
SIT गठित, जांच में 7-8 युवकों के नाम सामने आए; वीडियो प्रसारित करने वालों पर भी होगी कानूनी कार्रवाई
पटना/जमुई (राष्ट्र की परम्परा)। जमुई में नाबालिग लड़की और उसके दोस्त के साथ कथित बदसलूकी से जुड़े वायरल वीडियो मामले में पुलिस ने अब तक तीन नाबालिग आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस मुख्यालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में दो की उम्र 17 से 18 वर्ष के बीच बताई गई है।
एडीजी लॉ एंड ऑर्डर केएस अनुपम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि मामले में जमुई थाने में BNSS की धारा 128, 74 और 75 के साथ पॉक्सो एक्ट की धारा 8 और 12 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। घटना की विस्तृत जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित किया गया है, जिसकी निगरानी जमुई एसडीपीओ के नेतृत्व में की जा रही है।
सोशल मीडिया अकाउंट्स पर भी कार्रवाई
पुलिस ने घटना के वीडियो को सोशल मीडिया पर प्रसारित करने वाले अकाउंट्स की भी निगरानी शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक अब तक 13 फेसबुक, 12 इंस्टाग्राम और 7 एक्स अकाउंट्स के खिलाफ टेकडाउन कार्रवाई की गई है। इस तरह कुल 32 सोशल मीडिया अकाउंट्स से संबंधित सामग्री हटाने की कार्रवाई की जा चुकी है।
नाबालिगों की पहचान उजागर करने पर भी कार्रवाई
एडीजी ने स्पष्ट किया कि नाबालिग पीड़ितों की पहचान, चेहरा या ऐसी कोई जानकारी सार्वजनिक करना कानूनन गंभीर मामला हो सकता है। वीडियो को शेयर या प्रसारित करने वालों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और किशोर न्याय अधिनियम (JJ Act) की धारा 74 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
पहाड़ी इलाके में हुई घटना
पुलिस के अनुसार घटना जमुई-लखीसराय मुख्य मार्ग से करीब तीन किलोमीटर दूर एक पहाड़ी क्षेत्र में हुई। घटना का संभावित समय शाम करीब 6:25 से 6:30 बजे के बीच बताया गया है। पुलिस वायरल वीडियो के अलावा अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
7-8 युवकों के नाम जांच के दायरे में
जांच के दौरान अब तक करीब 7 से 8 युवकों के नाम सामने आने की जानकारी पुलिस ने दी है। पुलिस सभी संदिग्धों की भूमिका की अलग-अलग स्तर पर जांच कर रही है। उनके पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड की भी पड़ताल की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि SIT की जांच में जो भी व्यक्ति घटना में शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ साक्ष्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि नाबालिगों से संबंधित वीडियो को आगे प्रसारित न करें और उनकी पहचान उजागर करने से बचें।
