जमशेदपुर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। सोनारी मरीन ड्राइव पर हुए भीषण सड़क हादसे ने चार परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया। हादसे में जान गंवाने वाले सभी युवा पढ़ाई के साथ खेलों में भी सक्रिय थे। बुधवार रात तक वे अपने भविष्य और खेल की तैयारियों में जुटे थे, लेकिन गुरुवार की सुबह उनके परिवारों के लिए ऐसी खबर लेकर आई, जिसने सब कुछ बदल दिया।
किसी ने नाइट स्टे बताया, किसी ने चुपचाप निकाली कार
आदित्यपुर इमली चौक निवासी पंकज खंडेलवाल की 17 वर्षीय बेटी वंशिका खंडेलवाल ने घर से निकलते समय बताया था कि वह अपनी सहपाठी युविका सिंह के घर रात में रुककर पढ़ाई करेगी। परिवार पहले भी उसके युविका के घर जाने से परिचित था, इसलिए उसे जाने की अनुमति दे दी गई।
बताया गया कि वंशिका कदमा के दिवली इनक्लेव स्थित युविका के घर पहुंची। युविका ने भी अपने पिता से वंशिका के साथ उसके घर जाकर रात में पढ़ाई करने की बात कही थी। हालांकि बाद में दोनों समेत चारों युवा मरीन ड्राइव की ओर निकल गए और सड़क हादसे का शिकार हो गए।
सोनारी कॉन्ट्रैक्टर एरिया के एसडीएस रीजेंसी निवासी सार्थक अग्रवाल के घर उस समय माता-पिता मौजूद नहीं थे। घर में उनकी दादी थीं। बताया गया कि सार्थक देर रात अपने पिता की स्विफ्ट कार लेकर दोस्तों के साथ घर से निकल गया।
इसके बाद चारों नमन गुप्ता को लेने सेवेद एक्सटेंशन रोड स्थित उसके घर पहुंचे। नमन ने भी अपने माता-पिता से अपने कमरे में सोने की बात कही थी और फिर वह दोस्तों के साथ निकल गया।
सुबह पुलिस के फोन से मचा कोहराम
नमन गुप्ता के पिता राजीव गुप्ता के अनुसार, बुधवार देर रात करीब एक बजे नमन परिवार के सदस्यों से बातचीत करने के बाद अपने कमरे में चला गया था। सुबह करीब पांच बजे सोनारी थाना प्रभारी के फोन से उन्हें बेटे के हादसे की जानकारी मिली। इसके बाद परिवार में मातम छा गया।
सार्थक अग्रवाल के निधन की खबर मिलने के बाद उसके माता-पिता चेतन अग्रवाल और उनकी पत्नी गुरुवार रात करीब सवा नौ बजे जमशेदपुर पहुंचे। बेटे की मौत से दोनों का रो-रोकर बुरा हाल था। पोस्टमार्टम के बाद सार्थक का शव टीएमएच के शीतगृह में रखा गया। शुक्रवार सुबह बिष्टुपुर के पार्वती घाट पर अंतिम संस्कार की जानकारी दी गई।

वंशिका के घर भी पसरा मातम
वंशिका के परिवार को हादसे की जानकारी गुरुवार सुबह करीब आठ बजे मिली। आदित्यपुर के फुटबॉल मैदान के पास देवाशीष कुंज स्थित घर में चीख-पुकार मच गई। पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे उसका शव घर लाया गया। परिवार, रिश्तेदारों और परिचितों ने नम आंखों से उसे अंतिम विदाई दी।

पढ़ाई के साथ खेलों में भी बना रहे थे पहचान
हादसे में जान गंवाने वाले नमन गुप्ता, अंशिका सिंह और युविका सिंह कारमेल जूनियर कॉलेज के छात्र बताए गए हैं। तीनों बास्केटबॉल से जुड़े थे और विभिन्न प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुके थे।
युविका सिंह ने सीआईएससीई जोनल प्रतियोगिता में भाग लिया था और नियमित रूप से बास्केटबॉल का अभ्यास करती थी। नमन गुप्ता सीआईएससीई नेशनल बास्केटबॉल प्रतियोगिता में बिहार-झारखंड रीजन की टीम का प्रतिनिधित्व कर चुका था। इसी वर्ष साहिबगंज में आयोजित जूनियर स्टेट चैंपियनशिप में उसने पूर्वी सिंहभूम जिला टीम के लिए भी खेला था।
सार्थक अग्रवाल फुटबॉल में सक्रिय था। इसी वर्ष कारमेल जूनियर कॉलेज की मेजबानी में बाल विहार ग्राउंड पर आयोजित सीआईएससीई जोनल फुटबॉल टूर्नामेंट में उसने हिस्सा लिया था। बताया गया कि टूर्नामेंट में उसकी टीम ने तीन मुकाबलों में जीत दर्ज की।
अंशिका सिंह ने पिछले वर्ष सीआईएससीई नेशनल बास्केटबॉल प्रतियोगिता में बिहार-झारखंड क्षेत्रीय टीम का प्रतिनिधित्व किया था। इस वर्ष 12वीं बोर्ड परीक्षा की तैयारी के चलते उसने सीआईएससीई टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं लिया, लेकिन नियमित रूप से अभ्यास करती रही।
जिस मैदान पर प्रैक्टिस होनी थी, वहां अब यादें रह गईं
परिवार और परिचितों के अनुसार, चारों युवा बुधवार तक बास्केटबॉल ग्राउंड में अभ्यास कर रहे थे। गुरुवार सुबह करीब पांच बजे भी उन्हें अभ्यास के लिए मैदान पहुंचना था। लेकिन इससे पहले ही देर रात हुए सड़क हादसे ने चार होनहार जिंदगियां छीन लीं। खेल और पढ़ाई में आगे बढ़ने के सपने देख रहे इन युवाओं की असमय मौत ने परिवारों के साथ उनके स्कूल और खेल जगत को भी गहरे शोक में डाल दिया।
