Monday, July 13, 2026
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“पटना में राहुल गांधी की एंट्री से बदलेगा समीकरण! महागठबंधन की सीट जंग पर आज लग सकती है मुहर”

पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। बिहार की राजनीति में आज का दिन बेहद अहम माना जा रहा है। राजधानी पटना में कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक के बाद राहुल गांधी सीधे महागठबंधन के घटक दलों के शीर्ष नेताओं संग होटल चाणक्य में बैठेंगे। माना जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा चुनाव को लेकर सीट बंटवारे का फार्मूला और साझा रणनीति पर अंतिम फैसला लिया जा सकता है।

पिछले कुछ दिनों से महागठबंधन के भीतर सीटों को लेकर टकराव गहराता जा रहा था। कांग्रेस का दावा है कि इस बार उसे पिछली बार से अधिक सीटें मिलनी चाहिए, जबकि राजद अपने परंपरागत प्रभाव वाले इलाकों में किसी भी तरह की रियायत देने को तैयार नहीं दिख रहा। वामदलों और वीआईपी पार्टी ने भी अपनी-अपनी शर्तें रखी हैं। ऐसे हालात में राहुल गांधी की मौजूदगी को विवाद सुलझाने और अंतिम समझौते तक पहुंचने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

सूत्रों के मुताबिक, बैठक में केवल सीट बंटवारे पर ही नहीं, बल्कि साझा चुनावी मुद्दों और प्रचार अभियान की दिशा पर भी चर्चा होगी। बेरोजगारी, महंगाई और किसान संकट जैसे स्थानीय व राष्ट्रीय सवालों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया जाएगा। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और एनडीए सरकार की नीतियों के खिलाफ एकजुट होकर आक्रामक अभियान चलाने की रणनीति भी तय की जा सकती है।

शाम को बैठक के बाद राहुल गांधी, राजद नेता तेजस्वी यादव और अन्य सहयोगी दलों के नेता संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। राजनीतिक हलकों का मानना है कि यह महज प्रेस वार्ता नहीं होगी, बल्कि जनता को विपक्षी एकता का ठोस संदेश देने की पहल होगी।

विश्लेषकों का कहना है कि विधानसभा चुनाव से पहले महागठबंधन के लिए एकजुट चेहरा दिखाना बेहद जरूरी है। कांग्रेस खुद को गठबंधन में निर्णायक भूमिका में पेश करना चाहती है, जबकि राजद अपनी परंपरागत पकड़ बनाए रखने में कोई ढिलाई नहीं बरतना चाहता। इसीलिए पटना में हो रही यह बैठक बिहार की राजनीति का नया मोड़ साबित हो सकती है।

कूष्माण्डा माता आराधना और प्रसिद्ध मंदिरों की यात्रा

माँ कूष्माण्डा दुर्गा के नौ रूपों में चौथी आराध्य देवी हैं। कहा जाता है कि उनकी मुस्कान से ही ब्रह्माण्ड का सृष्टिकरण हुआ — इसलिए वे प्रकाश, जीवन-ऊर्जा, स्वास्थ्य और समृद्धि की देनी हैं। जिन भक्तों को शक्ति, उत्साह और परिवार-कल्याण की चाह होती है, वे विशेष रूप से माँ कूष्माण्डा की आराधना करते हैं। नीचे उनके कुछ प्रसिद्द मंदिरों, उन मंदिरों की विशेषता और वहाँ पहुँचने के व्यावहारिक मार्ग दिए जा रहे हैं — ताकि आप भक्ति यात्रा सरलता से योजना बना सकें।

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1.कुशमाँडा देवी मंदिर — घाटमपुर (गाँठ: कानपुर ज़िला, उत्तर प्रदेश)
यह मंदिर कानपुर-घाटमपुर क्षेत्र का प्रसिद्ध कूप्थान है जहाँ माँ कूष्माण्डा की प्राचीन मूर्ति/स्थापना है। स्थानीय मान्यता के अनुसार यह स्थान सदियों पुराना और स्वयंभू माना जाता है, इसलिए यहाँ भक्तों का निरन्तर आगमन रहता है। घाटमपुर से जुड़ी रेल व सड़क सुविधाएँ अच्छी हैं — निकटतम बड़ा रेलवे हब कानपुर सेंट्रल है और घाटमपुर की अपनी छोटी रेलवे सुविधा भी उपलब्ध है; कानपुर हवाई-अड्डा भी सापेक्ष नज़दीक है। यात्रियों के लिए कानपुर से घाटमपुर ट्रेन या सड़क मार्ग आसान विकल्प है।

  1. श्री कूषमण्डा मंदिर — काशी (वाराणसी, उत्तर प्रदेश)
    काशी (वाराणसी) में भी माँ कूष्माण्डा का एक प्राचीन मंदिर है, जो संकटा मोचन व आसपास के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों के पास स्थित है। यह मंदिर तीर्थयात्रियों और स्थानीय भक्तों के बीच लोकप्रिय है—वाराणसी के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक माहौल में यह स्थान विशेष महत्व रखता है। वाराणसी पहुँचना सहज है — लाल बहadur शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा (बाबतपुर) और वाराणसी जंक्शन रेलमार्ग के जरिए आसानी से आ सकते हैं; अन्दरूनी शहर से मंदिर स्थानीय वाहन/इ-रिक्शा से पहुँचा जा सकता है।

3.ब्यासन /bijasan माता मंदिर (इंदौर, मध्य प्रदेश) — (नवदुर्गा समेकित स्थल)
इंदौर के हिल-साइड पर स्थित Bijasan Mata (Bijasan Hill) मंदिर परिसर में नौ दुर्गा-रूपों का समेकित पूजन होता है और इसमें कुशमाण्डा का रूप भी पूजा जाता है। यह स्थान मुख्य शहर से करीब है और विशेषकर नवरात्रि के दिनों में यहाँ भारी भीड़ होती है। इंदौर रेलवे स्टेशन/हवाई अड्डा से सड़क मार्ग से पहुँचना सीधा व सुविधाजनक है—समाचार स्रोतों के अनुसार मंदिर इंदौर के लगभग 10 किलोमीटर के भीतर स्थित है और पर्यटक-घनत्व नवरात्रि में सबसे अधिक बढ़ता है।

  1. नौ देवी / कटरा/नौ-देवी गुफा (कटरा के नज़दीक — जम्मू एवं कश्मीर)
    कटरा-क्षेत्र में स्थित कुछ नौ-देवी स्थलों/गुफाओं में नवदुर्गा के रूपों को एकत्रित रूप से पूजा जाता है। इन स्थलों पर कभी-कभी कुष्मांडा समेत नौ देवी विराजमान मानी जाती हैं और यह धार्मिक पर्यटन के रूप में भी लोकप्रिय हैं। कटरा पहुँचना जम्मू के माध्यम से सबसे सुविधाजनक है — जम्मू से सड़क/रेल/हवाई संपर्क सुव्यवस्थित है; यात्रियों का सामान्य मार्ग जम्मू हवाई अड्डा →डोमल सड़क/ट्रेक के द्वारा होता है। यदि आपकी प्राथमिकता नौ-देवी परंपरा के अंतर्गत कुष्मांडा के दर्शन हैं तो कत्रा के आसपास के कुछ मंदिर व गुफा-स्थल भी देखे जा सकते हैं।
    माँ कूष्माण्डा की आराधना के सुझाव और यात्रा-टिप्स
  2. भक्ति और समय: नवरात्रि का चौथा दिन माँ कूष्माण्डा को समर्पित है — इस दिन विशेष पूजा, संध्या-अरती और जप (जैसे कूष्माण्डा के मंत्र) करने से भक्तों को विशेष लाभ माना जाता है।
  3. आरती और प्रसाद: प्रत्येक मंदिर की अपनी आरती-समय-सूची रहती है — तीर्थ-यात्रा से पहले मंदिर की स्थानीय टाइमिंग और महोत्सव तिथियाँ देख लें (नवरात्रि में विशेष प्रबंध होते हैं)।
  4. यात्रा योजना: लंबी दूरी पर जाने वालों को रेल/हवाई टिकट पहले से बुक कर लेने चाहिए; छोटे तीर्थ-स्थलों पर भीड़ और पार्किंग सीमित हो सकती है, इसलिए सुबह से निकलना बेहतर रहता है। काशी/कानपुर/इंदौर/कटरा—इन सभी केंद्रों पर स्थानीय आवास/पार्किंग व सड़क परिवहन की व्यवस्था उपलब्ध है।

राष्ट्रीय सेवा योजना दिवस : युवा शक्ति और समाज सेवा का महापर्व

दिन विशेष: प्रस्तुति- नवनीत मिश्र

हर वर्ष 24 सितंबर को भारतभर में राष्ट्रीय सेवा योजना दिवस बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। यह दिवस सिर्फ एक तिथि नहीं, बल्कि युवाओं के सामाजिक दायित्व, मानवता और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है। 1969 में महात्मा गांधी के आदर्शों और उनके ‘सेवा ही श्रेष्ठ धर्म है’ के संदेश को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय सेवा योजना की स्थापना की गई थी। आज यह योजना देश के युवाओं को न केवल सामाजिक सरोकारों से जोड़ती है, बल्कि उन्हें जीवन की सच्ची शिक्षा भी प्रदान करती है।

राष्ट्रीय सेवा योजना का मूल उद्देश्य युवाओं में सामाजिक जिम्मेदारी और संवेदनशीलता विकसित करना है। एनएसएस में शामिल छात्र-छात्राएं शिक्षा के साथ-साथ समाज सेवा के माध्यम से वास्तविक जीवन अनुभव प्राप्त करते हैं। यह योजना उन्हें यह सिखाती है कि समाज की भलाई केवल सरकार या संस्थानों का काम नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।

एनएसएस के कार्यक्रमों में युवा ही सक्रिय भागीदारी निभाते हैं। स्वच्छता अभियान, रक्तदान शिविर, शिक्षा और स्वास्थ्य जागरूकता अभियान, पर्यावरण संरक्षण तथा वृक्षारोपण जैसे कार्य केवल सेवा ही नहीं बल्कि नेतृत्व, अनुशासन और सहकारिता की भावना को भी विकसित करते हैं। इन अनुभवों से युवा वर्ग न केवल व्यक्तिगत विकास करता है बल्कि समाज की समस्याओं को समझने और उनका समाधान करने में भी सक्षम होता है। राष्ट्रीय सेवा योजना दिवस का संदेश स्पष्ट है “सेवा में ही शक्ति है”। जब युवा समाज की भलाई के लिए तत्पर रहते हैं, तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन संभव होता है। एनएसएस केवल एक छात्र कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण स्तंभ है। युवा जब अपने ज्ञान और ऊर्जा को समाज सेवा में लगाते हैं, तब उनकी शिक्षा का वास्तविक अर्थ सामने आता है।

राष्ट्रीय सेवा योजना दिवस हमें यह स्मरण कराता है कि समाज सेवा केवल कर्तव्य नहीं, बल्कि जीवन का आदर्श मार्ग है। युवा शक्ति और समाज सेवा का यह संगम राष्ट्र के उज्जवल भविष्य की आधारशिला है। हर छात्र-छात्रा को चाहिए कि वे एनएसएस के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएँ और समाज की सेवा के लिए समर्पित हों। आखिरकार, “Not Me, But You” का मंत्र केवल शब्द नहीं, बल्कि एक जीवन दर्शन है, जिसे अपनाकर हम सच्चे नागरिक बन सकते हैं।

नवरात्रि के चौथे दिन माँ कूष्माण्डा की आराधना : सुख, स्वास्थ्य और संपन्नता का अद्भुत मार्ग

विशेष लेख – पंडित ध्रुव मिश्र


शारदीय नवरात्रि का चौथा दिन देवी माँ के कूष्माण्डा स्वरूप की उपासना के लिए समर्पित है। नवरात्र के पहले तीन दिनों में माँ दुर्गा के कल्याणकारी, शौर्यपूर्ण और संतुलनकारी स्वरूपों की आराधना होती है, वहीं चौथे दिन आदिशक्ति के उस स्वरूप का पूजन होता है, जिनके उदर से संपूर्ण सृष्टि की उत्पत्ति हुई। यही कारण है कि इन्हें ब्रह्माण्ड की जननी और ‘आदि सृष्टि की अधिष्ठात्री’ कहा जाता है।
माँ कूष्माण्डा का स्वरूप और महत्व
माँ कूष्माण्डा अष्टभुजा धारी हैं। उनके हाथों में कमंडल, धनुष, बाण, कमल पुष्प, अमृतकलश, चक्र, गदा और जपमाला सुशोभित होते हैं। उनका वाहन सिंह है, जो पराक्रम का प्रतीक है। देवी का यह स्वरूप आरोग्य, बल, वैभव, तेज और आध्यात्मिक उन्नति प्रदान करता है। मान्यता है कि उनकी कृपा से साधक के भीतर दिव्य ऊर्जा और आत्मबल का संचार होता है।

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पूजा का विधिविधान
नवरात्रि के चौथे दिन प्रातःकाल स्नान कर घर अथवा मंदिर के पवित्र स्थान पर कलश स्थापना के समीप देवी कूष्माण्डा की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। आसन पर पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठें।

  1. संकल्प – जलपात्र में जल लेकर संकल्प करें कि मैं देवी कूष्माण्डा की आराधना कर रहा हूँ और उनसे सुख, शांति, स्वास्थ्य एवं वैभव की कामना करता हूँ।
  2. आवाहन – माँ का ध्यान करते हुए धूप, दीप, पुष्प और अक्षत अर्पित करें।
  3. पंचोपचार/षोडशोपचार पूजा – गंध, पुष्प, धूप, दीप और नैवेद्य चढ़ाएँ। इच्छानुसार फल, नारियल, मालपुआ और हलुआ नैवेद्य के रूप में अर्पित किए जाते हैं।
  4. विशेष भोग – माँ कूष्माण्डा को कद्दू (कूष्माण्ड) विशेष रूप से प्रिय है, इसलिए इसे अवश्य अर्पित करें। यह माना जाता है कि इस भोग से रोग निवारण और आयु वृद्धि होती है।
    देवी कूष्माण्डा के मंत्र
    पूजन के समय निम्न मंत्रों का जाप विशेष फलदायी माना गया है –
    बीज मंत्र
    ॐ ऐं ह्रीं क्लीं कूष्माण्डायै नमः॥
    ध्यान मंत्र
    सुरासम्पूर्णकलशं रुधिराप्लुतमेव च।
    दधाना हस्तपद्माभ्यां कूष्माण्डा शुभदास्तु मे॥

    इन मंत्रों का जाप कम से कम 108 बार करने से साधक को आरोग्य और दीर्घायु की प्राप्ति होती है।

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  1. पूजन के लाभ
    माँ कूष्माण्डा की कृपा से साधक की आयु बढ़ती है और स्वास्थ्य उत्तम रहता है।साधना से व्यक्ति को अपार ऊर्जा, तेज और आत्मबल प्राप्त होता है।पारिवारिक जीवन में सुख-समृद्धि आती है और घर में सदैव शांति बनी रहती है। रोग, शोक और संकटों का निवारण होता है।
    नवरात्रि का चौथा दिन माँ कूष्माण्डा की आराधना का विशेष अवसर है। यह केवल धार्मिक अनुष्ठान भर नहीं, बल्कि आत्मिक शक्ति, स्वास्थ्य और दीर्घायु प्राप्त करने का अद्भुत साधन है। जो भक्त पूर्ण श्रद्धा और भक्ति से माँ का पूजन करते हैं, वे जीवन में असीम ऊर्जा और आत्मविश्वास का अनुभव करते हैं। अतः इस दिन माँ कूष्माण्डा का स्मरण, पूजन और मंत्रजप अवश्य करें, ताकि जीवन हर क्षेत्र में प्रकाश और समृद्धि से भर सके।

पटना विश्वविद्यालय में स्नातक प्रवेश के लिए पंजीकरण शुरू, जानें पूरी प्रक्रिया

पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। पटना विश्वविद्यालय (PPU) ने शैक्षणिक सत्र 2025 के लिए स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी है। जो छात्र B.A., B.Sc., और B.Com जैसे विषयों में नामांकन लेना चाहते हैं, वे विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट ppup.ac.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

यह प्रक्रिया छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है, खासकर उन लोगों के लिए जो बिहार के शीर्ष विश्वविद्यालयों में से एक में उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहते हैं।

आवेदन की महत्वपूर्ण तिथियां और पात्रता

PPU ने ऑनलाइन आवेदन के लिए कुछ महत्वपूर्ण तिथियां जारी की हैं।

आवेदन शुरू होने की तिथि: 24 सितंबर, 2025

आवेदन की अंतिम तिथि: 15 अक्टूबर, 2025

प्रवेश परीक्षा की तिथि: जल्द ही घोषित की जाएगी

आवेदन करने के लिए, उम्मीदवारों को 12वीं कक्षा में न्यूनतम 45% अंकों के साथ उत्तीर्ण होना अनिवार्य है।

आवेदन कैसे करें?

छात्रों को बिना किसी परेशानी के आवेदन करने में मदद करने के लिए, यहाँ एक सरल चरण-दर-चरण प्रक्रिया दी गई है:

  1. आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं: सबसे पहले, ppup.ac.in पर जाएं।

2. रजिस्टर करें: होमपेज पर दिए गए “UG Admission 2025” लिंक पर क्लिक करें और अपना पंजीकरण करें। ल

3. आवेदन पत्र भरें: व्यक्तिगत विवरण, शैक्षिक योग्यता और अन्य आवश्यक जानकारी सही-सही भरें।

4. दस्तावेज अपलोड करें: अपनी नवीनतम पासपोर्ट आकार की तस्वीर और हस्ताक्षर अपलोड करें।

5. आवेदन शुल्क का भुगतान करें: ऑनलाइन माध्यम से आवेदन शुल्क का भुगतान करें।

6. फॉर्म सबमिट करें: भरे हुए आवेदन पत्र को अंतिम रूप से सबमिट करें और भविष्य के संदर्भ के लिए उसका प्रिंटआउट ले लें।

यह सुनिश्चित करें कि आप सभी दस्तावेजों और जानकारी को सही ढंग से भरें ताकि कोई गलती न हो।

आगे क्या?

आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद, विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा आयोजित करेगा, जिसके आधार पर छात्रों का चयन किया जाएगा। परीक्षा की तिथि और उससे संबंधित अन्य जानकारी जल्द ही वेबसाइट पर उपलब्ध होगी।

अधिक जानकारी और नवीनतम अपडेट के लिए, छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे नियमित रूप से PPU की आधिकारिक वेबसाइट ppup.ac.in पर जाएं।

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पटना में भारी बारिश की संभावना, IMD ने जारी की चेतावनी: जानें मौसम का हाल

​पटना (राष्ट्र की परम्परा)। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पटना और आसपास के जिलों में भारी बारिश और आंधी-तूफान की संभावना जताई है। मंगलवार को अचानक हुई बारिश ने मौसम के उतार-चढ़ाव को और बढ़ा दिया है। IMD के अनुसार, अगले 24 घंटों में पटना में 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने के साथ-साथ गरज और चमक के साथ बारिश हो सकती है।

​यह लेख मौसम की वर्तमान स्थिति, IMD की चेतावनी और बारिश के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करता है।

मुख्य बातें:

  • ​पटना में भारी बारिश और आंधी-तूफान की संभावना।
  • ​IMD ने अगले 24 घंटों के लिए जारी की चेतावनी।
  • ​बारिश के दौरान 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान।
  • ​नागरिकों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह।

पटना में भारी बारिश का अलर्ट

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने पटना के लिए “येलो अलर्ट” जारी किया है, जो बताता है कि मौसम की स्थिति खतरनाक हो सकती है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें और यदि आवश्यक हो तो सभी सुरक्षा उपायों का पालन करें।

बारिश के दौरान क्या करें और क्या न करें?

करें:

बिजली के उपकरणों का उपयोग न करें।

पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें।

सुरक्षित स्थानों पर शरण लें।

मौसम की जानकारी के लिए लगातार अपडेट रहें।

न करें:

खुले स्थानों पर न रहें।

जलभराव वाले इलाकों में न जाएं।

बिजली के तारों को न छुएं।

किसानों के लिए सलाह

IMD ने किसानों को भी सलाह दी है कि वे अपनी फसलों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाएं और मौसम सामान्य होने तक कटाई और बुवाई के काम को रोक दें।

आगामी दिनों का मौसम

IMD के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक मौसम में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। हालांकि, 27 सितंबर तक मौसम में सुधार होने की संभावना है।

पटना में भारी बारिश की चेतावनी को गंभीरता से लेना चाहिए। स्थानीय प्रशासन और नागरिकों को मिलकर इस चुनौती का सामना करना होगा।

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पटना में कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक: ‘वोट चोरी’ और पार्टी पर चर्चा, सीएम पद की दावेदारी पर सवाल

पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की महत्वपूर्ण बैठक आज पटना में हो रही है। बैठक के प्रमुख एजेंडों में ‘वोट चोरी’ और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ जैसे अंतरराष्ट्रीय मुद्दे शामिल हैं। हालांकि, पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनावों के लिए मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के बारे में अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है, जिससे सस्पेंस बना हुआ है।

मुख्य बिंदु:

रणनीतिक बैठक: सीडब्ल्यूसी की बैठक एक महत्वपूर्ण घटना है, जिसमें पार्टी के शीर्ष नेता प्रमुख राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों पर रणनीति बनाने के लिए एक साथ आए हैं। ‘वोट चोरी’ पर चर्चा: ‘वोट चोरी’ पर होने वाली चर्चा महत्वपूर्ण है, क्योंकि कांग्रेस हाल के चुनावों में कथित अनियमितताओं को लेकर मुखर रही है। इस मुद्दे पर पार्टी के जोरदार रणनीति बनाने की उम्मीद है।

अंतरराष्ट्रीय मुद्दे: सीडब्ल्यूसी वैश्विक चिंताओं को भी संबोधित कर रही है, जिसमें ट्रंप के टैरिफ पर चर्चा भारत की अर्थव्यवस्था पर अंतरराष्ट्रीय व्यापार के प्रभाव पर पार्टी के ध्यान को उजागर करती है।

सीएम उम्मीदवार पर सस्पेंस: हाई-प्रोफाइल बैठक के बावजूद, पार्टी ने अभी तक अपने मुख्यमंत्री पद के चेहरे का खुलासा नहीं किया है। इससे राजनीतिक जानकारों के बीच अटकलें और उत्सुकता बढ़ गई है। उम्मीदवार की घोषणा में देरी पार्टी के लिए आंतरिक संघर्षों से बचने और एक एकजुट मोर्चा बनाए रखने की एक रणनीतिक चाल हो सकती है।

विश्लेषण:

​पटना में सीडब्ल्यूसी की बैठक जमीनी मुद्दों पर कांग्रेस के नए सिरे से ध्यान केंद्रित करने और मतदाताओं से जुड़ने के प्रयासों का प्रमाण है। ‘वोट चोरी’ और अंतरराष्ट्रीय टैरिफ पर चर्चा पार्टी की घरेलू और वैश्विक दोनों चुनौतियों को संबोधित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। हालांकि, मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार पर पार्टी की चुप्पी कांग्रेस के भीतर की जटिलताओं और आंतरिक गतिशीलता को इंगित करती है। पार्टी के लिए अपनी स्थिति को मजबूत करने और आगामी चुनावों में प्रतिस्पर्धा में बढ़त हासिल करने के लिए सीएम चेहरे की घोषणा एक महत्वपूर्ण कदम होगा।

सीडब्ल्यूसी की बैठक और कांग्रेस की राजनीतिक रणनीति पर अधिक अपडेट के लिए बने रहें।

DRDO में करियर का सुनहरा अवसर, ग्रेजुएट-डिप्लोमा-आईटीआई के लिए मौका

शुरू करें अपना करियर रक्षा अनुसंधान संगठन के साथ

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने अप्रेंटिसशिप के लिए नई भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की है। यह मौका खास तौर पर उन युवाओं के लिए है जो टेक्नोलॉजी और रिसर्च के क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं।

आवेदन प्रक्रिया

  • ऑनलाइन आवेदन की शुरुआत: 27 सितंबर 2025
  • अंतिम तिथि: 28 अक्टूबर 2025
  • आवेदन पोर्टल:

रिक्त पदों का विवरण

पद का नाम

कुल सीटें

ग्रेजुएट अप्रेंटिस

40

टेक्नीशियन (डिप्लोमा) अप्रेंटिस

20

आईटीआई ट्रेड अप्रेंटिस

135

कुल

195

योग्यता

  • ग्रेजुएट अप्रेंटिस: ECE, EEE, CSE, मैकेनिकल, केमिकल इंजीनियरिंग में BE/B.Tech।
  • टेक्नीशियन अप्रेंटिस (डिप्लोमा): संबंधित इंजीनियरिंग विषय में डिप्लोमा।
  • आईटीआई ट्रेड अप्रेंटिस: फिटर, वेल्डर, टर्नर, मैकेनिस्ट, डीजल मैकेनिक, ड्राफ्ट्समैन, इलेक्ट्रॉनिक-मैकेनिक, इलेक्ट्रीशियन, COPA, लाइब्रेरी असिस्टेंट आदि।

अन्य शर्तें

  • आयु सीमा: न्यूनतम 18 वर्ष।
  • शैक्षणिक पात्रता: 2021–2025 के बीच पास आउट और 70% या उससे अधिक अंक।
  • अवधि: 1 वर्ष की अप्रेंटिसशिप।
  • चयन प्रक्रिया: मेरिट लिस्ट और दस्तावेज़ सत्यापन।
  • स्टाइपेंड: सरकार के मानकों के अनुसार।

आवेदन की प्रक्रिया

  1. निर्धारित पोर्टल पर पंजीकरण करें।
  2. आवेदन फॉर्म में व्यक्तिगत व शैक्षिक जानकारी भरें।
  3. फोटो व हस्ताक्षर अपलोड करें।
  4. सभी विवरण जांचने के बाद फॉर्म सब्मिट करें और प्रिंट निकालें।

विस्तृत जानकारी व आधिकारिक नोटिफिकेशन शीघ्र ही DRDO की वेबसाइट www.drdo.gov.in पर उपलब्ध होगी।

PAK vs SL: सुपर-4 में पाकिस्तान ने श्रीलंका को हराकर फाइनल की दौड़ में बरकरार रखा, श्रीलंका की उम्मीदें खतरे में

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अबू धाबी, एशिया कप 2025: पाकिस्तान ने सुपर-4 मुकाबले में श्रीलंका को पांच विकेट से हराकर एशिया कप के फाइनल की रेस में खुद को मजबूत बनाए रखा है। इस जीत के साथ पाकिस्तान तालिका में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है, जबकि श्रीलंका की फाइनल में पहुँचने की संभावना अब लगभग खत्म हो गई है।

मंगलवार को अबू धाबी में खेले गए मैच में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी श्रीलंका की टीम 20 ओवर में 133/8 का स्कोर ही बना सकी। कामिंदु मेंडिस ने 44 गेंद में 50 रन बनाकर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुँचाया, लेकिन अन्य बल्लेबाज लगातार गिरते विकेटों के बीच रन नहीं बना पाए।

पाकिस्तान की पारी में हुसैन तलत (32*, 30) और मोहम्मद नवाज (38*, 24) ने छठे विकेट के लिए नाबाद 58 रन जोड़कर टीम को 18 ओवर में पांच विकेट पर 138 रन पर जीत दिलाई। नवाज और तलत की अर्धशतकीय साझेदारी ने पाकिस्तान की जीत सुनिश्चित की।

श्रीलंका की ओर से महीश तीक्षणा और वानिंदु हसरंगा ने बेहतरीन गेंदबाजी की, लेकिन टीम को हार से नहीं बचा सके। पाकिस्तान की ओर से शाहीन शाह आफरीदी ने 28 रन पर तीन विकेट, तलत ने 18 रन पर दो विकेट और हारिस राऊफ ने 37 रन पर दो विकेट लिए।

मैच का परिणाम:

श्रीलंका: 133/8 (20 ओवर)

पाकिस्तान: 138/5 (18 ओवर)

जीत: पाकिस्तान ने पांच विकेट से मैच जीता।

इस जीत के साथ पाकिस्तान सुपर-4 में दूसरे स्थान पर पहुँच गया है और फाइनल में प्रवेश के अपने मौके को मजबूत किया है, जबकि श्रीलंका की फाइनल की उम्मीदें गंभीर रूप से प्रभावित हुई हैं।

उत्तर प्रदेश में अगले 24 घंटे में भारी बारिश की चेतावनी, मौसम विभाग ने यलो अलर्ट जारी किया

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उत्तर प्रदेश (राष्ट्र की परम्परा)। मौसम विभाग ने आगामी 24 घंटों के लिए उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है। इसके मद्देनजर राज्य के कई हिस्सों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। नागरिकों से सावधानी बरतने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग के अनुसार, विशेष रूप से पश्चिमी और मध्य उत्तर प्रदेश में तेज बारिश के साथ बादल फटने की घटनाओं की आशंका है। विभाग ने सभी जिलों के प्रशासन और आपातकालीन सेवाओं को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।

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इस दौरान लोगों को नदियों और नालों के किनारे जाने से बचने और मौसम अपडेट लगातार देखने की सलाह दी गई है।

SSC MTS परीक्षा 2025 के एडमिट कार्ड की तिथि और डाउनलोड प्रक्रिया क्या है?

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(राष्ट्र की परम्परा डेस्क) SSC MTS 2025: कर्मचारी चयन आयोग (SSC) ने भारत के सभी राज्यों और शहरों में उम्मीदवारों के लिए मल्टी टास्किंग स्टाफ (MTS) परीक्षा 2025 का एडमिट कार्ड जारी कर दिया है। अब उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट से सीधे अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि बिना एडमिट कार्ड किसी भी परीक्षार्थी को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं मिलेगा।

उम्मीदवारों को क्या करना चाहिए:

उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे समय रहते एडमिट कार्ड डाउनलोड कर लें और उसमें दी गई जानकारी जैसे– नाम, जन्मतिथि, परीक्षा केंद्र, तिथि और समय आदि को ध्यानपूर्वक जांच लें।

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कैसे करें डाउनलोड:

1. SSC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।

2. “Admit Card” सेक्शन पर क्लिक करें।

3. अपना रजिस्ट्रेशन नंबर और पासवर्ड दर्ज करें।

4. स्क्रीन पर एडमिट कार्ड खुल जाएगा।

5. प्रिंट निकालकर सुरक्षित रखें।

परीक्षा जानकारी:

SSC MTS परीक्षा 2025 सभी प्रमुख शहरों और राज्यों में जल्द ही आयोजित की जाएगी। परीक्षा तिथि और शेड्यूल आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध होंगे।

24 सितम्बर का इतिहास

🔹 विश्व की महत्वपूर्ण घटनाएँ

1789 – अमेरिकी कांग्रेस ने न्यायपालिका अधिनियम पारित किया, जिसके तहत सुप्रीम कोर्ट की स्थापना हुई।

1852 – फ्रांस ने अपने नौसैनिक जहाज “La Gloire” को लॉन्च किया, जो दुनिया का पहला लोहे से बना युद्धपोत था।

1859 – अमेरिकी पेटेंट ऑफिस ने पहली बार पेट्रोल से चलने वाले इंजन का पेटेंट जारी किया।

1948 – होंडुरास और ग्वाटेमाला के बीच शांति संधि पर हस्ताक्षर हुए।

1957 – बार्सिलोना (स्पेन) में कैंप नोउ फुटबॉल स्टेडियम का उद्घाटन हुआ, जो आज भी यूरोप के सबसे बड़े स्टेडियमों में शामिल है।

1960 – पहली बार अमेरिका और जापान के बीच सुरक्षा संधि पर हस्ताक्षर हुए।

1973 – गिनी-बिसाऊ ने पुर्तगाल से स्वतंत्रता की घोषणा की।

1993 – कंबोडिया में पहली बार आम चुनाव हुए।

2014 – भारत ने सफलतापूर्वक मंगलयान (Mars Orbiter Mission – MOM) को मंगल की कक्षा में स्थापित किया। इस प्रकार भारत ऐसा करने वाला एशिया का पहला और दुनिया का चौथा देश बना।

🔹 भारत से जुड़ी घटनाएँ

1896 – महात्मा गांधी ने दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटने के बाद पहली बार भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई।

1904 – अन्नी बेसेंट ने बनारस (वाराणसी) में सेंट्रल हिंदू कॉलेज की स्थापना की, जो बाद में बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) का हिस्सा बना।

1920 – महात्मा गांधी ने असहयोग आंदोलन के तहत देशभर में विदेशी कपड़ों की होली जलाने का आह्वान किया।

2007 – भारत ने चाँद पर भेजे जाने वाले मिशन “चंद्रयान-1” के लिए तैयारियां शुरू कीं।

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🔹 जन्म

1725 – आर्थर गिनीज, आयरलैंड के प्रसिद्ध व्यापारी और गिनीज ब्रेवरी के संस्थापक।

1870 – मिर्ज़ा खां दाग़ देहलवी, प्रसिद्ध उर्दू शायर।

1896 – देवनारायण द्विवेदी, स्वतंत्रता सेनानी एवं राजनीतिज्ञ।

1897 – विलियम फैज़बर्न, ब्रिटिश नौसैनिक अधिकारी।

1905 – सेप्टीमस रोलिन्स, अमेरिकी गणितज्ञ।

1920 – डॉ. राजा रामन्ना, भारत के प्रख्यात परमाणु वैज्ञानिक।

1923 – डॉ. एन. रामस्वामी रेड्डी, भारतीय राजनीतिज्ञ।

1931 – डॉ. सरदा पिल्लई, भारतीय वैज्ञानिक।

1941 – लता मंगेशकर, भारत की स्वर कोकिला (भारतीय सिनेमा की सुप्रसिद्ध गायिका)।

1954 – डॉ. मंजीत सिंह, भारतीय शिक्षक एवं लेखक।

🔹 निधन

1905 – राजा रवि वर्मा, भारत के प्रसिद्ध चित्रकार।

1932 – सर मोहम्मद इक़बाल (अल्लामा इक़बाल), प्रसिद्ध उर्दू कवि और दार्शनिक।

1965 – श्रीनिवास रामानुज लिंगस्वामी अय्यर, भारतीय गणितज्ञ।

1990 – डॉ. एस. रामानुजन, प्रसिद्ध भारतीय वैज्ञानिक।

1994 – आयुकी फुजीवारा, जापानी भौतिक विज्ञानी।

2002 – रामचंद्र गांधी, भारतीय दार्शनिक।

2016 – मकबूल फिदा हुसैन, भारत के प्रसिद्ध चित्रकार।

गोरखपुर दौरे पर सीएम योगी आदित्यनाथ, परियोजनाओं का निरीक्षण कर अफसरों को दिए सख्त निर्देश

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर दौरे के दौरान विकास परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। सीएम योगी ने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ जनता तक तेजी से पहुँचना चाहिए और कार्य की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा।

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दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने चल रही परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट भी देखी और अफसरों को चेतावनी दी कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

यूपी क्राइम व पुलिस एक्शन: लगातार बढ़ रहे अपराधों पर सख्त कार्रवाई

उत्तर प्रदेश (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। उत्तर प्रदेश में क्राइम की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए पुलिस लगातार एक्शन मोड में है। हाल ही में राज्य के कई जिलों में चेकिंग अभियान चलाया गया, जिसमें वाहन चोरों, शातिर बदमाशों और अवैध असलहा रखने वालों पर शिकंजा कसा गया। कई जगह मुठभेड़ (Encounter) के दौरान बदमाश घायल हुए और दर्जनों अपराधी जेल भेजे गए।

पुलिस का कहना है कि “अपराध मुक्त यूपी” की दिशा में यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पुलिस टीम दिन-रात ऑपरेशन चला रही है।

मुख्य बिंदु:

बदमाशों और अपराधियों पर लगातार पुलिस एक्शन

चेकिंग अभियान में अवैध हथियार बरामद

महिला पुलिस टीम भी एक्शन में सक्रिय

कानून-व्यवस्था सुधारने पर सरकार का जोर

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जाफर एक्सप्रेस पर बड़ा हमला: बलूचिस्तान में धमाका, ट्रेन पटरी से उतरी, कई यात्री घायल

मस्तुंग (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में एक बार फिर आतंकियों ने जाफर एक्सप्रेस ट्रेन को निशाना बनाया है। मस्तुंग जिले के दश्त इलाके में ट्रेन पर जोरदार धमाका हुआ, जिसके बाद जाफर एक्सप्रेस के कई डिब्बे पटरी से उतरकर पलट गए। धमाके के बाद चारों ओर अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के गांवों तक सुनाई दी। हादसे में कई यात्री डिब्बों में फंस गए, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। राहत एवं बचाव दल मौके पर पहुंचकर फंसे यात्रियों को बाहर निकाल रहे हैं। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

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धमाके के बाद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें जाफर एक्सप्रेस के डिब्बे बुरी तरह क्षतिग्रस्त दिखाई दे रहे हैं। हादसे के बाद रेलवे ट्रैक पर लंबे समय तक आवाजाही प्रभावित रही।

गौरतलब है कि इससे पहले सोमवार को ही पाकिस्तान की सेना के जवानों पर हमला किया गया था। महज कुछ घंटे बाद जाफर एक्सप्रेस को निशाना बनाए जाने से इलाके में दहशत फैल गई है। हालांकि, अब तक किसी भी संगठन ने इस धमाके की जिम्मेदारी नहीं ली है।

पुलिस और सुरक्षा बलों ने पूरे क्षेत्र को घेरकर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। बलूचिस्तान लंबे समय से आतंकी घटनाओं और हिंसक हमलों का गढ़ बना हुआ है, जहां सुरक्षा बलों और आम नागरिकों दोनों को बार-बार निशाना बनाया जाता रहा है।