Thursday, July 16, 2026
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ग्राम पंचायत विकास योजनाओं में गुणवत्ता लाने के लिए डिजिटल तकनीक का करें प्रभावी उपयोग


जिला पंचायत संसाधन केंद्र भिनगा श्रावस्ती में खण्ड स्तरीय प्रशिक्षण सम्पन्न, Q-GPDP एवं डिजिटल पंचायत पर मिला व्यवहारिक प्रशिक्षण


श्रावस्ती (राष्ट्र की परम्परा)। ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर एवं विकासोन्मुख बनाने की दिशा में गुरुवार को डी पी आर सी भिनगा श्रावस्ती में विकास खंड स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसका शुभारंभ बृजेश कुमार पाण्डेय वरिष्ठ फैकल्टी डी पी आर सी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) तभी सफल होगी जब उसका निर्माण स्थानीय आवश्यकताओं, जनसहभागिता तथा डिजिटल तकनीक के प्रभावी उपयोग के साथ किया जाएगा। उन्होंने सभी अधिकारियों से प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारी को ग्राम स्तर तक पहुंचाकर योजनाओं के गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन का आह्वान किया।
जिला कॉर्डिनेटर स्वच्छ भारत मिशन राज कुमार तिवारी ने बताया कि माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेशानुसार पंचायत में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबन्धन पर नए कानून 2026 में पंचायतों में स्वच्छता को लेकर बनाए गये नियमों के बारे में बताते हुए कहा कि इसे पंचायत की कार्य योजना में सम्मिलित कीजिए । प्रशिक्षक चंचल देवी ने बताया कि ग्राम सभा की बैठक का शेड्यूल जारी कर आम जन के साथ एससी एसटी, महिला, बुजुर्ग एवं दिव्यांग जन की उपस्थिति एवं लाइन डिपार्टमेंट के अधिकारी एवं कर्मचारी की सहभागिता सुनिश्चित कर, वित्तीय समावेशन एवं ओएसआर बढ़ाना है। जिससे क्वालिटी जीपीडीपी का निर्माण हो सके। हमें हर हाल में 15 अगस्त 2026 तक इसे ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर अपलोड रहना है।
प्रशिक्षण का संचालन एवं मुख्य प्रशिक्षक अनिल कुमार तिवारी द्वारा किया गया। उन्होंने प्रतिभागियों को GPDP की 8-चरणीय प्रक्रिया, Q-GPDP, GPDP ब्लूप्रिंट, पंचायत एडवांसमेंट इंडेक्स (PAI), डिजिटल पंचायत ब्लूप्रिंट, ई-ग्राम स्वराज पोर्टल तथा ग्राम गरीबी निवारण योजना (VPRP) के ग्राम पंचायत विकास योजना में समेकन के विषय में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही योजनाओं के डिजिटल अपलोड, अभिसरण एवं सहभागी योजना निर्माण की व्यवहारिक प्रक्रिया का प्रदर्शन भी किया गया।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को बताया गया कि ग्राम पंचायतों की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाओं का निर्माण, विभागीय योजनाओं के प्रभावी अभिसरण तथा डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग से विकास कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सकती है। प्रशिक्षण में प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए विभिन्न व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से योजना निर्माण की प्रक्रिया को सरल ढंग से समझाया गया।
इस प्रशिक्षण में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रावस्ती की सचिव अनुप्रिया द्वारा सामाजिक रूप से सुरक्षित एवं न्याय संगत ग्राम पंचायत बनाने पर जोर देते हुए बताया कि ग्राम सभा के गरीब एवं जरूरतमंदों को विधिक सेवा मुफ़्त में दी जा रही है, पंचायत सहायकों को संबोधित करते हुए कहा कि , बाल विवाह,बाल भिक्षावृत्ति, बाल श्रम, घरेलू हिंसा रोकने हेतु जागरूकता पैदा करें साथ ही बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कार्य योजना में अंकित करें एवं पंचायतों को बाल हितैषी एवं महिला हितैषी की बनाने की दिशा में कार्य योजना तैयार करें।
जिला परियोजना प्रबंधक सपना यादव द्वारा पंचायत पोर्टल, जी पी डी पी पोर्टल, पंचायत निर्णय ऐप, ई ग्राम स्वराज के बारे में तकनीकी जानकारी दी।
कार्यक्रम में जिला समन्वयक सी 3 द्वारा पंचायतों में जी पी डी पी की कार्य योजना के तहत स्वास्थ्य एवं पोषण के बजट को डालने के बारे में तथा संकल्पित विषय स्वस्थ पंचायत एवं महिला हितैषी पंचायत बनाने के बारे में जानकारी दी।
इस कार्यक्रम में पंचायत सचिव, पंचायत सहायक, उपस्थित रहे।

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