महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। बदलती जीवनशैली, बढ़ता तनाव और अनियमित खान-पान के बीच अब लोग तेजी से पारंपरिक चिकित्सा पद्धति Ayurveda की ओर लौट रहे हैं। इसी संदर्भ में Dr. Shivakant Mishra ने कहा कि आयुर्वेद केवल इलाज नहीं, बल्कि एक संपूर्ण जीवनशैली है जो शरीर, मन और आत्मा के संतुलन पर आधारित है।
जीवनशैली सुधार ही है असली इलाज
डॉ. मिश्र के अनुसार:
• आयुर्वेद में व्यक्ति की प्रकृति (वात, पित्त, कफ) के अनुसार उपचार किया जाता है
• जड़ी-बूटियों के साथ योग, प्राणायाम और पंचकर्म को महत्व दिया जाता है
• यह पद्धति शरीर की इम्युनिटी बढ़ाने में मदद करती है
उन्होंने बताया कि सही दिनचर्या अपनाने से कई बीमारियों से बचाव संभव है।
बढ़ती बीमारियों का कारण क्या?
आज के समय में तेजी से बढ़ रही समस्याएं:
• मधुमेह (Diabetes)
• उच्च रक्तचाप (BP)
• मोटापा
• पाचन संबंधी रोग
• मानसिक तनाव
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इन सभी का मुख्य कारण:
• खराब लाइफस्टाइल
• जंक फूड
• नींद की कमी
• शारीरिक गतिविधि की कमी
आयुर्वेदिक दिनचर्या: क्या करें, क्या न करें
डॉ. मिश्र ने स्वस्थ जीवन के लिए ये सुझाव दिए:
• ब्रह्ममुहूर्त में उठें
• रोज योग और प्राणायाम करें
• दिनभर पर्याप्त पानी पिएं
• ताजा और सात्विक भोजन लें
• फास्ट फूड और ज्यादा तेल से बचें
• पर्याप्त नींद लें
• मानसिक संतुलन बनाए रखें
सरकार भी दे रही आयुर्वेद को बढ़ावा
Ministry of AYUSH के माध्यम से आयुर्वेद को बढ़ावा दिया जा रहा है:
• गांव-गांव तक आयुर्वेदिक सेवाएं
• आयुर्वेदिक अस्पतालों की संख्या में वृद्धि
• जागरूकता अभियान
आयुर्वेद: सुरक्षित और प्राकृतिक विकल्प
डॉ. मिश्र ने कहा कि यदि लोग आधुनिक जीवनशैली के साथ आयुर्वेद को अपनाएं, तो:
• बीमारियों से बचाव संभव
• इम्युनिटी मजबूत
• जीवन संतुलित और स्वस्थ
आयुर्वेद आज के समय में एक safe, effective और natural healthcare system के रूप में उभर रहा है।
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