Wednesday, July 8, 2026
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इलेक्ट्रॉनिक दुर्गा प्रतिमा ने खींचा श्रद्धालुओं का ध्यान

सलेमपुर/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)। सलेमपुर नगर के वार्ड नंबर छह में स्थापित दुर्गा प्रतिमा इस बार श्रद्धालुओं के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। मूर्ति नंबर 12 में लगाए गए आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की वजह से यह प्रतिमा अलग ही छटा बिखेर रही है।

प्रतिमा को देखने के लिए आस-पास के गांवों से महिलाएं, पुरुष और बच्चे बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। गुरुवार को यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और घंटों तक लोग प्रतिमा के दर्शन करते रहे।

वहीं, एसडीएम आवास के बाहर स्थापित मूर्ति नंबर 1 भी चर्चा का विषय बनी रही, जहां श्रद्धालुओं का जमावड़ा लगा रहा।

मूर्ति नंबर 12 पर दर्शन के दौरान विजय गुप्ता, बृजेश त्रिपाठी, अजेश त्रिपाठी, चंदन मद्धेशिया, मुन्ना गुप्ता, सत्यदीप त्रिवेदी और नफीस अहमद मौजूद रहे।

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बढ़ते स्क्रीन टाइम से किशोरों के स्वास्थ्य पर संकट, एम्स अध्ययन में बड़ा खुलासा; स्कूली पाठ्यक्रम में फिजियोथेरेपी जोड़ने की सिफारिश

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। आधुनिक जीवनशैली और बढ़ते स्क्रीन टाइम ने किशोरों के स्वास्थ्य को नई चुनौती दी है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) और भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के संयुक्त दो वर्षीय अध्ययन में पाया गया है कि 15 से 18 वर्ष के बच्चों में मांसपेशियों और हड्डियों से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं।

अध्ययन के चौंकाने वाले नतीजे

दिल्ली के दो निजी स्कूलों में 380 छात्रों पर रिसर्च की गई।

लंबे समय तक मोबाइल, कंप्यूटर और टैबलेट पर झुककर बैठने से बच्चों में पोस्चर विकार सामने आए।

आम शिकायतें – गर्दन और कंधे का दर्द, पीठ दर्द, हैमस्ट्रिंग की कठोरता, सपाट पैर और मांसपेशियों की जकड़न।

क्यों हो रही हैं दिक्कतें?

घंटों तक स्क्रीन पर झुककर बैठना

स्कूल में 6-7 घंटे लगातार बिना गतिविधि के बैठना

पारंपरिक आदतों से दूरी जैसे पालथी मारकर बैठना, फर्श पर खेलना, नंगे पैर चलना।

समाधान: फिजियोथेरेपी कोर्स में अनिवार्य

विशेषज्ञों का कहना है कि पारंपरिक शारीरिक गतिविधियां शरीर को लचीला रखती हैं। अध्ययन में समस्याग्रस्त छात्रों को 12 सप्ताह की फिजियोथेरेपी दी गई, जिसके बाद अगले 24 सप्ताह तक निगरानी की गई।

नतीजा – छात्रों में न केवल पोस्चर में सुधार देखा गया, बल्कि मांसपेशियों और हड्डियों की समस्याएं भी कम हुईं।

विशेषज्ञों की सिफारिश

स्कूली पाठ्यक्रम में फिजियोथेरेपी शामिल की जाए।खेल और गतिविधियों में बच्चों को सही प्रशिक्षण और चोट से बचाव सिखाया जाए।इससे किशोरों में मस्कुलोस्केलेटल स्वास्थ्य मजबूत होगा और भविष्य में गंभीर बीमारियों से बचाव होगा।

दिल्ली में रेलवे ट्रैक बने मौत का जाल: आठ माह में 947 लोगों की मौत, रोजाना 4 जा रही जान

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। देश की राजधानी दिल्ली में रेलवे ट्रैक अब मौत का जाल बनते जा रहे हैं। हर दिन औसतन चार लोग रेल हादसों का शिकार होकर जान गंवा रहे हैं। रेलवे के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से अगस्त 2025 के बीच दिल्ली में 947 लोगों की मौत और 211 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। सबसे ज्यादा हादसे दिल्ली–शाहदरा और दिल्ली–रोहतक रूट पर दर्ज किए गए हैं।

छह साल में 7,517 मौतें

रेलवे रिकॉर्ड बताते हैं कि पिछले छह वर्षों (2020 से अगस्त 2025 तक) में 7,517 लोग रेल हादसों में अपनी जान गंवा चुके हैं। बावजूद इसके, रेलवे और सुरक्षा बलों के प्रयासों से दुर्घटनाओं में कोई बड़ी कमी नहीं आई है।

आंकड़े बताते हैं भयावह तस्वीर

वर्ष दुर्घटनाएं घायल मृतक

वर्षदुर्घटनाएंघायलमृतक
2020801112689
202113731951180
202218933011592
202318713261559
202418673511550
2025 (जनवरी से अगस्त तक)1134211947

क्यों हो रहे हैं इतने हादसे?

लोग फुट ओवरब्रिज या अंडरपास की बजाय सीधे ट्रैक पार करते हैं।

कई लोग हेडफोन लगाकर चलते हैं, जिससे ट्रेन की आवाज़ सुनाई नहीं देती।

नशे की हालत में लोग रेलवे ट्रैक पर सो जाते हैं।

बस्तियों में रहने वाले लोग ट्रैक के पास रहकर अनजाने में हादसे का शिकार हो जाते हैं।

बचाव के उपाय

हमेशा फुट ओवरब्रिज या अंडरपास का उपयोग करें।

ट्रैक पार करते समय हेडफोन न लगाएं।

नशे में रेलवे ट्रैक से दूर रहें।

रेलवे द्वारा लगाए गए चेतावनी बोर्ड और सिग्नल का पालन करें।

स्कूल, कॉलेज और बस्तियों में जागरूकता अभियान चलाए जाएं।

रेलवे सुरक्षा बल (RPF) समय-समय पर कार्रवाई तो करता है, लेकिन जब तक लोग अपनी आदतें नहीं बदलेंगे, हादसों का सिलसिला थमना मुश्किल है।

आगरा में दुर्गा विसर्जन हादसा: उटंगन नदी में डूबे 13 युवक, तीन के मिले शव, गांव में मातम

आगरा (राष्ट्र की परम्परा)। दशहरा के मौके पर आगरा के खेरागढ़ स्थित उटंगन नदी में बड़ा हादसा हो गया। मां दुर्गा की मूर्ति विसर्जन के दौरान गांव कुसियापुर डूगरवाला के 13 युवक गहरे पानी में डूब गए। इस हादसे में अब तक 3 शव बरामद हुए हैं, जबकि एक युवक को ग्रामीणों ने बचा लिया। 9 युवक अब भी लापता हैं, जिनमें पांच नाबालिग शामिल हैं।

हादसे का विवरण

गुरुवार दोपहर करीब 1 बजे ग्रामीण मूर्ति विसर्जन के लिए नदी पर पहुंचे। गहरे पानी में मूर्ति ले जाते समय सभी युवक हाथ पकड़कर आगे बढ़ रहे थे। अचानक एक युवक का पैर फिसलने से सभी एक-एक कर गहरे पानी में समा गए। मौके पर मौजूद लोगों में चीख-पुकार मच गई।

ग्रामीणों ने विष्णु (20) को किसी तरह बचा लिया, जिसे गंभीर हालत में एसएन मेडिकल कॉलेज भेजा गया। वहीं, पुलिस की मदद से डेढ़ घंटे बाद ओमपाल (25) और गगन (24) के शव निकाले गए। देर रात मनोज (17) का शव भी बरामद हुआ।

ग्रामीणों का आरोप – सुरक्षा इंतजाम नहीं थे

गांव वालों का आरोप है कि नदी किनारे कोई सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए थे। अगर पुलिस और SDRF की टीम समय पर मौजूद होती, तो इतना बड़ा हादसा टाला जा सकता था। गुस्साए ग्रामीणों ने एसडीआरएफ टीम के देर से पहुंचने पर जाम भी लगाया, जिसे पुलिस ने समझाकर शांत कराया।

अधिकारियों ने लिया जायजा

सूचना पर जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी और डीसीपी पश्चिमी जोन अतुल शर्मा मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। वहीं, पुलिस और गोताखोर लापता युवकों की तलाश में जुटे हैं।

हादसे से गांव में मातम

कुसियापुर गांव में माता चामड़ मंदिर पर नवरात्र में दुर्गा प्रतिमा स्थापित की गई थी। विसर्जन के लिए महिलाएं, बच्चे और पुरुष नदी पर पहुंचे थे। लेकिन हादसे की खबर मिलते ही पूरे गांव में कोहराम मच गया। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

बरेली बवाल: मौलाना तौकीर रजा को पनाह देने वाले फरहत का मकान आज होगा सील, 100 से ज्यादा संपत्तियां चिह्नित

बरेली (राष्ट्र की परम्परा)। 26 सितंबर को बरेली में हुए बवाल के बाद पुलिस और प्रशासन लगातार सख्त कार्रवाई कर रहा है। इसी कड़ी में मौलाना तौकीर रजा खां को पनाह देने वाले उसके करीबी फरहत खां का फाइक एन्क्लेव स्थित मकान शुक्रवार को बरेली विकास प्राधिकरण (BDA) सील करेगा।

बीडीए ने बुधवार को बारादरी थाना पुलिस के माध्यम से फरहत को नोटिस जारी किया था। नोटिस में मकान को अवैध निर्माण बताते हुए 3 अक्टूबर तक खाली कराने के निर्देश दिए गए थे। पुलिस ने परिवार को मकान खाली करने के लिए कहा, लेकिन समय सीमा तक घर खाली नहीं हुआ।

मौलाना तौकीर रजा फरहत के घर से गिरफ्तार

बवाल वाले दिन मौलाना तौकीर रजा खां फरहत के घर पर ही मौजूद था। पुलिस ने यहीं से मौलाना को गिरफ्तार किया था। अगले दिन फरहत और उसके बेटे को भी हिरासत में ले लिया गया। बीडीए उपाध्यक्ष मनिकंडन ए ने कहा कि बवाल में शामिल आरोपियों और उनके सहयोगियों पर पुलिस और प्रशासन स्तर से कार्रवाई जारी है।

100 से ज्यादा संपत्तियां चिह्नित

पुलिस और प्रशासन ने अब तक 100 से अधिक संपत्तियां चिह्नित की हैं। इनमें मौलाना के करीबी और गिरफ्तार आईएमसी प्रवक्ता डॉ. नफीस का जखीरा स्थित मकान और जिलाध्यक्ष नदीम खान की बिहारीपुर व झुमका तिराहे के पास की संपत्तियां शामिल हैं। बीडीए ने इन संपत्तियों के रिकॉर्ड खंगालने के साथ विधिक पक्ष का आकलन शुरू कर दिया है। अगर निर्माण नियमों के विपरीत पाया गया तो कार्रवाई की जाएगी।

बरेली में हाई अलर्ट, इंटरनेट सेवा बंद

बरेली में हालात को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है। दशहरा और शुक्रवार की नमाज को देखते हुए सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है। दूसरे जिलों से आई पुलिस फोर्स को 4 अक्टूबर तक शहर में रोका गया है। वहीं, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इंटरनेट सेवा फिर से बंद कर दी गई है। यह पाबंदी 3 अक्टूबर दोपहर 3 बजे से 4 अक्टूबर दोपहर 3 बजे तक जारी रहेगी।

यूपी मौसम अपडेट: लखनऊ, वाराणसी समेत कई जिलों में आज बारिश के आसार, जानें शहरवार हाल

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश में आज मौसम का मिजाज बदला हुआ है। कई शहरों में सुबह से बादल छाए हुए हैं और मौसम विभाग (IMD) ने दोपहर व शाम को बारिश की संभावना जताई है। अधिकतम तापमान 31 से 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है।

शहरवार मौसम रिपोर्ट

लखनऊ मौसम

राजधानी लखनऊ में आज दिनभर बादल छाए रहेंगे। अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री रहने की संभावना है। दोपहर बाद गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है।

वाराणसी मौसम

वाराणसी में सुबह से बादल छाए हुए हैं। अधिकतम तापमान 30 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री तक रह सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, शाम तक बारिश और गरज-चमक की संभावना है।

प्रयागराज मौसम

प्रयागराज में आज आंशिक बादल छाए रहेंगे। अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस रहेगा। शाम को हल्की बौछारें पड़ सकती हैं।

कानपुर मौसम

कानपुर में भी आज मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम 25 डिग्री रहेगा। शाम तक बादल घिरने और हल्की बारिश की संभावना है।

किसानों और यात्रियों के लिए अलर्ट

मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि बारिश को देखते हुए फसलों की कटाई और मंडी ले जाने का काम सोच-समझकर करें। वहीं, आम लोगों से अपील है कि यात्रा के दौरान छाता या रेनकोट साथ रखें।

🌟 3 अक्टूबर 2025 : आज का संपूर्ण राशिफल 🌟

पंडित गोपालजी


🐏 मेष राशि (Aries)
अक्षर: अ, च, चू, चे, ला, ली, लू, ले
स्वामी ग्रह: मंगल 🔴
राशिचिह्न: भेड़ (Ram)
करियर/व्यवसाय: आज नई योजनाओं पर अमल होगा, साहस और परिश्रम से लाभ मिलेगा।
शिक्षा: विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षा में सफलता के संकेत।
यात्रा: छोटी यात्रा लाभप्रद।
अंक: 9 शुभ अंक
पूजा: हनुमान जी की आराधना करें।
🐂 वृषभ राशि (Taurus)
अक्षर: उ, ए, ई, औ, द, दी, वो
स्वामी ग्रह: शुक्र 💎
राशिचिह्न: बैल (Bull)
करियर/व्यवसाय: वित्तीय क्षेत्र में लाभ, नए निवेश से फायदा।
शिक्षा: कला और डिजाइन से जुड़े विद्यार्थियों के लिए दिन श्रेष्ठ।
यात्रा: परिवार संग यात्रा संभव।
अंक: 6 शुभ अंक
पूजा: मां लक्ष्मी की पूजा करें।
👬 मिथुन राशि (Gemini)
अक्षर: के, को, क, घ, छ, ह, ड
स्वामी ग्रह: बुध 📗
राशिचिह्न: जुड़वां (Twins)
करियर/व्यवसाय: संचार और मार्केटिंग क्षेत्र में सफलता।
शिक्षा: रिसर्च व टेक्निकल पढ़ाई में लाभ।
यात्रा: नौकरी हेतु यात्रा हो सकती है।
अंक: 5 शुभ अंक
पूजा: विष्णु भगवान की पूजा करें।
🦀 कर्क राशि (Cancer)
अक्षर: ह, हे, हो, डा, ही, डो
स्वामी ग्रह: चंद्रमा 🌙
राशिचिह्न: केकड़ा (Crab)
करियर/व्यवसाय: नौकरीपेशा लोगों के लिए पदोन्नति के योग।
शिक्षा: पढ़ाई में एकाग्रता बढ़ेगी।
यात्रा: घर-परिवार से जुड़ी यात्रा।
अंक: 2 शुभ अंक
पूजा: शिवजी का अभिषेक करें।
🦁 सिंह राशि (Leo)
अक्षर: म, मे, मी, टे, टा, टी
स्वामी ग्रह: सूर्य ☀️
राशिचिह्न: शेर (Lion)
करियर/व्यवसाय: नेतृत्व क्षमता से बड़े प्रोजेक्ट में सफलता।
शिक्षा: प्रतियोगी परीक्षा में सफलता।
यात्रा: लंबी दूरी की यात्रा लाभप्रद।
अंक: 1 शुभ अंक
पूजा: सूर्य देव को अर्घ्य दें।
🌾 कन्या राशि (Virgo)
अक्षर: प, ष, ण, पे, पो, प
स्वामी ग्रह: बुध 📗
राशिचिह्न: कन्या (Maiden)
करियर/व्यवसाय: कारोबारियों को धनलाभ।
शिक्षा: विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा में अवसर।
यात्रा: मित्रों संग यात्रा संभव।
अंक: 5 शुभ अंक
पूजा: गणेश जी की पूजा करें।
⚖️ तुला राशि (Libra)
अक्षर: रे, रो, रा, ता, ते, तू
स्वामी ग्रह: शुक्र 💎
राशिचिह्न: तराजू (Balance)
करियर/व्यवसाय: साझेदारी में लाभ।
शिक्षा: कला, फैशन और संगीत के छात्रों के लिए श्रेष्ठ दिन।
यात्रा: दांपत्य जीवन हेतु यात्रा।
अंक: 6 शुभ अंक
पूजा: मां दुर्गा की आराधना करें।
🦂 वृश्चिक राशि (Scorpio)
अक्षर: लो, ने, नी, नू, या, यी
स्वामी ग्रह: मंगल 🔴
राशिचिह्न: बिच्छू (Scorpion)
करियर/व्यवसाय: जोखिम भरे कार्यों में सफलता।
शिक्षा: रिसर्च और साइंस से जुड़े छात्रों को लाभ।
यात्रा: विदेश यात्रा के संकेत।
अंक: 9 शुभ अंक
पूजा: भगवान कार्तिकेय की पूजा करें।
🏹 धनु राशि (Sagittarius)
अक्षर: धा, ये, यो, भी, भू, फा, ढा
स्वामी ग्रह: बृहस्पति 📿
राशिचिह्न: धनुष (Archer)
करियर/व्यवसाय: उच्च पदस्थ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा।
शिक्षा: धार्मिक व दार्शनिक विषयों में रुचि।
यात्रा: पवित्र स्थल की यात्रा।
अंक: 3 शुभ अंक
पूजा: विष्णु जी की पूजा करें।
🐊 मकर राशि (Capricorn)
अक्षर: जा, जी, खो, खू, ग, गी, भो
स्वामी ग्रह: शनि 🪐
राशिचिह्न: मगरमच्छ (Crocodile/Sea-Goat)
करियर/व्यवसाय: मेहनत से तरक्की, प्रमोशन की संभावना।
शिक्षा: इंजीनियरिंग व मैनजमेंट पढ़ाई में सफलता।
यात्रा: कामकाज हेतु लंबी यात्रा।
अंक: 8 शुभ अंक
पूजा: शनि देव की पूजा करें।
🌊 कुंभ राशि (Aquarius)
अक्षर: गे, गो, सा, सू, से, सो, द
स्वामी ग्रह: शनि 🪐
राशिचिह्न: कलश/जलपात्र (Water Bearer)
करियर/व्यवसाय: नए अवसर मिलेंगे, नौकरी में उन्नति।
शिक्षा: आईटी और टेक्नोलॉजी छात्रों को लाभ।
यात्रा: विदेश यात्रा के योग।
अंक: 8 शुभ अंक
पूजा: शिव जी की आराधना करें।
🐟 मीन राशि (Pisces)
अक्षर: दी, चा, ची, झ, दो, दू
स्वामी ग्रह: बृहस्पति 📿
राशिचिह्न: मछली (Fish)
करियर/व्यवसाय: कार्यस्थल पर सम्मान व लाभ।
शिक्षा: साहित्य व कला के विद्यार्थियों को सफलता।
यात्रा: धार्मिक यात्रा संभव।
अंक: 3 शुभ अंक
पूजा: भगवान विष्णु की पूजा करें।

👉 आज का दिन सभी राशियों के लिए आत्मविश्वास और संयम के साथ आगे बढ़ने का है।

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भगवान राम लक्ष्मण सीता भरत शत्रुघ्न और हनुमान की सीएम ने आरती उतारी

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)
रामलीला मैदान अधियारीबाग में विजयदशमी के अवसर पर मुख्यमंत्री एवं गोरखपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने भगवान राम, लखन, सीता, भरत, शत्रुघ्न और हनुमान की आरती उतारी और अपने सम्बोधन में राम और हनुमान की महिमा का उल्लेख किया।कार्यक्रम का आयोजन रामलीला मैदान में पारंपरिक तिलकोत्सव और शोभायात्रा का आयोजन हुआ जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, सीता, भरत, शत्रुघ्न और हनुमान का तिलक कर उनकी आरती की।शोभायात्रा मानसरोवर रामलीला मैदान तक गई, जिसमें प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सम्बोधन में भगवान राम और हनुमान के आदर्शों की चर्चा की।उन्होंने कहा कि भगवान राम ने जीवन में अनेक चुनौतियों का सामना करते हुए धर्म और मर्यादा की स्थापना की, वहीं हनुमान ने समर्पण और सेवा की मिसाल पेश की। मुख्यमंत्री ने लोगों को भारतीय संस्कृति और रामायण के आदर्शों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। सांस्कृतिक परंपरा का महत्वयोगी आदित्यनाथ ने रामलीला समारोह को गोरखपुर की सांस्कृतिक पहचान बताया और इसे धर्म, आस्था, सामाजिक एकता व नैतिकता का पर्व कहा। गोरक्ष पीठाधीश्वर के तौर पर वे हर वर्ष इस परंपरा का निर्वाह करते हैं और गोरखनाथ मंदिर में विशेष पूजा का भी आयोजन करते है।इस आयोजन ने न केवल गोरखपुर बल्कि पूरे पूर्वांचल में धर्म, आस्था और संस्कृति का संदेश दिया।

पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री: सादगी और नैतिकता के प्रतिमूर्ति

भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में कुछ ऐसे नेता हुए जिनका नाम उनकी सादगी और ईमानदारी के लिए सदैव याद किया जाएगा। उन्हीं में से एक थे लाल बहादुर शास्त्री। देश के दूसरे प्रधानमंत्री बने शास्त्री जी का जीवन इस बात का प्रमाण है कि नेतृत्व केवल पद या वैभव से नहीं, बल्कि त्याग, सादगी और कर्मठता से पहचाना जाता है।
2 अक्तूबर 1904 को उत्तर प्रदेश के मुगलसराय (अब दीनदयाल नगर) में जन्मे शास्त्री जी ने बचपन से ही संघर्ष को अपना साथी बनाया। पिता का निधन जल्दी हो गया, लेकिन माँ ने उन्हें ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा का संस्कार दिया। आर्थिक तंगी के बीच शिक्षा प्राप्त की और काशी विद्यापीठ से “शास्त्री” की उपाधि हासिल की। यही उपाधि बाद में उनके नाम के साथ स्थायी रूप से जुड़ गई।
गांधीजी के विचारों से प्रभावित होकर शास्त्री जी स्वतंत्रता आंदोलन में कूद पड़े। असहयोग और सत्याग्रह आंदोलनों में सक्रिय भूमिका निभाई। अंग्रेजों ने उन्हें कई बार जेल में डाला, लेकिन हर बार वे और मजबूत संकल्प के साथ बाहर आए। सात साल का कारावास उनके लिए अध्ययन और आत्मबल बढ़ाने का अवसर बन गया।
स्वतंत्र भारत में उन्होंने उत्तर प्रदेश से लेकर केंद्र सरकार तक कई जिम्मेदारियां निभाईं। रेल मंत्री रहते हुए एक बड़ी रेल दुर्घटना हुई तो उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे दिया। उस दौर में यह कदम राजनीतिक शुचिता का उदाहरण बना, जो आज भी मिसाल के तौर पर याद किया जाता है।
27 मई 1964 को पंडित जवाहरलाल नेहरू के निधन के बाद जब शास्त्री जी प्रधानमंत्री बने, तब देश गंभीर चुनौतियों से जूझ रहा था। खाद्यान्न संकट, गरीबी और बाहरी खतरे एक साथ खड़े थे। ऐसे समय उन्होंने “जय जवान, जय किसान” का नारा दिया, जिसने सैनिक और किसान दोनों को नई प्रेरणा दी।
1965 के भारत-पाक युद्ध में शास्त्री जी ने अदम्य साहस दिखाया और देश का मनोबल बढ़ाया। उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि भारत शांति चाहता है, लेकिन अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए किसी भी बलिदान से पीछे नहीं हटेगा।
जनवरी 1966 में ताशकंद (सोवियत संघ) में पाकिस्तान के साथ शांति समझौता हुआ। इसी समझौते के तुरंत बाद रहस्यमय परिस्थितियों में उनका असामयिक निधन हो गया। उनकी मृत्यु ने पूरे देश को गहरे शोक में डाल दिया।
लाल बहादुर शास्त्री का पूरा जीवन सादगी, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा का उदाहरण है। वे न तो कभी पद की चकाचौंध से प्रभावित हुए और न ही वैभव की ओर आकर्षित हुए। उनका संदेश आज भी प्रासंगिक है—
“सत्ता का उद्देश्य सेवा है, व्यक्तिगत लाभ नहीं।”
लाल बहादुर शास्त्री भले ही प्रधानमंत्री के रूप में अल्प समय तक रहे, लेकिन उनका योगदान अमिट है। उनका दिया हुआ नारा “जय जवान, जय किसान” आज भी भारत के विकास का मूल मंत्र है। वे ऐसे नेता थे जिन्होंने दिखा दिया कि सादगी और सत्य ही नेतृत्व की सबसे बड़ी ताकत हैं।

पार्थ, रहना सजग

युद्ध जीत भी जाना तो
हे पार्थ, तुम रहना सजग।
धृतराष्ट्र सदा ही आयेंगे,
गले लगाने तुमको पग-पग।

है युगों युगों का सत्य यही,
तुम भूल न जाना पार्थ कभी।
जो अपनों जैसे लगते हैं,
वो ही तो बहुधा छलते हैं।

आलिंगन में अस्थियाँ तोड़ते,
वह निज कुटुंब के अंश ही थे।
विश्वास में भरे हुए विष से,
हे पार्थ, सदा ही बचना तुम।

कर्ण समान महादानी भी,
वंचित रहा स्नेह के रथ से ।
सूतपुत्र कह कर जग ने,
छल डाला उसको ही पथ में ।

शकुनि की मृदु वाणी में,
घृणा का गुप्त बीज रहा।
अपनों के मध्य वह अवशोषित पर,
हानिकारक भी वही रहा ।

भीष्म, द्रोण सम न्यायप्रिय,
फिर भी बंधन ग्रस्त रहे।
मोह और कर्तव्य के व्यूह ने
सत्य से उनको दूर किया ।

मत भूलो पार्थ, सखा सदा,
रणभूमि से कठिन है जीवन।
धोखे के शस्त्र यहाँ चलते,
मुस्कानों में छिपा मरण ।

हे पार्थ यही जग का नियम,
युगों युगों से यही विधान।
युद्ध से भय जो ना भी हो
संबंधों की रखना पहचान ।

युद्ध जीत भी जाना तो
हे पार्थ, तुम रहना सजग।
धृतराष्ट्र सदा ही आयेंगे,
गले लगाने तुमको पग-पग।

डॉ. सोनी सिंह

अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस : गांधी जी की सीख और आज की दुनिया

नवनीत मिश्र


हर वर्ष 2 अक्टूबर को पूरी दुनिया अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस मनाती है। यह दिन महात्मा गांधी की जयंती के साथ जुड़ा है और हमें यह स्मरण कराता है कि हिंसा कभी स्थायी समाधान नहीं दे सकती। शांति, करुणा और सत्य के मार्ग पर चलकर ही मानवता का वास्तविक उत्थान संभव है।
अहिंसा का अर्थ केवल शारीरिक हिंसा से बचना नहीं है। यह हमारे विचारों, शब्दों और कर्मों में करुणा और संयम की अभिव्यक्ति है। जब हम किसी को आहत न करें, जब हम अपने शब्दों से किसी को चोट न पहुँचाएँ, जब हम प्रकृति और जीव-जंतु के साथ संवेदनशीलता से व्यवहार करें—तभी अहिंसा का सच्चा रूप सामने आता है।
गांधीजी का जीवन इस सिद्धांत का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने दिखाया कि सत्य और अहिंसा केवल नैतिक आदर्श नहीं, बल्कि राजनीतिक परिवर्तन के सशक्त साधन भी हो सकते हैं। स्वतंत्रता संग्राम में उनका यही हथियार अंग्रेज़ी हुकूमत को झुकाने में कारगर साबित हुआ। गांधी ने कहा था— “अहिंसा कमजोर का हथियार नहीं, बल्कि सबसे बड़े साहसी का संबल है।”
21वीं सदी में हिंसा का स्वरूप बदल गया है। कभी यह युद्ध के रूप में दिखाई देती है, तो कभी आतंकवाद, धार्मिक कट्टरता, जातीय संघर्ष और घरेलू हिंसा के रूप में। तकनीकी युग में तो शब्दों की हिंसा भी उतनी ही घातक हो गई है—चाहे वह सोशल मीडिया पर नफरत भरी भाषा हो या डिजिटल मंचों पर असहिष्णु टिप्पणियाँ।
ऐसे समय में गांधी की अहिंसा और अधिक प्रासंगिक हो जाती है। यह केवल संघर्ष से बचने का उपाय नहीं, बल्कि मतभेदों को संवाद में बदलने का रास्ता है।
युवा पीढ़ी को समझना होगा कि दुनिया को बदलने के लिए हिंसा नहीं, बल्कि रचनात्मक ऊर्जा और सकारात्मक सोच की आवश्यकता है। यदि युवा अपनी ऊर्जा को शिक्षा, नवाचार और सामाजिक सद्भाव में लगाएँ, तो न केवल उनका व्यक्तिगत जीवन बेहतर होगा, बल्कि समाज और राष्ट्र भी मजबूत होंगे।
अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस केवल एक तारीख नहीं, बल्कि एक चेतावनी और संदेश है। चेतावनी इस बात की कि हिंसा का मार्ग अंततः विनाश की ओर ही ले जाता है, और संदेश इस बात का कि करुणा, सत्य और अहिंसा से ही स्थायी शांति की नींव रखी जा सकती है।
यदि हम अपने भीतर थोड़ी-सी संवेदना और धैर्य पैदा कर लें, तो यह संसार संघर्ष का नहीं, बल्कि सहअस्तित्व और सहयोग का घर बन सकता है।

दुआओं में शक्ति

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दुआओं में बहुत शक्ति होती है,
जो किसी के लिये भी की जाती है,
दुआ देना अहंकार नहीं होता है,
दुआ तो प्रभू से माँगना होता है।

दुनिया का मालिक है जनक हमारा
और हम सब उसकी ही संताने हैं,
हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई तो हैं,
हम, पर आपस में तो भाई भाई हैं।

हम आपस में करते हैं लड़ाई जब,
दुनिया में क़यामत आती है तब,
उस दिन जो आफ़त आने वाली है,
ये सोच सोच रूह मेरी घबराई है।

किसी से प्रेम का सौदा न करो भाई,
जीवन में प्रेम नहीं मोल बिकाता है,
दुनिया में स्वार्थलिप्त जो प्यार करे,
इंसान वह कदम कदम दुःख पाता है।

प्रेम के बदले सोच लिया कुछ पाना,
इंसान मुख में कालिख पुतवाता है,
इस संसार में रहना नहिं देश विराना है,
कागद की पूड़ी, बूँद पड़े गलि जाना है।

चुप रहना भी कभी कभी अच्छा होता है,
ज़रूरत पर चुप्पी तोड़ना भी अच्छा है,
माफ़ी दे भी दे, माफ़ी माँग भी ले जो,
वही तो इंसान का बड़प्पन ही होता है।

काँटों की बाड़ी में उलझे तो फँस जाना है,
झाड़ व झाँखर में आग लगे जल जाना है,
आदित्य कहें इसमें क्यों उलझो साँई,
ध्यान करो प्रभु का अंत वहीं तो जाना है।

  • डॉ कर्नल आदि शंकर मिश्र
    ‘आदित्य’

गांधी-शास्त्री जयंती पर वृक्षारोपण कर दी गई श्रद्धांजलि

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर महंत रामाश्रय दास पब्लिक स्कूल, जेदोपाली, बांसगांव में वृक्षारोपण किया गया और राष्ट्र नायकों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि शिवाजी सिंह ने कहा कि गांधी जी और शास्त्री जी के जीवन से हमें अहिंसा, सत्य और कर्तव्यपरायणता का संदेश मिलता है। वृक्षारोपण हमारे पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का प्रतीक है। हमें अपनी धरती को हरा-भरा रखने का हर संभव प्रयास करना चाहिए।
इस अवसर पर प्रबंधक कौशल राय, प्रधानाचार्य अंजनी कुमार राय और शिक्षकों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। वन अधिकारी राकेश कुमार श्रीवास्तव, रामलखन शाही सहित अन्य अधिकारी और शिक्षक भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम ने न केवल महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की शिक्षाओं को याद करने का अवसर दिया, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने का संदेश भी लोगों तक पहुँचाया।

रॉ के पूर्व प्रमुख विक्रम सूद का बड़ा बयान: “अमेरिकी डीप स्टेट भारत की तरक्की नहीं चाहता, ट्रंप इसका हिस्सा नहीं”

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। भारतीय खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (R&AW) के पूर्व प्रमुख विक्रम सूद ने हाल ही में एक इंटरव्यू में दावा किया कि अमेरिका की एक गुप्त ताकत यानी ‘डीप स्टेट’ भारत की आर्थिक प्रगति में बाधा डाल रही है। उन्होंने कहा कि अमेरिका-पाकिस्तान संबंध हाल ही में इसलिए मजबूत हुए क्योंकि भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान संघर्षविराम में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भूमिका के दावे को खारिज कर दिया।

“भारत की आर्थिक प्रगति अमेरिका को नहीं भाती”

सूद ने स्पष्ट किया कि अमेरिका में एक ‘डीप स्टेट’ काम करती है, जो भारत की आर्थिक शक्ति को चुनौती मानती है। उनका कहना है कि भारत और चीन दोनों अब बड़ी आर्थिक ताकत बन रहे हैं और अमेरिका इससे चिंतित है। उन्होंने कहा, “चीन के बाद अब भारत अमेरिका के लिए एक चुनौती है, और अमेरिका ने चीन से सबक सीख लिया है।”

डीप स्टेट का मतलब और उसका असर

विक्रम सूद ने बताया कि ‘डीप स्टेट’ में कॉरपोरेट कंपनियां, सैन्य खुफिया एजेंसियां और अन्य ताकतवर लोग शामिल हैं, जो पर्दे के पीछे से निर्णय लेते हैं। वे कहते हैं कि डोनाल्ड ट्रंप इस ‘डीप स्टेट’ का हिस्सा नहीं हैं। सूद ने यह भी कहा कि अमेरिका में केवल व्हाइट हाउस या कांग्रेस नहीं, बल्कि हथियार बनाने वाली बड़ी कंपनियां भी इस पर प्रभाव डालती हैं, और इन्हीं की नीतियां भारत, पाकिस्तान और इस्राइल जैसे देशों पर असर डालती हैं।

डीप स्टेट शब्द की उत्पत्ति

सूद ने यह भी बताया कि ‘डीप स्टेट’ शब्द पहली बार तुर्की में इस्तेमाल हुआ था, जब एक कार दुर्घटना में कई अधिकारी और एक ड्रग डीलर मारे गए थे, जिसमें गुप्त ताकतों के साथ मिलकर काम करने की बात सामने आई थी।

ट्रंप और डीप स्टेट

सूद के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप डीप स्टेट का हिस्सा नहीं हैं और वे इसके खिलाफ रहे हैं। उनका कहना है कि यह एक ऐसा समूह है जो अपने कॉरपोरेट और सैन्य हितों के लिए अंतरराष्ट्रीय नीतियां तय करता है।

गांधी-शास्त्री जयंती पर महिला आयोग की सदस्य ने किया ध्वजारोहण और महिला कानूनों पर मार्गदर्शन

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री जयंती के अवसर पर बुधवार को मिशन शक्ति फेज-05 के तहत महिला आयोग की सदस्य श्रीमती ऋतु शाही ने महिला थाना परिसर में ध्वजारोहण किया और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी तथा पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के चित्र पर माल्यार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद करते हुए सत्य, अहिंसा और एकता के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।अपने संबोधन में शाही ने महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।

उन्होंने घरेलू हिंसा से संरक्षण अधिनियम, दहेज प्रतिषेध कानून, कार्यस्थल पर महिलाओं का उत्पीड़न निवारण अधिनियम तथा बाल विवाह निषेध अधिनियम जैसे महत्वपूर्ण कानूनों पर प्रकाश डाला। साथ ही महिला हेल्पलाइन नंबर 1090 और 181 सहित अन्य सेवाओं के उपयोगिता के बारे में जानकारी दी।शाही ने सभी महिलाओं से अपील की कि यदि वे उत्पीड़न या हिंसा का सामना करें तो तुरंत महिला थाना, हेल्पलाइन या महिला आयोग से संपर्क करें।

उन्होंने पुलिस बल से मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत और अधिक संवेदनशीलता तथा तत्परता के साथ कार्य करने का आग्रह किया।इस अवसर पर महिला थाना प्रभारी उ0नि0 कुमुद सिंह, मिशन शक्ति केंद्र प्रभारी उ0नि0 निशा, वन स्टॉप सेंटर प्रबंधक नीतू भारती, काउंसलर मीनू जायसवाल और महिला थाना की अन्य पुलिस कर्मी उपस्थित रहीं।