वर्ष 2021 में हुए चुनाव में लोहरौली एवं पिपरा काजी के प्रधान कूट रचित जाति प्रमाण पत्र लगाकर जीते थे चुनाव
महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। निचलौल ब्लाक अंतर्गत ग्राम सभा लोहरौली व पिपरा काजी में कूट रचित जाति प्रमाण पत्र लगाकर प्रधान बने दोनों प्रधानों का एसडीएम न्यायालय ने निर्वाचन रद्द कर दिया है।
प्राप्त समाचार के अनुसार वर्ष 2021 में प्रधान पद के लिये चुनाव में ग्राम सभा लोहरौली एवं पिपरा काजी का प्रधान पद अनुसूचित जनजाति के लिये आरक्षित था परंतु लोहरौली से कमलेश कुमार एवं पिपरा काजी से नरेन्द्र देव ने फर्जी अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र बनवाकर चुनाव लड़े और विजयी घोषित भी हुये। इनके जाति प्रमाण पत्र पर लोहरौली गांव निवासी गुनेश्वर यादव एवं पिपरा काजी निवासी मनोज ने एसडीएम न्यायालय में वाद दाखिल किया था। इनके जाति प्रमाण पत्र की जांच के लिये डीएम एवं मण्डल स्तर के अधिकारियों से पूर्व में शिकायत भी की थी। मण्डल एवं जिला स्तरीय समिति ने बारी-बारी से दोनों ग्राम प्रधानों का जाति प्रमाण पत्र निरस्त किया था। एसडीएम न्यायालय ने गुरूवार को इस मामले में आदेश जारी कर दोनों प्रधानों के जाति प्रमाण पत्र गलत पाये जाने के आधार पर निर्वाचन रद्द किया है। एसडीएम निचलौल ने बताया कि लोहरौली एवं पिपरा काजी गांव के प्रधान पद के निर्वाचन में लगाये गये कूट रचित जाति प्रमाण पत्र को जिला एवं मण्डल स्तरीय समिति ने पहले ही निरस्त कर दिया था। जिसके आधार पर दाखिल याचिका को स्वीकार करते हुये दोनों ग्राम पंचायतों के प्रधान पद का निर्वाचन निरस्त कर दिया गया है।
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