वन माफियाओं के हाथ बिक रही सेंचुरी जंगल, जिम्मेदार मना रहे मंगल

पकड़ी वन रेंज के मरचहवां वन चौकी का हाल

लकड़ी काटकर फर्नीचर की दुकानों व चैला के रुप में सप्लाई करते हैं वन माफिया

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। सोहगी बरवां वन्य जीव प्रभाग के सौंदर्य से महाराजगंज को प्रदेश में उत्तम श्रेणी में लाने के लिए जहां पूर्व जिला अधिकारी सत्येंद्र कुमार झा ने जंगल सफारी नामक योजना का शुरुआत किया जिसमे वनों के सौंदर्य को जंगल सफारी के माध्यम से पर्यटन का रूप दिया जाए तथा जंगल में बसे वन ग्रामों को उनके जीवन एवं मूल धरोहर को विकसित करने के लिए जनपद में स्थित वन सेंचुरी क्षेत्र मे विकास की गंगा बहा रहे हैं वहीं जंगल माफिया सेंचुरी जंगल की लकड़ी काटकर उनके अस्तित्व को मिटाने में लग गए हैं। जिसके जिम्मेदार वन के बीट प्रभारी है तो लोगो सहित वन माफियाओं को मंगल का पाठ पढ़ाते नजर आते हैं।
एक ऐसा ही मामला पकड़ी रेंज के मरचहवां बीट मे देखने को मिल रहा है, जहां रोजाना एक से दो पेड़ दिनदहाड़े काट कर वन माफिया लकड़ी को फर्नीचर की दुकानों पर व चैला का रूप देकर जिला मुख्यालय पर चाय की दुकान व अन्य प्रतिष्ठानों पर सप्लाई करते नजर आ रहे हैं।
प्राप्त समाचार के अनुसार पकड़ी वन रेंज के मरचहवां वन चौकी में वन माफिया दिनदहाड़े सेंचुरी जंगल की लकड़ियां काटकर उनके अस्तित्व को मिटाने में लग गए हैं। परंतु जंगल के जिम्मेदारों पर कोई असर नहीं पड़ रहा है जिससे वन सेंचुरी क्षेत्र आज वन माफियाओं के हाथों शिकार होने पर मजबूर हो रहे हैं। आज लकड़ियों की कटान देखकर आला अधिकारी मौन धारण किए हैं। क्षेत्र के जिम्मेदार वन बीट चौकी पर चैन का नींद ले रहे हैं। वहीं वन माफियाओं का प्रकोप जंगल की लकड़ियों पर तेजी से फैल रहा है। वन सफारी योजना का क्या महत्व रह जाएगा तथा जिला अधिकारी का सपना कैसे पूरा हो पाएगा घने जंगल व वन ग्राम के सौंदर्य को प्रदर्शित करने के लिए तथा वनों में स्थित धरोहरों को पर्यटक के रूप में लोगों के बीच प्रस्तुत करने का व महाराजगंज जिले को प्रदेश में उत्तम स्थान दिलाने का जो सपना देखा जा रहा है वह वन माफियाओं के कारण धूमिल होता नजर आ रहा है जिसका प्रमुख कारण है कि जिम्मेदारों द्वारा मोटी रकम लेकर वन माफियाओं के हाथ बेचकर मंगल ही मंगल का पाठ पढना शुरु कर देते हैं।जिससे मरचहवां बीट की जंगलों में रोजाना एक से दो पेड़ों का कटना तथा इससे संबंधित अधिकारियों का मौन धारण करना जंगल सफारी के लिए घातक नजर आ रहा है। इस सम्बन्ध मे मरचहवां बीट प्रभारी संदीप राना ने कहा कि हम फोन पर क्या बताए आप सामने आकर जानकारी लिजिए।

rkpNavneet Mishra

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