Monday, July 13, 2026
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भारत का पलटवार: पाक को अवैध कब्जा छोड़ने और आतंकवाद से बाज आने की दो-टूक सुनाया

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) के सत्र में भारत ने पाकिस्तान को कड़ी फटकार लगाई। भारतीय राजनयिक क्षितिज त्यागी ने साफ कहा कि पाकिस्तान अपने निराधार और भड़काऊ बयानों से अंतरराष्ट्रीय मंच का दुरुपयोग करता है।

भारत का सख्त संदेश

भारत ने पाकिस्तान को आगाह करते हुए कहा कि यदि उसे वास्तव में मानवाधिकारों की चिंता है, तो सबसे पहले उसे भारत के अवैध कब्जे वाले क्षेत्र को खाली करना चाहिए। भारतीय राजनयिक ने जोर देकर कहा कि पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था जीवन रक्षक प्रणाली पर टिकी है, उसकी राजनीति सेना के दबदबे में दबी हुई है और उसका मानवाधिकार रिकॉर्ड गंभीर उल्लंघनों से दागदार है।

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त्यागी ने कहा—
“भारत पर बेबुनियाद आरोप लगाने के बजाय पाकिस्तान को अपने घर की हालत सुधारनी चाहिए। वह देश है जो आतंकवादियों को पनाह देता है, संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित आतंकियों को शरण देता है और अपने ही नागरिकों पर बमबारी करता है।”

खैबर पख़्तूनख़्वा हमले पर तंज

भारतीय प्रतिनिधि का यह बयान ऐसे समय आया है जब ठीक एक दिन पहले पाकिस्तान के खैबर पख़्तूनख़्वा प्रांत की तिराह घाटी के मत्रे दारा गांव में पाकिस्तानी वायुसेना की बमबारी से महिलाओं और बच्चों समेत कम से कम 30 निर्दोष नागरिक मारे गए थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि गांव में जले हुए वाहन, ढही हुई इमारतें और मलबे से निकाले जा रहे शव भयावह स्थिति बयां कर रहे थे।

मानवाधिकार परिषद को भारत की नसीहत

भारत ने परिषद को याद दिलाया कि उसका अधिदेश सार्वभौमिक, वस्तुनिष्ठ और गैर-चयनात्मक बना रहना चाहिए। साथ ही चेतावनी दी कि किसी एक देश को निशाना बनाने वाली नीतियाँ केवल पक्षपात और चयनात्मकता की धारणा को जन्म देती हैं।

पाकिस्तान के भीतर भी आलोचना

इसी बीच, पाकिस्तान मानवाधिकार आयोग (HRCP) ने भी नागरिकों पर हुए हमले को लेकर चिंता जताई और कहा कि निर्दोषों की जान लेना किसी भी रूप में उचित नहीं ठहराया जा सकता।

अडानी समूह का संकट पार, भविष्य की चुनौतियों पर फोकस

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)ग्लोबल व्यवसाय जगत में चर्चा का विषय बने अडानी समूह ने हाल ही में सामने आई हिंडनबर्ग रिसर्च रिपोर्ट के बाद अपनी स्थिति को मज़बूत करते हुए भविष्य की रणनीतियों को स्पष्ट किया है। समूह के अध्यक्ष गौतम अडानी ने बुधवार को शेयरधारकों को लिखे पत्र में कहा कि यह रिपोर्ट केवल अडानी समूह पर नहीं, बल्कि पूरे भारतीय उद्यमशीलता पर सवाल उठाने का प्रयास थी।

उन्होंने कहा, “यह हमला हमारे लिए चुनौती के साथ-साथ एक परीक्षण भी था जिसने हमारे शासन, उद्देश्य और भारतीय कंपनियों की वैश्विक महत्वाकांक्षा को परखा। सेबी के स्पष्ट निर्णय से सत्य की जीत हुई है और हमें और मजबूत बनाया गया है।” अडानी ने इसे ‘लक्षित एवं बहुआयामी हमला’ करार दिया और कर्मचारियों की प्रतिबद्धता की सराहना की।

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इस दौरान भी समूह की बंदरगाह, बिजली संयंत्र, हवाई अड्डे, सीमेंट और नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाएं बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ती रहीं। अडानी ने कर्मचारियों को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह अवधि ‘अग्निपरीक्षा’ थी, जिसने संकट में काम को अंजाम देने की क्षमता और संकल्पशक्ति को मजबूत किया।

भविष्य की प्राथमिकताओं पर चर्चा करते हुए अडानी ने ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स और बुनियादी ढांचा क्षेत्रों में नवाचार, दीर्घकालिक मूल्य निर्माण और कायांतरण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि “हमें आज की तारीफ के लिए नहीं बल्कि आने वाले दशकों की विरासत के लिए निर्माण करना है।”

दुर्घटना को दावत दे रही जर्जर विद्युत पोल

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बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)
विद्युत व्यवस्था सुचारु रूप से करने के लिए भले ही लगातार प्रयास किया जा रहा हो, लेकिन यदि बरहज नगर के पटेल नगर वार्ड की बात की जाए तो हर रोज विद्युत विभाग की लापरवाही दुर्घटना का कारण बना हुआ है।
पटेल नगर पश्चिम से पुरब जाने वाले सड़क के किनारे लगे लगभग सभी विद्युत पोल जर्जर हो चुका है यहां तक की पोल से लगे तार भी जमीन की तरफ लटक रहा है जिससे कभी भी दुर्घटना हो सकता है।

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इस पर जर्जर पोल लटकते तार दे रही दुर्घटना के दावत विद्युत व्यवस्था सुचार करने के लिए लगातार प्रयास भले ही किया जा रहा हो लेकिन यदि बरहज नगर की पटेल नगर वार्ड की बात की जाए तो वहां पर प्रतिदिन कहीं ना कहीं विद्युत विभाग के लापरवाही दुर्घटना का कारण बना हुआ है।
पटेल नगर पश्चिम में सड़क के किनारे लगे विद्युत पोल जर्जर हो चुका है यहां तक की पोल से लगे तार भी जमीन के तरफ लटक रहा है जिससे कभी भी दुर्घटना हो सकता है। अनुप भारती ने कहा कि बरसों पुराने जमाने के लोहे के विद्युत पोल रास्ते के किनारे लगाए गए हैं जो नीचे से झड़ गए हैं पोल बदलने के लिए विभाग को कई बार सूचना दिया गया लेकिन आज तक पोल नहीं बदला जिससे कभी भी दुर्घटना हो सकती है।
धर्मेंद्र निषाद ने बताया कि पोल से विद्युत तार जमीन की तरफ लटक रहे हैं जो आते-जाते लोग एवं वाहनों को छू रहे हैं यदि थोड़ी सी भी लापरवाही हुई तो बड़ी दुर्घटना होगी।
शुभम, छदी,केसव सहित अन्य लोगों ने जर्जर पोल और तार बदलने की मांग की है।

प्रकृति पुँज

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इंसान वो जीते जी मर जाते हैं,
जब कभी माँगने जाते हैं,
जो देने लायक़ हैं,ना कर देते हैं,
उनसे पहले ही वे मर जाते हैं।

पर इस समाज में सम्मानित जीवन,
जीने को अधिकार माँगने पड़ते हैं,
इसलिये मौलिक अधिकार माँगते हैं
मेहनत का, खुद के खून पसीने का।

सबको मौलिक अधिकार मिला
है संबिधान में जीवन जीने का,
कोई नज़र लगाये जीवन पर,
उठता सवाल है नैतिकता का।

हरि इच्छा बलवान सदा है,
उसकी कृति का मान बड़ा है
ईश्वर कीन्ह चाहैं सोई होई,
करै अन्यथा आस न कोई।

उसका लिखा मेट सकै ना,
उसकी माया जान सकै ना,
रचना रची प्रकृति की उसने,
तीनों लोक बनाया जिसने।

आयु, प्रज्ञा, प्राण, प्रतिष्ठा,
माया, जीव, ब्रह्म की निष्ठा।
विधि का विधान कुछ ऐसा है,
शत स्वर्ग धरा पर सुरभित हैं।

धरती, अम्बर, हैं चमकते तारे,
मंगल, बुध, गुरू सात सितारे।
दिनकर का प्रकाश दिन में हो,
चाँदनी शशी की निशि में हो।

प्रकृति चक्र की सटीक गणना,
दिव्य अलौकिक मौलिक रचना,
दिन, सप्ताह, महीने सम्वत्सर,
ब्रह्मांड व्याप्त वेद रचित स्वर।

विधि के नियम से ही क्रमश:,
आती षटऋतु सारे जग में।
गर्मी, पावस, शरद, हेमंत, शीत
एवं वसंत आयें सब क्रम में।

लेखनी न सक्षम लिखकर कर दे
वर्णन, विधि की महिमा है अपार,
सुंदर सी सुरभित बहती है बयार,
अप्रतिम शान्ति, अद्भुत चमत्कार।

सत्यम, शिवम्, सुंदरम हो साक्षात,
कितने सागर, नदियाँ, पर्वत, पहाड़,
निर्झर झर, फैले निर्जन वन उपवन,
निशि वासर देते क्रमश: तम प्रकाश।

सुख दुःख के परिवर्तन का आकर है
इसी प्रकृति का जीवन,
कठिन चुनौती बन अक्सर आते
जाते रहते हैं यह परिवर्तन।

कुछ तो सफल बना देते, कुछ
कंटक पथ सुगम बना देते हैं,
आदित्य संघर्ष परिवर्तनों से,
हर वह अनुभूति करा देते हैं।

डॉ कर्नल आदि शंकर मिश्र
‘आदित्य’

खालिस्तानी आतंकवादी पन्नू पर एनआईए का नया केस

लाल किले पर पीएम को तिरंगा फहराने से रोकने का किया था एलान

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने अमेरिका में रह रहे खालिस्तानी आतंकवादी और प्रतिबंधित संगठन सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) के जनरल काउंसल गुरपतवंत सिंह पन्नू के खिलाफ एक और बड़ा मामला दर्ज किया है। इस बार पन्नू पर आरोप है कि उसने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लाल किले पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने से रोकने के लिए इनाम की घोषणा की थी।

एनआईए की प्राथमिकी के अनुसार, 10 अगस्त को पाकिस्तान के लाहौर प्रेस क्लब में आयोजित “मीट द प्रेस” कार्यक्रम के दौरान पन्नू ने भड़काऊ भाषण दिया और भारत के खिलाफ सिखों में असंतोष फैलाने की साजिश रची। इसी दौरान उसने एक वीडियो संदेश में उन सिख सैनिकों को 11 करोड़ रुपये देने का ऐलान किया, जो 15 अगस्त को लाल किले पर प्रधानमंत्री को तिरंगा फहराने से रोकेंगे।

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एफआईआर में यह भी दर्ज है कि पन्नू ने लाहौर प्रेस क्लब में एक कथित “नए खालिस्तान” का नक्शा जारी किया, जिसमें पंजाब, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश को शामिल बताया गया। इतना ही नहीं, उसने दावा किया कि एसएफजे ने भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने के लिए “शहीद जत्था” नामक एक संगठन भी बनाया है।

एनआईए ने यह मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की कई धाराओं के तहत दर्ज किया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर दर्ज की गई इस प्राथमिकी में गुरपतवंत सिंह पन्नू के अलावा अन्य अज्ञात व्यक्तियों का नाम भी शामिल है।

गृह मंत्रालय ने कहा कि पन्नू लगातार भारत की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और सुरक्षा के खिलाफ साजिश रच रहा है। उसके हालिया बयानों का मकसद खालिस्तान की विचारधारा को बढ़ावा देना और भारत विरोधी गतिविधियों को भड़काना है। एनआईए अब इस मामले की गहन जांच कर रही है।

‘ऑपरेशन नुमखोर’ : भूटान से लाई गई महंगी कारों पर केरल में बड़ी कार्रवाई, 36 लग्जरी वाहन जब्त

कोच्चि (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) । सीमा शुल्क निवारक विभाग ने राज्यव्यापी अभियान चलाते हुए भूटान से अवैध रूप से भारत लाई गई लग्जरी कारों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। ‘ऑपरेशन नुमखोर’ नामक इस अभियान में कोच्चि, तिरुवनंतपुरम, कोझिकोड, मलप्पुरम समेत लगभग 30 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की गई। इस दौरान 36 महंगी गाड़ियों को जब्त कर लिया गया।

सीमा शुल्क निवारक आयुक्तालय (कोच्चि) के आयुक्त टी. तिजू ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि इस कार्रवाई में फिल्म कलाकार पृथ्वीराज सुकुमारन, दुलकर सलमान और अमित चक्कलक्कल के आवासों पर भी तलाशी ली गई। उन्होंने कहा कि दुलकर सलमान की दो गाड़ियों की पहचान हो चुकी है जबकि पृथ्वीराज के वाहनों में से कोई जब्त नहीं किया गया। संबंधित कलाकारों सहित गाड़ियों के मौजूदा मालिकों को समन जारी कर उनके बयान दर्ज किए जाएंगे।

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जाली दस्तावेज़ और सुरक्षा पर खतरा

अधिकारियों ने बताया कि अवैध रूप से लाई गई इन गाड़ियों के पंजीकरण के लिए फर्जी दस्तावेज़ तैयार किए जाते थे। इस प्रक्रिया में भारतीय सेना, अमेरिकी दूतावास और अन्य विदेशी दूतावासों के नाम व मुहर का दुरुपयोग किया गया। इन वाहनों का इस्तेमाल कई बार सोने और नशीले पदार्थों की तस्करी में भी होता था, जिससे देश की राष्ट्रीय और आर्थिक सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हो गया था।

गिरोह की कार्यप्रणाली

तिजू ने बताया कि इन लग्जरी कारों को भूटान के रास्ते कभी कंटेनरों के अंदर, कभी पर्यटक वाहनों की आड़ में और कभी क्षतिग्रस्त हालत में भारत लाया जाता था। बाद में जाली कागजात के जरिए उन्हें अलग-अलग राज्यों में पंजीकृत किया जाता। शुरुआती जांच से पता चला है कि इस तस्करी नेटवर्क से आयकर और जीएसटी चोरी के साथ-साथ धन शोधन जैसी अवैध गतिविधियों को भी अंजाम दिया गया।

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200 से अधिक गाड़ियां राडार पर

आयुक्त ने बताया कि सिर्फ केरल में ही 150 से 200 ऐसी गाड़ियां होने की आशंका है। अब तक 36 गाड़ियां जब्त की जा चुकी हैं और बाकी पर कार्रवाई जारी है। उन्होंने कहा कि राज्य में ये गाड़ियां अज्ञात व्यक्तियों के नाम पर चलाई जा रही थीं, जिससे उनकी पहचान मुश्किल हो रही है। अधिकारी ने साफ किया कि यदि यह साबित होता है कि मौजूदा मालिकों को इन गाड़ियों के अवैध होने की जानकारी थी, तो उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

राष्ट्रीय स्तर पर अभियान की तैयारी

सीमा शुल्क निवारक विभाग का मानना है कि ऐसे वाहन अन्य राज्यों में भी मौजूद हैं। इसलिए इस अभियान को राष्ट्रीय स्तर पर विस्तारित करने की संभावना है। तिजू ने कहा, ‘‘अगर वे कारों, सोने और नशीले पदार्थों की तस्करी कर सकते हैं, तो वे कुछ भी ला सकते हैं। यह हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती है।’’

137 साल की छठी सबसे बड़ी बरसात, दुर्गा पूजा से पहले जनजीवन अस्त-व्यस्त

कोलकाता (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। दुर्गा पूजा से ठीक पहले कोलकाता ने चार दशकों में सबसे भयावह बरसात का सामना किया। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, 1 से 22 सितंबर तक शहर में कुल 178.6 मिमी बारिश हुई थी, जो सामान्य 213.7 मिमी से 16 प्रतिशत कम थी। लेकिन सोमवार रात से मंगलवार सुबह के बीच 247.4 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो बीते 22 दिनों की कुल वर्षा से भी अधिक है। चौबीस घंटे से भी कम समय में हुई 251.4 मिमी वर्षा 1986 के बाद सबसे ज्यादा और पिछले 137 सालों में एक दिन की छठी सबसे बड़ी बारिश मानी जा रही है।

तेज बारिश ने महानगर की रफ्तार को पूरी तरह थाम दिया। निचले इलाकों में जलजमाव ने यातायात, ट्रेन और मेट्रो सेवाओं को प्रभावित कर दिया। बिधाननगर, सॉल्ट लेक और मध्य कोलकाता के कई मोहल्ले अब भी जलमग्न हैं। पैदल यात्रियों को कमर तक पानी में सफर करना पड़ा, वहीं निगम ने सुरक्षा कारणों से कई इलाकों में स्ट्रीट लाइट बंद कर दीं।

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इस आपदा में अब तक कम से कम 10 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें से नौ लोग करंट लगने के शिकार हुए। स्कूल-कॉलेज बंद करने पड़े और राज्य सरकार को दुर्गा पूजा की छुट्टियां समय से पहले घोषित करनी पड़ीं। हवाई सेवाओं से लेकर रेल और सड़क परिवहन तक पर गहरा असर देखा गया।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को अपने निर्धारित कार्यक्रम स्थगित करने पड़े। उन्होंने मंगलवार को पूजा पंडालों के उद्घाटन रद्द कर दिए और बुधवार को हालात सामान्य होने के बाद पंडालों का दौरा करने की संभावना जताई है। साथ ही कालीघाट स्थित नवनिर्मित अग्निशमन केंद्र का उद्घाटन भी वह इसी दौरान करेंगी।

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अधिकारियों का कहना है कि बाढ़ का पानी धीरे-धीरे कम हो रहा है, लेकिन त्योहारों के मौसम से पहले सामान्य स्थिति बहाल करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में भारी वर्षा से इनकार किया है, हालांकि बादल छाए रहने और गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश की आशंका जताई गई है।

137 साल की बारिश का यह रिकॉर्ड कोलकाता और आसपास के जिलों में लंबे समय तक याद किया जाएगा, क्योंकि इसने त्योहार की रौनक से पहले ही शहर को ठप कर दिया है।

वसंत कुंज में प्रबंधन संस्थान के डायरेक्टर पर गंभीर आरोप,17 छात्राओं ने लगाए छेड़छाड़ के आरोप

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)दिल्ली के वसंत कुंज इलाके में स्थित श्री शारदा भारतीय प्रबंधन संस्थान के डायरेक्टर चैतन्यानंद सरस्वती उर्फ पार्थ सारथी गंभीर आरोपों में घिर गए हैं। उन पर संस्थान में पढ़ रही छात्राओं से छेड़छाड़ करने और अभद्र व्यवहार का मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस के अनुसार, संस्थान की आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) की छात्रवृत्ति के तहत पढ़ रही पीजीडीएम कोर्स की छात्राओं के बयान दर्ज किए गए। कुल 32 छात्राओं में से 17 ने डायरेक्टर पर फिजिकल कॉन्टेक्ट, अश्लील संदेश भेजने और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने के आरोप लगाए हैं। इन बयानों के आधार पर वसंत कुंज नॉर्थ थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

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फिलहाल आरोपी फरार है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। पुलिस ने उसकी लग्जरी कार को जब्त कर लिया है, जिस पर संयुक्त राष्ट्र (UN) का फर्जी नंबर प्लेट लगा हुआ था। जांच में पता चला कि उस नंबर प्लेट का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड मौजूद नहीं है।

दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आरोपी की लोकेशन ट्रेस की जा रही है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।इस घटना से छात्राओं में दहशत का माहौल है और मामले ने शिक्षा जगत में सनसनी फैला दी है।

पटना में कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक : बिहार चुनाव से पहले सत्ता परिवर्तन का रोडमैप तलाशती कांग्रेस

पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)।आजादी के बाद पहली बार राजधानी पटना में कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक का आयोजन किया गया। सुबह से शुरू हुई यह बैठक शाम तक चलेगी। ऐतिहासिक सदाकत आश्रम परिसर में हुई इस बैठक को कांग्रेस ने बेहद महत्वपूर्ण माना है, क्योंकि इसके जरिए पार्टी ने आगामी बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी सक्रियता और गंभीरता का संकेत दिया है।

बैठक में कांग्रेस के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी ने इसे और भी खास बना दिया। राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, महासचिव केसी वेणुगोपाल, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, सचिन पायलट, रणदीप सुरजेवाला, भूपेश बघेल, जीतू पटवारी और हरीश चौधरी समेत कई दिग्गज नेता पहले ही पटना पहुंच चुके थे। राहुल गांधी भी बैठक में शरीक हुए और कार्यकर्ताओं में उत्साह जगाने का प्रयास किया।

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कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने मीडिया से बातचीत में कहा कि बिहार में मुख्यमंत्री का चेहरा चुनाव जीतने के बाद तय किया जाएगा। उन्होंने साफ किया कि अभी प्राथमिकता संगठन को मजबूत करने और विपक्षी गठबंधन को मजबूती देने की है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बैठक के बहाने कांग्रेस न केवल बिहार की राजनीति में खुद को केंद्र में लाने की कोशिश कर रही है बल्कि यह संदेश भी देना चाहती है कि आगामी चुनाव में सत्ता परिवर्तन की लड़ाई में उसकी भूमिका निर्णायक होगी। पार्टी को उम्मीद है कि ठीक वैसे ही परिणाम सामने आ सकते हैं जैसे साल 2023 में तेलंगाना में CWC बैठक के बाद दिखे थे, जब कांग्रेस वहां सत्ता में लौटी थी।

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इस बैठक को कांग्रेस के लिए सिर्फ संगठनात्मक औपचारिकता से आगे बढ़कर एक बड़े राजनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि पटना की यह ऐतिहासिक बैठक बिहार विधानसभा चुनाव की दिशा और विपक्षी एकता के स्वरूप दोनों को तय करने में अहम साबित हो सकती है।

कप्तानगंज राजवाहा नहर की बदहाल पटरी से आमजन बेहाल

कच्ची नहर की पटरी बनी मुसीबत, किसानों छात्रों की बढ़ी परेशानी, पिच की उठी मांग

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। कप्तानगंज राजवाहा नहर की पटरी इन दिनों बदहाली का शिकार है। बारी गांव से पकड़ी बिशनपुर खास नहर के पुल तक नहर की पटरी पिच है,जबकि पकड़ी बिशनपुर से हरपुर महंत भिटौली मार्ग तक यह पटरी पूरी तरह कच्ची है। नतीजा यह है कि ग्रामीणों को रोजाना आवागमन में मुश्किलें झेलनी पड़ रही हैं। बरसात के दिनों में यह पटरी कीचड़ और दलदल में तब्दील हो जाती है, जिससे पैदल यात्री, साईकिल और बाइक सवार अक्सर दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं।


इस समस्या को देखते हुए भाजपा कार्यकर्ता सत्यदेव शर्मा ने प्रशासन से नहर की पटरी को पिच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यह पटरी कई गांवों के लिए जीवनरेखा है। यदि इसे पिच कर दिया जाए तो ग्रामीणों को बहुत राहत मिलेगी। लंबे समय से लोग इस समस्या से जूझ रहे हैं, अब शासन-प्रशासन को तुरंत कदम उठाना चाहिए।


भाजपा मंडल मंत्री घुघली दक्षिणी रिंकू गुप्ता ने कहा कि
बरसात में इस पटरी पर निकलना नामुमकिन हो जाता है तथा खेत और बाजार पहुंचना भी कठिन हो जाता है। कई बार बैलगाड़ी तक फंस जाती है। उन्होंने कहा कि इस बदहाल सड़क की पटरी से ग्रामीणों रोष व्याप्त है। बच्चे प्रायः गिरकर चोटिल हो जाते हैं उन्हें स्कूल जाने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

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समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता पिंटू दुबे ने कहा कि बच्चों को स्कूल ले जाना सबसे बड़ी समस्या है। कीचड़ और गड्ढों में गिरकर कई बार बच्चे चोटिल हो चुके हैं। पटरी पक्की हो जाए तो हमारी आधी परेशानियां खत्म हो जाएंगी।
समाजसेवी सुधीर कुमार पाण्डेय ने कहा कि व्यापारियों को सबसे ज्यादा नुकसान हो रहा है। खराब पटरी की वजह से ट्रैक्टर ट्राली और छोटे-छोटे वाहन बार-बार खराब हो जाते हैं। इससे लागत बढ़ती है और समय भी बर्बाद होता है।उन्होंने कहा कि नहर की पटरी का पिच होना न केवल आवाजाही आसान हो जाएगा बल्कि गांव की अर्थव्यवस्था को भी गति देगा किसानों से लेकर विद्यार्थियों और व्यापारियों तक हर वर्ग इस समस्या से त्रस्त है।

मुख्यमंत्री “मंईया बलवान योजना” से महिलाओं को मिलेगा आत्मनिर्भर बनने का अवसर

रांची।(राष्ट्र की परम्परा डेस्क) झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री मंईया सम्मान योजना से वर्तमान में लगभग 50 लाख महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं। इस योजना के तहत प्रत्येक लाभुक महिला को प्रतिमाह 2500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। अब राज्य सरकार इन महिलाओं को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में एक नई योजना लाने जा रही है, जिसका नाम “मुख्यमंत्री मंईया बलवान योजना” रखा गया है। इसकी आधिकारिक घोषणा राज्य स्थापना दिवस 15 नवंबर को की जाएगी।

झारखंड की 25वीं वर्षगांठ पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इस योजना का शुभारंभ करेंगे। इस योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को सिर्फ आर्थिक सहायता तक सीमित न रखते हुए उन्हें स्वावलंबी और उद्यमी बनाना है। इसके लिए सभी लाभुक महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) से जोड़ा जाएगा और उन्हें स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।

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राज्य सरकार चाहती है कि मंईया सम्मान योजना की राशि केवल बैंकों में न पड़ी रहे, बल्कि महिलाएं इस धनराशि का उपयोग अपने छोटे-छोटे व्यवसाय शुरू करने में करें। इसके लिए सरकार जोहार योजना के तहत अतिरिक्त वित्तीय सहायता भी उपलब्ध कराएगी। ग्रामीण विकास विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि योजना की रूपरेखा तैयार की जा रही है और शीघ्र ही इसका प्रस्ताव कैबिनेट को भेजा जाएगा। विभाग ने 15 नवंबर तक सभी तैयारियां पूरी करने का लक्ष्य रखा है।

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मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कई बार अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया है कि महिलाएं मंईया सम्मान योजना से मिलने वाली राशि का उपयोग केवल घरेलू खर्च तक सीमित न रखकर परिवार और स्वयं के सर्वांगीण विकास के लिए करें। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया है कि स्वरोजगार और उद्यमिता के लिए आवश्यक अतिरिक्त पूंजी सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी।

उल्लेखनीय है कि वर्तमान में राज्य सरकार मंईया सम्मान योजना के तहत हर महीने लगभग 1250 करोड़ रुपये लाभुक महिलाओं के बीच वितरित कर रही है। अब “मंईया बलवान योजना” से महिलाओं को न केवल आर्थिक मजबूती मिलेगी, बल्कि वे समाज और परिवार में एक नई पहचान भी बना पाएंगी।

खेत में मिला युवक का शव, इलाके में फैली सनसनी

भटनी/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)।
भटनी थाना क्षेत्र के चांदपार गांव में मंगलवार की सुबह खेत में एक युवक का शव मिलने से हड़कंप मच गया। शव की सूचना मिलते ही मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ इकट्ठा हो गई। घटना की जानकारी होते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

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मृतक की पहचान आकाश प्रताप सिंह पुत्र स्वर्गीय रूपेश सिंह निवासी परसिया अभिलाश, थाना खुखुंदू क्षेत्र के रूप में हुई है। अचानक शव मिलने की खबर से मृतक के परिजनों में कोहराम मच गया। परिजन और ग्रामीण हत्या कर शव को फेंकने की आशंका जता रहे हैं।

ग्रामीणों के अनुसार, सुबह-सुबह खेतों की ओर गए लोगों ने शव देखा और तत्काल गांव में सूचना दी। देखते ही देखते पूरे गांव में सनसनी फैल गई। मृतक युवक के शरीर पर कई जगह संदिग्ध निशान पाए जाने की बात भी सामने आई है, जिससे आशंका जताई जा रही है कि उसकी हत्या कर शव यहां फेंका गया है।

सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल की जांच की और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस संबंध में थानाध्यक्ष भटनी का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।

गांव में हुई इस वारदात से दहशत का माहौल है। पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।

गुमला में पुलिस-नक्सली मुठभेड़, तीन उग्रवादी ढेर

गुमला(राष्ट्र की परम्परा डेस्क)।झारखंड पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने बुधवार सुबह गुमला जिले में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। बिशुनपुर थाना क्षेत्र के जंगलों में झारखंड जगुआर और जिला पुलिस की संयुक्त टीम की झड़प झारखंड जन मुक्ति परिषद (जेजेएमपी) के उग्रवादियों से हुई। लगभग एक घंटे चली इस मुठभेड़ में जेजेएमपी के तीन नक्सली ढेर हो गए।

पुलिस ने मौके से तीन हथियार बरामद किए हैं। इसके अलावा इलाके में भारी मात्रा में कारतूस और नक्सली साहित्य भी मिलने की आशंका जताई जा रही है। मुठभेड़ के बाद पूरे क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया है ताकि भागे हुए उग्रवादियों की धरपकड़ की जा सके।

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गुमला पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई थी। इलाके में पिछले कुछ समय से नक्सलियों की आवाजाही की सूचना मिल रही थी। सुरक्षा बलों की इस सफलता से पूरे क्षेत्र में राहत का माहौल है।

राष्ट्रीय सेवा योजना दिवस : युवा शक्ति और समाज सेवा का महापर्व

नवनीत मिश्र

         हर वर्ष 24 सितंबर को भारतभर में राष्ट्रीय सेवा योजना दिवस बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। यह दिवस सिर्फ एक तिथि नहीं, बल्कि युवाओं के सामाजिक दायित्व, मानवता और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है। 1969 में महात्मा गांधी के आदर्शों और उनके ‘सेवा ही श्रेष्ठ धर्म है’ के संदेश को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय सेवा योजना की स्थापना की गई थी। आज यह योजना देश के युवाओं को न केवल सामाजिक सरोकारों से जोड़ती है, बल्कि उन्हें जीवन की सच्ची शिक्षा भी प्रदान करती है।
          राष्ट्रीय सेवा योजना का मूल उद्देश्य युवाओं में सामाजिक जिम्मेदारी और संवेदनशीलता विकसित करना है। एनएसएस में शामिल छात्र-छात्राएं शिक्षा के साथ-साथ समाज सेवा के माध्यम से वास्तविक जीवन अनुभव प्राप्त करते हैं। यह योजना उन्हें यह सिखाती है कि समाज की भलाई केवल सरकार या संस्थानों का काम नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।
              एनएसएस के कार्यक्रमों में युवा ही सक्रिय भागीदारी निभाते हैं। स्वच्छता अभियान, रक्तदान शिविर, शिक्षा और स्वास्थ्य जागरूकता अभियान, पर्यावरण संरक्षण तथा वृक्षारोपण जैसे कार्य केवल सेवा ही नहीं बल्कि नेतृत्व, अनुशासन और सहकारिता की भावना को भी विकसित करते हैं। इन अनुभवों से युवा वर्ग न केवल व्यक्तिगत विकास करता है बल्कि समाज की समस्याओं को समझने और उनका समाधान करने में भी सक्षम होता है।
               राष्ट्रीय सेवा योजना दिवस का संदेश स्पष्ट है “सेवा में ही शक्ति है”। जब युवा समाज की भलाई के लिए तत्पर रहते हैं, तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन संभव होता है। एनएसएस केवल एक छात्र कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण स्तंभ है। युवा जब अपने ज्ञान और ऊर्जा को समाज सेवा में लगाते हैं, तब उनकी शिक्षा का वास्तविक अर्थ सामने आता है। 
               राष्ट्रीय सेवा योजना दिवस हमें यह स्मरण कराता है कि समाज सेवा केवल कर्तव्य नहीं, बल्कि जीवन का आदर्श मार्ग है। युवा शक्ति और समाज सेवा का यह संगम राष्ट्र के उज्जवल भविष्य की आधारशिला है। हर छात्र-छात्रा को चाहिए कि वे एनएसएस के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएँ और समाज की सेवा के लिए समर्पित हों। आखिरकार, “Not Me, But You” का मंत्र केवल शब्द नहीं, बल्कि एक जीवन दर्शन है, जिसे अपनाकर हम सच्चे नागरिक बन सकते हैं।

एयरपोर्ट पर यात्रियों के लिए नई सौगात : रिटायरिंग रूम और ‘बिहार इंपोरियम’ का शुभारंभ

पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)एयरपोर्ट अब यात्रियों के लिए और भी सुविधाजनक और आकर्षक बनने जा रहा है। बुजुर्ग और बीमार यात्रियों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए एयरपोर्ट पर दो रिटायरिंग रूम तैयार किए जा रहे हैं। इन कमरों में चार से छह बेड की व्यवस्था होगी, जहां यात्री आराम कर सकेंगे। रिटायरिंग रूम की बुकिंग ऑन स्पॉट और ऑनलाइन दोनों तरीकों से की जा सकेगी। इससे अचानक थकान या अस्वस्थता महसूस करने वाले यात्रियों को तुरंत राहत मिलेगी।

यात्रियों की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए एयरपोर्ट परिसर में स्वास्थ्य जांच केंद्र भी स्थापित किया गया है। आपात स्थिति में यहां प्राथमिक उपचार की सुविधा मिलेगी। साथ ही, बिहार राज्य स्वास्थ्य समिति की ओर से एयरपोर्ट प्रशासन को डिफाइब्रिलेटर मशीन और फर्स्ट एड बॉक्स उपलब्ध कराए गए हैं। खासतौर पर दिल का दौरा पड़ने जैसी गंभीर स्थिति में डिफाइब्रिलेटर जीवनरक्षक साबित होगा।

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यात्रियों के अनुभव को और समृद्ध करने के लिए एयरपोर्ट पर ‘बिहार इंपोरियम’ की भी शुरुआत की गई है। इसमें बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक शिल्पकला का प्रदर्शन किया जाएगा। मधुबनी पेंटिंग, सिक्की शिल्प, मंजूषा कला, पत्थर नक्काशी, काष्ठ शिल्प, सिरेमिक शिल्प और टिकुली पेंटिंग जैसे आकर्षक उत्पाद यहां प्रदर्शित और उपलब्ध रहेंगे। यह न केवल बिहार की संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाएगा बल्कि आने-जाने वाले यात्रियों के लिए आकर्षण का बड़ा केंद्र बनेगा।

पटना एयरपोर्ट पर उठाए गए ये कदम यात्रियों की यात्रा को न सिर्फ आरामदायक और सुरक्षित बनाएंगे, बल्कि बिहार की छवि को नई ऊंचाई देंगे। जहां बुजुर्ग और बीमार यात्रियों को सुविधा और स्वास्थ्य सुरक्षा मिलेगी, वहीं देश-विदेश से आने वाले यात्री बिहार की कला और शिल्प की अनूठी झलक देख पाएंगे।