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नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में कई अहम फैसलों को मंजूरी दी गई। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर देश के प्रधानमंत्री तक करीब 25 वर्षों के नेतृत्व की सराहना करते हुए प्रस्ताव पारित किया गया। इस दौरान केंद्रीय मंत्रियों ने खड़े होकर तालियों के साथ प्रधानमंत्री के प्रति सम्मान और समर्थन व्यक्त किया।
कैबिनेट बैठक में देश के परिवहन और लॉजिस्टिक्स ढांचे को अधिक समन्वित, आधुनिक और डेटा आधारित बनाने के लिए इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट एंड लॉजिस्टिक्स अथॉरिटी (ITLA) के गठन को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही छोटे और मझोले उद्यमों को कारोबार विस्तार के लिए पूंजी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 10,000 करोड़ रुपये के SME Growth Fund (SGF) की स्थापना का भी फैसला लिया गया।
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि ITLA बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में परिवहन के विभिन्न साधनों के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाएगा। केंद्र सरकार की 500 करोड़ रुपये या उससे अधिक लागत वाली इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं का तकनीकी मूल्यांकन किया जाएगा, ताकि शुरुआत से ही मल्टी-मोडल परिवहन व्यवस्था को ध्यान में रखा जा सके।
नई व्यवस्था के तहत सड़क, रेलवे, बंदरगाह, विमानन, अंतर्देशीय जलमार्ग, तटीय शिपिंग, शहरी परिवहन और लॉजिस्टिक्स को जोड़ते हुए दीर्घकालिक National Transport Master Plan तैयार करने पर जोर दिया जाएगा। इसका उद्देश्य देश में माल और यात्रियों की आवाजाही को अधिक सुगम बनाना तथा परिवहन परियोजनाओं में दोहराव और आपसी असमन्वय को कम करना है।
ITLA 500 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली परिवहन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की निगरानी, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और परियोजनाओं के रास्ते में आने वाली अड़चनों के समाधान में भी मदद करेगा। परियोजना पूरी होने के बाद उसके वास्तविक प्रभाव का मूल्यांकन किए जाने की व्यवस्था भी प्रस्तावित है।
सरकार परिवहन से जुड़े अलग-अलग डिजिटल प्लेटफॉर्म के आंकड़ों को एक साथ लाकर National Transport Data Repository विकसित करने की दिशा में भी आगे बढ़ेगी। इसमें GSTN, ई-वे बिल, FASTag, Vahan, GPS और शहरी ट्रैफिक से जुड़े आंकड़ों का इस्तेमाल किया जाएगा। माल ढुलाई के रूट और Origin-Destination Analytics के आधार पर भविष्य की परियोजनाओं की योजना को अधिक तथ्यपरक बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
इसके अलावा ITLA, National Logistics Policy, 2022 की समीक्षा और उसे समय के अनुरूप अपडेट करने में भी सहयोग करेगा। लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में प्रशिक्षण, स्किलिंग, क्षमता निर्माण, शोध और नवाचार को बढ़ावा देने की जिम्मेदारी भी इसके दायरे में होगी।
कैबिनेट का दूसरा बड़ा फैसला छोटे और मझोले उद्यमों से जुड़ा है। सरकार ने 10,000 करोड़ रुपये के SME Growth Fund की स्थापना को मंजूरी दी है। यह फंड ऐसे छोटे और मझोले उद्यमों में इक्विटी निवेश पर केंद्रित होगा, जिनका कारोबारी मॉडल व्यवहार्य है और जिनमें बड़े स्तर पर विस्तार की क्षमता मौजूद है। इस योजना की घोषणा केंद्रीय बजट 2026-27 में की गई थी।
फंड का प्राथमिक जोर मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र के SMEs पर रहेगा। हालांकि सेवाओं, तकनीक, नवाचार आधारित कारोबार और रणनीतिक वैल्यू चेन से जुड़े उद्यम भी इसके दायरे में आ सकेंगे। सरकार का उद्देश्य उन SMEs को विकास पूंजी उपलब्ध कराना है, जिन्हें कारोबार बढ़ाने के लिए पर्याप्त दीर्घकालिक पूंजी हासिल करने में कठिनाई होती है।
सरकार के मुताबिक, इस फंड के माध्यम से कंपनियों को उत्पादन क्षमता बढ़ाने, नई तकनीक अपनाने और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में विस्तार करने में मदद मिल सकती है। निर्यात क्षमता बढ़ाने, वैश्विक वैल्यू चेन से जुड़ने, नवाचार, अधिग्रहण और रणनीतिक निवेश के लिए पूंजी उपलब्ध कराने पर भी जोर रहेगा।
इन फैसलों से सरकार को उम्मीद है कि छोटे और मझोले उद्यमों के विस्तार के साथ रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और स्थानीय सप्लाई चेन को मजबूती मिलेगी। वहीं ITLA के जरिए देश की परिवहन व्यवस्था को अलग-अलग माध्यमों से जोड़कर अधिक कुशल और डेटा आधारित बनाने की कोशिश होगी।
कुल मिलाकर, मंगलवार की कैबिनेट बैठक में सरकार ने एक साथ दो बड़े क्षेत्रों पर फोकस किया—देश के परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को एकीकृत करना और SMEs को विकास के लिए बड़ी पूंजी उपलब्ध कराना। आने वाले समय में इन दोनों पहलों का असर इंफ्रास्ट्रक्चर, कारोबार, रोजगार और निर्यात के क्षेत्र में देखने को मिल सकता है।