कविता

जीवनसाथी !

हमारे माता-पिता, पति-पत्नी,पुत्र-पुत्री, मित्र, सगे सम्बन्धी,क्या वास्तव में ये जीवनसाथी हैं,नहीं, जीवनसाथी तो शरीर है । शरीर साँसे लेना बंद…

1 year ago

नई कहानी बन

हिसार (राष्ट्र की परम्परा)बस दिल से सच्चा हिंदुस्तानी बन।आये देश के काम वह जवानी बन॥ क्यों जला रहा ख़ुद से…

1 year ago

‘शब्द और स्टैंज़ा’ कविता संग्रह का कुलपति ने किया विमोचन

हीरक जयंती समारोह के अवसर पर अंग्रेजी विभाग में आयोजित हुआ कार्यक्रम गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय…

1 year ago

सैनिक

हम भारत देश के सैनिक हैं,जमीन का महत्व व फौजी कासाहस कभी कम नहीं हो सकते हैं,ये राष्ट्र की शान…

1 year ago

वादा दिवस, पतिदेव की कहानी

वादा करो कि बेलन का उपयोगचपाती बनाने के लिये ही करोगी,वादा दिवस, पति देव की कहानीसुनिये कहानी उन्हीं की ज़ुबानी।…

1 year ago

निधिवन

मथुरा(राष्ट्र की परम्परा)निधिवन की लताओं में,बसते हैं श्याम मेरे lइसकी रज को माथे पर लगा,बन जाते बिगड़े काम मेरे।कदम रखते…

1 year ago

पुरुष के प्रकार चार

चार प्रकार के जीव संत बतलाते हैं,इन चारों के लिए चार प्रकार के हीव्यवहार भी यथानिम्न वताये जाते हैंसत्पुरुष, शठ,…

1 year ago

कहता है गणतंत्र

हिसार(राष्ट्र की परम्परा)बात एक ही यूँ सदा, कहता है गणतंत्र।बने रहे वो मूल्य सब, जन- मन हो स्वतंत्र। संसद में…

1 year ago

प्रेम का धागा

रहिमन धागा प्रेम का, मत तोरो चटकाय।टूटे पे फिर ना जुरे, जुरे गाँठ परी जाय ॥ रहीम दास कहते थे…

1 year ago

भारतीय नारियाँ

राष्ट्रीय हो या फिर अंतर्राष्ट्रीय,बालिका दिवस अवश्य मनायें,बालिकाओं को पैदा तो होने दें,उन्हें माँ की कोख में पलने तो दें।…

1 year ago