Wednesday, July 1, 2026
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इन 5 सब्ज़ियों से कम हो सकता है फैटी लिवर, जानें इन्हें खाने का सही समय और फायदे

नॉन-अल्कोहोलिक फैटी लिवर डिज़ीज़ (NAFLD) आज युवाओं में तेजी से बढ़ती समस्या बन चुकी है। शुरुआती चरण में यह ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचाती, लेकिन समय पर ध्यान न देने पर यह गंभीर लिवर रोग का कारण बन सकती है। अच्छी बात यह है कि हल्के फैटी लिवर को सही खान-पान, वजन नियंत्रित रखने और वर्कआउट के जरिए काफी हद तक रिवर्स किया जा सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ खास सब्ज़ियां लिवर की फैट जमा करने वाली प्रक्रिया को धीमा करती हैं और डिटॉक्स प्रक्रिया को मजबूत बनाती हैं। इन सब्ज़ियों को नियमित डाइट में शामिल करने से लिवर के कार्य में सुधार देखा गया है।

  1. चुकंदर – लिवर का सुपरफूड

चुकंदर में फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट और नाइट्रेट्स की भरपूर मात्रा होती है। यह लिवर में खून के प्रवाह को बढ़ाकर डिटॉक्स क्षमता को बेहतर करता है। चुकंदर पित्त बनने में मदद करता है, जिससे शरीर में जमा वसा तेजी से टूटती है। इसे सलाद, जूस या रोस्टेड रूप में लिया जा सकता है।

  1. लेग्यूम्स – फैट घटाने में सहायक

राजमा, चना, मसूर और छोले जैसे लेग्यूम्स पौधे आधारित प्रोटीन और फाइबर के बेहतरीन स्रोत हैं। इनमें फैट कम होता है और यह ब्लड शुगर को नियंत्रित रखते हैं, जो फैटी लिवर वाले लोगों के लिए बेहद ज़रूरी है। कई स्टडीज़ में पाया गया है कि मांस की जगह दालें लेने से लिवर फैट कम होता है।

  1. लहसुन – प्राकृतिक डिटॉक्स बूस्टर

लहसुन में मौजूद सल्फर कंपाउंड लिवर में जमा फैट को कम करने में मदद करते हैं। यह कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित करता है और लिवर की प्राकृतिक डिटॉक्स प्रक्रिया को तेज करता है। रोज़ाना खाने में लहसुन शामिल करने से सूजन भी घटती है।

  1. हरी पत्तेदार सब्ज़ियां – लिवर की सफाई में असरदार

पालक, मेथी और केल में मौजूद क्लोरोफिल शरीर से टॉक्सिन्स निकालने में मदद करता है। इनमें एंटीऑक्सीडेंट भी होते हैं, जो लिवर पर oxidative stress को कम करते हैं। रिसर्च के मुताबिक, नियमित रूप से पालक का सेवन फैटी लिवर के जोखिम को कम करता है।

  1. क्रूसीफ़ेरस सब्ज़ियां – सूजन और फैट दोनों कम

ब्रोकली, फूलगोभी, पत्तागोभी जैसी सब्ज़ियां फाइबर और फाइटोकेमिकल्स से भरपूर होती हैं। इनमें मौजूद ‘इंडोल’ नामक कंपाउंड लिवर में चर्बी और सूजन कम करने में मदद करता है। हफ्ते में 2-3 बार इन सब्ज़ियों का सेवन लाभकारी माना जाता है।

इन सब्ज़ियों को खाने का सही समय

चुकंदर: सुबह सलाद या जूस में

लेग्यूम्स: दोपहर या रात के भोजन में

लहसुन: सुबह कच्चा या सब्ज़ियों में

हरी सब्ज़ियां: दोपहर या रात के भोजन के साथ

ब्रोकली/फूलगोभी: हफ्ते में 2-3 बार लंच या डिनर में

लिवर को बेहतर रखने के लिए संतुलित डाइट, नियमित व्यायाम और डॉक्टर की सलाह भी उतनी ही जरूरी है।

प्रेरणा, संघर्ष और सफलता की जीवंत कहानियाँ

15 नवंबर को जन्मे महान व्यक्तित्व – इतिहास में अमर योगदान देने वाली प्रेरक विभूतियाँ


मानव इतिहास के पन्नों में कुछ तिथियाँ ऐसी होती हैं जो केवल कैलेंडर नहीं, बल्कि समाज, संस्कृति, राष्ट्र और मानवीय मूल्य की नई इबारतें लिखते हुए दिखाई देती हैं। 15 नवंबर ऐसी ही एक तिथि है, जब अनेक विभूतियाँ जन्मीं, जिनकी प्रतिभा, समर्पण और अदम्य साहस ने देश को गौरव और नई दिशा प्रदान की। स्वतंत्रता संघर्ष से लेकर साहित्य, खेल, प्रशासन और वीरता के शिखर तक—यह दिन भारतीय इतिहास को स्वर्णिम अध्यायों से भर देता है। आइए, इस विशेष दिन पर अवतरित उन महापुरुषों के जीवन और योगदान पर गहराई से प्रकाश डालते हैं।

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  1. शहीद ज्योति प्रकाश निराला – अशोक चक्र से सम्मानित अमर गरुड़ कमांडो
    जन्म: 15 नवंबर 1986, बकुला गाँव, सुपौल जिला, बिहार
    भारतीय वायुसेना के गरुड़ कमांडो ज्योति प्रकाश निराला साहस, पराक्रम और राष्ट्रभक्ति की जीती-जागती मिसाल थे। सीमित संसाधनों वाले ग्रामीण परिवेश में पले-बढ़े निराला ने शिक्षा पूरी करने के बाद वायुसेना में भर्ती होकर राष्ट्रसेवा का मार्ग चुना। 2017 में कश्मीर के बांदीपोरा में आतंकियों के साथ मुठभेड़ में उन्होंने असाधारण वीरता का परिचय देते हुए कई आतंकियों को मार गिराया। शहीद होने के बाद उन्हें भारत के सर्वोच्च शौर्य पुरस्कार अशोक चक्र से सम्मानित किया गया। उनका जीवन युवाओं के लिए साहस और कर्तव्यनिष्ठा की अद्भुत प्रेरणा है।
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  3. सानिया मिर्जा – भारतीय टेनिस का चमकता सितारा
    जन्म: 15 नवंबर 1986, मुंबई, महाराष्ट्र
    सानिया मिर्ज़ा भारतीय टेनिस की वह पहचान हैं जिन्होंने देश को वैश्विक मंच पर अभूतपूर्व सम्मान दिलाया। हैदराबाद में शिक्षा प्राप्त करने के बाद वे टेनिस के अंतरराष्ट्रीय सर्किट में उतरीं और जल्द ही भारत की सर्वश्रेष्ठ महिला खिलाड़ी बन गईं। ग्रैंड स्लैम डबल्स खिताब जीतकर उन्होंने भारतीय खेल इतिहास में नया अध्याय लिखा। अपने दृढ़ संकल्प और मेहनत से सानिया ने न केवल अनेक पदक जीते, बल्कि देश की अनगिनत बेटियों को खेल मंच पर आगे बढ़ने की प्रेरणा भी दी।
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  5. सुमराइ टेटे – भारतीय महिला हॉकी की अदम्य योद्धा
    जन्म: 15 नवंबर 1979, खूंटी जिला, झारखंड
    झारखंड की मिट्टी से उभरकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने वाली सुमराइ टेटे भारतीय महिला हॉकी टीम की एक मजबूत खिलाड़ी रहीं। गाँव के विद्यालय से प्रारंभ हुई उनकी हॉकी यात्रा उन्हें एशियाई खेलों और विश्वस्तरीय प्रतियोगिताओं तक ले गई। सीमित साधनों के बावजूद खेल के प्रति उनका समर्पण असाधारण रहा। अपने कौशल और मेहनत से टेटे ने आदिवासी क्षेत्र की युवतियों में खेल के प्रति नई ऊर्जा भरी।
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  7. पंकज चौधरी – जनसेवा में समर्पित लोकप्रिय सांसद
    जन्म: 15 नवंबर 1964, महाराजगंज, उत्तर प्रदेश
    उत्तर प्रदेश के महाराजगंज से आने वाले पंकज चौधरी लंबे समय से भारतीय राजनीति में सक्रिय हैं। प्रदेश की शिक्षा पद्धति से जुड़े रहने के बाद उन्होंने जनसेवा को अपने जीवन का लक्ष्य बनाया। 16वीं लोकसभा में सांसद के रूप में उन्होंने क्षेत्रीय विकास, सड़क, स्वास्थ्य और सामाजिक योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रयास किए। शांत स्वभाव और सरल कार्यशैली उन्हें जनता के निकट बनाए रखती है।
  8. अश्विनी कुमार – सीबीआई के पूर्व निदेशक एवं अनुशासन का प्रतीक
    जन्म: 15 नवंबर 1950, पंजाब
    भारतीय पुलिस सेवा के वरिष्ठ अधिकारी अश्विनी कुमार ने अपनी शिक्षा हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से पूरी की। उनकी कार्यशैली ईमानदारी, अनुशासन और संवेदनशीलता के लिए जानी जाती है। वे सीबीआई के निदेशक पद तक पहुँचे और कई महत्वपूर्ण मामलों को निष्पक्षता से आगे बढ़ाया। अपने दृढ़ नेतृत्व और सख्त प्रशासनिक क्षमता के कारण वे देश के प्रमुख सुरक्षा अधिकारियों में गिने जाते हैं।
  9. रमेश चंद्र शाह – हिंदी साहित्य के बहुमुखी साधक
    जन्म: 15 नवंबर 1937, सागर, मध्य प्रदेश
    हिंदी साहित्य के दिग्गज लेखक, नाटककार, उपन्यासकार और बेहद कुशल समालोचक रमेश चंद्र शाह का जन्म मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक भूमि पर हुआ। उच्च शिक्षा प्राप्त कर वे साहित्य की विविध विधाओं से जुड़े। उनकी लेखनी में भारतीय संस्कृति, मानव मनोविज्ञान और सामाजिक प्रश्नों का अत्यंत संवेदनशील चित्रण मिलता है। ‘विमर्श’, ‘कथा’, ‘उपन्यास’—हर क्षेत्र में उनका योगदान अमूल्य है।
  10. टी. एस. मिश्रा – असम के भूतपूर्व राज्यपाल एवं प्रशासकीय व्यक्तित्व
    जन्म: 15 नवंबर 1922, बिहार
    टी. एस. मिश्रा भारतीय प्रशासनिक सेवा के सुदृढ़ स्तंभ रहे। बिहार की पृष्ठभूमि से आने वाले मिश्रा ने शिक्षा पूर्ण कर प्रशासनिक सेवा में प्रवेश किया और बाद में असम के राज्यपाल बने। उनका शासनकाल अनुशासन, विकासोन्मुख नीतियों और शांतिपूर्ण वातावरण के निर्माण के लिए जाना जाता है। उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्था में सुशासन की मिसाल कायम की।
  11. एस. वी. कृष्णमूर्ति राव – स्वतंत्र भारत की राजनीति के समर्पित कार्यकर्ता
    जन्म: 15 नवंबर 1902, आंध्र प्रदेश
    भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सक्रिय नेता एस. वी. कृष्णमूर्ति राव स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े रहे। राष्ट्रवादी विचारधारा से प्रेरित होकर उन्होंने राजनीतिक कार्यों में नेतृत्व का परिचय दिया। आज़ादी के बाद वे लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे। उनका जीवन समाज-सेवा और राष्ट्रहित के प्रति समर्पण का प्रतीक रहा।
  12. बिरसा मुण्डा – आदिवासी गौरव और स्वतंत्रता संघर्ष के अमर नायक
    जन्म: 15 नवंबर 1875, उलिहातू, खूंटी, झारखंड
    भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी और आदिवासी समाज के सबसे बड़े नायक धरती आबा बिरसा मुण्डा का जन्म झारखंड की धरती पर हुआ। अत्यंत गरीब परिवार में जन्मे बिरसा ने शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक शोषण और ब्रिटिश अत्याचारों को करीब से देखा। उन्होंने उलगुलान आंदोलन का नेतृत्व किया, जिसमें आदिवासी समाज ने एकजुट होकर अंग्रेजी शासन के खिलाफ संघर्ष छेड़ा। बिरसा मुण्डा ने कम आयु में ही भारतीय स्वतंत्रता संघर्ष को नया स्वरूप दिया। उनकी जयंती देशभर में ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में मनाई जाती है।
  13. कार्नेलिया सोराबजी – भारत की प्रथम महिला बैरिस्टर
    जन्म: 15 नवंबर 1866, नासिक, महाराष्ट्र
    कार्नेलिया सोराबजी भारतीय न्यायिक इतिहास की वह प्रथम महिला थीं जिन्होंने सामाजिक बाधाओं को तोड़ते हुए बैरिस्टर बनने का गौरव हासिल किया। ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से विधि शिक्षा प्राप्त करने वाली कार्नेलिया ने भारत की महिलाओं, विशेषकर पुरदाह-प्रथा में बंद जीवन जीने वाली स्त्रियों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराई। वे महिलाओं के अधिकार और न्याय के लिए आजीवन संघर्ष करती रहीं। भारतीय न्याय व्यवस्था में उनके योगदान को सदैव सम्मान से याद किया जाता है।
    15 नवंबर को जन्मे ये सभी महानुभाव अपने-अपने क्षेत्रों में ऊंचाइयों पर पहुंचे और उन्होंने भारत की सांस्कृतिक, सामाजिक, प्रशासनिक, साहित्यिक, खेल तथा स्वतंत्रता की धारा को नई दिशा प्रदान की। इनका जीवन हमें बताता है कि जन्म तिथि चाहे कोई भी हो—समर्पण, साहस, दृढ़ता और राष्ट्रप्रेम से कोई भी व्यक्ति इतिहास में अमर हो सकता है।

एक लोटा पानी, सिकंदर की कहानी

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• डॉ कर्नल आदि शंकर मिश्र ‘आदित्य’

एक लोटा पानी, सिकंदर की कहानी,
किसी एक समझदार शख़्स ने,
कह कर सुनाई अपनी ज़ुबानी,
जिसने सुना उसको हुई हैरानी,
जीवन क्षणभंगुर, न बचती निशानी,
एक लोटा पानी, सिकंदर की कहानी।

प्यासे सिकंदर को रेतीले रेगिस्तान में
नहीं दिया फ़क़ीर ने एक लोटा पानी,
सारा साम्राज्य देने को तैयार था वह,
तड़पने को मजबूर दुनिया का विजेता,
पानी लिये फ़क़ीर की न हुई मेहरबानी,
एक लोटा पानी, सिकंदर की कहानी।

सफल जीवन के चार सूत्र हैं,
मेहनत करने से धन बनता है,
धीरज रखने से काम बनता है,
मीठे बोल से पहचान बनती है,
इज्जत करने से नाम बढ़ता है,
यही है हमारे जीवन की कहानी,
एक लोटा पानी, सिकंदर की कहानी।

शौक भले ही कितने ऊँचे रखिए,
लेकिन जिम्मेदारी से बढ़कर नहीं,
जीवन तो प्रेम, दया, धर्म के लिये है,
शासन, सत्ता, ताक़त क्षण भर की हैं,
कब छिन जाएँगी, न हो परेशानी,
एक लोटा पानी, सिकंदर की कहानी।

धन दौलत, ज्ञान व ताक़त का अभिमान,
ये कौन हैं कोई न सका अब तक पहचान,
मैं कौन हूँ, आप कौन हैं, कोई न सके जान,
वक्त बदलते ये न साथ रह पाते,
इनका कोई वजूद भी नहीं रहता,
आदित्य अहंकार वश न हो अभिमानी,
एक लोटा पानी, सिकंदर की कहानी।

नगर पंचायत चौक में 17 नवंबर को गूंजेगा एकता का संदेश, तैयारियां पूरी

आत्मनिर्भर भारत के संदेश के साथ हजारों लोगों की जुटान की उम्मीद

युवा और सामाजिक संगठनों को जोड़ने के लिए तेज संपर्क अभियान

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती पर नगर में एकता और राष्ट्र भावना को समर्पित भव्य पदयात्रा की तैयारियां पूरी कर ली गई है। भारतीय जनता पार्टी की ओर से 17 नवंबर को नगर पंचायत चौक से सोनाड़ी देवी मंदिर तक यूनिट मार्च निकाला जाएगा। यात्रा सुबह 9 बजे चौक से प्रारंभ होगी।


युवा भाजपा नेता राकेश कुमार ने बताया कि सरदार पटेल की जयंती पर एक भारत, आत्मनिर्भर भारत के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए पदयात्रा का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं द्वारा वार्डों और मोहल्लों में व्यापक जनसंपर्क कर लोगों को शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जा रहा है।यात्रा में केन्द्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

वहीं सदर विधायक जयमंगल कन्नौजिया और वरिष्ठ भाजपा नेता (समाजसेवी) मनोज कुमार विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। आयोजन में युवा नेता राकेश कुमार के साथ- साथ अशोक विश्वकर्मा, ओमप्रकाश पटेल, सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता तैयारियों में जुटे हैं। पदयात्रा के दौरान राष्ट्रीय ध्वज, देशभक्ति नारों और सांस्कृतिक झांकियों की भी संभावना है।

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यात्रा चौक से शुरू होकर मुख्य मार्गों से गुजरते हुए सोंनाड़ी देवी मंदिर पर सम्पन्न होगी, जहां संक्षिप्त कार्यक्रम के बाद प्रतिभागियों को एकता और सामाजिक समरसता का संदेश दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि सरदार पटेल की 150वीं जयंती केवल उत्सव नहीं, बल्कि राष्ट्र की एकता के प्रति संकल्प को पुनः दोहराने का अवसर है। उन्होंने सभी नागरिकों से अधिक संख्या में शामिल होकर कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की।

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कारोबारी को ब्लैकमेल करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, तीन महिलाएं व कांग्रेस के दो पूर्व सरपंच गिरफ्तार

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फरीदकोट (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। फरीदकोट थाना सदर पुलिस ने एक कारोबारी को फर्जी अश्लील वीडियो के नाम पर ब्लैकमेल करने के आरोप में छह लोगों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में तीन महिलाएं और कांग्रेस से जुड़े दो पूर्व सरपंच भी शामिल हैं। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए ब्लैकमेलिंग के जरिए वसूले गए 8 लाख रुपये भी बरामद कर लिए हैं।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पूर्व सरपंच हरनीत सिंह घुदुवाला, राजविंदर सिंह पप्पू सिमरेवाला, वरिंदर सिंह (संगतपूरा), परमजीत कौर (पहलुवाला), लवप्रीत कौर (फरीदकोट) और नवदीप कौर (कोटकपूरा) के रूप में हुई है।

कैसे चला ब्लैकमेलिंग का खेल

शिकायतकर्ता कारोबारी के अनुसार, वह एक सामाजिक व धार्मिक संस्था से जुड़ा है। नवदीप कौर ने उसे फोन कर एक “गलत वीडियो” होने का दावा किया और डेंटल कॉलेज के पास मिलने के लिए बुलाया। मुलाकात के दौरान वह कोई वीडियो नहीं दिखा सकी और 2–3 लाख रुपये की मदद मांगने लगी, जिस पर कारोबारी को शक हुआ।

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इसके बाद पूरा गिरोह सक्रिय हो गया और उन्होंने वीडियो वायरल करने की धमकी देकर 15 लाख रुपये की मांग की। बाद में सौदा 8 लाख रुपये पर तय हुआ, जिसे आरोपियों ने वसूल भी लिया। कारोबारी की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी छह आरोपियों को काबू कर लिया।

पुलिस के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है और गिरोह के काम करने के तरीके तथा संभावित अन्य लोगों की संलिप्तता की जांच की जा रही है।

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300 फीट दूर तक शवों के अंग बिखरे मिले आतंकियों द्वारा सुनियोजित आतंकी हमला

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)फरीदाबाद मॉड्यूल के बाद श्रीनगर में भीषण धमाके ने बढ़ाई चिंता फरीदाबाद में आतंकियों की साजिश के खुलासे के बाद पूरे देश को हाई अलर्ट पर रखा गया था, लेकिन इसी बीच राजधानी दिल्ली में धमाका और उसके कुछ ही घंटे बाद श्रीनगर के नौगाम पुलिस स्टेशन में हुए भीषण विस्फोट ने सुरक्षा तंत्र को हिला दिया है। इस त्रासदी में 9 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 25 से अधिक लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं। कई घायल अभी भी लापता हैं, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है।
प्रत्यक्षदर्शियों और सीसीटीवी फुटेज में दिखा कि विस्फोट के तुरंत बाद इमारत में आग की ऊँची लपटें उठीं और चारों ओर घना धुआँ फैल गया। जांच टीमों ने बताया कि धमाके की तीव्रता इतनी भयानक थी कि 300 फीट दूर तक शवों के अंग बिखरे मिले, जो इसकी विनाशक क्षमता को दर्शाता है।

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प्रारंभिक जांच दो संभावनाओं की ओर संकेत करती है—सीलिंग प्रक्रिया के दौरान अमोनियम नाइट्रेट के गलत हैंडलिंग से विस्फोटआतंकियों द्वारा सुनियोजित आतंकी हमला, जिसकी जिम्मेदारी जैश से जुड़े संगठन PAFF ने ली है (जिसकी आधिकारिक पुष्टि जारी है)धमाका उस समय हुआ जब पुलिस और फोरेंसिक टीमें फरीदाबाद से बरामद 350 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री की जांच कर रही थीं। कुछ रसायनों को लैब भेजा गया था, जबकि बाकी सामान थाने परिसर में ही सुरक्षित रखा गया था। यह भी जांच का विषय है कि क्या परिसर में मिली जब्त कार में IED लगाया गया था।

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श्रीनगर प्रशासन ने क्षेत्र को पूरी तरह सील कर दिया है और खोजी कुत्तों के साथ तलाशी अभियान जारी है। वरिष्ठ अधिकारी घायलों से मुलाकात कर स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं। जांच एजेंसियों को आशंका है कि फरीदाबाद मॉड्यूल और नौगाम धमाके के बीच कोई बड़ी सुनियोजित कड़ी हो सकती है, जिसकी जांच तेज कर दी गई है।

    फर्जी बीज, अवैध बिक्री और झूठे दावों पर कड़ी पकड़ होगी नए मसौदे में

    बीज मसौदा विधेयक 2025 भारतीय कृषि को देने जा रहा मजबूत सुरक्षा कवच

    बीज मसौदा विधेयक,2025- भारतीय कृषि में गुणवत्ता, अधिकार और पारदर्शिता का नया युग

    यह विधेयक अवैध बीज बिक्री, फर्जी ब्रांडिंग और अनधिकृत जेनेटिक वैरायटी जैसे अपराधों के लिए कठोर दंड ,व कोई भी कंपनी बिना पंजीकरण के मार्केट में बीज नहीं बेच सकती- एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र

    गोंदिया – भारत एक कृषि प्रधान देश है,जहाँ कृषि न केवल आजीविका का साधन है, बल्कि सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक जीवन की आधारशिला भी है। इस विशाल कृषि व्यवस्था की आत्मा “बीज” है, क्योंकि बीज ही वह पहला तत्व है जिससे उत्पादन, नवाचार और खाद्य सुरक्षा की पूरी श्रृंखला आरंभ होती है। इसी बीज क्षेत्र में सुधार और पारदर्शिता लाने की दिशा में सरकार ने वर्ष 2025 में बीज मसौदा विधेयक, 2025 का प्रस्ताव तैयार किया है और इस पर 11 दिसंबर, 2025 तक नागरिकों, किसानों, वैज्ञानिकों, बीज उत्पादकों और अन्य हितधारकों से सुझाव आमंत्रित किए हैं। यह मसौदा विधेयक न केवल कृषि सुधारों के अगले चरण का संकेत है, बल्कि यह देश में क्वालिटी सीड गवर्नेंस का एक नया ढांचा भी प्रस्तुत करता है।मैं एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र यह मानता हूं क़ि भारत ने वर्ष 2025 में बीज मसौदा विधेयक, 2025 का प्रारूप जारी कर एक ऐसा विधायी प्रयास शुरू किया है, जो न केवल देश के कृषि तंत्र को आधुनिकता, पारदर्शिता और गुणवत्ता के उच्चतम मानकों से जोड़ता है, बल्कि बीजों की सुरक्षा, किसानों के अधिकारों और कृषि-व्यवसाय के नैतिक ढाँचे को भी नई दिशा प्रदान करता है। यह विधेयक 1966 के बीज अधिनियम और 1983 के बीज नियंत्रण आदेश का स्थान लेने जा रहा है, जो कि आज की तकनीक- संचालित कृषि आवश्यकताओं के सामने अपर्याप्त हो चुके हैं। बदलते जलवायु-परिस्थितियों, बीजों में जैव- प्रौद्योगिकी के बढ़ते हस्तक्षेप और वैश्विक बाजारों में प्रतिस्पर्धा के दबाव ने इस नए विधेयक की आवश्यकता को और अधिक सशक्त बनाया है। यह प्रस्ताव इस बात का प्रमाण है कि भारत कृषि क्षेत्र को विश्वस्तरीय बनाने और किसान-हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

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    साथियों बात अगर हम आज भारत वैश्विक बीज बाजार में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी बन चुका है,व अंतरराष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य इसको समझने की करें तो, देश के बीज निर्यात का मूल्य अरबों डॉलर तक पहुँच चुका है, और निजी क्षेत्र,विशेष रूप से बहुराष्ट्रीय बीज कंपनियाँ, इस उद्योग में बड़ी भूमिका निभा रही हैं। बीज मसौदा विधेयक, 2025 व्यापार सुगमता (ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस) के सिद्धांत पर आधारित है।यह बीज पंजीकरण लाइसेंसिंग,परीक्षण और वितरण की प्रक्रियाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने की बात करता है। इससे छोटे उद्यमियों, स्टार्टअप्स और स्थानीय बीज उत्पादकों को भी समान अवसर मिलेगा।इसके साथ ही, यह विधेयक अवैध बीज बिक्री, फर्जी ब्रांडिंग और अनधिकृत जेनेटिक वैरायटी जैसे अपराधों के लिए कठोर दंड का प्रावधान भी करता है,जिससे बीज उद्योग में पारदर्शिता और उपभोक्ता विश्वास दोनों को बल मिलेगा।अंतरराष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य-वैश्विक मानकों के अनुरूप भारतीय ढांचा,विश्व स्तर पर बीज व्यापार और नियमन यूपीओवी (इंटरनेशनल यूनियन फॉर द प्रोटेक्शन ऑफ़ न्यू वैरायटीज ऑफ़ प्लांट्स) आईएसटीए ( इंटरनेशनल सीड टेस्टिंग एसोसिएशन) और ओईसीडी (ओईसीडी सीड स्कीमस) जैसे अंतरराष्ट्रीय मानकों के तहत चलता है। भारत का नया बीज मसौदा विधेयक इन अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप नीति ढांचा तैयार करने का प्रयास करता है ताकि भारतीय बीज उद्योग को ग्लोबल ट्रेड नेटवर्क में और गहराई से एकीकृत किया जा सके। इससे भारत न केवल घरेलू आवश्यकताओं को पूरा कर सकेगा, बल्कि अफ्रीका, एशिया और लैटिन अमेरिका के उभरते कृषि बाजारों में बीज आपूर्ति का एक स्थिर और विश्वसनीय स्रोत भी बन सकता है।

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    साथियों बात अगर हम,किसानों के अधिकारों की रक्षा कोसमझने की करें तो,केंद्र में किसान, केवल उपभोक्ता नहीं-भारत की कृषि नीति में लंबे समय तक किसान को केवल “उपभोक्ता” के रूप में देखा गया,जिसे बीज खरीदना होता है। लेकिन बीज मसौदा विधेयक, 2025 इस धारणा को बदलता है। यह किसान को हितधारक के रूप में मान्यता देता है, जिसके अधिकार, ज्ञान और सहभागिता को कानूनी ढांचे में स्थान दिया गया है।विधेयक में यह सुनिश्चित करने की दिशा में प्रावधान हैं कि यदि किसान को किसी बीज से अपेक्षित परिणाम नहीं मिलता है, तो वह बीज आपूर्तिकर्ता या निर्माता के खिलाफ कंपनसेशन क्लेम कर सकता है। यह प्रावधान कंज्यूमर प्रोटेक्शन के सिद्धांत को कृषि क्षेत्र में लागू करने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है।साथ ही,मसौदा किसानों को पारंपरिक बीज बचाने, पुनः प्रयोग करने और आदान-प्रदान करने के अधिकार से वंचित नहीं करता, यह भारत के विविध कृषि पारिस्थितिकी और स्वदेशी बीज संरक्षण परंपरा की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।बीज गुणवत्ता नियंत्रण,विज्ञान और जवाबदेही का संगम-बीज मसौदा विधेयक 2025 में यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि सभी बीज उत्पादक, वितरक और विक्रेता को सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त प्रमाणन एजेंसी से अनुमोदन प्राप्त करना आवश्यक होगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बाजार में बिकने वाले बीज स्टैंडर्डाइज्ड हों और उनमें फसल की न्यूनतम अंकुरण दर तथा शुद्धता का स्तर निर्धारित सीमा से कम न हो।इस विधेयक के अंतर्गत नेशनल सीड अथॉरिटी तथा स्टेट सीड सर्टिफिकेशन बोर्ड्स की भूमिका को और मजबूत बनाया गया है। वे न केवल बीज परीक्षण, पंजीकरण और प्रमाणन की जिम्मेदारी निभाएंगे, बल्कि बीज उत्पादकों की जवाबदेही तय करने के लिए एक शिकायत निवारण तंत्र भी तैयार करेंगे।
    साथियों बात अगर हम बीज नियमन को आधुनिक बनाने की आवश्यकता को समझने की करें तो,1966 का बीज अधिनियम उस समय बनाया गया था जब भारत खाद्यान्न संकट से जूझ रहा था और हरित क्रांति की शुरुआत ही हुई थी। उस दौर की कृषि तकनीक न तो आज की तरह उन्नत थी, न ही निजी बीज कंपनियों की व्यापकता इतनी बड़ी थी। लेकिन 2025 में पहुंचते- पहुंचते परिस्थितियाँ बिल्कुल बदल चुकी हैं,देश में 300 से अधिक पंजीकृत बीज कंपनियाँ हैं, जैव-संशोधित किस्मों,हाईब्रिड वैरायटी, ड्रोन- आधारित बीज परीक्षण, और स्मार्ट फसल निगरानी जैसी तकनीकें मुख्यधारा में शामिल हो चुकी हैं। पुराना कानून गुणवत्ता परीक्षण,मानकीकरण,पारदर्शिता किसानों के अधिकारों और विपणन नियंत्रण के आधुनिक मानदंडों को पूरा नहीं कर पा रहा था।इन्हीं आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सरकार ने बीज मसौदा विधेयक, 2025 को तैयार किया है, जो बीज नियमन को समय-सापेक्ष, वैज्ञानिक और अंतरराष्ट्रीय दिशानिर्देशों के अनुरूप बनाता है। यह विधेयक अंतरराष्ट्रीय बीज परीक्षण संघ,ओईसीडी सीड्स स्टैंडर्ड्स और एफएओ के वैश्विक कृषि सुरक्षा मानकों से भी सामंजस्य स्थापित करता है।
    साथियों बात अगर हम बीज मसौदा विधेयक, 2025 के मुख्य उद्देश्यों व किसानों के लिए विशेष प्रावधानों को समझने की करें तो,इस विधेयक के उद्देश्य बहुआयामी हैं, जिनमें उपभोक्ता सुरक्षा, किसान संरक्षण,वैज्ञानिक गुणवत्ता नियंत्रण,कृषिअनुसंधान को बढ़ावा और कृषि बाज़ार में निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा शामिल है। प्रमुख उद्देश्यों में,(1)किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराना(2)बीज बाजार में नकली, मिलावटी और निम्न-स्तरीय बीजों पर नियंत्रण(3)किसानों के अधिकारों और उनके मुआवज़े की गारंटी(4)बीज उत्पादकों, वितरकों और कंपनियों का अनिवार्य पंजीकरण (5) अनुसंधान व नवाचार को प्रोत्साहन(6)बीजों में जैव- सुरक्षा और जैव-विविधता की रक्षा,इन सभी उद्देश्यों का मूल यह है कि भारत की कृषि प्रणाली को भविष्य-उन्मुख और जोखिम-रहित बनाया जा सके, जिससे किसानों की आय और उत्पादन दोनों में स्थिरता आए।किसानों के लिए विशेष प्रावधान -संरक्षण,अधिकार और
    मुआवज़ा इस विधेयक का सबसे महत्वपूर्ण और प्रगतिशील पहलू किसानों के अधिकारों को मजबूत बनाना है। कृषि क्षेत्र में वर्षों से यह शिकायत थी कि बीज कंपनियों के दावे के मुताबिक उत्पादन नहीं मिलने पर किसानों को कोई मुआवज़ा नहीं मिलता।बीज मसौदा विधेयक 2025 में-(1)यदि बीज की गुणवत्ता में कमी पाई जाती है,(2)यदि बीज परीक्षण के मानक पूरे नहीं होते,(3)या यदि कंपनी द्वारा विज्ञापित उत्पादन प्राप्त नहीं होता,तो किसान मुआवज़ा पाने का पात्र होगा। इसके लिए जिला स्तर पर बीज मुआवज़ा समिति स्थापित करने का प्रावधान किया गया है।साथ ही किसानों को अपना बीज बचाने, उपयोग करने, अदल- बदल करने और बेचने का पूरा अधिकार होगा, बशर्ते वे ब्रांडिंग या पैकेजिंग के साथ कारोबार न करें। यह प्रावधान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किसानों के अधिकारों की रक्षा करने वाले एफएओ के किसान अधिकार चार्टर और भारत के अपने पीपीवीएफआर एक्ट के अनुरूप है।बीज मसौदा विधेयक 2025 की चुनौतियाँ- हालाँकि विधेयक प्रगतिशील है, लेकिन इसके कार्यान्वयन में कुछ चुनौतियाँ होंगी,छोटे किसानों में जागरूकता की कमी,ग्रामीण क्षेत्रों में परीक्षण लैब की कमी, पंजीकरण प्रक्रिया का भार छोटे बीज उत्पादकों पर पड़ना, व्यावहारिक रूप से मुआवज़े की प्रक्रिया को सरल बनाना,फिर भी सरकार डिजिटल प्लेटफॉर्म, कृषि विस्तार सेवाओं और राज्य सरकारों के तालमेल से इन चुनौतियों को हल करने का प्रयास कर रही है।
    साथियों बात अगर हम बीजों का अनिवार्य पंजीकरण और गुणवत्ता परीक्षण को समझने की करें तो,विधेयक बीज कंपनियों और उत्पादकों के लिए कड़े नियम निर्धारित करता है। अब कोई भी कंपनी बिना पंजीकरण के बीज मार्केट में नहीं बेच सकती।मुख्य नियम इस प्रकार हैं (1) सभी बीजों का अनिवार्य पंजीकरण(2)पंजीकरण से पहले फील्ड परीक्षण, उपज सत्यापन, और गुणवत्ता जांच(3) बीज उत्पादन और वितरण का रिकॉर्ड रखना(4)लैब परीक्षण में पारदर्शिता,यह वैश्विक मानकों की दिशा में एक बड़ा कदम है।
    अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर इसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे क़ि कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाता भविष्यवादी विधेयक,बीज मसौदा विधेयक, 2025 भारत को आधुनिक कृषि शासन के एक नए युग में प्रवेश कराता है। यह न केवल किसानों को गुणवत्ता, सुरक्षा और मुआवज़े का अधिकार देता है, बल्कि बीज व्यापार को पारदर्शी बनाकर भारत को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए भी तैयार करता है। आधुनिक विज्ञान, डिजिटल निगरानी, जैव-सुरक्षा, अनुसंधान और मजबूत नियमन का यह संतुलित मेल भारतीय कृषि को स्थिरता, उत्पादकता और आत्मनिर्भरता के पथ पर आगे बढ़ाता है।इस विधेयक के सफल कार्यान्वयन से भारत न केवल विश्व स्तरीय बीज अर्थव्यवस्था का केंद्र बनेगा, बल्कि किसानों की आय, उत्पादन और विश्वास—इन तीनों मोर्चों पर ऐतिहासिक मजबूती प्राप्त करेगा।

    -संकलनकर्ता लेखक – एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र

    आज किस मूलांक को मिलेगी तरक्की

    ⭐ 15 November Ka Ank Jyotish – आज किस मूलांक को मिलेगी तरक्की अंक राशिफल by पंडित सुधीर तिवारी

    🌟 आज का अंक राशिफल: करियर मौका, प्रमोशन के योग और सफलता की भविष्यवाणी

    अंक ज्योतिष के अनुसार व्यक्ति का भविष्य उसके मूलांक यानी जन्म तिथि के योग से तय होता है।
    मूलांक 1 से 9 तक सभी किसी न किसी ग्रह का प्रतिनिधित्व करते हैं और उनके आधार पर करियर, नौकरी, आर्थिक स्थिति, निजी जीवन और दैनिक ऊर्जा का आकलन किया जाता है।
    आज 15 नवंबर का अंक राशिफल—सरल शब्दों में, बिल्कुल मीडिया स्टाइल में,
    पेश कर रहे हैं पंडित सुधीर तिवारी।

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    🔢 मूलांक 1
    आज वाणी पर संयम रखें, अन्यथा बहस बढ़ सकती है।
    स्वास्थ्य और मानसिक शांति का ध्यान रखें।
    काम में जूनियर–सीनियर आपका पूरा साथ देंगे।
    शुभ अंक – 11 | शुभ रंग – भूरा
    🔢 मूलांक 2
    नए अवसर नौकरी में सफलता दिलाएंगे।
    व्यापार में नई दिशा मिलेगी।
    खर्चों में नियंत्रण रखें, फायदे में रहेंगे।
    शुभ अंक – 4 | शुभ रंग – केसरिया

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    🔢 मूलांक 3
    आज धन लाभ का योग है।
    नए काम की शुरुआत में परिवार साथ देगा।
    यात्रा योजनाएं और विवाह प्रस्ताव भी संभव।
    शुभ अंक – 19 | शुभ रंग – नारंगी

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    🔢 मूलांक 4
    ऊर्जा भरपूर रहेगी।
    कोई बड़ा निर्णय कर सकते हैं।
    पुरानी बातों से राहत मिलेगी—मानसिक शांति बढ़ेगी।
    शुभ अंक – 12 | शुभ रंग – लेमन
    🔢 मूलांक 5
    दिन सामान्य लेकिन खुशियों से भरा रहेगा।
    नई क्रिएटिव सोच विकसित होगी।
    खरीदारी से पहले बजट का ध्यान रखें।
    शुभ अंक – 27 | शुभ रंग – वॉयलेट
    🔢 मूलांक 6
    आत्मविश्वास उच्च रहेगा।
    नई योजनाओं में निवेश लाभ देगा।
    सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी।
    शुभ अंक – 21 | शुभ रंग – नारंगी

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    🔢 मूलांक 7
    पुरानी बातों से मन दुखी हो सकता है।
    किसी विषय की गहराई से छानबीन करनी होगी।
    नौकरी में नई जिम्मेदारियां मिलेंगी।
    शुभ अंक – 15 | शुभ रंग – गुलाबी
    🔢 मूलांक 8
    आध्यात्मिक झुकाव बढ़ेगा।
    सपनों की योजनाएं सफल होंगी।
    सम्मान और उपलब्धियों में बढ़ोतरी।
    शुभ अंक – 26 | शुभ रंग – नीला

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    🔢 मूलांक 9
    प्रतियोगी परीक्षा में सफलता के योग।
    परिवार के प्रति भावुक रहेंगे।
    चुनौतियों को आत्मविश्वास से जीतेंगे।
    शुभ अंक – 2 | शुभ रंग – सफेद
    ⚠️ Disclaimer (राष्ट्र की परम्परा अनुसार)
    यह अंक ज्योतिष राष्ट्र की परंपरा द्वारा प्रमाणित नहीं है।अपनी व्यक्तिगत जन्मकुंडली हमेशा किसी योग्य विशेषज्ञ को अवश्य दिखाएं।

    पीएम मोदी आज गुजरात को देंगे 9,700 करोड़ की सौगात, विकास परियोजनाओं का करेंगे उद्घाटन और शिलान्यास

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शनिवार को गुजरात दौरे पर हैं, जहां वह जनजातीय गौरव दिवस और भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होंगे। इस दौरान पीएम मोदी नर्मदा जिले में 9,700 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे।

    इन परियोजनाओं में आदिवासी कल्याण, शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे और सांस्कृतिक विरासत संरक्षण पर विशेष जोर दिया गया है।

    देवमोगरा मंदिर में दर्शन, डेडियापाड़ा में जनसभा

    प्रधानमंत्री मोदी दोपहर 12:45 बजे देवमोगरा मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे। इसके बाद वह लगभग 2:45 बजे डेडियापाड़ा पहुंचेंगे, जहां वह एक बड़े जन कार्यक्रम को संबोधित करेंगे और विभिन्न परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे।

    पीएम-जनमन और डीए-जगुआ के तहत एक लाख घरों का गृह प्रवेश

    दौरे के दौरान प्रधानमंत्री पीएम जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन) और
    धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (डीए-जगुआ) के तहत बने 1 लाख घरों का गृह प्रवेश कराएंगे।

    इसके अलावा वह लगभग 1,900 करोड़ रुपये की लागत से बने 42 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों का उद्घाटन भी करेंगे।

    साथ ही:

    असम मेडिकल कॉलेज, डिब्रूगढ़ में एक सक्षमता केंद्र

    इंफाल में जनजातीय अनुसंधान संस्थान भवन
    का भी उद्घाटन होगा।

    250 नई बसें और 50 नए एकलव्य विद्यालयों की आधारशिला

    पीएम मोदी गुजरात के 14 आदिवासी जिलों के लिए 250 बसों को हरी झंडी दिखाएंगे।
    इसके साथ ही वह:

    748 किमी नई सड़कों,

    14 आदिवासी बहु-विपणन केंद्रों,

    2,320 करोड़ रुपये के 50 नए एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों
    की आधारशिला भी रखेंगे।

    सूरत में बुलेट ट्रेन परियोजना की समीक्षा

    प्रधानमंत्री मोदी आज सूरत में निर्माणाधीन बुलेट ट्रेन स्टेशन का निरीक्षण करेंगे और
    मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर (MAHSR) की प्रगति की समीक्षा करेंगे।

    508 किमी लंबा यह हाई-स्पीड कॉरिडोर भारत की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक है, जो
    साबरमती से मुंबई तक 12 प्रमुख शहरों को जोड़ेगा।

    19 नवंबर को पीएम किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त

    केंद्र सरकार ने घोषणा की है कि 19 नवंबर को प्रधानमंत्री मोदी पीएम किसान योजना की 21वीं किस्त जारी करेंगे।

    योजना के तहत देश के पात्र किसान परिवारों को सालाना 6,000 रुपये सहायता दी जाती है।
    अब तक 11 करोड़ से अधिक किसानों को 3.70 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा राशि दी जा चुकी है।

    श्रीनगर में जोरदार धमाका: नौगाम थाने में विस्फोट से 8 की मौत, दिल्ली धमाके जैसा खौफनाक मंजर

    श्रीनगर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। श्रीनगर में शुक्रवार देर रात नौगाम थाने के भीतर हुए भीषण विस्फोट ने पूरे क्षेत्र में दहशत फैला दी। यह धमाका दिल्ली में 10 नवंबर को लाल किले के पास हुए घातक विस्फोट जैसा ही नजर आया। घटना में अब तक 8 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है जबकि दो दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनमें कई पुलिसकर्मी शामिल हैं।

    घायलों को उजाला सिग्नस, SMHS और 92 बेस अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज जारी है।

    फरीदाबाद में जब्त विस्फोटक की सैंपलिंग के दौरान हादसे की आशंका

    सूत्रों के मुताबिक विस्फोट उस समय हुआ जब फरीदाबाद में बरामद की गई विस्फोटक सामग्री का नमूना लिया जा रहा था। हालांकि इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्राथमिक जानकारी में यह भी बताया गया है कि जब्त विस्फोटक अमोनियम नाइट्रेट था।

    धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि नौगाम के साथ-साथ छानपोरा, सनतनगर, रावलपोरा और पंथा चाैक क्षेत्र तक इसकी आवाज सुनाई दी। आसपास के घरों की खिड़कियां टूट गईं और कई वाहनों में आग लग गई।

    दिल्ली हमले से कनेक्शन की जांच

    धमाके का तरीका और प्रभाव दिल्ली विस्फोट से मिलता-जुलता बताया जा रहा है। 10 नवंबर को लाल किले के नजदीक कार विस्फोट में 13 लोगों की मौत हुई थी। दोनों घटनाओं के बीच संभावित संबंधों की जांच सुरक्षा एजेंसियां कर रही हैं।

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    सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल से जुड़ाव की आशंका

    सूत्रों ने खुलासा किया कि यह विस्फोट सफेदपोश आतंकवादी मॉड्यूल से जुड़े विस्फोटकों से हो सकता है।

    फरीदाबाद में जब्त किए गए 2900 किलो विस्फोटक में 358 किलो RDX शामिल था, जिसकी सैंपलिंग एफएसएल टीम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और एक दर्जी द्वारा की जा रही थी।

    यह भी सामने आया है कि 360 किलो विस्फोटक सामग्री जम्मू-कश्मीर पुलिस ने फरीदाबाद से जब्त कर नौगाम थाने में लाकर रखी थी। यह सामग्री डॉ. मुजम्मिल गनई के किराए के मकान से मिली थी, जो आतंकी मॉड्यूल से जुड़े 8 गिरफ्तार लोगों में शामिल है।

    हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि पूरा विस्फोटक थाने में ही संग्रहीत था या उसका हिस्सा किसी अन्य स्थान पर रखा गया था।

    19 अक्टूबर को इसी थाने में सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल के खिलाफ केस दर्ज हुआ था, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।

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    EU कार्रवाई के बीच Google का बड़ा कदम: विज्ञापन सेवाओं में बदलाव, जुर्माने पर जताई असहमति

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    यूरोपीय आयोग द्वारा नई डिजिटल प्रतिस्पर्धा जांच शुरू किए जाने के सिर्फ एक दिन बाद ही Google ने अपनी विज्ञापन सेवाओं (Ad Services) में बड़े बदलावों की घोषणा कर दी है।
    यह कदम उस समय आया है जब कंपनी को यूरोपीय संघ ने 2.95 अरब यूरो का एंटी-ट्रस्ट जुर्माना लगाया है और गूगल पर अपनी सेवाओं को तरजीह देने का आरोप लगाया है।

    “EU के फैसले से असहमति, लेकिन सेवा में सुधार करेंगे” — Google

    गूगल प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी द्वारा प्रस्तावित बदलाव EU की चिंताओं का समाधान करते हैं और इससे किसी भी तरह के “विघटनकारी विभाजन” की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
    गूगल ने यह भी दावा किया कि इन बदलावों से हजारों यूरोपीय प्रकाशकों और विज्ञापनदाताओं के लिए स्थिरता बनी रहेगी, जो अपने कारोबार को बढ़ाने के लिए उनके टूल का उपयोग करते हैं।

    साथ ही कंपनी ने स्पष्ट किया कि वह EU के निर्णय से सहमत नहीं है और जुर्माने के खिलाफ अपील करेगी।

    Google Ads में बड़े बदलाव: नए विकल्प और पारदर्शिता

    गूगल की नई योजना में कई महत्वपूर्ण उत्पाद परिवर्तन शामिल हैं:

    ✔ प्रकाशकों को नए कंट्रोल

    Google Ad Manager में अलग-अलग बोलीदाताओं के लिए अलग न्यूनतम मूल्य (Floor Price) तय करने का विकल्प

    विज्ञापन टूल्स की इंटरऑपरेबिलिटी बेहतर की जाएगी

    हितों के टकराव को रोकने के लिए सिस्टम में अतिरिक्त पारदर्शिता

    ये बदलाव EU की डिजिटल मार्केट्स रेगुलेशन के अनुरूप हैं।

    अमेरिका में भी Google पर जांच जारी

    गूगल यूरोप के साथ-साथ अमेरिका में भी एंटी-ट्रस्ट जांच का सामना कर रहा है। विज्ञापन बाजार में गूगल की भूमिका और बाजार हिस्सेदारी को लेकर वहां भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

    जर्मनी में 54.2 करोड़ रुपये का हर्जाना देने का आदेश

    जर्मनी की एक अदालत ने गूगल के खिलाफ बड़ा फैसला सुनाते हुए मूल्य-तुलना प्लेटफॉर्म Idealo को
    54.2 करोड़ रुपये (लगभग €6 मिलियन) का हर्जाना देने का आदेश दिया है।

    अदालत ने माना कि गूगल ने 2008 से 2023 के बीच अपनी बाजार शक्ति का दुरुपयोग किया।

    Idealo ने आरोप लगाया था कि गूगल ने मूल्य-तुलना सेवाओं में अनुचित लाभ लेकर प्रतिस्पर्धा को नुकसान पहुंचाया।

    यह फैसला गूगल की यूरोप में कानूनी मुश्किलों को और बढ़ा रहा है।

    दिल्ली में दिल दहला देने वाली वारदात: दो दिनों तक बंधक बनाकर पिटाई, एक युवक की मौत — मकान मालिक गिरफ्तार

    दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। दिल्ली के उत्तर-पश्चिम जिले के सुभाष प्लेस इलाके में क्रूरता की हद पार कर देने वाली घटना सामने आई है। यहां दो युवकों को कमरे में बंद कर दो दिनों तक बेरहमी से पीटा गया, जिसमें एक युवक की मौत हो गई और दूसरा किसी तरह जान बचाकर फरार हो गया। पुलिस ने हत्या के आरोप में मकान मालिक इरशाद (31) को गिरफ्तार कर लिया है।

    रस्सी से बांधकर बेल्ट और घूंसों से हमला

    पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी इरशाद को शक था कि दोनों युवक उसकी मोटरबाइक को हैक कर रहे थे और उसके पास मौजूद दुर्लभ सिक्के चोरी कर लिए हैं। इसी शक में उसने दोनों को कमरे में बंद कर रस्सी से बांध दिया और बेल्ट, घूंसों और टर्मिन इंजेक्शन से लगातार दो दिन तक पिटाई की।

    डीसीपी भीष्म सिंह के मुताबिक मृतक तमन्ना और उसका साथी वीरेंद्र शकूरपुर की जेजे कॉलोनी में किरायेदार के रूप में रहते थे। दोनों को लगातार यातना दी गई।

    जिंदा बचा साथी गांव भागा, तमन्ना की हालत बिगड़ती गई

    पिटाई के बाद किसी तरह दोनों आरोपी के चंगुल से निकलकर अपने परिचित नाजिम के पास पहुंचे।
    तमन्ना की हालत पहले से ही खराब थी — पेट दर्द, नाकाम होती चेतना और लगातार बेहोशी जैसे लक्षण दिख रहे थे।

    दो बार डॉक्टरों के पास ले जाने के बाद भी उसकी हालत नहीं सुधरी। 9 नवंबर को तमन्ना नाजिम और एक महिला के साथ सुभाष प्लेस थाने पहुंचा और पुलिस को पूरा मामला बताया।

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    थाने में बिगड़ी हालत, अस्पताल में मौत

    थाने में बयान देते ही तमन्ना की हालत अचानक गंभीर हो गई। उसे तुरंत भगवन महावीर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
    पोस्टमार्टम में पेट में भारी मात्रा में खून जमा मिला और शरीर पर कई गंभीर चोटों के निशान पाए गए।

    दूसरा पीड़ित वीरेंद्र घटना से सदमे में था और पुलिस के पहुंचने से पहले ही अपने गांव बिजलपुरा, मधुबनी (बिहार) लौट गया।

    आरोपी गिरफ्तार, हत्या का मामला दर्ज

    पुलिस ने आरोपी इरशाद को गिरफ्तार कर लिया है। हत्या, अवैध बंधक बनाना और क्रूरता से पिटाई के आरोपों में केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई जारी है।

    यह घटना दिल्ली में सुरक्षा और किरायेदारों की सुरक्षा को लेकर नई बहस खड़ी कर रही है।

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    गुरु-मंगल के नवपंचम राजयोग से खुलेंगे सफलता के द्वार

    आज का करियर और आर्थिक राशिफ

    15 नवंबर 2025, शनिवार को गुरु-मंगल का नवपंचम राजयोग बन रहा है। यह योग करियर, व्यापार, प्रशासनिक क्षेत्र, राजनीति और आर्थिक उन्नति के लिए बेहद शुभ माना जाता है। कई जातकों के लिए आज का दिन नई उपलब्धियों और सम्मान का द्वार खोलेगा।
    🔮 12 राशियों का विस्तृत करियर–फाइनेंस राशिफल
    मेष (Aries) — अक्षर: अ, च, ल
    करियर/व्यवसाय: पदोन्नति या नए अवसर का योग। अधूरे काम पूरे होंगे।
    शिक्षा: प्रतियोगिता परीक्षा में बढ़त।
    कला/संगीत: नई प्रस्तुति लोकप्रिय हो सकती है।
    राजनीति: प्रभाव क्षेत्र बढ़ेगा, वरिष्ठों का सहयोग।
    प्रशासन: मजबूत निर्णय क्षमता से लाभ।
    आर्थिक स्थिति: अचानक लाभ संभव।
    शुभ रंग: लाल | शुभ अंक: 9
    पूजा: भगवान हनुमान

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    वृषभ (Taurus) — अक्षर: ब, व, उ
    करियर/व्यवसाय: नया प्रोजेक्ट या अनुबंध मिलने की संभावना।
    शिक्षा: अध्ययन में निरंतरता से सफलता।
    कला/संगीत: नए कार्यक्रम का अवसर।
    राजनीति: जनसमर्थन बढ़ेगा।
    प्रशासन: सरकारी कार्यों में गति।
    आर्थिक स्थिति: लाभदायक समय, रुका धन प्राप्त।
    शुभ रंग: सफेद | शुभ अंक: 6
    पूजा: माता लक्ष्मी
    मिथुन (Gemini) — अक्षर: क, छ, घ, ह
    करियर/व्यवसाय: सतर्क रहें; मूल्यवान वस्तु गुम हो सकती है।
    शिक्षा: छात्रों को अप्रत्याशित सफलता।
    कला/संगीत: पुराने अवसर फिर सक्रिय।
    राजनीति: यात्राएं बढ़ेंगी, लोकप्रियता में वृद्धि।
    प्रशासन: दिन का दूसरा भाग अनुकूल।
    आर्थिक स्थिति: मिश्रित, पर लाभ की संभावना अधिक।
    शुभ रंग: हरा | शुभ अंक: 5
    पूजा: श्रीगणेश
    कर्क (Cancer) — अक्षर: ड, ह
    करियर/व्यवसाय: नौकरी, संपत्ति व व्यापार में उन्नति।
    शिक्षा: विशेष उपलब्धि या पुरस्कार।
    कला/संगीत: नई प्रस्तुति से आय बढ़ेगी।
    राजनीति: जनसमर्थन और प्रभाव बढ़ेगा।
    प्रशासन: अधिकारी आपका पक्ष लेंगे।
    आर्थिक स्थिति: यात्रा लाभ देगी।
    शुभ रंग: सफेद | शुभ अंक: 2
    पूजा: चंद्र देव
    सिंह (Leo) — अक्षर: म, ट
    करियर/व्यवसाय: सूर्य कृपा से नई आमदनी शुरू।
    शिक्षा: प्रतियोगिता में सफलता निश्चित।
    कला/संगीत: पुरस्कार की संभावना।
    राजनीति: संपर्क और प्रभाव दोनों मजबूत।
    प्रशासन: काम का दबाव घटेगा।
    आर्थिक स्थिति: लाभ बढ़ेगा, पर स्वास्थ्य सावधानी।
    शुभ रंग: सुनहरा | शुभ अंक: 1
    पूजा: सूर्य देव
    कन्या (Virgo) — अक्षर: प, ठ, ण, श
    करियर/व्यवसाय: बड़ी अप्रत्याशित सफलता।
    शिक्षा: पढ़ाई में मन और प्रदर्शन उत्कृष्ट।
    कला/संगीत: नई प्रतिभा की सराहना होगी।
    राजनीति: कानूनी विवाद में जीत।
    प्रशासन: महत्वपूर्ण काम आपकी वजह से पूरे होंगे।
    आर्थिक स्थिति: मजबूत लाभ।
    शुभ रंग: हरा | शुभ अंक: 7
    पूजा: भगवान नारायण
    तुला (Libra) — अक्षर: र, त
    करियर/व्यवसाय: पुराने लेन-देन हल होंगे।
    शिक्षा: बेहतर फोकस, बेहतर परिणाम।
    कला/संगीत: मान-सम्मान में वृद्धि।
    राजनीति: विरोधियों पर जीत।
    प्रशासन: नए आदेश में आपकी भूमिका बढ़ेगी।
    आर्थिक स्थिति: निवेश से लाभ।
    शुभ रंग: आसमानी | शुभ अंक: 4
    पूजा: मां दुर्गा
    वृश्चिक (Scorpio) — अक्षर: न, य
    करियर/व्यवसाय: स्वास्थ्य थोड़ा प्रभावित, काम धीमा।
    शिक्षा: तनाव कम होगा।
    कला/संगीत: ऊर्जा कम, पर काम जारी।
    राजनीति: यात्रा और भाग-दौड़ अधिक।
    प्रशासन: सावधानी से आगे बढ़ें।
    आर्थिक स्थिति: अनावश्यक खर्च।
    शुभ रंग: नीला | शुभ अंक: 8
    पूजा: शनिदेव
    धनु (Sagittarius) — अक्षर: भ, ध, फ, ढ
    करियर/व्यवसाय: विरोधी भी प्रशंसा करेंगे।
    शिक्षा: शिक्षकों का सहयोग बढ़ेगा।
    कला/संगीत: सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग।
    राजनीति: सत्ता पक्ष से निकटता।
    प्रशासन: नए अवसरों का लाभ।
    आर्थिक स्थिति: ससुराल पक्ष से धन लाभ।
    शुभ रंग: पीला | शुभ अंक: 3
    पूजा: बृहस्पति देव
    मकर (Capricorn) — अक्षर: ख, ज
    करियर/व्यवसाय: नए कार्य सफल होंगे।
    शिक्षा: व्यवहारिक ज्ञान बढ़ेगा।
    कला/संगीत: प्रस्तुति की सराहना।
    राजनीति: विवाद से बचें।
    प्रशासन: पद-सम्मान मिलेगा।
    आर्थिक स्थिति: लाभ, पर शाम को छोटा विवाद संभव।
    शुभ रंग: काला | शुभ अंक: 8
    पूजा: भगवान शिव
    कुंभ (Aquarius) — अक्षर: ग, स, श
    करियर/व्यवसाय: शनि प्रभाव से कुछ हानि संभव।
    शिक्षा: मन भटकेगा, पर परिणाम ठीक।
    कला/संगीत: प्रगति धीमी।
    राजनीति: वाद-विवाद से दूरी रखें।
    प्रशासन: निर्णय सोच-समझकर लें।
    आर्थिक स्थिति: अचानक यात्रा संभव।
    शुभ रंग: बैंगनी | शुभ अंक: 4
    पूजा: हनुमान जी
    मीन (Pisces) — अक्षर: द, च, झ, थ
    करियर/व्यवसाय: संबंधों में सुधार, माहौल अनुकूल।
    शिक्षा: बच्चों/छात्रों की सफलता से प्रसन्नता।
    कला/संगीत: नया काम और पहचान।
    राजनीति: यात्रा के योग, पर सावधानी जरूरी।
    प्रशासन: महत्वपूर्ण निर्णय आपके पक्ष में।
    आर्थिक स्थिति: चोरी/हानि से बचाव करें।
    शुभ रंग: पीला | शुभ अंक: 3
    पूजा: श्री विष्णु

    देश–दुनिया के बदलते अध्याय समय की कहानी

    15 नवंबर का इतिहास: समय की धारा में दर्ज वे पल, जिन्होंने दुनिया की दिशा बदल दी

    मानव सभ्यता के लंबे सफर में कुछ तिथियाँ ऐसी होती हैं जो समय के पन्नों पर अमिट छाप छोड़ जाती हैं। 15 नवंबर ऐसी ही तारीख है—जब समाज सुधार, वैश्विक राजनीति, खेल, विज्ञान, युद्ध, शांति और राष्ट्र-निर्माण से जुड़े अनेक निर्णायक क्षण घटित हुए। यह दिन राष्ट्रों की नियति को बदलने वाले फैसलों, ऐतिहासिक घोषणाओं और मानवीय संघर्षों का साक्षी रहा है। नीचे 15 नवंबर को इतिहास में दर्ज महत्वपूर्ण घटनाओं का विस्तृत विवरण प्रस्तुत है, जिसे आप समाचार पोर्टल, मैगज़ीन, ब्लॉग या शिक्षा से जुड़े किसी भी प्लेटफ़ॉर्म पर सीधे प्रकाशित कर सकते हैं।

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    1830 – राजा राम मोहन राय का इंग्लैंड प्रस्थान: भारत में सामाजिक क्रांति की नींव
    15 नवंबर 1830 को ब्रह्म समाज के संस्थापक और महान समाज सुधारक राजा राम मोहन राय इंग्लैंड के लिए रवाना हुए। वे सती प्रथा खत्म कराने, महिला अधिकारों और शिक्षा सुधार के प्रबल समर्थक थे। इंग्लैंड की यह यात्रा भारतीय समाज को आधुनिकता और तर्कवाद की ओर मोड़ने वाली ऐतिहासिक पहल साबित हुई।

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    1920 – लीग ऑफ नेशंस की जिनेवा में पहली बैठक
    15 नवंबर 1920 को जिनेवा में लीग ऑफ नेशंस की पहली आधिकारिक बैठक आयोजित हुई। प्रथम विश्व युद्ध के बाद विश्व शांति की स्थापना के उद्देश्य से बनी इस संस्था ने अंतरराष्ट्रीय विवादों को सुलझाने के नए मार्ग खोले, जो आगे चलकर संयुक्त राष्ट्र संगठन के लिए आधार बना।
    1936 – नाजी जर्मनी और जापान की एंटी-कोमिंट्रन संधि
    15 नवंबर 1936 को हिटलर के नाजी जर्मनी और जापान के बीच एंटी-कोमिंट्रन पैक्ट पर हस्ताक्षर हुए। यह गठजोड़ साम्यवादी ताकतों का मुकाबला करने के नाम पर उभरता सैन्य सहयोग था, जिसने आगे चलकर द्वितीय विश्व युद्ध की क्रूरता को और बढ़ावा दिया।
    1947 – विश्व स्वास्थ्य संगठन संयुक्त राष्ट्र की विशेष एजेंसी बना
    15 नवंबर 1947 को WHO संयुक्त राष्ट्र की विशेष एजेंसी घोषित हुई। वैश्विक स्वास्थ्य नीतियों, टीकाकरण कार्यक्रमों, संक्रामक रोग नियंत्रण और मानवीय सहायता के क्षेत्र में WHO की यह मान्यता विश्व स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए एक निर्णायक मोड़ साबित हुई।

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    1949 – गांधीजी की हत्या के दोषियों को फाँसी
    15 नवंबर 1949 को नाथूराम गोडसे और नारायण दत्तात्रेय आप्टे को महात्मा गांधी की हत्या का दोषी पाते हुए फाँसी दी गई। यह दिन भारत के न्यायिक इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय है, जिसने राष्ट्रपिता की हत्या के अपराधियों को अंतिम दंड दिलाया।
    1955 – पोलैंड–यूगोस्लाविया व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर
    15 नवंबर 1955 को पोलैंड और यूगोस्लाविया के बीच महत्वपूर्ण व्यापार समझौता हुआ। इस संधि ने शीत युद्ध के दौर में पूर्वी यूरोप के देशों के बीच आर्थिक सहयोग बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई।
    1961 – संयुक्त राष्ट्र ने परमाणु हथियारों पर रोक का प्रस्ताव अपनाया
    15 नवंबर 1961 को संयुक्त राष्ट्र ने परमाणु हथियारों की रोकथाम के लिए एक ऐतिहासिक प्रस्ताव पारित किया। यह वैश्विक सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम था जिसने शांति प्रयासों, हथियार नियंत्रण और युद्ध रोकथाम की बहस को तीव्र बनाया।
    1988 – यासिर अराफात द्वारा फ़िलिस्तीन को स्वतंत्र राष्ट्र घोषित
    15 नवंबर 1988 को पी.एल.ओ. नेता यासिर अराफात ने फ़िलिस्तीन को स्वतंत्र राष्ट्र घोषित किया। यह घोषणा मध्यपूर्व की राजनीति में गहरे प्रभाव छोड़ने वाली ऐतिहासिक घटना बनी जिसने अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान फ़िलिस्तीन मुद्दे की ओर और अधिक आकर्षित किया।
    1989 – कराची टेस्ट में वकार यूनुस और सचिन तेंदुलकर का पदार्पण
    15 नवंबर 1989 को पाकिस्तान के कराची में हुए टेस्ट मैच में सचिन तेंदुलकर और वकार यूनुस ने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया। यह दिन क्रिकेट इतिहास के दो महान खिलाड़ियों के युग की शुरुआत का प्रतीक है जिन्होंने आने वाले वर्षों में खेल की परिभाषा बदल दी।
    1998 – अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने भारत–पाक दौरा रद्द किया
    15 नवंबर 1998 को अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने एशियाई देशों, विशेषकर भारत और पाकिस्तान का अपना महत्वपूर्ण दौरा रद्द कर दिया। उस समय दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण संबंधों और क्षेत्रीय अस्थिरता ने वैश्विक राजनीति में नए समीकरण पैदा किए।
    2000 – फिजी में तख्तापलट अवैध घोषित; झारखंड भारत का 28वां राज्य बना
    15 नवंबर 2000 को फिजी के तख्तापलट को अदालत ने अवैध करार दिया। उसी दिन भारत में एक नया इतिहास रचा गया—झारखंड देश का 28वां राज्य बनकर अस्तित्व में आया, जिसने आत्मनिर्भरता और क्षेत्रीय पहचान की नई दिशा तय की।
    2001 – अलकायदा के ठिकानों से परमाणु बम संबंधी दस्तावेज मिले
    15 नवंबर 2001 को अफगानिस्तान में अलकायदा के ठिकानों से परमाणु हथियार निर्माण से जुड़े दस्तावेज मिले। इस खोज ने वैश्विक सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएँ बढ़ा दीं और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को नई रणनीतियों की ओर मोड़ा।
    2003 – तुर्की के इस्तांबुल में बम विस्फोट
    15 नवंबर 2003 को तुर्की के इस्तांबुल में यहूदी उपासना स्थल के पास हुए बम विस्फोट में 16 लोगों की मौत और 150 से अधिक घायल हुए। यह घटना आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में एक और दर्दनाक मगर निर्णायक चेतावनी थी।
    2004 – ऑस्ट्रेलिया के नामकरण की द्विशताब्दी; कोलिन पावेल का इस्तीफ़ा
    15 नवंबर 2004 को ऑस्ट्रेलिया ने अपने नामकरण की 200वीं वर्षगांठ मनाई। इसी दिन अमेरिका के विदेश मंत्री कोलिन पावेल ने इस्तीफ़ा दिया, जो अमेरिकी विदेश नीति में बड़े बदलाव का संकेत था।
    2007 – चिली में 7.7 तीव्रता का भूकम्प; एरियाना-5 की सफलता
    15 नवंबर 2007 को चिली में 7.7 तीव्रता का भूकंप आया, जिसने हजारों लोगों को प्रभावित किया। उसी दिन एरियाना-5 रॉकेट ने ब्रिटेन और ब्राज़ील के दूरसंचार उपग्रहों को सफलतापूर्वक कक्षा में स्थापित किया—जो अंतरिक्ष विज्ञान की बड़ी उपलब्धि थी।
    2008 – वाई.वी. रेड्डी UN टास्क फोर्स में शामिल; नई राजनीतिक पार्टी का गठन
    15 नवंबर 2008 को भारत के पूर्व RBI गवर्नर वाई.वी. रेड्डी को वैश्विक वित्तीय सुधारों की जाँच के लिए UN टास्क फोर्स में शामिल किया गया। इसी दिन योगेन्द्र मकबाल ने राष्ट्रीय बहुजन कांग्रेस नामक नई पार्टी की स्थापना की।
    2012 – शी जिनपिंग चीन के महासचिव बने
    15 नवंबर 2012 को शी जिनपिंग चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव बने। यह क्षण चीन की राजनीति में परिवर्तनकारी बदलावों का प्रतीक बना, जिसने वैश्विक शक्ति-संतुलन में नई हलचल पैदा की।

    करारी हार के बाद RJD में भूचाल: तेजस्वी बने खलनायक, परिवार में बढ़ सकती है ‘विरासत की जंग’

    बिहार (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। बिहार की राजनीति में हमेशा सुर्खियों में रहने वाले तेजस्वी यादव इस बार एक नए कारण से चर्चा के केंद्र में हैं। कभी सबसे कम उम्र में उपमुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बनने वाले तेजस्वी अब RJD की सबसे बड़ी चुनावी हार के खलनायक के तौर पर सवालों के घेरे में हैं। खुद बमुश्किल चुनाव जीतने के बाद पार्टी को मिली तगड़ी चोट ने लालू परिवार के भीतर चल रही खटपट को फिर उजागर कर दिया है।

    RJD की रिकॉर्ड हार के बाद छिड़ी भविष्य की बहस

    तेजस्वी यादव के नेतृत्व में मिली करारी हार ने पार्टी के भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिवार में पहले से चल रहे विवाद के बीच अब यह आशंका बढ़ गई है कि लालू परिवार में ‘विरासत की जंग’ और तेज हो सकती है।

    तेज प्रताप पहले ही सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट के बाद पार्टी से निष्कासित हैं।

    चुनाव प्रचार के दौरान लालू प्रसाद की सांसद पुत्री मीसा भारती और बेटी रोहिणी आचार्य के नाराज़ होने की खबरें भी सामने आई थीं।

    इन सबके चलते हार के बाद पार्टी के भीतर खेमेबंदी और नेतृत्व पर असंतोष और स्पष्ट दिखने लगा है।

    तेजस्वी नेतृत्व पर सवाल: संजय यादव पर बढ़ा विवाद

    पार्टी सूत्रों के अनुसार तेजस्वी पर लंबे समय से आरोप लगते रहे हैं कि वे राज्यसभा सदस्य संजय यादव के इशारे पर फैसले लेते हैं।
    सीट बंटवारे और टिकट वितरण में भी पूरी तरह तेजस्वी की ही चली — और अब RJD की सबसे बड़ी हार के लिए वे सीधे तौर पर जिम्मेदार माने जा रहे हैं।

    तेज प्रताप पहले ही कई बार तेजस्वी की टीम को “शकुनियों की टोली” कह चुके हैं।

    तेजस्वी का करियर: आए, छाए…और अब घेरे में

    2015 में राजनीति में कदम रखने के बाद तेजस्वी ने कई कीर्तिमान बनाए—

    10 साल का सत्ता का सूखा खत्म किया

    26 साल की उम्र में डेप्युटी CM बने

    नीतीश कुमार के पाला बदलने पर सबसे युवा नेता प्रतिपक्ष बने

    पिछली बार विपक्ष को सत्ता के करीब ले आए

    जातीय राजनीति वाले राज्य में अंतरधार्मिक विवाह कर साहस दिखाया

    लेकिन इस बार की सबसे बड़ी हार ने उनका राजनीतिक कद झटका दिया है और वे पहली बार गंभीर सवालों के घेरे में हैं।

    तेज प्रताप: खुद हारे, RJD का वोट भी काटा

    लालू परिवार में सबसे बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने इस चुनाव में नए दल जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) बनाकर मैदान संभाला।
    भावनात्मक प्रचार और अपनी ‘इमेज’ पर आधारित अभियान के बावजूद न तो वे जीत सके, न ही पार्टी को फायदा दिला पाए।

    उल्टे, 40 से अधिक सीटों पर उम्मीदवार उतारकर RJD को सीधा नुकसान पहुंचाया, खासकर यादव बहुल क्षेत्रों में।

    कई सीटों पर उन्होंने बागियों और पूर्व विधायकों को टिकट दिया

    बड़े यादव वोटरों का एक वर्ग अभी भी उन्हें ‘अन्याय का शिकार’ मानता है

    इसी भावनात्मक जुड़ाव ने महागठबंधन के वोट काटे

    राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, तेज प्रताप की इस रणनीति ने RJD की हार को और गहरा कर दिया।

    परिवार में ‘विरासत’ की अगली लड़ाई?

    तेजस्वी और तेज प्रताप के बीच बढ़ती दूरी, बहनों की नाराज़गी, और पार्टी में उभरते धड़ों ने यह संकेत दे दिया है कि आने वाले दिनों में RJD की अंदरूनी राजनीति और उग्र रूप ले सकती है।
    करारी हार के बाद अब लालू परिवार की राजनीतिक विरासत का संघर्ष और तेज होना तय माना जा रहा है।