कविता

मां की ममता

मां प्यार बिना है सूनासारा यह संसार..!मां के आंचल में है सिमटास्नेह-प्यार-मनुहार..!! दुनियां में सब कुछ मिलता हैजो भी लिखा…

2 years ago

भ्रम पाल बैठे हैं

न कहीं ख़ुशी बिक रही है,न रंजोगम ही बिक रहा है,व्यर्थ में हम भ्रम पाल बैठे हैं,कि शायद मरहम लग…

2 years ago

प्रकृति की सुंदरता : एक सोच

गर्दन को झुकाकर मोबाइल में यदिअजनबी रिश्तों से हम जुड़ सकते हैं,हकीकत के रिश्तों में गर्दन झुकाकरएक दूसरे को भी…

2 years ago

ख़ुद ही मुद्दई

ख़ुद ही मुद्दई, ख़ुद ही मुद्दालय,ख़ुद ही पुलिस ख़ुद न्यायालय,ख़ुद ही गवाह ख़ुद ही पैरोकारी,ख़ुद वकील ख़ुद जाँच अधिकारी। जहाँ…

2 years ago

नो लाइफ…

आज कल अमर्यादित टिप्पणीकरने में हम बहुत तेज़ हो गये हैं,सारी मर्यादा जाने या अनजाने,ईर्ष्यावश हम सभी भूल गये हैं।…

2 years ago

रोटी

रोटी की है महिमा न्यारीसबके मन को भाती है,मेहनत करना हमें सिखातीरोटी भूख मिटाती है।सच्ची राह पर चलना निरंतररोटी हमें…

2 years ago

प्रकृति का नियम

जिस तरह वृक्ष की प्रकृति होती हैहमारी प्रकृति वैसी होनी चाहिए,अपनी धरती पर रह वृक्ष की तरह,जड़ों के साथ ही…

2 years ago

देवी स्तुति

हे मातु दया कर दे, वर दे,तन स्वस्थ सुखी रखिये रखिये,रोटी कपड़ा रहने को घर,भूषित वैभव रखिये रखिये।हे मातु… जीवन…

2 years ago

प्रकृति का कटु सत्य

प्रकृति का नियम कितना कटु सत्य है,जो दिखता है, सत्य से परे हो सकता है,आँखे जो देखती हैं जल्दी मिट…

2 years ago

काश मै चरित्रहीन होती

सुनो!मुझे कुछ सुनाई दिया,देखो!मुझे कुछ दिखाई दिया।पर तुम्हें नहीं?इसलिए कहती हूँ सामान्यनहीं हूँ मैं,विशेष भी नहींइन दोनों परिचयो से मुक्त…

2 years ago