आज मुझे नव स्फूर्ति मिल रही है,नव जन्म वर्ष में प्रवेश कर रहा हूँ,उम्र का एक वर्ष गिनती में बढ़ा…
कहते हैं कि दुवाओं मेंबहुत ताक़त होती है,दवा काम नहीं करतीतो दुआ काम आती है। अक्सर दवा का काम,दुआ ही…
परमात्मा ने मत्स्य बनाने की सोची,तब उसने सागर से बात किया,जब उसने वृक्ष उगाने की सोची,तब उसने पृथ्वी से राय…
खत्म हुआ वनवास आजअब राम हमारे आएंगेराजतिलक अब फिर से होगाहम सब खुशी मनाएंगे..।। सूनी पड़ी अयोध्या फिर सेआज पुनः…
उत्तुंग हिमालय शीश बन खड़ा,सागर वंदन करे चरण रज धोकर,पर्वतराज ऊँचा उठने को कहता है,सागर दिखलाता गहरे लहराकर। सोच समझ…
डाक हिमालय की बर्फीलीलेकर चलीं हवाएं,सुबह-शाम मैदानों कीसांकल चढ़कर खाकाएं। क्रूर-निर्दयी से मर्माहतबार-बार पिस-पिस केअंधियारे की बांहों मेंचांदनी कसमसा सिसकेकुहरे…
मित्रता कभी मिलने को तरसे,कभी साथ रहने को भी तरसे,इससे अच्छी मित्रता क्या होगी,बिना कभी मिले ही मित्रता रहे। रिश्तों…
रावण पराक्रमी, बुद्धिमान ज्ञानी था,पर मारा गया श्रीराम के हाथों था,“विनाश काले विपरीत बुद्धि” कानारी से कई बार अभिशाप मिला…
रावण पराक्रमी, बुद्धिमान ज्ञानी था,पर मारा गया श्रीराम के हाथों था,“विनाश काले विपरीत बुद्धि” कानारी से कई बार अभिशाप मिला…
जैसे जैसे कच्चा फल पकता जाता हैनर्म होकर उसका रंग बदलने लगता है,उस फल का स्वाद मीठा हो जाता है,वही…