Wednesday, June 17, 2026
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रसड़ा कोतवाली में 68 नए पुलिसकर्मियों का भव्य स्वागत

बलिया(राष्ट्र की परम्परा)

रसड़ा कोतवाली में 68 नए पुलिसकर्मियों का भव्य स्वागत, सुरक्षा व्यवस्था को मिलेगी मजबूती
रसड़ा कोतवाली में पुलिस प्रशिक्षण पूर्ण कर आए 68 नए पुलिसकर्मियों की आमद से स्थानीय पुलिस बल को नई ऊर्जा और मजबूती मिली है। सोमवार को कोतवाली परिसर में एक गरिमामयी स्वागत समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें 54 पुरुष एवं 14 महिला कांस्टेबलों का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस अवसर पर पूरे परिसर में उत्साह और सकारात्मक माहौल देखने को मिला।
कर्तव्यनिष्ठा और अनुशासन का दिया संदेश कार्यक्रम के दौरान कोतवाली प्रभारी निरीक्षक योगेन्द्र बहादुर सिंह ने नवागत जवानों का फूल-मालाओं से स्वागत किया और उन्हें मिठाई खिलाकर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने संबोधन में पुलिस सेवा के मूल सिद्धांतों—कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और जनता के प्रति संवेदनशील एवं मधुर व्यवहार—पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि एक पुलिसकर्मी की पहचान केवल उसकी वर्दी से नहीं, बल्कि उसके व्यवहार और कार्यशैली से होती है। कार्यक्षमता में होगा व्यापक इजाफा
प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि इन 68 नए जवानों के जुड़ने से कोतवाली की कार्यक्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि अतिरिक्त बल मिलने से क्षेत्र में गश्त बढ़ाई जाएगी, जिससे अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में मदद मिलेगी। साथ ही, किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी, जिससे आमजन में सुरक्षा की भावना और मजबूत होगी।महिला सुरक्षा को मिलेगा बल कार्यक्रम में महिला कांस्टेबलों की भूमिका पर भी विशेष चर्चा की गई। प्रभारी निरीक्षक ने कहा कि महिला पुलिसकर्मियों की उपस्थिति से थाने में आने वाली महिला फरियादियों को अपनी समस्याएं खुलकर रखने का अवसर मिलेगा। इससे न केवल उनकी शिकायतों का बेहतर समाधान हो सकेगा, बल्कि उन्हें एक सुरक्षित और संकोचमुक्त वातावरण भी मिलेगा।जनसेवा का लिया संकल्प
समारोह के दौरान थाने के उपनिरीक्षक, हेड कांस्टेबल और अन्य पुलिसकर्मी भी उपस्थित रहे। सभी ने नवागत साथियों का उत्साहवर्धन किया और ईमानदारी, निष्ठा तथा समर्पण के साथ जनता की सेवा करने का संकल्प दोहराया। इस आयोजन ने न केवल नए पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ाया, बल्कि पुलिस विभाग की प्रतिबद्धता और एकजुटता का भी संदेश दिया।

गौ रक्षकों ने सीएम को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा

बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। सोमवार को गौ सम्मान आह्वान अभियान के तहत बरहज तहसील में गौ रक्षकों ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा। इस दौरान कार्यक्रम का नेतृत्व आंजनेय दास महाराज ने किया।

ज्ञापन के माध्यम से गौ रक्षकों ने मांग की कि गौ माता के संरक्षण और सेवा के लिए उचित अनुसंधान एवं सरकारी अनुदान की व्यवस्था की जाए। साथ ही उत्तर प्रदेश और देशभर में गौ सुरक्षा को सख्ती से लागू करते हुए गोहत्या पर पूर्ण रोक लगाने की मांग उठाई गई।

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इस दौरान आंजनेय दास महाराज ने कहा कि गौ माता भारतीय संस्कृति और आस्था का केंद्र हैं, इसलिए उन्हें ‘राष्ट्र माता’ घोषित किया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से इस दिशा में ठोस कदम उठाने की अपील की।

कार्यक्रम में हिंदू हित चिंतक प्रमोद कुमार मिश्रा, पंकज शर्मा, जितेंद्र कुमार, रामू, मुकेश कुमार, हरिशंकर और सूर्य प्रताप सिंह सहित अन्य गौ रक्षक उपस्थित रहे।

संजय तिवारी ने बरहज में भाजपा कार्यालय का किया उद्घाटन

बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। सोमवार को पूर्व विधायक सुरेश तिवारी के पुत्र व समाजसेवी संजय तिवारी ने बरहज नगर में भारतीय जनता पार्टी के नए कार्यालय का विधिवत उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने फीता काटकर कार्यालय का शुभारंभ किया।

संजय तिवारी के सक्रिय होने से क्षेत्र में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। उद्घाटन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और स्थानीय नेता उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान “मोदी-योगी जिंदाबाद” के नारे भी गूंजते रहे।

इस अवसर पर आयोजित बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर रणनीति पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि नए कार्यालय के शुरू होने से संगठनात्मक गतिविधियों को गति मिलेगी और आम जनता की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाया जा सकेगा।

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कार्यक्रम में श्रवण सिंह, सचिन सिंह, बिपुल दूबे, जगदीश दुर्गा जायसवाल, रवि उपाध्याय और कामेश्वर पांडेय सहित कई प्रमुख कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने संजय तिवारी को बधाई देते हुए संगठन को मजबूत बनाने का संकल्प लिया।

अंत में संजय तिवारी ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह कार्यालय जनता की सेवा के लिए समर्पित रहेगा। उन्होंने कहा कि वह जनता के बीच रहकर उनके सुख-दुख में सहभागी बनेंगे और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर प्रयास करेंगे।

विकलांग रिक्शा चालक से मारपीट, आरोपी गिरफ्तार; हेड कांस्टेबल निलंबित

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के घुघली थाना क्षेत्र अंतर्गत पकड़ी सिसवा चौराहे पर रविवार शाम एक विकलांग रिक्शा चालक के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अशोभनीय व्यवहार के आरोप में एक हेड कांस्टेबल को निलंबित कर दिया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार 26 अप्रैल 2026 की शाम करीब 6 बजे सूचना मिली कि पकड़ी सिसवा चौराहे पर एक व्यक्ति एक विकलांग रिक्शा चालक के साथ मारपीट कर रहा है। सूचना मिलते ही थाना घुघली पर तैनात हेड कांस्टेबल विनय कुमार सिंह मौके पर पहुंचे।

मौके पर जांच में सामने आया कि ग्राम पकड़ी सिसवा निवासी रामउग्रह पुत्र पतिराज, जो स्वयं भी रिक्शा चालक है, शराब के नशे में भकोल शर्मा (लगभग 50 वर्ष) के साथ मारपीट कर रहा था। पुलिसकर्मी द्वारा दोनों को अलग कर स्थिति नियंत्रित करने का प्रयास किया गया, लेकिन आरोपी पुलिस से भी उलझ गया और दुर्व्यवहार करने लगा।

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स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर थाना घुघली पहुंचाया। पीड़ित की तहरीर पर मु.अ.सं. 0083/2026 के तहत धारा 115(2), 351(3), 352, 324(2) बीएनएस के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

इस बीच घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसमें पुलिस की कार्रवाई भी दिखाई दे रही है। मामले का संज्ञान लेते हुए पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने संबंधित हेड कांस्टेबल विनय कुमार सिंह को अशोभनीय व्यवहार के चलते तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया और पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दिए हैं।

एसपी ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ पुलिसकर्मियों के आचरण की मर्यादा का पालन अनिवार्य है। किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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सलेमपुर में मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान, उत्कृष्ट प्रदर्शन पर मिला पुरस्कार

सलेमपुर/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। देवरिया जनपद के सलेमपुर क्षेत्र अंतर्गत मनिहारी स्थित विश्वनाथ उपाध्याय इंटर कॉलेज में हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं के सम्मान में समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मेधावी विद्यार्थियों को प्रशस्ति-पत्र, ट्रॉफी और मेडल देकर सम्मानित किया गया।

हाईस्कूल वर्ग में शिवांगी गुप्ता ने 92 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। अंतिमा यादव (91%) और पूनम कुमारी (90%) ने भी शानदार प्रदर्शन कर विद्यालय का नाम रोशन किया। वहीं इंटरमीडिएट वर्ग में सृष्टि पांडे (89%), समा परवीन (87%) और आकांक्षा यादव (85%) ने उल्लेखनीय सफलता दर्ज की।

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इस अवसर पर विद्यालय के प्रबंधक अतुल कुमार उपाध्याय और प्रधानाचार्य अभिषेक कुमार ने मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए कहा कि यह उपलब्धि उनकी कड़ी मेहनत, अनुशासन और शिक्षकों के मार्गदर्शन का परिणाम है। उन्होंने छात्रों को भविष्य में भी बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षकगण एवं अन्य स्टाफ भी मौजूद रहे। सभी ने छात्रों की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। विद्यालय परिवार ने विद्यार्थियों को निरंतर उत्कृष्टता की ओर अग्रसर रहने के लिए प्रेरित किया।

तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में युवक की दर्दनाक मौत

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के भिटौली थाना क्षेत्र में सोमवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में युवक की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान धर्मवीर (35) पुत्र छेदी, निवासी ग्राम पंचायत अगया, के रूप में हुई है। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, धर्मवीर सोमवार सुबह करीब 7:30 बजे बाइक से परतावल की ओर जा रहा था। इसी दौरान वह भिटौली पेट्रोल पंप के सामने अपनी बाइक खड़ी कर कुछ सामान लेने चला गया। सामान लेकर लौटते समय जैसे ही वह सड़क पर चढ़ा, तभी गोरखपुर से महराजगंज की ओर आ रही तेज रफ्तार ट्रक (UP 61 T 2672) ने उसे जोरदार टक्कर मार दी।

टक्कर इतनी भीषण थी कि धर्मवीर ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई और देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग जुट गए।

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और ट्रक को कब्जे में लेकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। साथ ही मृतक के परिजनों को सूचना दी गई। घटना की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।

बताया जा रहा है कि धर्मवीर की दूसरी शादी 28 वर्षीय प्रमिला से हुई थी, जबकि पहली पत्नी से उसका 13 वर्षीय पुत्र कुंदन है, जो फिलहाल अपने मामा के घर गया हुआ है। मृतक अपने माता-पिता की तीन संतानों में शामिल था। 65 वर्षीय पिता छेदी और मां का रो-रोकर बुरा हाल है।

इस संबंध में भिटौली थाना प्रभारी सत्येंद्र राय ने बताया कि परिजनों की तहरीर मिलने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
इस हादसे ने एक बार फिर क्षेत्र में तेज रफ्तार वाहनों के बढ़ते खतरे को उजागर कर दिया है, जिससे लोगों में आक्रोश और चिंता दोनों देखी जा रही है।

“शहरी भारत का नया ब्लूप्रिंट: नीति आयोग की बड़ी पहल”

नीति आयोग की रिपोर्ट: शहरी भारत के भविष्य को नई दिशा देने वाली व्यापक रूपरेखा


भारत तेजी से शहरीकरण के दौर से गुजर रहा है, जहां शहर अब केवल आवासीय क्षेत्र नहीं, बल्कि आर्थिक विकास, नवाचार और रोजगार के प्रमुख केंद्र बन चुके हैं। इसी परिप्रेक्ष्य में नीति आयोग द्वारा जारी रिपोर्ट “Strengthening Urban Governance in India: A Framework for Reform” देश के शहरी प्रशासन को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। यह रिपोर्ट विशेष रूप से 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों के लिए एक समग्र सुधार ढांचा प्रस्तुत करती है।

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शहरीकरण: अवसर और चुनौतियों का संगम
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, वर्ष 2030 तक भारत की लगभग 40% आबादी शहरों में निवास करेगी। यह परिवर्तन आर्थिक अवसरों को बढ़ावा देगा, लेकिन साथ ही यातायात जाम, प्रदूषण, जल संकट, आवास की कमी और असमानता जैसी समस्याओं को भी गहरा करेगा। रिपोर्ट इन चुनौतियों के मूल में कमजोर प्रशासनिक संरचना को प्रमुख कारण मानती है।
संस्थागत बिखराव: प्रशासनिक जटिलता की जड़
भारत के अधिकांश शहरों में नगर निगम, विकास प्राधिकरण और विभिन्न सरकारी एजेंसियों के बीच जिम्मेदारियों का बंटवारा है। इससे निर्णय प्रक्रिया धीमी और जटिल हो जाती है। रिपोर्ट एकीकृत प्रशासनिक ढांचे की आवश्यकता पर जोर देती है, ताकि संसाधनों का बेहतर उपयोग और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।
अधूरा विकेंद्रीकरण: 74वें संशोधन का सीमित प्रभाव
हालांकि 74वें संविधान संशोधन के तहत शहरी निकायों को सशक्त बनाने का प्रयास किया गया, लेकिन वास्तविकता में उन्हें पर्याप्त अधिकार नहीं मिले। रिपोर्ट सुझाव देती है कि नगर निकायों को प्रशासनिक और वित्तीय स्वायत्तता प्रदान की जाए।

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वित्तीय कमजोरी: विकास में बाधा
नगर निकायों की आय सीमित है और वे राज्य व केंद्र सरकार पर निर्भर हैं। रिपोर्ट में संपत्ति कर सुधार, यूजर चार्जेज और म्युनिसिपल बॉन्ड्स जैसे उपाय सुझाए गए हैं, जिससे वित्तीय स्थिरता लाई जा सके।
जवाबदेही और पारदर्शिता की कमी
शहरी प्रशासन में पारदर्शिता की कमी और नागरिक भागीदारी का अभाव एक बड़ी समस्या है। रिपोर्ट डिजिटल गवर्नेंस, सामाजिक ऑडिट और नागरिक सहभागिता को बढ़ाने पर बल देती है।
तकनीक की भूमिका: स्मार्ट गवर्नेंस की दिशा
डेटा-आधारित निर्णय प्रणाली, ई-गवर्नेंस प्लेटफॉर्म और डिजिटल सेवाएं प्रशासन को अधिक कुशल बना सकती हैं। स्मार्ट सिटी मिशन के अनुभवों को व्यापक स्तर पर लागू करने की जरूरत है।
पर्यावरणीय चुनौतियां: टिकाऊ विकास की आवश्यकता
जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण और जल संकट शहरी जीवन को प्रभावित कर रहे हैं। रिपोर्ट हरित बुनियादी ढांचे, जल संरक्षण और नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने की सिफारिश करती है।
वैश्विक मॉडल से सीख
सिंगापुर, लंदन और न्यूयॉर्क जैसे शहरों के उदाहरण बताते हैं कि सफल शहरी शासन के लिए स्पष्ट अधिकार, मजबूत वित्तीय आधार और जवाबदेही आवश्यक हैं। भारत इन मॉडलों से सीख लेकर अपनी नीतियों को बेहतर बना सकता है।
आगे की राह
रिपोर्ट के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक है:
राजनीतिक इच्छाशक्ति
संस्थागत सुधार
नागरिक सहभागिता
निजी क्षेत्र के साथ सहयोग
यदि इन कदमों को गंभीरता से लागू किया गया, तो भारत वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी और टिकाऊ शहरी अर्थव्यवस्था स्थापित कर सकता है।


✍️ एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी, गोंदिया (महाराष्ट्र)

आध्यात्म, सेवा और संस्कारों से समाज में बदलाव ला रहा गायत्री परिवार

✍️ कैलाश सिंह

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। वर्तमान समय में जब समाज भौतिकता, उपभोक्तावाद और भागदौड़ भरी जीवनशैली के बीच मानवीय मूल्यों से दूर होता जा रहा है, ऐसे दौर में गायत्री परिवार एक सशक्त वैचारिक एवं सामाजिक आंदोलन के रूप में उभरकर सामने आया है। यह संगठन आध्यात्मिक चेतना के प्रसार के साथ-साथ सेवा, संस्कार और नैतिक मूल्यों के माध्यम से समाज को नई दिशा देने का कार्य कर रहा है।

गायत्री परिवार का उद्देश्य केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति, परिवार और समाज के समग्र उत्थान की सोच के साथ कार्य करता है। संगठन की मूल भावना “हम बदलेंगे, युग बदलेगा” के सिद्धांत पर आधारित है, जो आत्म परिवर्तन को सामाजिक परिवर्तन का आधार मानती है। यह विचारधारा व्यक्ति को आत्मचिंतन, आचरण सुधार और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करती है।

संगठन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह आध्यात्म को व्यवहारिक जीवन से जोड़ता है। शिक्षा, स्वास्थ्य जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण और वृक्षारोपण जैसे क्षेत्रों में संगठन सक्रिय भूमिका निभा रहा है। इसके अलावा नशामुक्ति अभियान और दहेज, छुआछूत जैसी कुरीतियों के खिलाफ भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में समय-समय पर जागरूकता अभियान, यज्ञ, सत्संग, स्वास्थ्य शिविर और स्वच्छता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिससे समाज के हर वर्ग तक सकारात्मक संदेश पहुंच सके। खासतौर पर पर्यावरण संरक्षण को लेकर चलाए जा रहे अभियान वर्तमान समय की बड़ी आवश्यकता बन चुके हैं।

युवा पीढ़ी को सही दिशा देने के लिए संगठन द्वारा संस्कार शिविर, व्यक्तित्व विकास कार्यशालाएं और नैतिक शिक्षा कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी का विकास होता है।

महिला सशक्तिकरण की दिशा में भी संगठन उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। महिला मंडलों के माध्यम से उन्हें आत्मनिर्भर बनने और सामाजिक भागीदारी बढ़ाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, जिससे समाज में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।

हालांकि, डिजिटल युग में युवाओं को जोड़ना और आधुनिक माध्यमों के जरिए अपने संदेश का प्रभावी प्रसार करना संगठन के लिए चुनौती बना हुआ है। इसके बावजूद, संगठन की प्रतिबद्धता और कार्यशैली को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि वह इन चुनौतियों का सामना करने में सक्षम है।

गायत्री परिवार का मूल संदेश स्पष्ट है—सच्चा आध्यात्म वही है, जो मानव सेवा में झलकता है। जब व्यक्ति अपने भीतर के प्रकाश को पहचान कर समाज के कल्याण में योगदान देता है, तभी एक सशक्त, संतुलित और समृद्ध समाज का निर्माण संभव होता है।

Ayurveda Health Tips: आयुर्वेद अपनाएं, पाएं स्वस्थ जीवन — डॉ. शिवाकांत मिश्र का बड़ा संदेश

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। बदलती जीवनशैली, बढ़ता तनाव और अनियमित खान-पान के बीच अब लोग तेजी से पारंपरिक चिकित्सा पद्धति Ayurveda की ओर लौट रहे हैं। इसी संदर्भ में Dr. Shivakant Mishra ने कहा कि आयुर्वेद केवल इलाज नहीं, बल्कि एक संपूर्ण जीवनशैली है जो शरीर, मन और आत्मा के संतुलन पर आधारित है।

जीवनशैली सुधार ही है असली इलाज

डॉ. मिश्र के अनुसार:

• आयुर्वेद में व्यक्ति की प्रकृति (वात, पित्त, कफ) के अनुसार उपचार किया जाता है
• जड़ी-बूटियों के साथ योग, प्राणायाम और पंचकर्म को महत्व दिया जाता है
• यह पद्धति शरीर की इम्युनिटी बढ़ाने में मदद करती है

उन्होंने बताया कि सही दिनचर्या अपनाने से कई बीमारियों से बचाव संभव है।

बढ़ती बीमारियों का कारण क्या?

आज के समय में तेजी से बढ़ रही समस्याएं:

• मधुमेह (Diabetes)
• उच्च रक्तचाप (BP)
• मोटापा
• पाचन संबंधी रोग
• मानसिक तनाव

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इन सभी का मुख्य कारण:

• खराब लाइफस्टाइल
• जंक फूड
• नींद की कमी
• शारीरिक गतिविधि की कमी

आयुर्वेदिक दिनचर्या: क्या करें, क्या न करें

डॉ. मिश्र ने स्वस्थ जीवन के लिए ये सुझाव दिए:

• ब्रह्ममुहूर्त में उठें

• रोज योग और प्राणायाम करें
• दिनभर पर्याप्त पानी पिएं
• ताजा और सात्विक भोजन लें
• फास्ट फूड और ज्यादा तेल से बचें
• पर्याप्त नींद लें
• मानसिक संतुलन बनाए रखें

सरकार भी दे रही आयुर्वेद को बढ़ावा

Ministry of AYUSH के माध्यम से आयुर्वेद को बढ़ावा दिया जा रहा है:

• गांव-गांव तक आयुर्वेदिक सेवाएं
• आयुर्वेदिक अस्पतालों की संख्या में वृद्धि
• जागरूकता अभियान

आयुर्वेद: सुरक्षित और प्राकृतिक विकल्प

डॉ. मिश्र ने कहा कि यदि लोग आधुनिक जीवनशैली के साथ आयुर्वेद को अपनाएं, तो:

• बीमारियों से बचाव संभव
• इम्युनिटी मजबूत
• जीवन संतुलित और स्वस्थ

आयुर्वेद आज के समय में एक safe, effective और natural healthcare system के रूप में उभर रहा है।

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UP Investment Boost: CM योगी ने 17 कंपनियों को दिया Letter of Comfort, बोले- “UP = Safety, Stability & Speed”

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। Yogi Adityanath ने उत्तर प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देते हुए 17 फार्मा कंपनियों को Letter of Comfort (LOC) प्रदान किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि उत्तर प्रदेश अब “Safety, Stability और Speed” की गारंटी वाला राज्य बन चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दिन प्रदेश के औद्योगिक विकास और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। उन्होंने सभी निवेशकों को सफल निवेश के लिए शुभकामनाएं दीं।

2000 करोड़ निवेश से 10,000+ युवाओं को रोजगार

मुख्यमंत्री के अनुसार:

• करीब ₹2000 करोड़ का निवेश रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) में होगा
• इससे 10,000 से अधिक युवाओं को रोजगार मिलेगा
• निवेश सीधे प्रदेश की 25 करोड़ जनता के विश्वास से जुड़ा है

“बीमारू राज्य से ग्रोथ इंजन बना यूपी”

Narendra Modi के नेतृत्व का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने कहा:

• यूपी अब देश का ग्रोथ इंजन बन चुका है
• राज्य का GSDP 36 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है
• पिछले 9 वर्षों में नीति और नीयत में बड़ा बदलाव आया है

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निवेश के लिए UP क्यों बना पसंदीदा राज्य?

मुख्यमंत्री ने यूपी की खासियत बताते हुए कहा:

• बड़ा मार्केट + मजबूत डिमांड
• पर्याप्त लैंड बैंक उपलब्ध
• 56% युवा वर्कफोर्स
• 21,000+ स्टार्टअप सक्रिय
• 34+ सेक्टोरल पॉलिसी लागू

साथ ही “निवेश मित्र”, “निवेश सारथी” और “उद्यमी मित्र” जैसे प्लेटफॉर्म निवेशकों को आसान सुविधा दे रहे हैं।

45 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव

सीएम योगी के अनुसार:

• अब तक ₹45 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले
• ₹15 लाख करोड़ जमीन पर उतर चुके
• जल्द ₹7–8 लाख करोड़ और लागू होंगे

मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़ा विस्तार

• 2017 में मेडिकल कॉलेज: 40
• अब बढ़कर: 83 मेडिकल कॉलेज
• हर कॉलेज के साथ नर्सिंग संस्थान

इससे हेल्थ सेक्टर में तेजी से सुधार हुआ है।

किन कंपनियों को मिला LOC?

इन 17 कंपनियों ने यूपी के अलग-अलग जिलों में निवेश का प्रस्ताव दिया है:

• बायोजेंटा लाइफसाइंस (बाराबंकी) – ₹1250 करोड़
• रोमन्स मेडवर्ल्ड (नोएडा) – ₹136.89 करोड़
• हाईग्लांस लेबोरेट्रीज (नोएडा) – ₹120 करोड़
• कोटेक हेल्थकेयर (गाजियाबाद) – ₹100 करोड़
• जेबी रेमेडीज (हाथरस/नोएडा) – ₹70 करोड़
• पॉजिट्रॉन बायोजेनिक्स (कानपुर) – ₹60.24 करोड़
• आईवी टेक हेल्थकेयर (अलीगढ़) – ₹56.12 करोड़
• जेबीजेएम पैरेंट्रल्स (ललितपुर) – ₹51 करोड़
• रास्पा फार्मा (रायबरेली) – ₹45.21 करोड़
• एनबीएस ग्रुप (सीतापुर) – ₹42.59 करोड़
• वेलनेस जेडक्योर (जालौन) – ₹11.65 करोड़
• कैमले इंडस्ट्रीज (सहारनपुर) – ₹10 करोड़
• रेडिकॉन लैब (नोएडा) – ₹10 करोड़
• संजीवनी मेडिटेक (बरेली) – ₹7.95 करोड़
• सेफकॉन लाइफसाइंसेज (बरेली) – ₹6.43 करोड़
• RAP मेड सर्जिकल (हाथरस) – ₹5.53 करोड़
• वोडा केमिकल (हापुड़) – ₹4.84 करोड़

Heatwave Alert: 45°C पार तापमान, IMD ने जारी किया 3 दिन का रेड अलर्ट, जानें कब मिलेगी राहत

नई दिल्ली/लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। देश के कई हिस्सों में इस समय मौसम के दो बिल्कुल अलग रूप देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत भीषण गर्मी और लू की चपेट में हैं, वहीं पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

India Meteorological Department (IMD) के अनुसार, उत्तर भारत के कई राज्यों में तापमान 40 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है और अगले तीन दिनों तक लू से राहत मिलने की संभावना नहीं है।

इन राज्यों में Heatwave का रेड अलर्ट

IMD के मुताबिक इन राज्यों में लू का असर सबसे ज्यादा रहेगा:

• उत्तर प्रदेश
• दिल्ली
• हरियाणा
• पंजाब
• राजस्थान
• जम्मू-कश्मीर

खास बात: दिन ही नहीं, रात में भी गर्मी से राहत नहीं मिल रही, जिसे “गरम रात” (Warm Night) की स्थिति कहा जा रहा है।

यूपी का बांदा बना सबसे गर्म शहर
• बांदा (उत्तर प्रदेश): 46.6°C (देश में सबसे ज्यादा)
• बाड़मेर/जैसलमेर: 46°C
• प्रयागराज: 45.7°C
• कोटा/चित्तौड़गढ़: 45.2°C

इससे साफ है कि उत्तर भारत पूरी तरह हीटवेव जोन में आ चुका है।

रात में भी नहीं मिल रही राहत

उत्तर प्रदेश, हरियाणा और मध्य प्रदेश के कई इलाकों में:

• न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी ज्यादा
• रात में भी उमस और गर्म हवाएं
• नींद और स्वास्थ्य पर असर

दूसरी तरफ: पूर्वोत्तर में भारी बारिश का अलर्ट

इन राज्यों में 27 अप्रैल से 2 मई तक भारी बारिश की चेतावनी:

• अरुणाचल प्रदेश
• असम
• मेघालय
• नागालैंड
• मणिपुर
• मिजोरम
• त्रिपुरा

साथ में:

• आंधी
• बिजली गिरने का खतरा

50–70 किमी/घंटा की तेज हवाएं

बिहार–बंगाल में भी बदलेगा मौसम

पूर्वी भारत में:

• बिहार
• झारखंड
• पश्चिम बंगाल
• ओडिशा

यहां गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना है।

कब मिलेगी गर्मी से राहत?

IMD के अनुसार:

• 28 अप्रैल के बाद तापमान में 3–5°C गिरावट
• 29 अप्रैल से आंधी + हल्की बारिश
• धीरे-धीरे हीटवेव में कमी

यानी अभी 2–3 दिन और सावधानी जरूरी है।

IMD की चेतावनी: ऐसे बचें लू से

जरूरी सावधानियां:

• दोपहर 12 से 4 बजे तक बाहर न निकलें
• हल्के और ढीले कपड़े पहनें
• ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं
• सिर को ढककर रखें (टोपी/गमछा)
• बच्चों और बुजुर्गों का खास ध्यान रखें

आंधी-तूफान के दौरान:

• पेड़ या खुले मैदान में न रहें
• बिजली के खंभों से दूर रहें

हिमाचल में बारिश-आंधी का अलर्ट

हिमाचल प्रदेश में 28–30 अप्रैल के बीच:

• कांगड़ा
• कुल्लू
• शिमला
• चंबा
• किन्नौर

इन जिलों में बारिश और तेज हवाएं परेशानी बढ़ा सकती हैं।

पुलिस लाइन में भव्य दीक्षांत परेड

493 महिला प्रशिक्षुओं ने ली शपथ कानून-व्यवस्था को मिलेगी नई मजबूती

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)l पुलिस लाइन गोरखपुर के परेड ग्राउंड पर रविवार को महिला रिक्रूट आरक्षियों की भव्य दीक्षांत परेड का आयोजन किया गया। यह आयोजन न केवल प्रशिक्षण पूर्ण कर चुकी महिला आरक्षियों के लिए गर्व का क्षण था, बल्कि जनपद की कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डीआईजी रेंज एस. चन्नप्पा ने परेड की सलामी ली और प्रशिक्षुओं का उत्साहवर्धन किया।
गौरतलब है कि पुलिस महानिदेशक प्रशिक्षण, लखनऊ द्वारा 21 जुलाई 2025 को प्रदेश के 112 प्रशिक्षण केंद्रों में करीब 60,000 प्रशिक्षुओं का आधारभूत प्रशिक्षण शुरू कराया गया था। इसी क्रम में गोरखपुर जनपद में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में कुल 493 महिला प्रशिक्षुओं का नौ माह का कठिन एवं अनुशासित प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण कराया गया। प्रशिक्षण के दौरान शारीरिक दक्षता, कानून की जानकारी, आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की क्षमता, हथियार संचालन, ड्रिल और अनुशासन पर विशेष ध्यान दिया गया।
दीक्षांत परेड का दृश्य अत्यंत आकर्षक और अनुशासित रहा। परेड का नेतृत्व प्रथम परेड कमांडर आकांक्षा यादव ने किया, जिन्होंने शानदार कमान संभालते हुए मुख्य अतिथि को सलामी दिलाई। उनके नेतृत्व में 12 टोलियों ने सुसंगठित और प्रभावशाली मार्च पास्ट प्रस्तुत किया, जिसने उपस्थित सभी लोगों को प्रभावित किया। द्वितीय परेड कमांडर के रूप में अजिता सिंह तथा तृतीय परेड कमांडर के रूप में अंजली तिवारी ने भी अपने दायित्व का उत्कृष्ट निर्वहन किया।
मुख्य अतिथि डीआईजी एस. चन्नप्पा ने परेड का निरीक्षण करते हुए प्रशिक्षुओं की अनुशासन, एकरूपता और समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि महिला पुलिसकर्मियों की बढ़ती भागीदारी कानून-व्यवस्था को अधिक संवेदनशील, प्रभावी और जनोन्मुखी बनाएगी। उन्होंने प्रशिक्षुओं से अपेक्षा की कि वे ईमानदारी, साहस और कर्तव्यनिष्ठा के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।
इस अवसर पर लखनऊ से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्चुअल माध्यम से प्रदेशभर में प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले लगभग 60,000 प्रशिक्षुओं को आशीर्वाद एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित पुलिस बल राज्य की सुरक्षा व्यवस्था की रीढ़ होता है और इन नए आरक्षियों से कानून-व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
दीक्षांत परेड के उपरांत मुख्य अतिथि द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली महिला आरक्षियों को सम्मानित किया गया। इस सम्मान से प्रशिक्षुओं का उत्साह और आत्मविश्वास और अधिक बढ़ा।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कोस्तुभ ने अपने संबोधन में कहा कि “आज का दिन आप सभी के जीवन का महत्वपूर्ण दिन है। यह आपके कर्तव्य पथ का पहला कदम है। अपने दायित्वों से कभी पीछे न हटें और पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी के साथ सेवा करें।” उनके इस संदेश ने प्रशिक्षुओं को कर्तव्यनिष्ठा का संकल्प लेने के लिए प्रेरित किया।
प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद जनपद गोरखपुर को 256 महिला रिक्रूट आरक्षी प्राप्त होंगी, जबकि 237 महिला आरक्षियों को जनपद कुशीनगर भेजा जाएगा। इसके अतिरिक्त गोरखपुर को अन्य प्रशिक्षण संस्थानों से भी 983 रिक्रूट आरक्षी प्राप्त होंगे। इस प्रकार कुल 1239 रिक्रूट आरक्षियों को व्यवहारिक प्रशिक्षण हेतु जनपद के विभिन्न थानों पर नियुक्त किया जाएगा।
इन नए पुलिसकर्मियों की तैनाती से जनपद में पुलिस बल की संख्या में वृद्धि होगी, जिससे कानून-व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी तथा अपराध और अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा। विशेष रूप से महिला पुलिसकर्मियों की बढ़ती संख्या से महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई सुनिश्चित होगी।
कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी दीपक मीणा, एसपी नॉर्थ ज्ञानेंद्र, एसपी साउथ दिनेश कुमार पुरी, एसपी अपराध सुधीर जायसवाल, एसपी ट्रैफिक अमित श्रीवास्तव, सहायक पुलिस अधीक्षक/सीओ कैंट अरुण कुमार, सहायक पुलिस अधीक्षक दिनेश गोदारा सहित अन्य अधिकारी, प्रशिक्षकगण, प्रशिक्षुओं के अभिभावक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
परेड ग्राउंड पर आयोजित इस समारोह में अनुशासन, गरिमा और उत्साह का अद्भुत समन्वय देखने को मिला। इस दीक्षांत परेड के साथ ही इन महिला आरक्षियों के जीवन का एक नया अध्याय शुरू हुआ है, जो आगे चलकर समाज में सुरक्षा, सेवा और विश्वास की मजबूत कड़ी बनेंगी।

कलयुगी दामाद ने ससुराल में तिहरा हमला, पत्नी व सास की मौत, ससुर गंभीर

इलाके के बछईपुर गांव के छोटका पूरा में शनिवार की देर रात एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया। कलयुगी दामाद ने ससुराल पहुंचकर अपनी पत्नी, सास और ससुर पर चाकू से हमला कर दिया। इस हमले में पत्नी और सास की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि ससुर की हालत गंभीर बनी हुई है।
जानकारी के अनुसार, बछईपुर गांव के छोटका पूरा निवासी 56 वर्षीय अंतू गुप्ता अपने परिवार के साथ खाना खाकर सो गए थे। देर रात गड़वार थाना क्षेत्र के सिंहाचवर निवासी उनका दामाद अमित गुप्ता अचानक घर पहुंचा। किसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया, जिसके बाद अमित ने ससुर अंतू गुप्ता, सास 52 वर्षीय सुशीला देवी और अपनी पत्नी 25 वर्षीय प्रीति गुप्ता का चाकू से गला काट दिया।घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और तत्काल पुलिस को सूचना दी। घायलों को एंबुलेंस से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बछईपुर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने सुशीला देवी और प्रीति गुप्ता को मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से घायल अंतू गुप्ता को पहले सदर अस्पताल और फिर वाराणसी के ट्रामा सेंटर रेफर किया गया, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।सूचना मिलते ही रसड़ा सीओ आलोक गुप्ता के नेतृत्व में नगरा, भीमपुरा, फेफना और गड़वार थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई। बताया जाता है कि आरोपी अमित गुप्ता पहले भी अपनी पत्नी की हत्या की कोशिश कर चुका था, जिसके बाद परिजन उसे मायके ले आए थे।पुलिस ने आरोपी के भाई, बहन और जीजा को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है और लोग इस निर्मम वारदात से स्तब्ध हैं।

रविप्रताप सिंह ने मोहन सेतु के निर्माण में देरी पर उठाए सवाल, आंदोलन की चेतावनी

बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। कांग्रेस प्रवक्ता रविप्रताप सिंह ने कार्यकर्ताओं के साथ अर्धनिर्मित मोहन सेतु का सर्वेक्षण कर प्रदेश सरकार पर तीखा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उत्तर और दक्षिण क्षेत्र के विकास की धुरी माने जाने वाले इस सेतु का निर्माण कार्य तत्काल शुरू किया जाए, अन्यथा कांग्रेस कार्यकर्ता आमजन के साथ आंदोलन और अनवरत अनशन के लिए बाध्य होंगे।

रविप्रताप सिंह ने बताया कि पूर्व में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा मोहन सेतु मार्ग के किनारे धरना-प्रदर्शन कर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया था। उस समय प्रशासन की ओर से कुछ माह में कार्य शुरू कराने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हो सका है।

सर्वेक्षण के दौरान प्रवक्ता ने उपजिलाधिकारी से फोन पर वार्ता कर सेतु निर्माण की स्थिति की जानकारी मांगी। इस पर उपजिलाधिकारी ने संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। इसके बावजूद कांग्रेस प्रवक्ता ने स्पष्ट कहा कि यदि शीघ्र कार्य प्रारंभ नहीं हुआ तो कांग्रेस जन आमजन के साथ व्यापक आंदोलन छेड़ेंगे।

इस दौरान बृजेश सिंह, भोला तिवारी, डॉ. शैलेन्द्र जायसवाल, रवि तिवारी, कृष्णा सिंह, सौर्य प्रताप सिंह सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

हिंदी विभाग को मिला नया नेतृत्व: प्रो. विमलेश मिश्र ने संभाली विभागाध्यक्ष की जिम्मेदारी

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के हिंदी एवं आधुनिक भारतीय भाषा तथा पत्रकारिता विभाग में आचार्य प्रोफेसर विमलेश कुमार मिश्र ने दोपहर पूर्व विभागाध्यक्ष का दायित्व ग्रहण किया। चक्रानुक्रम के तहत यह जिम्मेदारी अब तक प्रोफेसर दीपक प्रकाश त्यागी संभाल रहे थे, जिनका 3 माह 13 दिन का दूसरा कार्यकाल पूर्ण होने के साथ 3 वर्ष की अवशेष अवधि 24 अप्रैल को समाप्त हुई।
प्रोफेसर विमलेश मिश्र हिंदी साहित्य के मध्यकाल, भोजपुरी साहित्य एवं भारतीय काव्यशास्त्र के प्रतिष्ठित विद्वान हैं। उन्होंने अब तक 6 मौलिक पुस्तकें लिखी हैं तथा 7 पुस्तकों का संपादन किया है। वे लंबे समय तक ‘अभिधा’ और ‘विजयम’ पत्रिका के संपादन से जुड़े रहे हैं। साथ ही इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय के लिए भोजपुरी विषय पर महत्वपूर्ण पाठ्य सामग्री तैयार कर चुके हैं। वर्तमान में वे साहित्य अकादमी, दिल्ली के एक प्रोजेक्ट पर लेखन कार्य कर रहे हैं।
प्रोफेसर मिश्र के पास समृद्ध प्रशासनिक अनुभव भी है। वे पिछले तीन वर्षों से विश्वविद्यालय के क्रीड़ा परिषद के अध्यक्ष हैं और इससे पूर्व पांच वर्षों तक डेलीगेसी के उपाध्यक्ष रहे। राष्ट्रीय सेवा योजना में भी उन्होंने लगातार चार वर्षों तक कार्यक्रम अधिकारी के रूप में सक्रिय भूमिका निभाई।
अध्यक्ष के रूप में अपनी पहली बैठक में उन्होंने कहा कि शिक्षक पहले अपने संस्थान और अंततः समाज की थाती होता है। इस जिम्मेदारी को जितनी गंभीरता से समझा जाएगा, दायित्वों का निर्वहन उतनी ही निष्ठा से संभव होगा।
दायित्व ग्रहण करने के बाद शाम 5:00 बजे उन्होंने विभागीय सदस्यों के साथ कुलपति प्रोफेसर पूनम टंडन से मुलाकात की, जिसमें हिंदी विभाग की भावी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। कुलपति ने उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के आचार्य, अधिष्ठाता एवं अधिकारियों ने प्रसन्नता व्यक्त की, वहीं शोधार्थियों ने वृक्षारोपण कर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं।