भागलपुर/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)l ग्रामीण क्षेत्रों में आवास निर्माण को लेकर व्याप्त समस्याओं और खामियों को लेकर ग्राम प्रधान संगठन उत्तर प्रदेश ने केंद्र सरकार को ज्ञापन भेजा है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष कौशल किशोर पाण्डेय के नेतृत्व में भेजे गए इस ज्ञापन में ग्रामीण गरीबों को आवास योजना का लाभ दिलाने के लिए कई महत्वपूर्ण मांगें उठाई गई हैं।
ज्ञापन के माध्यम से ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार को अवगत कराया गया कि प्रदेश के गांवों में आज भी बड़ी संख्या में पात्र गरीब आवास से वंचित हैं। संगठन ने आरोप लगाया कि वर्तमान योजना में कई तकनीकी व वित्तीय कमियों के कारण जरूरतमंदों तक इसका लाभ सही तरीके से नहीं पहुंच पा रहा है।
संगठन ने अपनी प्रमुख मांगों में कहा है कि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में आवास निर्माण हेतु समान धनराशि दी जाए, क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में निर्माण सामग्री महंगी होने के कारण लागत अधिक आती है। साथ ही, प्राकृतिक आपदा और भारी बारिश में जिन लोगों के मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं, उन्हें बिना किसी बाधा के आवास उपलब्ध कराया जाए।
ज्ञापन में दिव्यांगजनों को प्राथमिकता देने की भी मांग की गई है। संगठन का कहना है कि दिव्यांग पात्रों के लिए विशेष प्रावधान कर उन्हें शीघ्र आवास उपलब्ध कराया जाए तथा उनकी पात्रता में 50 प्रतिशत तक छूट दी जाए।
इसके अलावा, 2025-26 के सर्वेक्षण के आधार पर पात्र लाभार्थियों को शीघ्र आवास देने, वंचित गरीबों को प्राथमिकता देने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में खाली पड़ी जमीन पर भी गरीबों को आवास उपलब्ध कराने की बात कही गई है।
ग्राम प्रधान संगठन ने यह भी बताया कि पिछले कई वर्षों से ग्रामीण गरीब आवास के लिए भटक रहे हैं, लेकिन उन्हें अब तक योजना का लाभ नहीं मिल पाया है, जिससे उनमें निराशा बढ़ रही है।
गरीबों को आवास दिलाने दिव्यांगों को प्राथमिकता देने व धनराशि बढ़ाने की मांग
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