गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में बुधवार को कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने आईएसएसएन युक्त, पियर-रिव्यूड, बहुभाषी एवं बहुविषयी शोध पत्रिका ‘शोध भारती’ के प्रथम अंक का औपचारिक विमोचन किया। कुलपति कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शोध प्रकाशनों को उच्च शिक्षा और शोध संस्कृति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि उत्कृष्ट शोध पत्रिकाएं अकादमिक गुणवत्ता को नई दिशा देने के साथ शोध परंपरा को भी मजबूत करती हैं। उन्होंने ‘शोध भारती’ की निरंतर प्रगति, गुणवत्ता और राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठा अर्जित करने की शुभकामनाएं दीं।
पत्रिका के प्रधान संपादक डॉ. अभिषेक कुमार शर्मा ने बताया कि ‘शोध भारती’ का उद्देश्य विभिन्न विषयों में मौलिक, गुणवत्तापूर्ण और नवाचारपरक शोध को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने कहा कि यह पत्रिका देशभर के शोधार्थियों, शिक्षकों और अकादमिक विद्वानों को एक विश्वसनीय एवं साझा शोध मंच उपलब्ध कराएगी।
विमोचन समारोह में संपादकीय एवं सलाहकार मंडल के सदस्य प्रो. शरद मिश्र, प्रो. सत्यपाल सिंह, डॉ. वंदना सिंह, उप-संपादक डॉ. मनोज द्विवेदी तथा समन्वयक डॉ. प्रदीप सिंह उपस्थित रहे। संपादकीय मंडल के सदस्य प्रो. कपिन्द्र, डॉ. अरुण कुमार पांडेय और डॉ. शैलेश सिंह ने भी पत्रिका के प्रकाशन पर शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया और शोध, प्रकाशन तथा अकादमिक उत्कृष्टता के प्रति निरंतर प्रतिबद्ध रहने का संकल्प दोहराया गया।
