तुलसी ने कहा है मानस में।
सीता ने पूँछा जब संशय में॥
नर वानरहिं संग कहु कैसे।
कही कथा भई संगति जैसे॥
अंतरु मात्र एकु नर वानर में।
पुच्छहीन वानर हैं नर वेश में॥
बड़े मदारी करवाते हैं नर्तन।
नहीं करे, उसका महिमामर्दन॥
रामराज्य का स्वप्न सुहाना।
दिखा रहे हैं वह गाकर गाना॥
त्याग प्रेम मर्यादा में श्रीराम बंधे।
पर अब मर्यादा में ना कोई रुँधे॥
मुँह खोले कोई भी यदि अपना।
दिख जाता कारागार का सपना॥
मंगल को जन्में हैं मंगल करते।
पवनपुत्र हैं श्रीराम को जपते॥
बजरंगबली पर राजनीति करते हैं।
देवी- देवता तो सबके पूजित हैं॥
धर्म और राजनीति एक नहीं हैं।
एक दूसरे के संपूरक भी नहीं हैं॥
राजनीति में अधर्म क्यों करना।
राजनीति सदा स्वच्छ रखना॥
मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का भारत।
योगेश्वर श्रीकृष्ण का महा भारत॥
गौतम, गांधी की पावन यह धरती।
सत्य-अहिंसा का आवाहन करती॥
धरती माता का आँचल मत फाड़ो।
भरतभूमि आपस में ऐसे मत बाँटो॥
हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई,
बौद्ध, जैन, पारसी सभी हैं।
आदित्य कैसे इतनी दूरी में,
एक दूसरे से हम जा बैठे हैं॥
डा. कर्नल आदि शंकर मिश्र ‘आदित्य’,
कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा)। जंगल नाहरछपरा के बड़ा सेमरहना काली स्थान पर गुरुवार को श्रमिक…
बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ पर परिवहन विभाग सख्त, नियमों की अनदेखी करने वाले विद्यालयों…
संतकबीरनगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले में गुरुवार को हुई बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने…
देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। जीआरपी थाना देवरिया और बिहार पुलिस की संयुक्त टीम ने चोरी…
बरहज/देवरिया(राष्ट्र क़ी परम्परा)सरयू नदी के जलस्तर में हो रही लगातार वृद्धि से छोटे किसान परेशान…
शिक्षकों व उनके परिवारों को मिलेगी कैशलेस उपचार की सुविधा, मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना…