Monday, July 20, 2026
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मुख्यमंत्री योगी ने जिस बाबा बैजूनाथ धाम में की थी पूजा, उसी प्राचीन मंदिर का पिछला हिस्सा ढहा

300 वर्ष पुराने बाबा बैजूनाथ धाम मंदिर का हिस्सा ढहा, श्रद्धालुओं में गहरा दुख; प्रशासन ने कराया पुनर्निर्माण का भरोसा

संतकबीरनगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के धनघटा विधानसभा क्षेत्र में स्थित कुआनो नदी के पावन तट पर बसे अति प्राचीन बाबा बैजूनाथ धाम मंदिर का एक हिस्सा अचानक क्षतिग्रस्त होकर ढह जाने से पूरे क्षेत्र में शोक और चिंता का माहौल है। बसवारी गांव (संतकबीरनगर) और सिकरीगंज (गोरखपुर) की सीमा पर स्थित यह ऐतिहासिक शिवधाम लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है। घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन मंदिर के क्षतिग्रस्त होने से श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं गहराई से आहत हुई हैं।
बताया जा रहा है कि पिछले कई दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण रविवार को मंदिर के पिछले हिस्से और शिखर का एक भाग अचानक भरभराकर गिर गया। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौके पर पहुंच गए। मंदिर का क्षतिग्रस्त दृश्य देखकर लोगों में मायूसी और चिंता साफ दिखाई दी।
इस घटना की विशेष चर्चा इसलिए भी हो रही है क्योंकि गत 25 जून को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाबा बैजूनाथ धाम पहुंचकर विधि-विधान से भगवान शिव का पूजन-अर्चन किया था और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की थी। मुख्यमंत्री के दौरे के कुछ ही दिनों बाद मंदिर का हिस्सा ढह जाने से क्षेत्र में इस घटना को लेकर व्यापक चर्चा है।
सूचना मिलते ही जिलाधिकारी आलोक कुमार और पुलिस अधीक्षक तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने मंदिर परिसर और क्षतिग्रस्त हिस्से का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। एहतियात के तौर पर मलबे वाले क्षेत्र को सुरक्षित कर आम लोगों की आवाजाही सीमित कर दी गई।
जिलाधिकारी ने कहा कि बाबा बैजूनाथ धाम केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि लाखों लोगों की आस्था और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। मंदिर के क्षतिग्रस्त होने से प्रशासन भी दुखी है। उन्होंने श्रद्धालुओं को आश्वस्त किया कि विशेषज्ञों की देखरेख में मंदिर का परीक्षण कराया जाएगा तथा शीघ्र ही इसके संरक्षण, मरम्मत और पुनर्निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में यहां पहले से अधिक भव्य और सुरक्षित मंदिर के निर्माण की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने भी शासन-प्रशासन से मांग की है कि इस ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उनका कहना है कि बाबा बैजूनाथ धाम क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण केंद्र है, इसलिए इसकी मूल गरिमा को सुरक्षित रखते हुए शीघ्र पुनर्निर्माण कराया जाना चाहिए।

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