तेरा पुत्र वायुदेव के समान तेजस्वी, बलवान और पराक्रमी होगा।” यही वरदान जब शिव के अंश से मिला, तो हनुमान जी का जन्म हुआ — जो समस्त देवताओं की शक्तियों का संगम थे।
माना जाता है कि हनुमान जी का जन्म चैत्र मास की पूर्णिमा को मंगलवार के दिन हुआ। यही दिन आज हनुमान जयंती के रूप में मनाया जाता है।
🔥 शक्तिपुंज और भक्ति का स्वरूप
बाल्यकाल से ही हनुमान जी असाधारण थे। उनकी ऊर्जा इतनी प्रबल थी कि वे सूर्य को फल समझकर निगल गए थे। देवताओं के आग्रह पर वायुदेव ने उन्हें असीम बल, बुद्धि और अमरत्व का वरदान दिया। यही कारण है कि उन्हें “अष्ट सिद्धि नव निधि के दाता” कहा गया।
हनुमान केवल शक्ति नहीं, बल्कि भक्ति की पराकाष्ठा हैं। उनका जीवन यह संदेश देता है कि सच्ची सेवा और ईश्वर के प्रति समर्पण ही मनुष्य को दिव्यता की ओर ले जाता है। वे रामभक्ति के सर्वोच्च प्रतीक हैं — जो बताते हैं कि विनम्रता में भी अपार शक्ति छिपी होती है।
🌸 अंतर्मन को स्पर्श करने वाला संदेश
आज के युग में जब आत्मकेंद्रित जीवन शैली बढ़ती जा रही है, तब हनुमान जी का चरित्र हमें सिखाता है — निःस्वार्थ भक्ति, सत्य और धर्म के मार्ग पर अडिग रहना ही सच्ची वीरता है।
हनुमान जी की कथा केवल एक पौराणिक प्रसंग नहीं, बल्कि वह प्रकाश है जो हर युग में भक्ति और साहस का मार्ग दिखाता है।

प्रथम एपिसोड 1

“नारी शक्ति, भावना की अभिव्यक्ति” विषयक कवि सम्मेलन में गूंजी सृजन की स्वर–लहरियां

महिला सशक्तिकरण और संवेदना के संगम पर झूमे श्रोता

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। नेशनल बुक ट्रस्ट (भारत), नई दिल्ली और मिशन शक्ति, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में “कवि सम्मेलन–2025” का भव्य आयोजन किया गया। इस वर्ष कार्यक्रम का केन्द्र विषय था “नारी शक्ति, भावना की अभिव्यक्ति।”
कार्यक्रम की संरक्षिका विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन रहीं। संयोजन प्रो. विनीता पाठक तथा सह संयोजन डॉ. सूर्यकांत त्रिपाठी द्वारा किया गया।
विश्वविद्यालय के क्रीड़ांगन में अपराह्न 3 बजे आरंभ हुए इस कवि सम्मेलन में आमंत्रित कवियों आकृति विजा ‘अर्पणा’, चेतना पाण्डेय, सरवत जमाल, मृतुंजय नवल, निखिल पाण्डेय, अरुण पाण्डेय, चारुशिला सिंह, विनिता मिश्रा, अमित उपाध्याय, प्रशांत मिश्र ‘मन’, देवेन्द्र आर्य, कुमार आशु, कुंवर सचिन सिंह तथा सलीम मज़हर ने अपनी कविताओं के माध्यम से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कवियों की पंक्तियों में जहाँ एक ओर नारी की संवेदना, संघर्ष और सशक्त अस्तित्व की गूंज थी, वहीं दूसरी ओर सामाजिक समानता और मानवीय मूल्यों का गंभीर संदेश भी प्रतिध्वनित हुआ। श्रोताओं ने हर कविता का तालियों से स्वागत किया और कवियों की अभिव्यक्ति की भूरि–भूरि प्रशंसा की। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी, शोधार्थी एवं छात्र–छात्राएँ सहित अनेक गणमान्य जन उपस्थित रहे।

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया मानीराम शाखा में सर्वर ठप

गोरखपुर(राष्ट्र क़ी परम्परा)l सोमवार को सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की मानीराम शाखा में सर्वर ठप पड़ जाने से खातेदारों को दिनभर परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह 10 बजे से बैंक खुलने के साथ ही लोग रुपये जमा और निकासी के लिए पहुंचे, लेकिन साढ़े 12 बजे अचानक सर्वर ने काम करना बंद कर दिया, जिससे बैंक का समूचा लेनदेन रुक गया।
जीतपुर, दुर्गापुर, देवीपुर, मानीराम, शाहपुर और आसपास के दर्जनों गांवों से आए खातेदार बैंक परिसर में घंटों इंतजार करते रहे। कुछ लोग जरूरी काम और दवा के लिए रुपये निकालने आए थे, मगर सर्वर डाउन होने की वजह से सभी मायूस लौटे।
बैंक कर्मचारियों ने बताया कि सर्वर की यह समस्या केवल मानीराम शाखा तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे भारत वर्ष के सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की शाखाओं में तकनीकी गड़बड़ी आई है। इस वजह से ऑनलाइन सर्वर काम नहीं कर रहा है।
बैंक मैनेजर ने बताया, “टेक्नीशियन लगातार सर्वर को बहाल करने में जुटे हुए हैं। उम्मीद थी कि दोपहर तक समस्या ठीक हो जाएगी, लेकिन तकनीकी दिक्कत के कारण समय लग रहा है।”
करीब ढाई बजे सर्वर कुछ समय के लिए चालू हुआ, तो खातेदारों ने राहत की सांस ली, मगर पांच मिनट बाद ही फिर से नेटवर्क बंद हो गया। इससे बैंक में अफरातफरी की स्थिति बन गई।
कई खातेदारों ने कहा कि “जब जरूरत होती है, तभी बैंक का रुख करते हैं। लेकिन हर बार सर्वर डाउन की समस्या से जूझना पड़ता है।” कुछ ने यह भी कहा कि अगर मंगलवार को भी यही स्थिति रही तो मजबूरन दूसरे बैंकों में खाता खुलवाना पड़ेगा।
बैंक स्टाफ और ग्राहकों दोनों की बेबसी साफ झलक रही थी। बैंक मैनेजर समेत पूरा स्टाफ परेशान होकर सर्वर दुरुस्त करने की कोशिश में जुटा रहा, लेकिन समाधान नहीं निकल सका।
दिनभर इंतजार के बाद निराश खातेदार बिना रुपये जमा या निकाले वापस लौट गए। लोगों ने बैंक प्रशासन और उच्चाधिकारियों से मांग की है कि सर्वर समस्या का स्थायी समाधान किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी असुविधा का सामना न करना पड़े।

सृजनात्मकता और अभिव्यक्ति के मंच पर विद्यार्थियों ने दिखाया उत्साह

गोरखपुर विश्वविद्यालय में मिशन शक्ति व नेशनल बुक ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में स्लोगन राइटिंग प्रतियोगिता आयोजित

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग में सोमवार को मिशन शक्ति एवं नेशनल बुक ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में स्लोगन राइटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में अंग्रेजी विभाग के दो दर्जन से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ विभागाध्यक्ष प्रो. सुनीता मुर्मू के स्वागत उद्बोधन से हुआ। इसके पश्चात प्रतियोगिता की संयोजिका प्रो. शिखा सिंह ने कार्यक्रम की रूपरेखा और तैयारियों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि यह आयोजन विद्यार्थियों की सृजनात्मकता को बढ़ावा देने और उनमें आत्म-अभिव्यक्ति की क्षमता विकसित करने के उद्देश्य से किया गया है।
bbमिशन शक्ति फेज–05 की विश्वविद्यालय स्तरीय संचालिका प्रो. विनीता पाठक ने सरकार द्वारा महिला सुरक्षा एवं सशक्तिकरण के लिए संचालित मिशन शक्ति कार्यक्रम की विभिन्न योजनाओं और उनके प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने अपने उद्बोधन में कहा कि “ऐसी प्रतियोगिताएँ विद्यार्थियों में सृजनात्मक और तार्किक क्षमता का अद्भुत विकास करती हैं। विद्यार्थियों को अपने विचारों को सार्थक दिशा देने के लिए ऐसे अवसरों का लाभ उठाना चाहिए।” उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में इस प्रकार की प्रतियोगिताएँ निरंतर आयोजित की जानी चाहिए ताकि छात्रों का सर्वांगीण विकास हो सके।
प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएँ विद्यार्थियों में सृजनात्मकता और तार्किक सोच को नई दिशा देती हैं।
निर्णायक मंडल में प्रो. निशा जायसवाल (राजनीति शास्त्र विभाग), प्रो. शुभी धुसिया (समाजशास्त्र विभाग) और समाजसेवी व कवयित्री श्रीमती सुधा मोदी शामिल रहीं। निर्णायकों के सर्वसम्मति से विनय कुमार अग्रहरी को प्रथम, अंकित यादव को द्वितीय, मधु शुक्ला को तृतीय तथा हर्षिता पाठक को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. आमोद कुमार राय ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन प्रो. शिखा सिंह ने दिया। इस अवसर पर अंग्रेजी विभाग के सभी शिक्षक, शोधार्थी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहीं।

जनसमस्याओं के समाधान हेतु गांव में लगी चौपाल

विधायक, डीआईजी और डीएम ने ग्रामीणों से लिया फीडबैक, योजनाओं के क्रियान्वयन पर दिए निर्देश

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के धनघटा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम कुड़वा (विकास खंड पौली) में सोमवार को ग्राम चौपाल का आयोजन किया गया, जिसमें विधायक गणेश चंद्र चौहान, उप पुलिस महानिरीक्षक बस्ती परिक्षेत्र संजीव त्यागी, जिलाधिकारी आलोक कुमार और पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी भी मौजूद रहे।
ग्राम चौपाल में ग्रामीणों की समस्याओं को सुनते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को मौके पर समाधान हेतु निर्देशित किया गया। “गांव की समस्या, गांव में समाधान” के सिद्धांत पर कार्य करते हुए विभिन्न विभागों की योजनाओं को प्रभावी रूप से गांवों में लागू करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
मुख्य अतिथि विधायक गणेश चंद्र चौहान ने कहा कि सरकार की मंशा है कि विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने ग्राम चौपाल को जनता और प्रशासन के बीच संवाद का सशक्त माध्यम बताया।
जिलाधिकारी आलोक कुमार ने कहा कि चौपाल का उद्देश्य ग्रामीण समस्याओं का निवारण गांव में ही करना है। उन्होंने निर्देश दिया कि बीएलओ घर-घर जाकर मतदाता सूची से संबंधित अभिलेख एकत्र करें और पात्र व्यक्तियों को योजनाओं का लाभ समय पर दिलाया जाए।
कार्यक्रम में मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, वृद्धावस्था, दिव्यांग और निराश्रित महिला पेंशन, राशन कार्ड वितरण जैसी सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा की जा रही हल्दी की खेती और उसकी मार्केटिंग व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर भी चर्चा की गई।
मिशन शक्ति कार्यक्रम के तहत महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के प्रयासों पर विशेष बल दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि आगामी दिनों में प्रत्येक ग्राम पंचायत में इसी प्रकार की चौपालों का आयोजन किया जाएगा, ताकि जनसमस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर किया जा सके और लोगों को सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक बनाया जा सके।
चौपाल में उप जिलाधिकारी धनघटा डॉ. सुनील कुमार, पुलिस क्षेत्राधिकारी प्रियम राजशेखर पांडेय, उपायुक्त श्रम एवं रोजगार प्रभात द्विवेदी, परियोजना निदेशक विजयंत कुमार सिंह, खंड विकास अधिकारी श्वेता वर्मा, मुख्यमंत्री शोधार्थी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।