कविता

सही व त्वरित निर्णय

नौकरी के एक साक्षात्कार में यहप्रश्न पूछा गया कि यदि आप केसामने अचानक एक बड़ा सा कालानाग आ जाय तो…

1 year ago

कर्तव्य करिए, फल की इच्छा नहीं

आस्था और विश्वास की ताक़त सेटूटते हुये सम्बंध बार बार जुड़ जाते हैं,लोगों की उजड़ी अंधियारी दुनिया मेंइनके द्वारा हरियाली…

1 year ago

जन्म दिन विशेष कविता बृजेश मिश्र:– पत्रकार/ कवि

आज जन्मदिन मिश्र कुलदीप की "सत्रहवीं जन्म दिवस" जनवरी छः दिन सोमवार सन पच्चीस। दे रहा हूं जिसकी "मैं" बधाई।बाबा…

1 year ago

हाथों में है किताब मेरे

हिसार(राष्ट्र की परम्परा)उतरेंगे नकाब तेरे।सुन तो ले जवाब मेरे॥ भरे थे तो क़द्र न जानी,सूखे अब तालाब तेरे। अपने खाते…

1 year ago

फूलों का हार…

परोपकार, दान धर्म स्वाभाविक है,देने वाला कभी विचार नहीं करता,बहुत ज़्यादा विचार करने वाला तोसोच सोच कर कुछ दे नहीं…

1 year ago

सम्पति सहेज कर भी न अघात

ऐश्वर्यवान कृपण के लिये विद्वान,सुशील भी अति तुच्छ तृण समान,कमल पुष्प कली और नाल भुभक्षहंस करत वंचित भ्रमर और मधुमक्ष।…

1 year ago

जो भृगु मारी लात

भगवान विष्णु की छाती पर महर्षि,भृगु ने क्यों लात मारी थी एक बार,यह अद्भुत पूरा प्रसंग जानिए कि भृगुऋषि ने…

1 year ago

विचारों का आदान-प्रदान

स्वस्थ विचारों का आदान प्रदान,ज्ञान और बुद्धि से आगे बढ़ता है,तर्कहीन वार्तालाप अज्ञानता एवंअहंकार जैसे दुर्गुण पैदा करता है। किसी…

1 year ago

संस्कृति हमारी भारत भारती है

आज ज़रूरत आन पड़ी है भारत को,अपनी प्राचीन संस्कृति को पहचाने,प्राचीन भारतीय परम्परांओं को हम,आओ अपने सांस्कृतिक हित में जाने।…

1 year ago

रावण को श्राप-अभिशाप

रावण पराक्रमी, बुद्धिमान व ज्ञानी था,पर मारा गया श्री राम के हाथों था,“विनाश काले विपरीत बुद्धि” कानारी से बार बार…

1 year ago