कविता

फूलों का हार…

परोपकार, दान धर्म स्वाभाविक है,देने वाला कभी विचार नहीं करता,बहुत ज़्यादा विचार करने वाला तोसोच सोच कर कुछ दे नहीं…

1 year ago

सम्पति सहेज कर भी न अघात

ऐश्वर्यवान कृपण के लिये विद्वान,सुशील भी अति तुच्छ तृण समान,कमल पुष्प कली और नाल भुभक्षहंस करत वंचित भ्रमर और मधुमक्ष।…

1 year ago

जो भृगु मारी लात

भगवान विष्णु की छाती पर महर्षि,भृगु ने क्यों लात मारी थी एक बार,यह अद्भुत पूरा प्रसंग जानिए कि भृगुऋषि ने…

1 year ago

विचारों का आदान-प्रदान

स्वस्थ विचारों का आदान प्रदान,ज्ञान और बुद्धि से आगे बढ़ता है,तर्कहीन वार्तालाप अज्ञानता एवंअहंकार जैसे दुर्गुण पैदा करता है। किसी…

1 year ago

संस्कृति हमारी भारत भारती है

आज ज़रूरत आन पड़ी है भारत को,अपनी प्राचीन संस्कृति को पहचाने,प्राचीन भारतीय परम्परांओं को हम,आओ अपने सांस्कृतिक हित में जाने।…

1 year ago

रावण को श्राप-अभिशाप

रावण पराक्रमी, बुद्धिमान व ज्ञानी था,पर मारा गया श्री राम के हाथों था,“विनाश काले विपरीत बुद्धि” कानारी से बार बार…

1 year ago

चीरहरण से बचाओ

जैसे चाय में भिगोकर बिस्किट खानेसे ज़रा सी देर में ही घुल जाता है,वैसे ही जीवन में अवसर मिले उसकाउपयोग…

1 year ago

नाती “प्रत्विक/चीकू” का जन्म दिन विशेष

बाबा मैं मिश्र बृजेश दे रहा हूं नाती प्रत्विक को शुभ कामनाएं अपनी अशेषमेरे कुल प्रतिभा के आप हो संवाहक,…

1 year ago

अपना शरीर ही अपना मंदिर है

जीवन के उत्तरार्ध में पहुँचें जब,स्वास्थ्य का ख़ुद ध्यान रखें तब,अपना रक्तचाप व रक्तशर्करा भीसमय समय पर नापते रहें तब।…

1 year ago

सोच

हमारी ख़ुशी में सबसे बड़ी अड़चनशायद हमारी अपनी सोच होती है,क्योंकि हमारी सोच अपने आपकोऔरों से बहुत कमतर आँकती है।…

1 year ago