Categories: कविता

सैनिक

हम भारत देश के सैनिक हैं,
जमीन का महत्व व फौजी का
साहस कभी कम नहीं हो सकते हैं,
ये राष्ट्र की शान बनाये रखते हैं।
हम भारत देश के सैनिक हैं।

दिल तोड़ने वाले आशिक़ होते हैं,
हम फ़ौजी सरहद के रखवाले हैं,
दुश्मन के मंसूबे तोड़ने वाले हैं,
अंजाम की फिक्र नहीं करते हैं।
हम भारत देश के सैनिक हैं।

सैनिक मरने से न डरने वाले हैं,
जहाँ रिस्क है, वहीं खेलते हैं,
जहाँ कहीं घुसपैठ होती है,
वहीं पर हमारी पैठ होती है।
हम भारत देश के सैनिक हैं।

जय जय जवान, जय किसान,
जयविज्ञान जयहिंद की सेना,
कैसे सोयेगी उसकी वह माँ,
सीमा पर जिसका पुत्र खड़ा है,
हम भारत देश के सैनिक हैं।

कैसे काम करेगा वह पिता,
जिसका बेटा जंग में डटा है,
कैसे चहकेगी वह प्यारी बहना,
भाई को इंतजार है गोली का।
हम भारत देश के सैनिक हैं।

वो भाई कैसे पढ़ता होगा जो
मेरे आने का इंतजार कर रहा,
जीती होगी पत्नी कैसे जिसका
सिंदूर कभी भी मिट सकता हो।
हम भारत देश के सैनिक हैं।

सिसकते होंगे बच्चे कैसे जिनका
पिता कभी लौटकर न आता हो,
आदित्य कैसे रहेंगे मित्र जिनका
मित्र तिरंगे में लिपटा आता हो।
हम भारत देश के सैनिक हैं।

जय हिंद, जय जवान, जय हिन्द की सेना।

डा० कर्नल आदि शंकर मिश्र ‘आदित्य’

Karan Pandey

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