Friday, July 17, 2026
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जिलाधिकारी की अध्यक्षता में ज़िला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक

संवेदनशील स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश, ‘नो हेलमेट-नो पेट्रोल’ अभियान 1 से 30 सितम्बर तक

बलिया(राष्ट्र की परम्परा)

ज़िला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में सड़क सुरक्षा को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि 01 से 30 सितम्बर तक पूरे जिले में ‘नो हेलमेट-नो पेट्रोल’ अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत बिना हेलमेट पहने किसी भी व्यक्ति को पेट्रोल पंप पर पेट्रोल नहीं दिया जाएगा। सभी पेट्रोल पंपों पर अभियान से संबंधित बैनर लगाना अनिवार्य होगा। साथ ही सभी सरकारी कर्मचारी एवं अधिकारी हेलमेट पहनकर ही कार्यालय आएं, यह सुनिश्चित करने का आदेश विभागाध्यक्षों को दिया गया। बैठक में निर्णय हुआ कि ब्लैक स्पॉट्स की पहचान कर वहां सिगनेज, टेबल टॉप ब्रेकर और सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। संवेदनशील चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे व पब्लिक एड्रेस सिस्टम स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए शासन से धनराशि प्राप्त हो चुकी है। साथ ही कंट्रोल रूम स्थापित कर रिपोर्टिंग प्रणाली को मज़बूत बनाने पर बल दिया गया। जिलाधिकारी ने विशेष रूप से कहा कि कोई भी स्कूल वाहन बिना फिटनेस प्रमाणपत्र के न चले और चालकों की आंखों की जांच अनिवार्य रूप से कराई जाए। उन्होंने यातायात नियमों के व्यापक प्रचार-प्रसार और सख़्ती से प्रवर्तन पर भी जोर दिया।
उन्होंने कहा कि सभी विभाग मिलकर दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाएं, जिससे जिले में सड़क हादसों की संख्या में कमी लाई जा सके। बैठक में अपर पुलिस अधीक्षक कृपा शंकर सिंह, परिवहन विभाग के अधिकारी एवं अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे

अंधजन मंडल में “प्रज्ञाचक्षु टेलेंट सर्च” कार्यक्रम, 60 दृष्टिबाधित बच्चों को मिला प्रोत्साहन

अहमदाबाद(राष्ट्र की परम्परा डेस्क) वस्त्रापुर स्थित अंधजन मंडल परिसर में शनिवार को “प्रज्ञाचक्षु टेलेन्ट सर्च” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर गुजरात के सुप्रसिद्ध उद्योगपति एवं समाजसेवी मगनभाई पटेल मुख्य अतिथि एवं मुख्य स्पॉन्सर के रूप में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में कुल 60 दृष्टिबाधित प्रतिभाशाली बच्चों ने अपनी गायन और संगीत कला का शानदार प्रदर्शन किया। विजयी प्रतिभागियों को मगनभाई पटेल ने नकद पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि यह छोटे-छोटे कदम इन बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ाएंगे और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य करेंगे।

आयोजकों ने बताया कि “प्रज्ञाचक्षु टेलेंट सर्च” का मुख्य उद्देश्य दृष्टिबाधित बाल कलाकारों की छिपी हुई कला और प्रतिभा को मंच देना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रेरित करना है।

मगनभाई पटेल ने इस मौके पर बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि समाज के हर वर्ग को इन बच्चों का हौसला बढ़ाने के लिए आगे आना चाहिए।

छत्तीसगढ़ में B.Ed और D.El.Ed एडमिशन काउंसलिंग शुरू

रायपुर(राष्ट्र की परम्परा डेस्क) शिक्षक बनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। छत्तीसगढ़ में B.Ed और D.El.Ed कोर्सेज में प्रवेश के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अब स्टूडेंट्स को कॉलेज चयन के लिए इधर-उधर भटकने की जरूरत नहीं होगी। वे घर बैठे ऑनलाइन माध्यम से काउंसलिंग में शामिल होकर अपनी पसंद का कॉलेज और कोर्स चुन सकेंगे।

ऑफिशियल नोटिस के मुताबिक, Chhattisgarh B.Ed-D.El.Ed Counselling प्रोसेस 29 अगस्त से शुरू हो गया है। पहले राउंड की काउंसलिंग स्टेट काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (SCERT), छत्तीसगढ़ द्वारा आयोजित की जा रही है। इसके लिए अभ्यर्थियों को निर्धारित काउंसलिंग फीस जमा करनी होगी, जिसके बाद वे ऑनलाइन पोर्टल पर अपनी पसंद के कॉलेज और कोर्स का चयन कर सकेंगे।

काउंसलिंग से जुड़ी पूरी आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन ही रखी गई है। इसके लिए उम्मीदवारों को आधिकारिक वेबसाइट www.scert.cg.gov.in पर जाकर रजिस्ट्रेशन करना होगा। वेबसाइट पर दिए गए दिशा-निर्देशों को ध्यान से पढ़ते हुए स्टेप-बाय-स्टेप आवेदन किया जा सकता है।

रजिस्ट्रेशन के बाद अभ्यर्थियों को सीट अलॉटमेंट संबंधी जानकारी के लिए भी यही वेबसाइट चेक करनी होगी। सीट आवंटन की जानकारी 15 से 20 सितंबर 2025 के बीच जारी की जाएगी। इसके बाद उम्मीदवार अपना नाम सूची में देख सकेंगे और आगे की प्रक्रिया पूरी कर पाएंगे।

इस प्रकार, छत्तीसगढ़ सरकार ने शिक्षक प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाकर युवाओं के लिए इसे सरल और पारदर्शी बना दिया है।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर CM योगी ने दिए राहत कार्य तेज करने के निर्देश

वाराणसी/गाजीपुर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को अपने वाराणसी दौरे के बाद गाजीपुर के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया। मुख्यमंत्री ने बाढ़ की स्थिति का जायजा लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए तथा संकट की घड़ी में लोगों को किसी भी तरह की असुविधा न होने पाए।

मुख्यमंत्री ने संभागीय और जिला प्रशासन को लगातार अलर्ट रहने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों के लिए भोजन, पानी, स्वास्थ्य सेवाएं और आश्रय की पर्याप्त एवं समयबद्ध व्यवस्था की जाए। साथ ही मवेशियों के लिए चारे, स्वच्छ पेयजल और चिकित्सा आपूर्ति पर विशेष ध्यान देने पर बल दिया। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि बाढ़ प्रभावित गाँवों में दवाओं का पर्याप्त भंडार रखा जाए, विशेषकर सर्प-निरोधक और रेबीज-रोधी टीकों की उपलब्धता पर ध्यान केंद्रित किया जाए।

मुख्यमंत्री योगी ने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार आपदा की इस घड़ी में हर नागरिक के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने और पीड़ितों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

इस बीच, वाराणसी में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और यह खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। बाढ़ की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।

जनता दर्शन में सुनीं जनसमस्याएं वाराणसी प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सर्किट हाउस में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में लोगों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने प्रत्येक व्यक्ति के पास जाकर उनकी शिकायतों को धैर्यपूर्वक सुना और उन्हें न्याय का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनसमस्याओं का निस्तारण तत्परता, संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ किया जाए तथा किसी भी मामले में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

हाथी जैसी चाल चल रहा तन्त्र

ऑफिस में आओ मिलो आकर,
काम सही हो जाएगा मिलकर,
बस एक इशारा वो देते हैं फिर,
जेब गर्म उनकी कर दो जाकर।

भ्रष्टाचार की नींव मज़बूत यहाँ,
जेब गर्म करने की होती बात जहाँ,
हर छोटे बड़े काम की निश्चित दर,
ऊपर से धौंस जमाते, नहीं कोई डर।

हर दफ़्तर में, हर टेबल पर,
दराज़ें आगे पीछे की जाती हैं,
गेट के अंदर और गेट के बाहर
महफ़िलें दलालों की मिलती हैं।

नये नये बने ओवर ब्रिज भी,
असमय में ही गिर जाते हैं,
सड़कों की हालत तो ऐसी है,
कच्चे गलियारे अच्छे होते हैं।

भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा है भारत
पूँजी पतियों की यहाँ पर चाँदी है,
एक साल में पूँजी दूनी हो जाती है,
सरकारी ख़ज़ाना बिलकुल ख़ाली है।

आदित्य नहीं कोई सुनने वाला,
और नहीं कहीं कोई देखने वाला,
हाथी जैसी चाल चल रहा तन्त्र,
सत्ता की मस्ती में है जो मतवाला।

  • डा. कर्नल आदि शंकर मिश्र
    ‘आदित्य’

पुलिस का “मार्निंग वॉकर चेकिंग अभियान”, 361 व्यक्तियों व 227 वाहनों की जांच

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)l पुलिस अधीक्षक विक्रान्त वीर के निर्देशन में शनिवार सुबह 5 बजे से 8 बजे तक जिलेभर में “मार्निंग वॉकर चेकिंग अभियान” चलाया गया। अभियान के दौरान थाना स्तर पर पुलिस अधिकारियों ने आमजन से संवाद स्थापित कर सुरक्षा का भरोसा दिलाया तथा संदिग्ध व्यक्तियों व वाहनों की जांच की।
पुलिस ने कुल 25 स्थानों पर चेकिंग करते हुए 361 व्यक्तियों और 227 वाहनों की जांच की। नियमों का पालन न करने वाले 7 वाहनों का ई-चालान भी किया गया।
जनता ने पुलिस की इस पहल की सराहना की और मॉर्निंग वॉक के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर संतोष व्यक्त किया।

अमेरिकी अपील कोर्ट का झटका, ट्रंप का पलटवार – बोले “सुप्रीम कोर्ट में होगी अंतिम लड़ाई”

न्यूयार्क (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)अमेरिका की राजनीति और अर्थव्यवस्था में बड़ा हलचल मचाते हुए एक अपील कोर्ट ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति को झटका दिया है। कोर्ट ने ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए अधिकांश टैरिफ को गैरकानूनी करार दिया है। हालांकि, अदालत ने 14 अक्टूबर तक इन टैरिफ को लागू रहने की अनुमति दी है, ताकि प्रशासन सुप्रीम कोर्ट में इस फैसले को चुनौती दे सके।

इस फैसले के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ा रिएक्शन दिया और साफ कहा कि उनकी टैरिफ नीति अभी भी लागू है। उन्होंने ऐलान किया कि इस मामले को वे सुप्रीम कोर्ट तक ले जाएंगे।

ट्रंप ने लेबर डे वीकेंड की शुरुआत में दिए अपने बयान में कहा—
“हमें याद रखना चाहिए कि टैरिफ हमारे श्रमिकों की मदद करने और ‘मेड इन अमेरिका’ उत्पाद बनाने वाली कंपनियों के लिए सबसे बड़ा सहारा हैं। कई सालों तक हमारे नासमझ नेताओं ने टैरिफ को हमारे खिलाफ इस्तेमाल होने दिया, लेकिन अब हालात बदलेंगे। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट की मदद से हम टैरिफ का इस्तेमाल अपने देश के हित में करेंगे और अमेरिका को फिर से अमीर, मजबूत और शक्तिशाली बनाएंगे।”

विशेषज्ञों का मानना है कि अपील कोर्ट का यह फैसला ट्रंप की आर्थिक नीतियों पर बड़ा आघात है। खासकर ऐसे समय में जब अमेरिका चुनावी मोड में है और ट्रंप एक बार फिर से राष्ट्रपति पद की दौड़ में हैं। सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई इस मुद्दे को और भी अहम बना देगी।

“7 साल बाद पीएम मोदी का चीन दौरा : एससीओ समिट में रूस-चीन संग बनेगा नया सत्ता समीकरण”

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 अगस्त को चीन पहुंच रहे हैं। यह उनकी लगभग सात साल बाद की पहली चीन यात्रा होगी। वे तियानजिन में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) समिट में हिस्सा लेंगे। खास बात यह है कि इस यात्रा से पहले वे जापान के दौरे पर हैं और वहीं दिए गए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि भारत चीन के साथ अपने रिश्तों की “नई परिभाषा” गढ़ने के लिए तैयार है।

मोदी का यह दौरा कई मायनों में अहम है। दरअसल, यह यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब भारत और अमेरिका के बीच तनाव गहराया हुआ है। अमेरिका ने भारत पर 50% टैरिफ लगाया है और इसकी समाप्ति की शर्त यह रखी है कि भारत रूस से कच्चे तेल की खरीद बंद करे। लेकिन भारत ने साफ कर दिया है कि वह अपनी ऊर्जा सुरक्षा से समझौता नहीं करेगा। अमेरिकी दबाव के बजाय अब भारत ने चीन के साथ ठंडे हो चुके रिश्तों को फिर से गरमाने की दिशा में कदम बढ़ा दिया है।

इस समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से होगी। माना जा रहा है कि तीनों देशों के बीच संबंधों की नई शुरुआत होगी और यह समीकरण वैश्विक राजनीति पर गहरा असर डालेगा। चीन, रूस और भारत का एक साथ आना न केवल अमेरिका बल्कि पश्चिमी देशों के लिए भी चिंता का विषय है।

अमेरिकी खेमे में इस कदम से बेचैनी साफ दिखाई दे रही है। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सलाहकार पीटर नवारो ने भारत की चीन और रूस की ओर बढ़ती नजदीकी को लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताया है। वहीं, गार्डियन डॉट कॉम की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत का अमेरिका पर से भरोसा डगमगा चुका है और यही वजह है कि वह एशिया में नई रणनीतिक धुरी की ओर बढ़ रहा है।

विशेषज्ञ मानते हैं कि इस दौरे से न केवल एशिया की कूटनीति में बड़ा बदलाव आएगा, बल्कि वैश्विक सत्ता समीकरण भी नए सिरे से परिभाषित होंगे।

रियासी में बारिश से बड़ा हादसा : एक ही परिवार के सात लोगों की मौत

जम्मू-कश्मीर (राष्ट्र की परम्परा) के रियासी जिले के बदड़ माहौर क्षेत्र में भारी बारिश ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। देर रात लगातार हुई बारिश के कारण भूस्खलन से बदड़ गांव निवासी नजीर अहमद (38 वर्ष) पुत्र बहार दीन का कच्चा मकान ढह गया। हादसे में नजीर अहमद, उनकी पत्नी वजीरा बेगम (35 वर्ष) और उनके पांच मासूम बच्चों की मलबे में दबकर मौत हो गई।

सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन व राहत दल मौके पर पहुंच गए और मलबा हटाने का कार्य शुरू किया गया। कई घंटों की मशक्कत के बाद शवों को मलबे से बाहर निकाला गया। पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है और लोग गहरे सदमे में हैं।

प्रशासन ने पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की संभावना जताई है। अधिकारियों ने पहाड़ी क्षेत्रों में रह रहे लोगों से सतर्क रहने की अपील की है, क्योंकि लगातार बारिश से भूस्खलन और मकानों के ढहने का खतरा बढ़ गया है।

गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से जम्मू-कश्मीर के विभिन्न इलाकों में भारी बारिश हो रही है। इस कारण बादल फटने और फ्लैश फ्लड जैसी घटनाएं भी लगातार सामने आ रही हैं। शुक्रवार को बंदीपोर जिले के गुरेज सेक्टर में बादल फटने की घटना हुई थी, हालांकि वहां किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

बारिश से जुड़े इन हादसों ने पूरे प्रदेश को चिंता और दहशत में डाल दिया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने जापानी समकक्ष संग की बुलेट ट्रेन यात्रा, सेंडाई तक साझा किया सफर

नई दिल्ली/टोक्यो (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को अपनी जापान यात्रा के दूसरे दिन जापान के प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा और अन्य अधिकारियों के साथ सेंडाई तक बुलेट ट्रेन की सवारी की। यह यात्रा भारत के लिए कई मायनों में अहम मानी जा रही है, खासकर ऐसे समय में जब संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ व्यापारिक रिश्तों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

प्रधानमंत्री इशिबा ने मोदी के साथ अपनी यात्रा की तस्वीरें साझा करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा, “प्रधानमंत्री मोदी के साथ सेंडाई जा रहा हूँ। कल रात की तरह, मैं उनके साथ कार में रहूँगा।”

दोनों प्रधानमंत्रियों की यह साझा यात्रा भारत-जापान के रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को और मज़बूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

🔴 PWD टेंडर घोटाले पर बड़ी कार्रवाई: अलीगढ़ प्रकरण में मुख्य अभियंता पर कार्यवाही, अधीक्षण🔴 PWD टेंडर घोटाले पर बड़ी कार्रवाई: अलीगढ़ प्रकरण में मुख्य अभियंता पर कार्यवाही, अधीक्षण अभियंता निलंबित, EE पर भी गाज अभियंता निलंबित, EE पर भी गाज

लखनऊ/अलीगढ़ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)लोक निर्माण विभाग (PWD) के टेंडर से जुड़े अलीगढ़ प्रकरण में शासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद शासन ने सख्ती दिखाते हुए विभागीय अधिकारियों पर गाज गिराई है।

मिली जानकारी के अनुसार, अलीगढ़ प्रकरण में मुख्य अभियंता को अनुशासनात्मक कार्रवाई हेतु अनुशासनिक नियमावली की धारा 10 (2) के तहत कार्यवाही का सामना करना पड़ेगा। वहीं, अधीक्षण अभियंता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

इसके अलावा, अधिशासी अभियंता (EE) के खिलाफ उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली 1999 के नियम 7 के अंतर्गत कार्रवाई की संस्तुति की गई है।

शासन स्तर से की गई इस कड़ी कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मच गया है। माना जा रहा है कि इस कदम का सीधा संदेश है कि किसी भी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

👉 संक्षेप में कार्रवाई मुख्य अभियंता पर नियम 10 (2) के तहत कार्यवाही अधीक्षण अभियंता निलंबित अधिशासी अभियंता पर नियम 7 के तहत कार्रवाई की संस्तुति यह मामला अब शासन की निगरानी में है और आगामी दिनों में जांच आगे बढ़ने के साथ और भी बड़े कदम उठाए जा सकते हैं।

सीएम योगी ने जनता दर्शन में सुनी लोगों की समस्याएं, अधिकारियों को त्वरित समाधान के दिए निर्देश

वाराणसी(राष्ट्र की परम्परा डेस्क) मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज सर्किट हाउस, बनारस में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने बड़ी संख्या में आए आमजन की समस्याओं को सुना। जनता से सीधे संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने लोगों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के साथ किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने उपस्थित संबंधित विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक समस्या का त्वरित और पारदर्शी निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जनता की शिकायतों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री से मिलने आए लोगों ने भूमि विवाद, पुलिस से संबंधित मामलों, रोजगार, स्वास्थ्य एवं राजस्व विभाग से जुड़ी शिकायतें रखीं। मुख्यमंत्री ने इन सभी मामलों पर तत्काल कार्रवाई करने और पीड़ितों को शीघ्र राहत दिलाने के आदेश दिए।

योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों से कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जन-समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण हो तथा जनता

नोएडा दौरे पर आयेगे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सीएम योगी, सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम

नोएडा (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) आज बड़े राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल का केंद्र बनने जा रहा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नोएडा के सेक्टर-80, फेज-2 स्थित राफे एमफाइबर प्राइवेट लिमिटेड के कार्यक्रम में शामिल होंगे। यह कंपनी रक्षा उत्पाद और ड्रोन निर्माण के क्षेत्र में कार्यरत है।

कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारी लगातार निरीक्षण कर रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले हिंडन एयरबेस (गाजियाबाद) पहुंचेंगे, जहां से हेलीकॉप्टर द्वारा सेक्टर-113 स्थित हेलीपैड पर उतरेंगे।

शाम 5:30 बजे नोएडा स्टेडियम में एक अन्य कार्यक्रम में सीएम योगी के शामिल होने की भी चर्चा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

मुख्यमंत्री और रक्षा मंत्री के आगमन को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं। करीब 2,500 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है ताकि किसी भी तरह की चूक न हो।

👉 यह दौरा न केवल रक्षा उत्पादन क्षेत्र के लिए अहम माना जा रहा है बल्कि नोएडा की राजनीति और औद्योगिक विकास के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है।

कालकाजी मंदिर में श्रद्धालुओं की पिटाई से सेवादार की मौत, प्रसाद मांगने के विवाद से भड़की घटना

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। राजधानी दिल्ली के प्रसिद्ध कालकाजी मंदिर में शुक्रवार रात एक दर्दनाक और शर्मनाक घटना सामने आई। यहां प्रसाद मांगने के विवाद ने इतना भयावह रूप ले लिया कि श्रद्धालुओं ने मिलकर मंदिर के एक सेवादार की पीट-पीटकर हत्या कर दी।

मृतक की पहचान योगेंद्र सिंह (35 वर्ष) के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले का निवासी था। योगेंद्र पिछले 15 वर्षों से कालकाजी मंदिर में सेवादार के रूप में सेवा कर रहा था।

पुलिस के मुताबिक, घटना 29 अगस्त की रात करीब 9:30 बजे की है। कुछ श्रद्धालु मंदिर में दर्शन के लिए आए और उन्होंने योगेंद्र से ‘चुन्नी प्रसाद’ (चुनरी और प्रसाद) की मांग की। इसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि श्रद्धालुओं का समूह आपा खो बैठा और उन्होंने लाठियों और मुक्कों से योगेंद्र पर हमला कर दिया।

गंभीर रूप से घायल योगेंद्र को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

पुलिस ने बताया कि आरोपियों की पहचान कर ली गई है और चार से पांच लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। फरार आरोपियों की तलाश में कई टीमें छापेमारी कर रही हैं।

इस घटना के बाद स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में आक्रोश है। मंदिर प्रशासन ने भी इसे बेहद दुखद और शर्मनाक बताया है।

“दरभंगा की विभा कुमारी हत्याकांड: घरेलू हिंसा की बर्बर तस्वीर, कब जागेगा समाज?”

दरभंगा (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) जिले से सामने आया विभा कुमारी हत्याकांड पूरे समाज को झकझोरने वाला है। 19 वर्षीय नवविवाहिता विभा की बेरहमी से हत्या उसके ही पति प्रमोद पासवान ने कर दी। आरोप है कि 26 अगस्त की रात प्रमोद ने सोई हुई पत्नी के सिर पर लोहे की खंती से वार कर दिया। उस वक्त विभा की गोद में उसका 17 दिन का मासूम बच्चा भी था। गंभीर हालत में इलाज के दौरान विभा की मौत हो गई, जबकि आरोपी खंती लेकर मौके से फरार हो गया। यह घटना सदर थाना क्षेत्र के रानीपुर बेला गांव की है।

हत्या और घरेलू हिंसा का भयावह चेहरा
भारत में महिलाओं के खिलाफ घरेलू हिंसा और हत्या की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रहीं। दरभंगा का यह मामला कोई अकेला उदाहरण नहीं है। आए दिन ऐसी खबरें देशभर से आती रहती हैं, जहां बेटियां, बहुएं और पत्नियां घर की चारदीवारी में ही अपनी जान गंवा रही हैं। सवाल यह है कि आखिर कब तक महिलाएं अपने ही घर में असुरक्षित रहेंगी?

समाज के लिए सबक
इस दर्दनाक घटना से समाज को सबक लेना जरूरी है।परिवार और समाज को जागरूक बनना होगा: घरेलू कलह और हिंसा को “घर का मामला” कहकर चुप नहीं बैठा जा सकता।

कानून का सख्ती से पालन जरूरी: महिलाओं की सुरक्षा के लिए बने कानूनों का कड़ाई से पालन हो और दोषियों को त्वरित सजा मिले।मानसिक स्वास्थ्य और परामर्श की जरूरत: घरेलू विवादों के समाधान के लिए काउंसलिंग और सामाजिक पहल बढ़ाई जानी चाहिए।

मासूमों पर असर
सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि विभा की गोद में उसका 17 दिन का मासूम बच्चा था। अब यह बच्चा अपनी मां की ममता से वंचित हो गया। यह केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं बल्कि समाज की विफलता की कहानी भी है।
विभा कुमारी की हत्या हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि क्या हम सचमुच महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर हैं? अब वक्त है कि समाज, सरकार और कानून मिलकर ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाएं। हर महिला को यह भरोसा मिलना चाहिए कि उसका घर उसके लिए सबसे सुरक्षित जगह है, न कि जानलेवा कैदखाना।