✍️ डॉ० कर्नल आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’ सच बोलना मानव की मूल प्रवृत्ति है,सच से ही जीवन में पवित्रता सृजित है।झूठ…
— डॉ. कर्नल आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’ प्रेम केवल भावना नहीं, यह भक्ति का स्वरूप है,प्रेम पूजा है, जहां न स्वार्थ…
✍️ डाॅ. कर्नल आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’ जीत–हार का तजुर्बा अजीब होता है,जीत पर सारी दुनिया गले लगाती है,हार के बाद…
लेखक: डॉ. कर्नल आदिशंकर मिश्र, ‘आदित्य’ लेखक सुप्रभात तो एक बहाना हैजब सूर्य की कृपा होती है, सूर्य कीकिरणें प्रकाश…
• डॉ. कर्नल आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’ दर्पण का काम ही है सबको सबकीसूरत दिखाना चाहे अच्छी हो या नहीं,कितना निरपेक्ष…
— डॉ० कर्नल आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’ गाँधी कहूँ या सुभाष कहूँ,या कहूँ वीर जवाहर तैने।इस उम्र में भी प्रशंसा-पत्रोंकी लगा…
— डॉ. कर्नल आदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’ मन की शक्ति के आगेकोई ताक़त ताकतवर नहीं होती,रवि किरणें जहाँ नहीं पहुँच पातीं,कवि…
छिहत्तर वर्ष, जीवन का तीन-चौथाई सफ़र,आज़ादी के शताब्दी पर्व तक अबकेवल चौबीस वर्ष शेष हैं,यह समय भारत के लिए निर्णायक…
— डॉ. कर्नलआदिशंकर मिश्र ‘आदित्य’ परस्पर आदर–सम्मान का व्यवहार,प्रेम और सद्भाव का है आधार।यह शाश्वत सत्य जग ने माना,ताली न…