निपुण भारत व पोषण योजनाओं की समीक्षा में सख्त दिखे डीएम, लापरवाही पर जताई नाराजगी

कायाकल्प कार्यों में देरी पर फटकार, कुपोषण दूर करने को मिशन मोड में काम के निर्देश

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा की अध्यक्षता में निपुण भारत मिशन एवं जिला पोषण समिति की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई, जिसमें शिक्षा और पोषण से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर गहन समीक्षा की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और जमीनी स्तर पर परिणाम सुनिश्चित करें।
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने ऑपरेशन कायाकल्प के अंतर्गत प्राथमिक विद्यालयों में चल रहे सुधार कार्यों की प्रगति पर असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने भवनों की मरम्मत, निर्माण, शौचालय, चहारदीवारी और कक्षाओं के टाइलिंग जैसे कार्यों में देरी को गंभीरता से लेते हुए निर्देश दिया कि सभी असंतृप्त मानकों को शीघ्र पूर्ण कराया जाए। बीएसए रिद्धि पांडेय ने जानकारी दी कि दिव्यांग शौचालय के 291 मामलों में 226 कार्य अभी शुरू ही नहीं हुए हैं, वहीं 33 चहारदीवारी के सभी कार्य अनारंभ हैं।शिक्षण कक्ष टाइलिंग के 59 मामलों में 43 कार्य लंबित हैं। इस पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने के सख्त निर्देश दिए।
आधारशिला क्रियान्वयन संदर्शिका के कम उपयोग पर भी जिलाधिकारी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। लक्ष्मीपुर, सिसवां, नौतनवां और परतावल ब्लॉकों में इसका उपयोग बेहद कम पाए जाने पर संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों को स्पष्टीकरण जारी करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि डीटीएफ और बीटीएफ टीमों द्वारा विद्यालयों का नियमित निरीक्षण किया जाए और शिक्षण गुणवत्ता में सुधार सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने बच्चों के लर्निंग आउटकम में सुधार को प्राथमिकता देते हुए कहा कि इसकी जिम्मेदारी तय की जाए और ठोस परिणाम सामने आएं। उन्होंने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे विद्यालयों के शैक्षणिक वातावरण में गुणात्मक सुधार के लिए प्रभावी निगरानी करें।
जिला पोषण समिति की समीक्षा के दौरान कुपोषण की स्थिति पर भी चर्चा की गई। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि जनपद में 478 बच्चे गंभीर कुपोषित और 2638 बच्चे मध्यम कुपोषित श्रेणी में चिन्हित हैं। इन बच्चों के पोषण सुधार के लिए उन्हें एनआरसी में रेफर किया जा रहा है तथा आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों द्वारा घर-घर जाकर परामर्श दिया जा रहा है। साथ ही स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से चिकित्सीय सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।कुपोषण को जड़ से समाप्त करने के लिए मिशन मोड में कार्य करने के निर्देश दिए और कहा कि टीएचआर प्लांट से पोषाहार का वितरण नियमित व पारदर्शी ढंग से सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना के तहत अधिक से अधिक गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण कराने पर जोर दिया गया। बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि वे योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिम्मेदारी के साथ कार्य करें, ताकि जनपद में शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में ठोस सुधार दिखाई दे।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र कुमार सिंह, डीडीओ बी.एन. कन्नौजिया, डीसी एनआरएलएम, डीपीआरओ तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहें।

rkpNavneet Mishra

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