Category: स्तंभ

भावनाओं, नेतृत्व और प्रतिभा से भरा 5 जनवरी: इतिहास को दिशा देने वाले महान जन्मदिवस

5 जनवरी का दिन केवल कैलेंडर की एक तारीख नहीं, बल्कि भारतीय और विश्व इतिहास में ऐसे असाधारण व्यक्तित्वों का स्मरण दिवस है, जिन्होंने अपने कर्म, प्रतिभा और विचारों से…

इतिहास के पन्नों में 5 जनवरी: जब खेल, विज्ञान, राजनीति और युद्ध ने रचा समय का अमिट दस्तावेज़

इतिहास केवल तिथियों का संग्रह नहीं, बल्कि उन निर्णयों, उपलब्धियों और घटनाओं का जीवंत दस्तावेज़ है, जिन्होंने मानव सभ्यता की दिशा बदली। 5 जनवरी ऐसी ही एक तिथि है, जिसने…

निंदा से डरे बिना काम करते रहना चाहिए: सावित्रीबाई फुले

मराठी कवयित्री, भारत में सामाजिक सुधार आंदोलन की नायिका, भारत की प्रथम महिला शिक्षिका, शोषितों-वंचितों एवं पिछड़ गए लोगों की सशक्त आवाज, नारी शिक्षा को समर्पित सावित्रीबाई फुले जी की…

हिन्दी साहित्य के मनोवैज्ञानिक उपन्यासकार जैनेन्द्र कुमार: विचार, संघर्ष और रचना-दृष्टि

पुनीत मिश्र हिन्दी साहित्य के इतिहास में जैनेन्द्र कुमार का नाम एक ऐसे रचनाकार के रूप में स्थापित है, जिन्होंने कथा-साहित्य को बाह्य घटनाओं की दुनिया से निकालकर मनुष्य के…

श्रीलाल शुक्ला: ‘रागदरबारी’ के जरिए भारतीय व्यवस्था की तीखी पड़ताल

नवनीत मिश्र हिन्दी साहित्य में श्रीलाल शुक्ला ऐसे साहित्यकार हैं, जिन्होंने कल्पना के आवरण में नहीं, बल्कि यथार्थ की कठोर ज़मीन पर खड़े होकर लेखन किया। उनका चर्चित उपन्यास रागदरबारी…

दुष्यंत कुमार: असहमति, संवेदना और समय की आवाज

नवनीत मिश्र दुष्यंत कुमार हिन्दी कविता और ग़ज़ल की परंपरा में वह सशक्त हस्ताक्षर हैं, जिन्होंने शब्दों को सौंदर्य की सीमा से निकालकर सामाजिक संघर्ष का माध्यम बनाया। उनकी रचनाएँ…

रामानंद सागर: टेलीविजन पर संस्कृति और संस्कारों के अमिट हस्ताक्षर

पुनीत मिश्र भारतीय टेलीविजन के इतिहास में रामानंद सागर का नाम उस सृजनात्मक क्रांति का प्रतीक है, जिसने छोटे परदे को केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और आध्यात्मिक…

प्रकृति के सुकुमार महाकवि सुमित्रानंदन पंत: शब्दों में बसी संवेदना की अमर यात्रा

पुनीत मिश्र हिंदी साहित्य की वह उजली धारा, जिसमें प्रकृति, मानवता और सौंदर्य एक साथ प्रवाहित होते हैं। उसका नाम सुमित्रानंदन पंत है। उनकी पुण्यतिथि पर स्मरण करते हुए यह…

छत्तीसगढ़ की माटी की सुगंध: पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी ‘मास्टरजी’ की साहित्यिक विरासत

डॉ. संदीप मिश्र छत्तीसगढ़ की धरती केवल खनिज, वन और नदियों के लिए ही नहीं जानी जाती, बल्कि यह ऐसी विभूतियों की जन्मस्थली भी रही है जिन्होंने अपने साहित्य से…

कार्टून की रेखाओं में सजी संस्कृति: केशव शंकर पिल्लई का रचनात्मक संसार

पुण्यतिथि पर विशेष – जितेन्द्र कुमार पाण्डेय भारतीय कार्टून कला को जन-जन तक पहुँचाने वाले केशव शंकर पिल्लई, जिन्हें के. शंकर पिल्लई के नाम से अधिक जाना जाता है, केवल…

मन और साहित्य के अन्वेषक: पद्म भूषण जैनेन्द्र कुमार

पुनीत मिश्र हिन्दी साहित्य के इतिहास में जैनेन्द्र कुमार का नाम उन रचनाकारों में लिया जाता है, जिन्होंने कथ्य से अधिक मनुष्य के अंतर्मन को साहित्य का केंद्र बनाया। वे…

24 दिसंबर 2025 पंचांग: बुधवार को विनायक चतुर्थी, जानें शुभ योग, राहुकाल और सूर्य समय

24 दिसंबर 2025 का पंचांग: बुधवार को पौष मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि है। इस दिन वैनायकी विनायक चतुर्थी का व्रत रखा जाएगा। चतुर्थी तिथि दोपहर 1 बजकर…

आज का राशिफल: 24 दिसंबर को किसे लाभ, किसे सावधानी

आज का राशिफल 24 दिसंबर को ग्रह-नक्षत्रों की चाल के आधार पर आपके दिन की दिशा बताता है। यह दिन कुछ राशियों के लिए उन्नति, धन लाभ और खुशखबरी लेकर…

समाज सुधार से राष्ट्र चेतना तक: स्वामी श्रद्धानंद का युगद्रष्टा जीवन

पुनीत मिश्र भारतीय नवजागरण और स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास में स्वामी श्रद्धानंद जी एक ऐसे व्यक्तित्व के रूप में स्थापित हैं, जिन्होंने संन्यास को आत्मकल्याण तक सीमित न रखकर समाज…

भारतीय परमाणु विज्ञान के शिल्पकार डॉ. पी.के. अयंगर

पुनीत मिश्र भारतीय विज्ञान और विशेषकर परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में जिन व्यक्तित्वों ने बिना किसी दिखावे के राष्ट्र की वैज्ञानिक नींव को सुदृढ़ किया, उनमें डॉ. प्रमोद कालीकर अयंगर…