कविता

सच और झूठ का विकल्प

✍️ डॉ० कर्नल आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’ सच बोलना मानव की मूल प्रवृत्ति है,सच से ही जीवन में पवित्रता सृजित है।झूठ…

4 days ago

शिव भक्ति साहित्य में नया आयाम: आदित्य–शिव स्तुति

आदित्य–शिव स्तुति: महादेव की दिव्य आराधना में ओतप्रोत काव्यलेखक: डॉ. कर्नल आदि शंकर मिश्र ‘आदित्य’🔱 भूमिकाआदित्य–शिव स्तुति भगवान शिव के…

6 days ago

निर्विकार प्रेम कविता: भक्ति, धर्म और ईश्वर का सार

— डॉ. कर्नल आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’ प्रेम केवल भावना नहीं, यह भक्ति का स्वरूप है,प्रेम पूजा है, जहां न स्वार्थ…

1 week ago

संत से पूछिए क्रोध क्या होता है

✍️ डाॅ. कर्नल आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’ जीत–हार का तजुर्बा अजीब होता है,जीत पर सारी दुनिया गले लगाती है,हार के बाद…

1 week ago

सुप्रभात तो एक बहाना है: आस्था, धैर्य और जीवन दर्शन पर प्रेरक कविता

लेखक: डॉ. कर्नल आदिशंकर मिश्र, ‘आदित्य’ लेखक सुप्रभात तो एक बहाना हैजब सूर्य की कृपा होती है, सूर्य कीकिरणें प्रकाश…

2 weeks ago

आत्मविश्वास व परोपकार

• डॉ. कर्नल आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’ दर्पण का काम ही है सबको सबकीसूरत दिखाना चाहे अच्छी हो या नहीं,कितना निरपेक्ष…

2 weeks ago

आदित्य का हृदय स्रोत गदगद है

— डॉ० कर्नल आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’ गाँधी कहूँ या सुभाष कहूँ,या कहूँ वीर जवाहर तैने।इस उम्र में भी प्रशंसा-पत्रोंकी लगा…

2 weeks ago

जहाँ न पहुँचे रवि, वहाँ पहुँचे कवि

— डॉ. कर्नल आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’ मन की शक्ति के आगेकोई ताक़त ताकतवर नहीं होती,रवि किरणें जहाँ नहीं पहुँच पातीं,कवि…

3 weeks ago

भारत का गणतंत्र तभी सार्थक है, जब अंतिम व्यक्ति तक अधिकार पहुँचे

छिहत्तर वर्ष, जीवन का तीन-चौथाई सफ़र,आज़ादी के शताब्दी पर्व तक अबकेवल चौबीस वर्ष शेष हैं,यह समय भारत के लिए निर्णायक…

4 weeks ago

ताली एक हाथ से नहीं बजती

— डॉ. कर्नलआदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’ परस्पर आदर–सम्मान का व्यवहार,प्रेम और सद्भाव का है आधार।यह शाश्वत सत्य जग ने माना,ताली न…

4 weeks ago