सलेमपुर (राष्ट्र की परम्परा)। विकास खंड के चांदपलिया ग्राम सभा में किसानों को आधुनिक एवं जैविक खेती के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से किसान संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के सैकड़ों किसानों ने भाग लिया। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को बेहतर पैदावार, मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने तथा रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
संगोष्ठी में विशेषज्ञों ने किसानों को आर्गेनिक खेती अपनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने बताया कि खेतों की उर्वरक क्षमता बनाए रखने के लिए दलहनी फसलों की खेती बेहद जरूरी है। किसानों को मूंग, ढैंचा और अन्य दलहनी फसलें लगाने की सलाह दी गई। विशेषज्ञों के अनुसार इन फसलों से मिट्टी में प्राकृतिक रूप से नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ती है, जिससे भूमि की उर्वरता में सुधार होता है और अगली फसल की पैदावार बेहतर होती है।

कार्यक्रम में Mahyco प्राइवेट लिमिटेड के टेरिटरी बिजनेस मैनेजर अंकित उपाध्याय और किसान एडवाइजर सर्वेश पाण्डेय ने किसानों को धान की उन्नत किस्मों की जानकारी दी। इस दौरान धान बीज की नस्ल 5477 सहित अन्य उन्नत प्रजातियों की विशेषताओं और उत्पादन क्षमता पर विस्तार से चर्चा की गई। किसानों को बीज चयन, पौध संरक्षण और संतुलित पोषण प्रबंधन की तकनीकों से भी अवगत कराया गया।
अंकित उपाध्याय ने किसानों को बताया कि खेतों में यूरिया का अत्यधिक प्रयोग मिट्टी की गुणवत्ता को प्रभावित करता है, इसलिए इसका सीमित उपयोग करना चाहिए। उन्होंने धान की फसल में जड़ों को मजबूत बनाने के लिए ह्यूमिक एसिड के प्रयोग की सलाह दी। उनके अनुसार ह्यूमिक एसिड के उपयोग से पौधों का विकास बेहतर होता है, जड़ें मजबूत बनती हैं और उत्पादन में वृद्धि होती है। साथ ही धान के कल्ले अधिक निकलते हैं, जिससे फसल की गुणवत्ता और उपज दोनों में सुधार होता है।
कार्यक्रम का आयोजन शशिकांत मिश्र द्वारा किया गया। संगोष्ठी के दौरान किसानों ने खेती से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और आधुनिक तकनीकों पर विशेषज्ञों से चर्चा कर महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।
इस अवसर पर मोहन गुप्ता, रामउग्रह यादव, राम इकबाल यादव, संतोष शर्मा, विनोद गौण, गणेश यादव, बृजेश यादव, गुड्डू कुशवाहा, मदन गुप्ता, कृष्ण मुरारी दुबे, गोविंद बिहारी दुबे, निखिल द्विवेदी, सौरभ द्विवेदी, सूरज गुप्ता, कन्हैया कुशवाहा, रामाधार, कैलाश प्रसाद, लालबहादुर गुप्ता, उमाशंकर दुबे, शशिकांत मिश्र और शशिभूषण मिश्र सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
