परोपकार, दान धर्म स्वाभाविक है,
देने वाला कभी विचार नहीं करता,
बहुत ज़्यादा विचार करने वाला तो
सोच सोच कर कुछ दे नहीं पाता।
वक्त किसी की प्रतीक्षा नहीं करता,
हवा की दिशा कोई नहीं बदल सकता,
वक्त का सदुपयोग कोई कैसे करे,
यह इंसान के कर्मों पर निर्भर होता है।
वक्त का सदुपयोग कर हवाओं
का रुख़ अपने माफ़िक़ कर सके,
धरा की फ़िक्र छोड़ आसमाँ की
ओर रुख़ करे और ऊपर उड़ सके।
फूलों का हार सबको अच्छा लगता है,
फूलों की महक सबको मोह लेती है,
पर धागे की न कोई तारीफ़ करता है,
जो फूलों को हार बना कर रखता है।
सत्य, सादगी और सुंदरता तीनों में,
प्राकृतिक रूप से समानता होती है,
आदित्य ये जहाँ भी उपास्थित होते हैं,
वहाँ बनावट की ज़रूरत नहीं होती है।
कर्नल आदि शंकर मिश्र ‘आदित्य’
गेहूं-धान के साथ सब्जी की खेती पर जोर, यूपी के किसानों को मिल सकता है…
शाहजहांपुर (राष्ट्र की परम्परा)। पूवायां थाना क्षेत्र के नथ्यापुर गांव में रविवार को अंतिम संस्कार…
बिहार में शिक्षकों के ट्रांसफर आवेदन की तारीख बदली, 4 अक्टूबर से भर सकेंगे फॉर्म…
उत्तराखंड बनेगा रोपवे हब, 160 किमी के 51 प्रोजेक्ट पर तेज हुआ काम देहरादून (राष्ट्र…
https://twitter.com/ANI/status/2101582385468895527?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E2101582385468895527%7Ctwgr%5Ea036b71a0b25bab54e2c08e57c3608954dceed97%7Ctwcon%5Es1_c10&ref_url=https%3A%2F%2Fd-30978208441138787552.ampproject.net%2F2608131752000%2Fframe.html वाराणसी (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में रविवार तड़के उत्तर प्रदेश एटीएस…
नशे में ड्राइविंग या तेज रफ्तार बनी वजह? पुलिस जांच में जुटी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का…