Monday, August 10, 2026
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विहिप गोरख प्रांत की बैठक में कर्तव्यों को नया स्वरूप दिया गया, रोडमैप की रूपरेखा तैयार

गोरखपुर गोरक्ष प्रांत योजना बैठक—कार्ययोजना 2026

यह बैठक विश्व हिंदू परिषद, गोरक्ष प्रांत, गोरखपुर, योजना बैठक, उपेंद्र शाही, राम सिंह, VHP, कार्ययोजना 2026, संगठनात्मक बदलाव, हित चिंतक अभियान, गोरखpur न्यूज, देवरिया न्यूज के सन्दर्भ में स्पष्ट है।

गोरखपुर में दो दिवसीय प्रांतीय योजना बैठक 9 और 10 अगस्त को आयोजित हुई। आत्मदीप विद्यालय, देवरिया बाईपास, गोरखपुर स्थल रहा।

बैठक में आगामी छह माह की कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा हुई। संगठनात्मक समायोजन और विविध कार्यक्रमों की तैयारी पर विचार किया गया।

लखनऊ क्षेत्रीय संगठन मंत्री गजेंद्र जी की उपस्थिति रही। मंच पर प्रांत अध्यक्ष पुरुषोत्तम मरोदिया, उपाध्यक्ष उपेंद्र शाही, संगठन मंत्री दीपेश जी और प्रांत मंत्री नागेंद्र जी मौजूद थे।

पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने प्रांत, विभाग और जिलों की योजनाओं पर विचार-विमर्श किया।

देवरिया जिले में निवास करने वाले उपाध्यक्ष उपेंद्र शाही को केंद्रीय टीम के ट्रस्टी सदस्य का दायित्व मिला।

वहीं जिला मंत्री राम सिंह को प्रांत सह मंत्री का दायित्व मिला।

इसके साथ ही संगठन के प्रांत, विभाग और जिल स्तर पर कई बदलाव किए गए।

आगामी छह माह की योजना में हित चिंतक अभियान 22 नवंबर से 6 दिसंबर तक चलाने का निर्णय लिया गया।

जिलों में बैठकें 31 अगस्त तक पूरी करने पर जोर रहा।

establishment दिवस 4 से 10 सितंबर के बीच मनाने की योजना है; अध्यक्षता वाल्मीकि समाज के प्रतिनिधि द्वारा सम्भव है।

अखंड भारत संकल्प दिवस, अशोक सिंघल की शताब्दी व अन्य कार्यक्रमों की तैयारी भी चली।

दुर्गा अष्टमी, शौर्य संचालन दिवस, गीता जयंती, धर्म रक्षा दिवस आदि कार्यक्रमों की रूपरेखा तय हुई।

निर्धारित कार्यक्रमों के अनुसार अशोक सिंघल की शताब्दी के कार्यक्रम 24 अक्टूबर तक, दुर्गा अष्टमी 11–19 अक्टूबर तक होंगे।

शौर्य संचालन दिवस 10–20 दिसंबर तक विभाग केंद्रों पर मनाने की योजना है।

वाल्मीकि जयंती 26 अक्टूबर और सत्संग सप्ताह 25 अक्टूबर को आयोजित होंगे।

रविदास जयंती 20 फरवरी 2027 को प्रस्तावित है।

कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण और संगठनात्मक विस्तार के लिए चार वर्ग प्रस्तावित किए गए।

दुर्गा वाहिनी, बजरंग दल, मातृशक्ति और परिषद शिक्षा वर्ग शामिल हैं।

अगले छह माह में होने वाले अन्य कार्यक्रमों की तैयारी पर भी चर्चा हुई।

बैठक में गोरक्ष प्रांत के 21 जिलों की कार्यसमिति, विभागीय पदाधिकारी और प्रांत कार्यकारिणी से जुड़े सदस्य भी शामिल रहे।

दो दिवसीय बैठक ने कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से संचालित करने और दायित्वों के समायोजन पर जोर दिया।

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