वाराणसी (राष्ट्र की परम्परा)। पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल में यात्रियों और रेल कर्मचारियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए गहन परीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत 5 से 11 अक्टूबर तक मंडल में अवशिष्ट क्लोरीन के 602 परीक्षण किए गए। इसके अलावा 75 जल नमूनों का बैक्टीरियोलॉजिकल परीक्षण तथा 11 नमूनों का रासायनिक विश्लेषण राज्य सरकार की प्रयोगशाला में कराया गया।रेल प्रशासन द्वारा यात्रियों, कर्मचारियों और उनके परिवारों के स्वास्थ्य की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे स्टेशनों, रेलवे कॉलोनियों, कार्यालयों और अन्य संबंधित स्थानों पर उपलब्ध पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच की जा रही है। अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लोगों को निर्धारित मानकों के अनुरूप स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल मिल सके।अभियान के अंतर्गत जल के नमूनों की प्रयोगशालाओं में जांच कराई जा रही है। इसमें पानी की रासायनिक गुणवत्ता के साथ ही जीवाणु संबंधी स्थिति का भी परीक्षण किया जा रहा है, ताकि पेयजल की शुद्धता सुनिश्चित की जा सके।रेल प्रशासन जल स्रोतों की नियमित सफाई, जल शोधन व्यवस्था के निरीक्षण और आवश्यकतानुसार सुधारात्मक कार्रवाई पर भी जोर दे रहा है। इसके साथ ही संबंधित विभागों को पेयजल की गुणवत्ता बनाए रखने और जांच व्यवस्था को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए हैं।रेलवे प्रशासन का कहना है कि यात्रियों और कर्मचारियों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है। पेयजल परीक्षण अभियान के माध्यम से जनस्वास्थ्य की सुरक्षा और स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।रेल प्रशासन ने यात्रियों एवं कर्मचारियों से भी स्वच्छता संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने तथा पेयजल से जुड़ी किसी भी समस्या की जानकारी संबंधित अधिकारियों को देने की अपील की है।