
सिकंदरपुर/बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। गांधी इंटर कॉलेज सिकंदरपुर में शनिवार को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में 76 जोड़े विवाह बंधन में बंधे। जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने मंत्रोच्चार के बीच कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने नवदंपतियों का पुष्प अर्पित कर स्वागत किया और उनके सुखमय वैवाहिक जीवन की कामना की।इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि विवाह जीवन की नई शुरुआत है। नवदंपति आपसी प्रेम, विश्वास और सहयोग के साथ अपने परिवार को खुशहाल बनाएं। उन्होंने कहा कि बेटियां बोझ नहीं, बल्कि समाज की शक्ति हैं। उन्हें आगे बढ़ने और आत्मनिर्भर बनने के लिए पर्याप्त अवसर दिए जाने चाहिए।जिलाधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत प्रत्येक वधू के खाते में डीबीटी के माध्यम से 64 हजार रुपये भेजे जाएंगे। इसके अलावा लगभग 21 हजार रुपये की घरेलू सामग्री उपलब्ध कराने और 15 हजार रुपये टेंट, भोजन सहित अन्य व्यवस्थाओं पर खर्च करने का प्रावधान है। इस प्रकार प्रत्येक विवाह पर कुल एक लाख रुपये की व्यवस्था की गई है। योजना के अंतर्गत नवदंपतियों को 27 प्रकार की उपयोगी सामग्री भी उपलब्ध कराई जा रही है।डीएम ने पात्र परिवारों से प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना और आयुष्मान भारत सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने युवाओं को सेवायोजन पोर्टल पर पंजीकरण कर रोजगार के अवसर तलाशने तथा महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित किया।पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए जिलाधिकारी ने नवदंपतियों से पौधारोपण करने और उसकी नियमित देखभाल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि लगाया गया पौधा उनके नए जीवन की शुरुआत की यादगार बनने के साथ पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि पात्र लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया जाए और जनसमस्याओं का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।समारोह में मुख्य विकास अधिकारी आलोक कुमार, जिला विकास अधिकारी आनंद प्रकाश, वरिष्ठ कोषाधिकारी आनंद दुबे, जिला प्रोबेशन अधिकारी अमरेंद्र कुमार सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी रमेश कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
