Friday, July 3, 2026
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बार-बार शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं, न्याय की आस लिए दर-दर भटक रही बुजुर्ग मां

सलेमपुर, देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)

जीवन की संध्या बेला में जहां किसी मां को अपने बच्चों का सहारा मिलना चाहिए, वहीं सलेमपुर नगर की 67 वर्षीय माधुरी देवी ने आज न्याय और सुरक्षा की आस में दर-दर भटक रही हैं।

माधुरी देवी ने अपने ही सगे बेटे पर उत्पीड़न, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए पुलिस प्रशासन से गुहार लगाई है। वे कहती हैं कि कई बार प्रार्थना पत्र देने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे वे भय और असुरक्षा के बीच जीवन बिता रही हैं।

बुजुर्ग महिला ने बताया कि उन्होंने पुलिस अधीक्षक देवरिया, अपर पुलिस अधीक्षक (ASP), क्षेत्राधिकारी सलेमपुर और तहसील प्रशासन को 5, 7, 10 और 21 जुलाई 2025 को क्रमशः प्रार्थना पत्र दिए, लेकिन हर बार उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिला।

उनका दर्द छलकते हुए कहती हैं —

“मैं अब हर रोज डर में जी रही हूं। अगर मुझे न्याय नहीं मिला तो मैं अपनी जान दे दूंगी। अब मेरे पास न कोई सहारा बचा है, न उम्मीद।”

माधुरी देवी ने बताया कि उनके पति की नगर में कपड़ों की दुकान थी, जिसे वे अपने बेटों के साथ मिलकर चलाते थे। पति के निधन के बाद बड़े बेटे ने दुकान का मालिकाना हक अपने नाम कर लिया और यह वादा किया कि वह पूरे परिवार की जिम्मेदारी निभाएगा। लेकिन समय बीतने के साथ हालात उलट गए — बड़े बेटे ने अपने छोटे भाई को साथ रखा और बाकी दो भाइयों के साथ ही मां माधुरी देवी को भी घर और दुकान से अलग कर दिया।

अब हालात यह हैं कि बुजुर्ग मां को अपने खर्च के लिए पैसे तक नहीं दिए जाते, दवा और भोजन तक से रोक दी गई है। माधुरी देवी ने बताया कि जब उन्होंने विरोध किया तो बेटों ने गाली-गलौज और मारपीट की कोशिश की।

पड़ोसी भी विवाद में पक्ष लेकर माहौल बिगाड़ रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इस प्रकरण में उन्होंने सलेमपुर कोतवाली, तहसील दिवस और जिला प्रशासन सभी जगह गुहार लगाई, लेकिन कहीं से राहत नहीं मिली।

अब यह वृद्धा अपनी सुरक्षा और सम्मान की लड़ाई अकेले लड़ रही है।
उनकी आखिरी उम्मीद अब पुलिस प्रशासन से है —

“मैं सिर्फ इतना चाहती हूं कि मुझे इंसाफ मिले और मेरे साथ इज्जत से जीने का हक छीना न जाए।”

सेवा में ही सच्ची श्रद्धा है” — आपन माटी आपन लोग संस्था ने दिखाया साम्प्रदायिक एकता का उदाहरण

🌸 देवरिया में छाया गुरु नानक देव जी का प्रकाश — “आपन माटी आपन लोग” संस्था ने किया भक्ति सेवा का अनोखा उदाहरण

देवरिया, (RKP NEWS)।धन-धन श्री गुरु नानक देव जी महाराज के 557वें प्रकाशोत्सव पर मंगलवार को देवरिया नगर में श्रद्धा, भक्ति और भाईचारे का अद्भुत संगम देखने को मिला। शोभायात्रा (नगर कीर्तन) के दौरान “आपन माटी आपन लोग” सामाजिक संस्था ने सेवा भावना का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत करते हुए कीर्तन में शामिल सभी श्रद्धालुओं का पानी व बिस्किट वितरण कर पुष्प वर्षा से स्वागत किया।

संस्था के अध्यक्ष राकेश कुमार पाठक ने कहा —
“हमारी संस्था का उद्देश्य हर धर्म और समाज के धार्मिक आयोजनों में सेवा के माध्यम से एकता और मानवता का संदेश देना है। इसी भावना से आज गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व पर हमने यह छोटा सा प्रयास किया है।”

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कार्यक्रम में संस्था के महामंत्री रोशन कुमार जायसवाल, सुरेश कमानी, राकेश कुमार तिवारी, हरीनाथ पाण्डेय, संजय दुबे, सूर्य प्रकाश मिश्रा, चेतन कुमार अग्रवाल, तथा बांस देवरिया के सभासद परवेज आलम सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

इन सभी ने मिलकर शोभायात्रा में शामिल ग्रंथी दामोदर सिंह, गुरमीत सिंह, अंशु (बाली ब्रदर्स), चमनदीप सिंह, गुरुचरण सिंह, अमरदीप सिंह एवं अन्य श्रद्धालुओं का फूलों से स्वागत कर, भक्ति और सेवा का सुंदर संगम रचा।
नगर कीर्तन में हर तरफ “वाहे गुरु जी का खालसा, वाहे गुरु जी की फतेह” के जयघोष गूंजते रहे, जिससे पूरा देवरिया शहर गुरु भक्ति और प्रेम की भावना से ओतप्रोत हो गया।
🕊️ मुख्य आकर्षण
गुरु नानक देव जी के 557वें प्रकाशोत्सव पर भव्य नगर कीर्तन
“आपन माटी आपन लोग” संस्था द्वारा निःस्वार्थ सेवा और पुष्प वर्षा
सभी धर्मों में एकता और मानवता का संदेश
देवरिया में पहली बार इतना भव्य स्वागत कार्यक्रम

साइबर थाना महराजगंज की बड़ी सफलता, 14 पीड़ितों को लौटाए गए ₹19.30 लाख

सोशल मीडिया फ्रॉड के खिलाफ त्वरित कार्रवाई, पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में साइबर टीम की सराहनीय उपलब्धि

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान में महराजगंज पुलिस को उल्लेखनीय सफलता मिली है। पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीना के निर्देशन एवं अपर पुलिस अधीक्षक नोडल अधिकारी सिद्धार्थ के पर्यवेक्षण में साइबर थाना महराजगंज ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 14 पीड़ितों के खातों में कुल ₹19,30,702 (उन्नीस लाख तीस हजार सात सौ दो रुपए) वापस कराए हैं। सितंबर और अक्टूबर माह में सोशल मीडिया पर फेक लिंक के माध्यम से हुए ऑनलाइन फ्रॉड मामलों में यह धनराशि लौटाई गई। ठगों ने पीड़ितों को फर्जी वेबसाइट और लिंक भेजकर उनके पर्सनल डाटा हैक किए थे।
मुख्य पीड़ितों में रजिया रूकसाना (₹4.75 लाख), आशुतोष सिंह (₹10 लाख), शशांक मौर्या (₹1 लाख), तीरथ राम (₹95 हजार) सहित कुल 14 लोगों को राहत मिली है। सभी पीड़ितों ने पुलिस अधीक्षक से भेंट कर अपनी समस्या रखी थी। निर्देश मिलने के बाद साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक सजनू यादव व उनकी टीम ने तत्परता से कार्रवाई की और ठगी गई राशि वापस कराई।

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पीड़ितों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए पुलिस अधीक्षक एवं साइबर टीम के प्रति आभार जताया। पुलिस की इस कार्यवाही की जिलेभर में सराहना की जा रही है। बरामद करने वाली टीम में निरीक्षक सजनू यादव, उ0नि0 अमित यादव, क0आ0 प्रफुल्ल कुमार यादव, हे0का0 कृष्णा सिंह, हे0का0 धीरज कुमार, म0हे0का0 चन्द्रप्रभा वर्मा सहित टीम के अन्य कर्मियों का विशेष योगदान रहा।

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बहगुल नदी में जहरीली दवाई डालने से हजारों मछलियों की मौत

शाहजहांपुर (राष्ट्र की परम्परा)। जैतीपुर बहगुल नदी में जहरीली दवाई डालने का सिलसिला नहीं रुक रहा है। रात फिर से नदी में किसी ने जहरीली दवाई डाल दी। जिससे नदी में हजारों की संख्या में मछलियों सहित अन्य जलीय जीव जंतुओं की मौत हो गई। मंगलवार सुबह कस्बे में नदी किनारे सैकड़ो की संख्या में लोगों का हुजूम नदी से मछलियों को पकड़ने के लिए उमड़ पड़ा। बच्चे बड़े सभी नदी किनारे जुट गए।लोग बोरियों में भरकर मछलियों को ले गए। बीते पंद्रह दिनों में नदी में जहरीली दवाई डालने की यह दूसरी घटना है।

वहीं वन्य जीव विभाग नदी में जहरीली दवाई डालने वालों को नहीं पकड़ पा रहा है। जिससे वन्य जीव प्रेमियों में रोष व्याप्त है। उन्होंने उच्च अधिकारियों से नदी में जहरीली दवाई डालने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इस बारे में जब थाना प्रभारी गौरव त्यागी से बात की तो उन्होंने अंदेशा जताया कहा दवा फतेहगंज पूर्वी की तरफ से डाली गई है। मछलियां इस तरफ बहती हुई आई हैं।

घटना की जांच की जाएगी। अगर क्षेत्र में ऐसा किसी ने किया है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 1336 जोड़ों ने लिए सात फेरे, भव्य आयोजन में बजी शहनाइयां

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत मंगलवार को जवाहर लाल नेहरू स्मारक पी.जी. कॉलेज मैदान में भव्य सामूहिक विवाह समारोह सादगी और उल्लासपूर्ण माहौल में सम्पन्न हुआ। जिले के विभिन्न विकास खंडों से आए 1336 जोड़ों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सात फेरे लेकर जीवन की नई शुरुआत की।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने सभी नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया और उनके सुखद वैवाहिक जीवन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार गरीब और कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सामूहिक विवाह योजना समाज में समानता, सद्भाव और एकता की मिसाल है, जिससे अब किसी गरीब को अपनी बेटी के विवाह की चिंता नहीं करनी पड़ती।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में पनियरा विधायक ज्ञानेंद्र सिंह, सदर विधायक जय मंगल कन्नौजिया और भाजपा जिलाध्यक्ष अशोक पांडेय उर्फ संजय पांडेय उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने मंच से पुष्पवर्षा कर नवविवाहित जोड़ों का अभिनंदन किया और उन्हें नवजीवन की शुभकामनाएं दीं।

विधायक ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि यह योजना गरीब परिवारों के चेहरों पर मुस्कान लाने का कार्य कर रही है। वहीं विधायक जय मंगल कन्नौजिया ने कहा कि डबल इंजन की सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। सामूहिक विवाह योजना सामाजिक सद्भाव और सादगी की मिसाल है।

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कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी, जिला विकास अधिकारी, समाज कल्याण विभाग के अधिकारी, खंड विकास अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। विवाह मंच को आकर्षक रूप से सजाया गया था। भोजन, बारात स्वागत और गृह सामग्री वितरण की सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से की गईं।

नवविवाहित जोड़ों को सरकार की ओर से विवाह किट, गृह उपयोगी सामग्री और आर्थिक सहायता राशि प्रदान की गई, जिससे लाभार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। परिवारों ने मुख्यमंत्री और जनप्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में जिला प्रशासन एवं समाज कल्याण विभाग की भूमिका सराहनीय रही।

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ईआरओ अपर एसडीएम सदर सुदीप तिवारी के नेतृत्व में अभियान जारी

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी दीपक मीणा के निर्देशन में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान के तहत विधानसभा क्षेत्र 321 पिपराइच में मतदाता गणना प्रपत्रों के वितरण का कार्य प्रारंभ हो गया है। इस अभियान की निगरानी ईआरओ अपर एसडीएम सदर सुदीप तिवारी कर रहे हैं। मंगलवार को उन्होंने अपने नेतृत्व में बीएलओ (बूथ लेवल अधिकारी) और सुपरवाइजर के साथ क्षेत्र का दौरा किया और गणना प्रपत्रों का वितरण कराया। इस दौरान बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर मतदाताओं को प्रपत्र वितरित किए जा रहे हैं तथा संबंधित जानकारी BLO App पर तत्काल अपडेट की जा रही है। ईआरओ सुदीप तिवारी ने बताया कि अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को अद्यतन, सटीक और त्रुटिरहित बनाना है। इसके तहत प्रत्येक बीएलओ को अपने क्षेत्र में मतदाताओं के विवरण का सत्यापन करना होगा। उन्होंने कहा कि जिन मतदाताओं की जानकारी में कोई त्रुटि है या जिनका नाम सूची में नहीं जुड़ा है, उन्हें संबंधित प्रपत्र भरकर समय से जमा करना होगा। उन्होंने बताया कि विधानसभा 321 पिपराइच के भाग संख्या 36 में मतदाता क्रमांक 108 से 130 तक के मतदाताओं को गणना प्रपत्र वितरित किए जा चुके हैं। यह प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से सभी भागों में पूरी की जाएगी। इस अवसर पर सुपरवाइजर, बीएलओ और निर्वाचन कार्यालय के कर्मचारी मौजूद रहे। अपर एसडीएम सुदीप तिवारी ने सभी बीएलओ को निर्देश दिया कि वे मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य को गंभीरता और पारदर्शिता से संपन्न करें, ताकि आगामी चुनावों के लिए मतदाता सूची पूरी तरह शुद्ध और अद्यतन तैयार हो सके।

कार्तिक पूर्णिमा पर्व की तैयारियों का एडीजी जोन और डीआईजी ने लिया जायजा, सफाई व सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। कार्तिक पूर्णिमा, देव दीपावली और गुरु नानक जयंती के अवसर पर गोरखपुर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए एडीजी जोन गोरखपुर मुथा अशोक जैन और डीआईजी गोरखपुर रेंज एस. चनप्पा ने मंगलवार को राप्ती नदी के रामघाट और गोरखनाथ घाट का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने पर्व से जुड़ी तैयारियों, सुरक्षा और स्वच्छता व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान एडीजी और डीआईजी ने घाटों की सफाई व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंध और भीड़ नियंत्रण प्रणाली की समीक्षा की। एडीजी जोन मुथा अशोक जैन ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि श्रद्धालुओं को स्वच्छ, सुरक्षित और सुव्यवस्थित वातावरण मिले इसके लिए सभी विभाग पूरी तत्परता से कार्य करें।

उन्होंने नगर निगम को घाटों की सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए और कहा कि घाटों तक जाने वाले मार्गों पर प्रकाश व्यवस्था और कूड़ा निस्तारण प्रणाली को सुदृढ़ रखा जाए।

सुरक्षा के संबंध में एडीजी जोन ने एसएसपी राज करन नय्यर को आदेश दिया कि घाटों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की जाए। उन्होंने कहा कि महिला पुलिसकर्मियों की उपस्थिति और सीसीटीवी निगरानी को सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, भीड़ नियंत्रण के लिए बैरिकेडिंग और ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल लगाया जाए।

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डीआईजी एस. चनप्पा ने बताया कि पुलिस लगातार गश्त करेगी और भीड़ प्रबंधन के लिए प्रवेश और निकास मार्गों को अलग रखा जाएगा ताकि श्रद्धालुओं को असुविधा न हो। निरीक्षण के दौरान नगर निगम अधिकारी, क्षेत्रीय पार्षद और पुलिस विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे।

गौरतलब है कि इस वर्ष कार्तिक पूर्णिमा, देव दीपावली और गुरु नानक जयंती एक ही दिन पड़ने के कारण घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ सामान्य से कई गुना अधिक होने की संभावना है। प्रशासन ने सभी विभागों को सतर्क करते हुए निर्देश दिया है कि सभी तैयारियां समय से पहले पूरी की जाएं ताकि श्रद्धालु सकुशल पर्व का आनंद ले सकें।

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कोपागंज पुलिस द्वारा छात्र छात्राओं को दी नसीहत

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। पुलिस अधीक्षक इलमारन व अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार के निर्देशन के तहत चलाए जा रहे अभियान के क्रम क्षेत्राधिकारी घोसी जितेंद्र सिंह व प्रभारी निरीक्षक कोपागंज रविन्द्रनाथ राय के कुशल नेतृत्व में मिशन शक्ति टीम द्वारा पूर्व माध्यमिक विद्यालय इंदारा में महिला हितों को ध्यान में रखते हुए नए कानून के विषय में छात्र एवं छात्राओं को जागरूक किया गया। थानाध्यक्ष रविंद्र नाथ राय ने कहा कि मिशन शक्ति का उद्देश्य महिलाओं को उनके अधिकारों और सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक करना है वहीं एसआई प्रियंका सिंह ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भर को सशक्त बनाने के लिए मिलन शक्ति अभियान को प्रभावी ढंग से चला रही है । वहीं हेड कास्टेबल निरमा आदि ने भी सुरक्षा हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी।

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वहीं थानाध्यक्ष रविन्द्रनाथ राय ने नए आपराधिक कानूनों के तहत भी विद्यार्थियों और नागरिकों को जानकारी दी गई। उन्होंने ने बताया कि हाल ही में लागू हुए भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, और भारतीय साक्ष्य संहिता का उद्देश्य न्याय व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और नागरिक-हितैषी बनाना है। इसके अलावा त्वरित न्याय, नागरिक हित में बदलाव, गंभीर अपराधों पर कठोर दंड, पारदर्शी व जवाबदेही , इत्यादि। वही छात्र छात्राओ ने मिशन शक्ति के उद्देश्यों व नए कानूनों के बारे में जानकारी पाकर काफी उत्साहित थे।

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जिला विकास अधिकारी ने किया वृहद गो संरक्षण केंद्र चवरी का निरीक्षण, दी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के निर्देश

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। ब्लॉक सरदारनगर स्थित वृहद गो संरक्षण केंद्र चवरी का मंगलवार को जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) राजमणि वर्मा ने निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने गोशाला में रखे गए पशुओं की देखभाल, चारा-पानी की उपलब्धता, सफाई व्यवस्था और समग्र प्रबंधन का बारीकी से जायजा लिया।

डीडीओ ने केंद्र में मौजूद कर्मचारियों से गोवंश की संख्या, चारे की आपूर्ति और चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि गोवंश को नियमित रूप से हरा चारा और स्वच्छ पानी उपलब्ध कराया जाए। साथ ही, गोशाला परिसर में सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने को कहा, ताकि किसी प्रकार की गंदगी या दुर्गंध न फैले।

निरीक्षण के दौरान पशु चिकित्सक से बीमार या कमजोर गोवंश की स्थिति के बारे में पूछताछ की गई। डीडीओ ने निर्देश दिया कि नियमित स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित किया जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि गो संरक्षण केंद्र न केवल आवारा पशुओं के लिए आश्रय स्थल है, बल्कि यह संरक्षण और संवर्धन का प्रतीक भी है।

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डीडीओ राजमणि वर्मा ने केंद्र के प्रभारियों को यह भी आदेश दिया कि चारा और दवाओं का अभिलेख नियमित रूप से संधारित किया जाए और सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें ताकि गोवंशों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारी, ग्राम प्रधान और केंद्र के कर्मचारी मौजूद रहे। डीडीओ ने कहा कि गोवंश संरक्षण सरकार की प्राथमिक योजनाओं में शामिल है, इसलिए इस दिशा में पूरी पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ कार्य किया जाना आवश्यक है।

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गढ़िया रंगीन में धूमधाम से मनाया गया रावण दहन, जय श्रीराम के नारों से गूंज उठा आसमान

शाहजहांपुर (राष्ट्र की परम्परा)। जैतीपुर क्षेत्र के गढ़िया रंगीन कस्बे में विजयदशमी के अवसर पर काली मंदिर प्रांगण में भव्य रामलीला कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और रावण के युद्ध का मंचन देखने हजारों की संख्या में श्रद्धालु और दर्शक पहुंचे। जैसे ही रावण का पुतला जलाया गया, आतिशबाज़ी और पटाखों से आसमान गूंज उठा और जय श्रीराम के नारों से पूरा मैदान गूंज उठा।रामलीला समिति के कलाकारों ने शानदार प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में समिति के सदस्यों और स्थानीय लोगों का विशेष योगदान रहा। मौके पर पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए थे, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण माहौल में सम्पन्न हुआ।

घर से निकले युवक का शव गड्ढे में मिला, पुलिस और फोरेंसिक टीम जांच में जुटी

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के कोपागंज थाना क्षेत्र के ग्रामसभा खुखुन्दवा में शनिवार की शाम घर से निकले एक युवक का शव मंगलवार की सुबह घर से करीब 50 मीटर दूर पानी से भरे गड्ढे में उतराया मिला। घटना की जानकारी होते ही पूरे गांव में सनसनी फैल गई। सूचना पर कोपागंज पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। जानकारी के अनुसार ग्रामसभा खुखुन्दवा निवासी बिंदु राजभर का 18 वर्षीय पुत्र चंद्रमोहन राजभर शनिवार की शाम करीब पांच बजे घर से यह कहकर निकला कि वह थोड़ी देर में लौट आएगा। लेकिन देर रात तक जब वह वापस नहीं आया तो परिजन चिंतित हो उठे। रातभर तलाश के बाद भी जब युवक का पता नहीं चला तो रविवार को परिवारजन ने कोपागंज थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। सोमवार की सुबह गांव के कुछ लोगों ने घर से लगभग 50 मीटर दूर पानी भरे एक गड्ढे में युवक का शव उतराया देखा। इसकी सूचना तुरंत परिजनों और पुलिस को दी गई। सूचना पाकर थाना अध्यक्ष रविंद्र नाथ राय ने अपने दल बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंच गए एवं फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल की बारीकी से जांच की और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।


मृतक चार भाइयों में तीसरे नंबर पर बताया गया है। परिवार में शोक की लहर है, खासकर इसलिए कि उसके बड़े भाई की शादी मई महीने में तय है। इस बाबत पूछे जाने पर थानाध्यक्ष रविन्द्र नाथ राय ने बताया कि मृतक मिर्गी का रोगी था और अक्सर शाम के समय उसी स्थान पर जाकर बैठता था। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि उसे मिर्गी का दौरा पड़ा होगा, जिससे वह गड्ढे में गिर गया और उसकी मौत हो गई। हालांकि, अंतिम पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।

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सहजनवा-दोहरीघाट रेल परियोजना को गति देने के निर्देश, सीआरओ हिमांशु वर्मा ने अधिकारियों संग की समीक्षा बैठक

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। पूर्वी उत्तर प्रदेश की बहुप्रतीक्षित सहजनवा-दोहरीघाट नई रेल लाइन परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। मंगलवार को मुख्य राजस्व अधिकारी (सीआरओ) हिमांशु वर्मा ने परियोजना से जुड़े विभागों की समीक्षा बैठक कर प्रगति की जानकारी ली। बैठक में रेलवे, पीडब्ल्यूडी, विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी समेत संबंधित कर्मचारियों ने भाग लिया।

बैठक के दौरान सीआरओ ने कहा कि भूमि अधिग्रहण से संबंधित लंबित प्रकरणों का जल्द निस्तारण किया जाए ताकि परियोजना कार्य में किसी प्रकार की बाधा न आए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भू-स्वामियों की रजिस्ट्री प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जाए और रजिस्ट्री में आने वाली तकनीकी अड़चनों को तत्काल दूर किया जाए।

सीआरओ हिमांशु वर्मा ने कहा कि सहजनवा-दोहरीघाट रेल लाइन परियोजना पूर्वांचल के विकास की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके पूरा होने पर गोरखपुर से मऊ के बीच रेल संपर्क बेहतर होगा और वाराणसी की दूरी लगभग 30 किलोमीटर कम हो जाएगी। उन्होंने बताया कि इस परियोजना से न केवल परिवहन सुगम होगा, बल्कि व्यापार, उद्योग और रोजगार के अवसरों में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

सीआरओ ने स्पष्ट किया कि रेलवे और पीडब्ल्यूडी अधिकारी आपसी समन्वय से कार्य करें और सभी विभाग एक साझा कार्ययोजना तैयार करें ताकि भूमि अधिग्रहण, सर्वेक्षण और निर्माण कार्य समय पर पूर्ण हो सकें। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक विभाग नियत अंतराल पर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करे और किसी भी समस्या की सूचना तत्काल उन्हें दी जाए।

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परियोजना के अंतर्गत लगभग 81 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन का निर्माण किया जा रहा है, जिस पर लगभग 1320 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इस परियोजना के तहत 12 नए स्टेशन बनाए जाएंगे, जिनमें सहजनवा, उरुवा बाजार, बार्हापार, दुबौली और दोहरीघाट प्रमुख हैं। वर्तमान में भूमि अधिग्रहण एवं सर्वेक्षण कार्य प्रगति पर है, और लक्ष्य वर्ष 2027 तक परियोजना को पूर्ण करना है।

रेल अधिकारियों ने बताया कि परियोजना के पूरा होने से न केवल सहजनवा-दोहरीघाट के बीच आवागमन सुगम होगा, बल्कि आसपास के ग्रामीण इलाकों को भी रेलवे नेटवर्क से जोड़ा जा सकेगा। इससे क्षेत्र में आर्थिक और औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

बैठक में सभी विभागीय अधिकारियों ने निर्धारित समय सीमा में परियोजना पूर्ण करने का संकल्प लिया। सीआरओ हिमांशु वर्मा ने कहा कि यह परियोजना गोरखपुर मंडल के लिए मील का पत्थर साबित होगी और सरकार की प्राथमिक विकास योजनाओं में शामिल है।

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देवरिया जिले में सुरक्षा सैनिक व सुपरवाइजर की भर्ती 12 से 20 नवंबर तक, ब्लॉकवार लगेगा शिविर

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार का सुनहरा अवसर सामने आया है। एसआईएस इंडिया लिमिटेड के तत्वावधान में सुरक्षा सैनिक और सुपरवाइजर पदों पर भर्ती हेतु देवरिया जिले के विभिन्न विकासखंड मुख्यालयों पर 12 से 20 नवंबर तक भर्ती शिविरों का आयोजन किया जाएगा।

उपजिलाधिकारी ने बताया कि भर्ती शिविर का कार्यक्रम इस प्रकार रहेगा—

12 नवंबर: तरकुलवा ब्लॉक

13 नवंबर: देवरिया सदर ब्लॉक

14 नवंबर: पत्थरदेवा ब्लॉक

15 नवंबर: गौरी बाजार ब्लॉक

16 नवंबर: रामपुर करखाना ब्लॉक

17 नवंबर: बैतालपुर ब्लॉक

18 नवंबर: देसही देवरिया ब्लॉक

19 नवंबर: सलेमपुर ब्लॉक

20 नवंबर: भटनी ब्लॉक

सीनियर भर्ती अधिकारी सतेंद्र कुमार ने बताया कि एसआईएस इंडिया लिमिटेड देश-विदेश में कार्यरत एक प्रतिष्ठित बहुराष्ट्रीय सुरक्षा कंपनी है। चयनित अभ्यर्थियों को एनडीआरएफ के सहयोग से सिविल डिफेंस के अंतर्गत प्रशिक्षण दिया जाएगा।

भर्ती मानक:

सुरक्षा सैनिक: लंबाई 167.5 सेमी, सीना 80-85 सेमी, वजन 56-90 किलो, आयु 19-40 वर्ष, शैक्षिक योग्यता हाईस्कूल पास।

सुपरवाइजर: लंबाई 170 सेमी, आयु 19-40 वर्ष, शैक्षिक योग्यता इंटरमीडिएट पास।

इच्छुक अभ्यर्थी निर्धारित तिथियों पर संबंधित ब्लॉक मुख्यालय पर साक्षात्कार में भाग ले सकते हैं। चयनित उम्मीदवारों को ₹350 शुल्क के साथ ऑनलाइन पंजीकरण करना होगा।

प्रशिक्षण व तैनाती: चयनित अभ्यर्थियों को जौनपुर ट्रेनिंग सेंटर में एक माह का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद उन्हें वाराणसी, लखनऊ, अयोध्या सहित विभिन्न शहरों के होटलों, मेट्रो, रेलवे, अस्पतालों और मंदिरों में तैनात किया जाएगा। कर्मचारियों को पीएफ, ईएसआई और ग्रेच्युटी की सुविधा भी मिलेगी।

यह भर्ती भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्रालय द्वारा पारित पसारा एक्ट-2005 के तहत की जा रही है। किसी भी ब्लॉक का अभ्यर्थी किसी भी शिविर में प्रतिभाग कर सकता है।

विधि का विद्यार्थी समाज का नैतिक पथप्रदर्शक होता है: डॉ. मनीष कुमार राय

स्वागत हमारी सनातन संस्कृति की आत्मा है: डॉ. मनीष कुमार राय

पीडी लॉ कालेज में नवप्रवेशी छात्रों के स्वागत में सजा सांस्कृतिक उत्सव

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। स्थानीय पीडी लॉ कालेज खलीलाबाद में विधि प्रथम सेमेस्टर के नवप्रवेशी छात्रों के स्वागत में भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की वंदना से हुआ। मुख्य अतिथि डॉ. मनीष कुमार राय ने कहा कि “स्वागत केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि यह भारतीय संस्कृति की आत्मा है। हमारी सनातन परंपरा में अतिथि को देवता के समान माना गया है। जिस समाज में अपने नए सदस्यों के प्रति आदर और अपनापन होता है, वही समाज प्रगति की राह पर अग्रसर होता है।”
उन्होंने आगे कहा कि विधि का विद्यार्थी केवल कानून का ज्ञाता नहीं, बल्कि समाज के नैतिक पथप्रदर्शक के रूप में कार्य करता है। उसमें न्याय की भावना, सामाजिक संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का भाव होना आवश्यक है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, अनुशासन और टीम भावना का विकास करते हैं।
स्वागत वक्तव्य देते हुए डॉ. प्रमोद कुमार त्रिपाठी ने कहा कि विधि शिक्षा का उद्देश्य केवल कानून की जानकारी देना नहीं, बल्कि ऐसे नागरिक तैयार करना है जो समाज में न्याय और समानता की स्थापना करें। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन छात्रों में रचनात्मकता, सहकार और आत्मीयता का भाव जगाते हैं।
कार्यक्रम का संचालन बीए एलएलबी के विशाल, मंतशा और शक्ति उपाध्याय ने किया। अंशिका और प्रेमलता ने सरस्वती वंदना और स्वागत गीत प्रस्तुत किया। गुलशन, ज्योति, मुस्कान, अनुराधा और नेहा ने एकल नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों की खूब सराहना पाई। समूह नृत्य में अनुराधा, खुशी, नेहा, मंतशा, मुस्कान, स्नेहलता, संघलता, प्रिंस कुमार, मनोज, चंद्रेश, दीपक, अनुराग और हरेंद्र ने मनमोहक प्रस्तुतियाँ दीं।
नाटक प्रतियोगिता में नीरज, अनिल, नरेंद्र, गुलशन और चंद्रेश ने ‘आधुनिक शिक्षा और उसका महत्व’ विषय पर नाटक प्रस्तुत किया। इसके पश्चात बीए एलएलबी और एलएलबी वर्ग की छात्राओं के बीच रैम्प वॉक प्रतियोगिता आयोजित हुई, जिसमें बीए एलएलबी वर्ग से खुशी तथा एलएलबी वर्ग से मुस्कान विजेता बनीं।
आभार ज्ञापन करते हुए प्राचार्य डॉ. रमेश कुमार ने कहा कि छात्रों की उत्साही भागीदारी ही महाविद्यालय की पहचान है। इस अवसर पर चैनल मैनेजर रितेश त्रिपाठी, डॉक्टर अमरनाथ पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहीं।

डॉलर के भ्रम में डूबते सपने — गांवों से शुरू होती विदेशी लाशों की कहानी

डंकी रूट से लूट युवाओं के सपनों की तस्करी

विदेश में सुनहरे भविष्य के लालच में, भारतीय युवा अवैध रास्तों के शिकार बन रहे हैं। एजेंटों का यह नेटवर्क न केवल कानून तोड़ रहा है, बल्कि परिवारों की उम्मीदों और देश के भविष्य को भी चुरा रहा है।
‘डंकी रूट’ एक अवैध प्रवासन मार्ग है, जिसके ज़रिए भारतीय युवा बिना वीज़ा या वैध दस्तावेजों के अमेरिका या यूरोप पहुंचने की कोशिश करते हैं। यह रूट भारत से पाकिस्तान, ईरान, तुर्की, ग्रीस, इटली, फ्रांस और फिर मैक्सिको होते हुए अमेरिका तक जाता है। रास्ते में तस्कर, एजेंट और अपराधी गिरोह यात्रियों से पैसा ऐंठते हैं। कई बार लोग समुद्र में डूब जाते हैं या सीमा पार करते हुए पकड़े जाते हैं। हर साल सैकड़ों भारतीय इस खतरनाक यात्रा में मारे जाते हैं या गायब हो जाते हैं — और उनके परिवार कर्ज़ और दुःख की गहराई में डूब जाते हैं।
भारत के अनेक इलाकों में, विशेषकर हरियाणा, पंजाब, गुजरात और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में, एक नया और खतरनाक चलन तेज़ी से फैल रहा है — “डंकी रूट” के ज़रिये विदेश पहुंचने का सपना। यह शब्द ‘डंकी’ अंग्रेज़ी के donkey से लिया गया है, जिसका मतलब है ‘बिना अनुमति या अवैध रास्ते से जाना’। सुनने में यह किसी फिल्मी कहानी जैसा लगता है, पर हकीकत इससे कहीं ज़्यादा भयावह है। इस रूट ने न केवल युवाओं के भविष्य को निगल लिया है, बल्कि समाज और प्रशासन के सामने एक गंभीर मानवीय और आर्थिक संकट भी खड़ा कर दिया है।

भारत के ग्रामीण और अर्धशहरी इलाकों में ‘विदेश जाना’ अब सिर्फ़ एक आकांक्षा नहीं, बल्कि सफलता का प्रतीक बन गया है। नौकरी, मान-सम्मान, और बेहतर जीवन की तलाश में अनेक युवा अपना सब कुछ दांव पर लगा देते हैं। एजेंट उन्हें सुनहरे सपने दिखाते हैं — “बस कुछ दिनों में अमेरिका की जमीन पर खड़े होंगे”, “डॉलर में सैलरी मिलेगी”, “वहां का जीवन स्वर्ग जैसा है।”

पर सच यह है कि इन सपनों की कीमत कई बार ज़िंदगी होती है। डंकी रूट पर निकलने वाले अधिकांश युवाओं को यह नहीं बताया जाता कि यह यात्रा महीनों तक चल सकती है, जिसमें रेगिस्तान, समुद्र और खतरनाक जंगलों से होकर गुजरना पड़ता है। रास्ते में भूख, प्यास, ठंड और हिंसा का सामना करना पड़ता है। कई लोग तो इस सफ़र में लापता ही हो जाते हैं, जिनकी कोई खबर नहीं मिलती।

डंकी रूट का पूरा कारोबार एक संगठित नेटवर्क के तहत चलता है, जिसमें फर्जी ट्रैवल एजेंट, पासपोर्ट दलाल, स्थानीय मुखिया, और विदेशी गिरोह शामिल होते हैं। एक अनुमान के अनुसार, भारत में हर साल लगभग 5000 से अधिक युवा अवैध रूप से विदेश जाने की कोशिश करते हैं, जिनसे एजेंट 15 से 25 लाख रुपये तक वसूलते हैं।

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2019 से 2025 तक 3053 फर्जी ट्रैवल एजेंट गिरफ्तार किए गए। पर असल संख्या इससे कहीं अधिक है, क्योंकि अधिकांश पीड़ित डर या शर्म के कारण शिकायत ही नहीं करते। एजेंट अक्सर बेरोजगारी और गरीबी से जूझते परिवारों को निशाना बनाते हैं, जो यह सोचते हैं कि बेटा ‘विदेश में सेट हो जाएगा’। लेकिन परिणाम होता है कर्ज़, बर्बादी और टूटे सपने।

भारत से शुरू होकर यह रूट पाकिस्तान, ईरान, तुर्की, ग्रीस, इटली, फ्रांस, और अंततः मैक्सिको के रास्ते अमेरिका तक जाता है। इस सफर में लोग कई बार समुद्र में नावों में ठूंसे जाते हैं, मरुस्थल पार करते हैं, या बर्फ़ीले जंगलों में फंस जाते हैं। कई मानवाधिकार संगठनों ने रिपोर्ट दी है कि इस यात्रा में हर साल सैकड़ों भारतीय मारे जाते हैं या लापता हो जाते हैं।

फरवरी 2023 में गुजरात के दो युवकों की मौत तुर्की के पास हुई थी। वे यूरोप की सीमा पार करने की कोशिश में थे। ऐसी घटनाएं अब सामान्य बन चुकी हैं। यह न सिर्फ एक अपराध है बल्कि मानवता पर कलंक भी।

अवैध प्रवासन के मामलों में अमेरिका और यूरोपीय देशों ने अब निगरानी तेज़ कर दी है। 2022 के बाद अमेरिका ने भारत के साथ ‘डेटा शेयरिंग’ समझौता किया है, जिससे डंकी रूट से पहुंचने वाले लोगों की तुरंत पहचान हो सके। पकड़े जाने पर उन्हें डीपोर्ट (वापस भेजा जाना) किया जाता है, और कई बार महीनों जेल में रहना पड़ता है।

दूसरी ओर, यूरोपीय यूनियन ने भी सख्त वीज़ा और एंट्री नियम लागू किए हैं। इसका असर यह हुआ है कि अब एजेंट और भी खतरनाक रास्ते अपनाने लगे हैं — जैसे समुद्री मार्ग या जंगलों से पार करवाना, जिससे जान का खतरा और बढ़ गया है।

डंकी रूट सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी एक बड़ा बोझ है। युवा वर्ग का एक बड़ा हिस्सा खेती और स्थानीय रोजगार से हटकर विदेश भागने के चक्कर में अपनी जमीन तक बेच देता है। गांवों में यह मानसिकता बन चुकी है कि “जो विदेश नहीं गया, वो सफल नहीं।”

इस प्रवृत्ति का परिणाम यह है कि गांवों की श्रमशक्ति घट रही है, परिवार कर्ज़ में डूब रहे हैं और युवाओं का विश्वास वैधानिक रोजगार प्रणालियों से उठ रहा है। यह स्थिति दीर्घकाल में भारत की जनसांख्यिकीय शक्ति को कमजोर करती है।

भारत सरकार ने ट्रैवल एजेंटों के लिए रजिस्ट्रेशन और सत्यापन को अनिवार्य किया है। विदेश मंत्रालय की वेबसाइट पर ई-माइग्रेट पोर्टल भी शुरू किया गया है, जहां से वैध एजेंटों की सूची देखी जा सकती है। इसके बावजूद जागरूकता की कमी और भ्रष्ट तंत्र के कारण फर्जी एजेंट अब भी सक्रिय हैं।

कानून मौजूद है — इमिग्रेशन एक्ट 1983 और पासपोर्ट एक्ट 1967 — पर इनकी प्रभावी क्रियान्विति नहीं हो पा रही। छोटे कस्बों में एजेंट खुलेआम “विदेश भेजने” के विज्ञापन लगा देते हैं, और पुलिस की नज़र उन पर तब पड़ती है जब कोई बड़ी दुर्घटना होती है।

मीडिया ने इस मुद्दे पर समय-समय पर जागरूकता बढ़ाने की कोशिश की है। अमर उजाला जैसे अख़बारों ने यह दिखाया कि कैसे “डंकी रूट से लूट” का धंधा हरियाणा, पंजाब, और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सैकड़ों गांवों में फैल चुका है।

पर इसके साथ समाज को भी आत्ममंथन करना होगा —
क्यों युवाओं को लगता है कि देश में रहकर वे सफल नहीं हो सकते?
क्यों विदेश जाना ही प्रतिष्ठा का प्रतीक बन गया है?
क्यों गांवों में वह वातावरण नहीं बन पा रहा जो युवाओं को यहाँ अवसर दे सके?

गांव-गांव, कॉलेजों और पंचायतों के स्तर पर अवैध प्रवासन के खतरों पर अभियान चलाया जाना चाहिए। विदेश मंत्रालय, श्रम विभाग और मीडिया मिलकर यह सुनिश्चित करें कि कोई भी युवा बिना वैध प्रक्रिया के विदेश न जाए।

ग्रामीण युवाओं के लिए कौशल विकास, स्वरोजगार, और स्थानीय उद्योगों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए ताकि विदेश जाने का आकर्षण घटे। फर्जी एजेंटों को केवल गिरफ्तार करना पर्याप्त नहीं; उनके वित्तीय नेटवर्क को तोड़ना ज़रूरी है। संपत्ति जब्ती और लंबी सजा जैसे प्रावधानों को सख्ती से लागू किया जाए।

समाज को यह समझना होगा कि सफलता केवल विदेशी ज़मीन पर कदम रखने से नहीं आती। देश में भी अवसर हैं — बस दृष्टिकोण बदलने की जरूरत है। भारत को उन देशों से मिलकर काम करना चाहिए जहाँ ये नेटवर्क सक्रिय हैं, ताकि सीमा पार मानव तस्करी पर रोक लगे।

भारत के पास विश्व की सबसे बड़ी युवा आबादी है। यह जनसांख्यिकीय संपदा तभी वरदान बन सकती है जब उसे सही दिशा दी जाए। यदि यही युवा अवैध रास्तों में झोंक दिए गए तो यह राष्ट्र की अपार क्षति होगी।

डंकी रूट से बचने के लिए केवल कानून नहीं, बल्कि विचार और विवेक की ज़रूरत है। यह समझना होगा कि कोई भी सपना इतना बड़ा नहीं हो सकता जो इंसान की गरिमा, सुरक्षा और आत्मसम्मान से बड़ा हो।

डंकी रूट सिर्फ एक अपराध की कहानी नहीं, यह भारत के युवाओं की हताशा, बेरोजगारी और भ्रम की गाथा है। जब तक समाज और सरकार मिलकर युवाओं को वैधानिक, सुरक्षित और सम्मानजनक अवसर नहीं देंगे, तब तक ऐसे एजेंटों का धंधा फलता-फूलता रहेगा।

यह समय है कठोर कार्रवाई का, सच्ची जागरूकता का और उस सोच को बदलने का जो यह मानती है कि “विदेश जाना ही सफलता है।”
क्योंकि असली विकसित भारत वह होगा — जहाँ युवा अपने ही देश में अपने सपनों को साकार कर सकें।

डॉo सत्यवान सौरभ
कवि,स्वतंत्र पत्रकार एवं स्तंभकार