
राहुल-अखिलेश से तेजस्वी तक एक मंच पर, SIR और CEC के मुद्दे पर गरमाई दिल्ली की सियासत

दिल्ली में INDIA गठबंधन का शक्ति प्रदर्शन, थरूर बोले- कांग्रेस नहीं, संविधान और वोट का अधिकार बचाना अहम
नई दिल्ली राष्ट्र की परम्परा डेस्क । राजधानी दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को विपक्षी गठबंधन INDIA ने ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली के जरिए चुनावी पारदर्शिता और संवैधानिक अधिकारों का मुद्दा जोरशोर से उठाया। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी नेताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर निशाना साधा। दूसरी ओर, भाजपा ने विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक एजेंडा बताते हुए ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ मार्च निकाला। इस तरह राजधानी में रविवार को सियासी मुकाबला सड़क से मैदान तक दिखाई दिया।
थरूर का संदेश—कांग्रेस नहीं, संवैधानिक अधिकार सबसे अहम
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में कहा कि INDIA गठबंधन का संदेश स्पष्ट है—‘वोट बचाओ, देश बचाओ’। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह महारैली केवल कांग्रेस के बारे में नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करना है। विपक्ष इसी मुद्दे को लेकर जनता के बीच अपनी एकजुटता प्रदर्शित कर रहा है।
तेजस्वी यादव का चुनाव आयोग पर हमला
राजद नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को लेकर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा और लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए विपक्ष एकजुट है। तेजस्वी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए जवाबदेही तय करने की मांग की। हालांकि, ये विपक्ष की ओर से लगाए गए आरोप हैं।
राहुल-अखिलेश समेत दिग्गजों की मौजूदगी
महारैली में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव, फारूक अब्दुल्ला, सुप्रिया सुले और अन्य विपक्षी नेताओं की भागीदारी चर्चा में रही। कांग्रेस ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर ‘वोट चोर, गद्दी छोड़; जनता आ रही है’ का नारा दिया। विपक्षी नेताओं ने चुनावी पारदर्शिता, मतदाता सूची और लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता को लेकर अपनी चिंताएं सामने रखीं। तृणमूल कांग्रेस सांसद कल्याण बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग उठाई। वहीं, कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने रैली में जुटी भीड़ को विपक्ष के आंदोलन के समर्थन का संकेत बताया। माकपा सांसद जॉन ब्रिटास ने भी इसे लोकतंत्र और नागरिक अधिकारों की रक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण अभियान करार दिया।
भाजपा का पलटवार, राहुल गांधी पर साधा निशाना
विपक्षी महारैली के जवाब में भाजपा ने ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ मार्च आयोजित किया। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर ‘दंगों वाली राजनीति’ करने का आरोप लगाया। भाजपा नेताओं ने कहा कि देश संविधान और जनता के जनादेश से चलता है। हरियाणा के रोहतक में भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी विपक्ष पर राजनीतिक अस्थिरता फैलाने का आरोप लगाया। अब सियासी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि ‘वोट बचाओ’ का विपक्षी अभियान जनता के बीच कितना प्रभाव छोड़ता है और चुनावी पारदर्शिता को लेकर उठे सवालों पर आगे क्या राजनीतिक घटनाक्रम सामने आता है।
