गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ने उद्योग और शिक्षा के बीच समन्वय को मजबूत करते हुए टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के साथ महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के तहत विश्वविद्यालय और संबद्ध महाविद्यालयों के लगभग 2400 विद्यार्थियों को कौशल विकास, रोजगारपरक प्रशिक्षण और प्लेसमेंट सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। यह कार्यक्रम टीसीएस के यूथ एम्प्लॉयमेंट प्रोग्राम के अंतर्गत संचालित होगा।
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ उद्योग की मांग के अनुरूप कौशल उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि टीसीएस जैसी वैश्विक कंपनी के साथ यह साझेदारी विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी और डिजिटल दक्षताओं से लैस करेगी तथा उनके लिए राष्ट्रीय और बहुराष्ट्रीय कंपनियों में रोजगार के नए अवसर खोलेगी।
टीसीएस के यूथ एम्प्लॉयमेंट प्रोग्राम के प्रमुख चंद्रशेखर नटराजन ने कहा कि यह साझेदारी विद्यार्थियों को उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने और उन्हें बेहतर करियर अवसर उपलब्ध कराने में सहायक होगी।
प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट निदेशक प्रो. अजय कुमार शुक्ल ने बताया कि विद्यार्थियों को 104 घंटे का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें संचार कौशल, तार्किक चिंतन, गणनात्मक क्षमता, कंप्यूटर अनुप्रयोग, डिजिटल दक्षता, व्यक्तित्व विकास और कॉर्पोरेट कार्यसंस्कृति जैसे विषय शामिल होंगे। प्रशिक्षण पूरा करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र, करियर मार्गदर्शन और प्लेसमेंट सहायता भी दी जाएगी।
टीसीएस के इंडिया हेड (सीएसआर) सौरभ श्रीवास्तव ने कहा कि युवाओं को रोजगार योग्य बनाना कंपनी की सामाजिक उत्तरदायित्व पहल का प्रमुख उद्देश्य है। रीजनल हेड (सीएसआर) सौम्या सुकुमार ने प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की, जबकि रीजनल मैनेजर (उत्तर प्रदेश) डॉ. लव त्रिपाठी ने इसे प्रदेश के युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
एमओयू हस्ताक्षर समारोह में विश्वविद्यालय और टीसीएस के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। यह पहल विद्यार्थियों को उद्योग की अपेक्षाओं के अनुरूप तैयार कर बेहतर रोजगार अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।
