कविता

स्वस्थ विचारों का आदान–प्रदान

स्वस्थ विचारों का आदान प्रदान,ज्ञान और बुद्धि से आगे बढ़ता है,तर्कहीन वार्तालाप अज्ञानता एवंअहंकार जैसे दुर्गुण पैदा करता है। किसी…

3 years ago

एक वर्ष जीवन कम हुआ आज

आज मुझे नव स्फूर्ति मिल रही है,नव जन्म वर्ष में प्रवेश कर रहा हूँ,उम्र का एक वर्ष गिनती में बढ़ा…

3 years ago

दुआएं

कहते हैं कि दुवाओं मेंबहुत ताक़त होती है,दवा काम नहीं करतीतो दुआ काम आती है। अक्सर दवा का काम,दुआ ही…

3 years ago

प्रभु ने इंसान बनाने की सोची

परमात्मा ने मत्स्य बनाने की सोची,तब उसने सागर से बात किया,जब उसने वृक्ष उगाने की सोची,तब उसने पृथ्वी से राय…

3 years ago

राम आएंगे

खत्म हुआ वनवास आजअब राम हमारे आएंगेराजतिलक अब फिर से होगाहम सब खुशी मनाएंगे..।। सूनी पड़ी अयोध्या फिर सेआज पुनः…

3 years ago

अप्रतिम संदेश का देश भारत

उत्तुंग हिमालय शीश बन खड़ा,सागर वंदन करे चरण रज धोकर,पर्वतराज ऊँचा उठने को कहता है,सागर दिखलाता गहरे लहराकर। सोच समझ…

3 years ago

शीतऋतु

डाक हिमालय की बर्फीलीलेकर चलीं हवाएं,सुबह-शाम मैदानों कीसांकल चढ़कर खाकाएं। क्रूर-निर्दयी से मर्माहतबार-बार पिस-पिस केअंधियारे की बांहों मेंचांदनी कसमसा सिसकेकुहरे…

3 years ago

ख़ुशियों का शिल्पी

मित्रता कभी मिलने को तरसे,कभी साथ रहने को भी तरसे,इससे अच्छी मित्रता क्या होगी,बिना कभी मिले ही मित्रता रहे। रिश्तों…

3 years ago

लंकापति को श्राप अभिशाप

रावण पराक्रमी, बुद्धिमान ज्ञानी था,पर मारा गया श्रीराम के हाथों था,“विनाश काले विपरीत बुद्धि” कानारी से कई बार अभिशाप मिला…

3 years ago

लंकापति रावण को श्राप अभिशाप

रावण पराक्रमी, बुद्धिमान ज्ञानी था,पर मारा गया श्रीराम के हाथों था,“विनाश काले विपरीत बुद्धि” कानारी से कई बार अभिशाप मिला…

3 years ago