Category: अन्य खबरे

आगरा में SIR-2026 की सुस्ती पर जिलाधिकारी सख्त, बूथवार अधिकारियों की तैनाती से बढ़ेगी रफ्तार

आगरा (राष्ट्र की परम्परा) आगरा में चल रहे विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (SIR-2026) कार्यक्रम की धीमी प्रगति को लेकर जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने कड़ा रुख अपनाया…

मूक-बधिर और दृष्टिबाधित छात्रों ने प्रतियोगिताओं में दिखाया दम

आगरा (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)विश्व दिव्यांग दिवस 2025 के अवसर पर आगरा स्थित पीएम राजकीय इंटर कॉलेज, शाहगंज में माध्यमिक विद्यालयों के दिव्यांग छात्र-छात्राओं के लिए विशेष खेल और सांस्कृतिक…

बिना दस्तावेज मिली 32.78 लाख की नकदी, आयकर विभाग करेगा जांच

देवरिया में मार्निंग वॉकर चेकिंग के दौरान बोलेरो से 32.78 लाख नकद बरामद, आयकर विभाग को सौंपी गई रकम देवरिया (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)अपराध और अपराधियों पर नियंत्रण के लिए…

मसूरी में 600 प्रशिक्षु आईएएस और एक सवाल

“उंगलियों पर हल होने वाला सवाल और भविष्य के प्रशासकों की तैयारी का सच” मसूरी से उठता सवाल: क्या हमारी प्रशासनिक शिक्षा केवल पुस्तकीय हो गई है? मसूरी में 600…

जनता की पीड़ा पर सत्ता की चुप्पी — आखिर कब टूटेगी?

कैलाश सिंह महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। देश की राजनीति में वादों और भाषणों की गूंज तो खूब सुनाई देती है, लेकिन जनता की असल पीड़ा पर सत्ता की खामोशी गहरी होती…

MCD उपचुनाव में BJP का दबदबा, 12 में से 7 वार्ड जीते, AAP और कांग्रेस को झटका

दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)दिल्ली नगर निगम (MCD) के 12 वार्डों में हुए उपचुनाव के नतीजों ने राजधानी की राजनीति में एक बार फिर हलचल पैदा कर दी है। इन…

राज्यसभा में “लोक भवन नाम विवाद” पर गरमाई बहस, विपक्षी नेता बोले– “संसद नहीं बुलडोजर”

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा )बुधवार को राज्यसभा में “लोक भवन नाम विवाद” (राजभवन का नाम बदलकर लोक भवन) पर तीखी बहस देखी गई। विपक्षी नेता और कांग्रेस सांसद मल्लिकार्जुन…

जागरूक मतदाता-लोकतंत्र की वैश्विक जिम्मेदारी और 100 प्रतिशत सहभागिता की आधुनिक अनिवार्यता

मतदाताओं का मतदान के प्रति उत्साह किसी भी राष्ट्र के लोकतांत्रिक स्वास्थ्य का सबसे विश्वसनीय सूचक माना जाता है गोंदिया-वैश्विक स्तरपर लोकतंत्र किसी भी राष्ट्र का केवल राजनीतिक ढांचा नहीं…

बिहार की धरती से भारत के प्रथम नागरिक तक: डॉ. राजेंद्र प्रसाद की ऐतिहासिक यात्रा

भारत के इतिहास में कुछ व्यक्तित्व ऐसे हुए हैं, जिनका जीवन संपूर्ण राष्ट्र के लिए प्रेरणा बन गया। स्वतंत्र भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद भी ऐसे ही महान…

अंतर्जातीय शादी: परंपरा बनाम आधुनिक सोच की टकराहट

बढ़ती अंतर्जातीय विवाह : समाज व विज्ञान की नजर में एक विस्तृत विश्लेषण भारत जैसे विविधताओं से भरे देश में विवाह केवल दो व्यक्तियों का नहीं बल्कि दो परिवारों, परंपराओं…

3 दिसंबर: दिव्यांगजनों के अधिकारों को समर्पित खास दिन

अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग दिवस: समावेशी समाज की ओर एक मजबूत कदम, जानिए इसका इतिहास, उद्देश्य और महत्व हर वर्ष 3 दिसंबर को अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग दिवस (International Day of Persons with Disabilities)…

“एसआईआर : सरकारी लापरवाही की कीमत कर्मचारियों की जान से क्यों चुकाई जाए?

”लेख – सलेमपुर के धनगड़ा ग्राम निवासी युवा लेखपाल आशीष कुमार (30 वर्ष) की मौत केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि शासन-प्रशासन की अव्यवस्थित और कठोर प्रणाली की भयावह…

उन्नीस की उम्र, अनंत का बलिदान: अमर शहीद खुदीराम बोस

असि. प्रो. जितेन्द्र कुमार पाण्डेय भारत के स्वतंत्रता संग्राम का हर अध्याय अदम्य साहस, त्याग और राष्ट्रभक्ति की गाथाओं से भरा हुआ है। इन अमर गाथाओं के शिखर पर जिस…

ओ-लेवल एवं सीसीसी कंप्यूटर प्रशिक्षण योजना: 4 दिसंबर तक करें ऑनलाइन आवेदन

देवरिया, (राष्ट्र की परम्परा)जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी अविनाश मणि त्रिपाठी ने बताया कि निदेशक, पिछड़ा वर्ग कल्याण उत्तर प्रदेश, लखनऊ के आदेश (पत्र संख्या–1843, दिनांक 1 दिसंबर 2025) के…

अंतर्राष्ट्रीय दासता उन्मूलन दिवस: मानव से लेकर मन तक- हर रूप की गुलामी से मुक्ति आवश्यक

✍️ नवनीत मिश्र अंतर्राष्ट्रीय दासता उन्मूलन दिवस हमें यह याद दिलाता है कि दासता केवल इतिहास के पन्नों में कैद कोई पुरानी व्यवस्था नहीं है, बल्कि आज भी कई नए…