Category: स्तंभ

जनसेवा का नया फॉर्मूला: कार में बैठिए, समस्या सुनिए और रिपोर्ट बनाइए!

हर विधायक को कार और 75 हजार रुपये! जनसेवा का नया मॉडल या सुविधा का नया अध्याय? व्यंग्य | संजय एम. तराणेकरकवि, समीक्षक व स्तंभकार | इन्दौर, मध्य प्रदेश (rkpnewsup.com…

थाना समाधान दिवस में डीएम व एसपी ने सुनीं जन समस्याएं, गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के दिए निर्देश

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी आलोक कुमार एवं पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने थाना समाधान दिवस के अवसर पर कोतवाली खलीलाबाद पहुंचकर पुलिस एवं राजस्व विभाग के…

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के प्रयास से 6969 करोड़ की परियोजना मंजूर, बाराबंकी-बहराइच के बीच सफर होगा आसान

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। भारत सरकार के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के प्रयासों से बाराबंकी से बहराइच को जोड़ने वाले 101.5 किमी लंबे नए राष्ट्रीय राजमार्ग-927 के उच्चीकरण को केंद्र सरकार…

युद्ध विभीषिका

युद्ध की विभीषिका में युवा सैनिक,जिसे जानते नहीं उसे जान से मारते हैं,वे न उसे प्रेम करते हैं न घृणा करते हैं,बस किसी का बर्बर आदेश मानते हैं। और ऐसे…

ज्ञान, कला और बुद्धि की अधिष्ठात्री माँ सरस्वती

भारतीय सनातन संस्कृति में ज्ञान को सर्वोच्च स्थान प्राप्त है, और ज्ञान की इस दिव्य चेतना की अधिष्ठात्री देवी हैं माँ सरस्वती। वे केवल विद्या की देवी नहीं, बल्कि कला,…

महाराणा प्रताप: स्वाभिमान, संघर्ष और स्वतंत्रता के अमर प्रतीक

नवनीत मिश्र भारतीय इतिहास में कुछ व्यक्तित्व ऐसे हैं, जो सत्ता, वैभव और सुविधा से ऊपर स्वाभिमान और स्वतंत्रता को रखते हैं। महाराणा प्रताप ऐसे ही युगपुरुष थे, जिनका जीवन…

राम नाम महामन्त्र

राम नाम के महामंत्र से,मन का कलुष मिटायेगा,भवसागर से पार लगेगा,तन मन निर्मल हो जायेगा।राम नाम के…… यह तन जो अनमोल मिला है,प्रभु की कृपा से पाया है,माया मोह के…

महादेव गोविंद रानाडे: राष्ट्रसेवा और सामाजिक चेतना के अग्रदूत

पुनीत मिश्र महादेव गोविंद रानाडे भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के उन महान चिंतकों और समाज सुधारकों में अग्रणी थे, जिन्होंने राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानते हुए अपने व्यक्तिगत सुख-सुविधाओं का त्याग किया।…

शरत्चन्द्र चट्टोपाध्याय: करुणा, विद्रोह और यथार्थ के साहित्यकार

नवनीत मिश्र बंकिमचंद्र चटर्जी और रवींद्रनाथ ठाकुर जैसे महान साहित्यकारों की परंपरा से प्रेरणा लेने के बावजूद शरत्चन्द्र चट्टोपाध्याय ने भारतीय साहित्य को एक बिल्कुल अलग दिशा दी। जहां बंकिमचंद्र…

मकर संक्रांति: सूर्य की गति, संस्कृति की चेतना

नवनीत मिश्र सूर्य की गति और उत्तरायण का वैज्ञानिक आधार मकर संक्रांति के दिन सूर्य धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करता है और उत्तरायण की यात्रा आरंभ…

दूषित हवा, दूषित समाज और मोहन राकेश की चेतावनी

जयंती पर विशेष: पुनीत मिश्र “जिस हवा में फूल अपने पूरे सौन्दर्य के साथ नहीं खिल सकता, वह हवा अवश्य दूषित हवा है। जिस समाज में मनुष्य अपने व्यक्तित्व का…

कपिल देव: एक कप्तान, जिसने असंभव को संभव बनाया

पुनीत मिश्र भारतीय क्रिकेट के इतिहास में कुछ नाम ऐसे हैं, जो केवल रिकॉर्ड नहीं बनाते, बल्कि सोच की दिशा बदल देते हैं। कपिल देव उन्हीं विरले व्यक्तित्वों में से…

भारतेन्दु हरिश्चंद्र : हिंदी के पितामह-नवजागरण के शिल्पकार

नवनीत मिश्र ‘निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल’…यह पंक्ति मात्र एक काव्य-सूत्र नहीं, बल्कि उस वैचारिक क्रांति की उद्घोषणा है, जिसने आधुनिक हिंदी साहित्य की दिशा और दृष्टि…

“इतिहास के पन्नों में अमर 5 जनवरी: वे विभूतियाँ जिनका जाना एक युग का अंत था”

5 जनवरी भारतीय एवं विश्व इतिहास में केवल एक तिथि नहीं, बल्कि ऐसी महान विभूतियों की स्मृति का दिन है, जिनके योगदान ने समाज, संस्कृति, प्रशासन और कला को गहराई…