कविता

दुर्भाव सुभाव उनके कबहूँ न बनैं

लहसुन, प्याज़ गुण धर्म से जैसे,बेस्वाद, तीक्ष्ण गंध वाले होते हैं,उनको कपूर जल से धोकर रखियेअपने गुण धर्म वह नहीं…

2 years ago

जीवन मंत्र और सत्य

पानी का पम्प बंद कर देने से नल बंदहो जाता है, पानी आना रुक जाता है,घड़ी बंद करने से घड़ी…

2 years ago

करें मतदान!

रखिए सुरक्षित लोकतंत्र, भर समता का भाव।तज कर जाति भेद भाव, करें सटीक चुनाव। नेता चुने सही आप, करे सदा…

2 years ago

सम्मान समारोह एवं काव्य गोष्ठी का आयोजन संपन्न

विभिन्न क्षेत्र मे उत्कृष्ट कार्य करने वाले वैशिष्ट्जनों का किया गया सम्मान मुम्बई(राष्ट्र की परम्परा) सांताक्रुज रेलवे कॉलोनी मे निर्मला…

2 years ago

कोरोना के रचनात्मक पहलू

कोरोना वाइरस की महामारी से दोवर्षों के अनुभव से विश्व जनमत कोसदा सदा के लिए अनेक महत्व पूर्णसीखें मिली हैं…

2 years ago

मानस प्रसंग

“तृण धरि ओट क़हति वैदेही।सुमिरि अवधपति परम सनेही ॥” दशरथ के राजमहल के भोजनकक्षमें रानियाँ भोजन परोस रही थीं,माता कौशल्या…

2 years ago

तन–मन में बसे मेरे श्रीराम

जीवन में जो कुछ है प्राप्त हुआ,श्रीराम कृपा मान स्वीकार करूँ,भोजन न पचे तो अपच रोक सकूँ,ऐश्वर्य बढ़े तो दिखावा…

2 years ago

ईश्वर एक है

कबीर कुआं एक है पानी भरें अनेक,बर्तन में ही भेद है, पानी सबमें एक। जब हिंदू मुस्लिम सहित सभी धर्मोंको…

2 years ago

होली आई रे कन्हाई…

होली आई रे, कन्हाई होली आई,राधा के संग खेलत कृष्ण कन्हाई,गोपी ग्वाले मिल मस्ती मनाई,गोकुल, बरसाने वृंदावन जाई,होली आई रे,…

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कर्म की गति नियत होती है

थोड़ा सा मुस्कराने में क्या जाता है,तारीफ़ खुल कर करिये जमाने की,कुछ नहीं जाता है क्षमा कर देने में,मदद भरपूर…

2 years ago