लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश के करीब 1.43 लाख शिक्षामित्रों के लिए स्पेशल TET को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। स्पेशल TET-2026 में शामिल होने की उम्मीद लगाए बैठे शिक्षामित्रों को इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले से फिलहाल राहत नहीं मिली है। कोर्ट ने वसीम अहमद समेत 220 शिक्षामित्रों की याचिका खारिज कर दी है। याचिका में शिक्षामित्रों ने स्पेशल TET में शामिल होने का अधिकार दिए जाने की मांग की थी।
हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि सामान्य TET में शामिल होने की पात्रता अपने आप स्पेशल TET में बैठने का अधिकार नहीं देती। अदालत ने शिक्षक और शिक्षामित्र की कानूनी स्थिति को अलग-अलग माना। कोर्ट के मुताबिक, संविधान राज्य को हर प्रकार के अंतर को समाप्त करने के लिए बाध्य नहीं करता, यदि वह अंतर किसी वैध कानूनी उद्देश्य पर आधारित हो।
उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में करीब 1.43 लाख शिक्षामित्र कार्यरत बताए जाते हैं। इनमें लगभग 73 हजार ऐसे हैं, जिन्होंने अभी तक TET क्वालीफाई नहीं किया है, जबकि करीब 70 हजार शिक्षामित्र TET पास कर चुके हैं। स्पेशल TET में शामिल होने की मांग मुख्य रूप से उन शिक्षामित्रों की ओर से उठाई गई थी, जो अब तक TET पास नहीं कर सके हैं।
3 नवंबर को होगी स्पेशल TET परीक्षा
राज्य शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से स्पेशल TET का विज्ञापन 3 सितंबर को जारी किया गया था। इसके लिए आवेदन प्रक्रिया 5 सितंबर से शुरू हुई। अभ्यर्थियों को 4 अक्टूबर तक शुल्क जमा करने का अवसर दिया गया है, जबकि आवेदन में सुधार की अंतिम तारीख 8 अक्टूबर निर्धारित की गई है। स्पेशल TET परीक्षा 3 नवंबर 2026 को प्रस्तावित है।
परीक्षा में कुल 150 अंकों के 150 वस्तुनिष्ठ प्रश्न पूछे जाएंगे। अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र हल करने के लिए ढाई घंटे का समय मिलेगा। परीक्षा में निगेटिव मार्किंग का प्रावधान नहीं रखा गया है।
2028 तक TET पास करना होगा
शिक्षामित्र लंबे समय से स्थायी नौकरी और सहायक शिक्षक पद पर समायोजन की मांग करते रहे हैं। उनका तर्क है कि कार्यरत शिक्षकों के लिए विशेष TET का विकल्प उपलब्ध कराया गया है तो शिक्षामित्रों को भी इसमें शामिल होने का अवसर मिलना चाहिए। इसी मांग को लेकर आंदोलन और कानूनी लड़ाई का रास्ता अपनाया गया था।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार कार्यरत शिक्षकों के लिए 31 अगस्त 2028 तक TET पास करना अनिवार्य बताया गया है। अब इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा शिक्षामित्रों की याचिका खारिज किए जाने के बाद स्पेशल TET में शामिल होने की उनकी मांग को फिलहाल झटका लगा है। इससे उन हजारों शिक्षामित्रों की उम्मीदों पर असर पड़ा है, जो इस परीक्षा के जरिए अपनी पात्रता का रास्ता तलाश रहे थे।