गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। राजकीय बौद्ध संग्रहालय गोरखपुर में विश्व धरोहर दिवस के अवसर पर क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र, गोरखपुर एवं गोरखपुर लिटरेरी सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में “एक शाम भारतीय सांस्कृतिक धरोहर एवं संविधान के शिल्पकार के नाम” विषयक काव्य गोष्ठी एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. पूनम टंडन, उप निदेशक डॉ. यशवन्त सिंह राठौड, डॉ. रीना मालवीय, परमजीत कौर, भारतीय स्टेट बैंक गोरखपुर के मुख्य प्रबंधक मनोज श्रीवास्तव, वरिष्ठ कलाकार हरप्रसाद सिंह एवं डॉ. भारतभूषण द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने अपने संबोधन में कहा कि अपनी सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है। हमारी विरासत का संरक्षण भारतीय सांस्कृतिक वैभव को अभिव्यक्त करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
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कार्यक्रम की शुरुआत आसिया गोरखपुरी द्वारा सरस्वती वंदना से हुई। संचालन मिन्नत गोरखपुरी ने किया। काव्य गोष्ठी में अवधेश निगम “राजू”, सुभाष चंद्र यादव, प्रमोद चोखानी, कुंवर सचिन सिंह, एकता उपाध्याय, उत्कर्ष शुक्ला, गौतम गोरखपुरी, आसिया गोरखपुरी एवं रूद्रा शुक्ला ने काव्य पाठ कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। कार्यक्रम संयोजक मिन्नत गोरखपुरी ने बताया कि इस अवसर पर सामाजिक एवं साहित्यिक क्षेत्र में योगदान देने वाले हसन जमाल बाबुआ भाई, डॉ. रीना मालवीय, संजय मिश्रा, स्वेच्छा श्रीवास्तव, अरेना बेग, डॉ. शाहीदा रहमान, बैजनाथ विश्वकर्मा, ज्ञान पाण्डेय एवं पूजा गुप्ता सहित कई लोगों को सम्मानित किया गया। उप निदेशक डॉ. यशवन्त सिंह राठौड ने विश्व धरोहर दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” के अंतर्गत 19 अप्रैल 2026 को लखनऊ से सोमनाथ के लिए प्रारंभ होने वाली यात्रा की जानकारी दी। साथ ही संग्रहालय द्वारा भारत सरकार से प्राप्त “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” बुकलेट का वितरण भी किया गया।
