Category: कविता

परिवार से जुड़ाव

शब्द व व्यवहार ही मनुष्यकी असली पहचान होते हैं,चेहरा व ऐश्वर्य तो आज हैं,शायद कल नहीं रह पाते हैं। तकलीफ़ें और मुसीबतें ईश्वर निर्मितप्रयोगशालाओं में तैयार की जाती हैं,मनुष्य का…

आइये! कुछ दीप जलाएं

जगमग ज्योतिजलें दीपोत्सव में,कुछ दिये जलाइयेउनके निमित्त भी,हो गये शहीद जोभारत की सीमा पर,उनके नाम भी आइयेकुछ दिये जलाइये। ये भी पढ़ें –दीपों की रोशनी में निहित है मानवता, सौहार्द…

प्रेम सुधा लक्ष्मी हर घर बरसे

समय बीत जाता है यादें रह जाती हैं,कहानी ख़त्म, निशानी रह जाती है,रिश्ते बने रहते होंठों की हँसी बनकर,या कभी कभी आँखों में प्रेमाश्रु बन कर। इन सबमें वह प्रेम…

चौथा स्तम्भ-कितना सक्षम

कौन सच्चा कौन झूठा, क्यालिखकर बतला पाऊँगा ?ख्याल आता है कभी, क्याबहती गंगा में हाथ धो पाऊँगा? परंतु जब ख़याल आया किइसमें भी बड़ी राजनीति है,तो क्या सच लिख पाऊँगा…

हँसते रिश्ते व आत्म सुख

खुल कर हँसना, आत्म- सुकून दे,मन में मन हँसना दिल को सुकून दे,प्रेम सदा हँसता मुस्कुराता जीवन दे,प्रेम सुखी जीवन की चाभी होती है। सचेतन मन व सतर्क मस्तिष्क में,ध्यान…

ज्ञान और विज्ञान

अनुचित स्पर्धा की चाहत भीलोगों की नक़ल कराती है,औरों की कृतियाँ, अंदाज,तरीक़ा भी औरों का अपनाती है। अपना कहने की चाहत मेंऔरों का संगीत चुराकर भी,अपना गीत, कला अपनीअपनी ही…

असमंजस और अहंकार

ज़िन्दगी असमंजस से भरी,जो चाहते वो मिलता नहीं,जो मिले उससे संतोष नहीं,उम्मीद कभी पूरी होती नहीं। उम्मीदों का है फ़साना,शब्दों का ही अफ़साना,उम्मीदें तो बदल पाएँगेपर कहे शब्द कैसे बदलेंगे।…

पुण्य भारी पड़ रहा है

पुण्य भारी पड़ रहा है कहा किसी ने,यह प्रतिक्रिया मुझे दी एक मित्र ने,स्वास्थ्य तो शरीर का देखा जाता है,मन:स्थिति का पता कौन ले पाता है। कोई कार्य निष्काम होकर…

पार्थ, रहना सजग

युद्ध जीत भी जाना तोहे पार्थ, तुम रहना सजग।धृतराष्ट्र सदा ही आयेंगे,गले लगाने तुमको पग-पग। है युगों युगों का सत्य यही,तुम भूल न जाना पार्थ कभी।जो अपनों जैसे लगते हैं,वो…

दुआओं में शक्ति

दुआओं में बहुत शक्ति होती है,जो किसी के लिये भी की जाती है,दुआ देना अहंकार नहीं होता है,दुआ तो प्रभू से माँगना होता है। दुनिया का मालिक है जनक हमाराऔर…

दुनिया स्वार्थ में अंधी होती है

जीवन में प्रचंड चक्रवात, तूफानका आना भी अति आवश्यक है,तभी हमें पता चलता है कि कौनहमारा हाथ पकड़ कर चलता है। दुनिया स्वार्थ में अन्धी होती है,अक्सर लोग साथ छोड़…

जीवन के सिद्धांत

सबका जीवन अपनी ही,पसंद का क़ायल होता है,अवसर वादिता का जीवनमिथ्या जीवन कहलाता है। जीवन के परिवर्तन स्वेच्छा से हों,बहाने बाज़ी से करना ठीक नहीं,प्रेरणा का अति महत्व है जीवन…

सूरज को दीपक दिखाना

सुना था अच्छे व श्रेष्ठ रचनाकार,कवि चलते चलते जो देख लेते हैं,उस पर तुरन्त कविता लिख देते हैं,वही तो अब हम सभी देख रहे हैं। आपकी प्रतिक्रिया को हीकेवल नमन…

निःसंदेह यही कर्म फल हैं

निःसंदेह यही कर्म फल हैं निसंदेह हम अपने कर्मों कीवजह से ही बीमार पडते हैं,खानपान में परहेज़ न करना,समयानुसार वस्त्र न बदलना। इसे भी पढ़ें – https://rkpnewsup.com/no-permission-to-take-law-into-ones-own-hands-government/ स्वास्थ्य विरोधी हों…

सकारात्मक सोच

घड़ी की क़ीमत कितनी भी होकिंतु समय न वश में कर पाती,कितना भी शक्तिमान कोई होनियति न कभी वश में आती। पद की महिमा से मिला मानक्षण भंगुर सा ही…