चौरई (राष्ट्र की परम्परा)। शासकीय महाविद्यालय, चौरई में नवप्रवेशी विद्यार्थियों के लिए “मेंटल हेल्थ एंड वेलनेस” विषय पर मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व से अवगत कराना और उन्हें तनावमुक्त, सकारात्मक एवं संतुलित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था।
कार्यशाला की मुख्य वक्ता एवं विशिष्ट अतिथि डॉ. वर्षा चौकसे (बीएएमएस) ने प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि बदलती जीवनशैली और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के दौर में मानसिक स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को मोबाइल फोन का सीमित उपयोग करने, नियमित व्यायाम करने, संतुलित एवं पौष्टिक आहार लेने तथा अपने लक्ष्य पर निरंतर ध्यान केंद्रित रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि इन आदतों को अपनाकर मानसिक तनाव और अवसाद जैसी समस्याओं से काफी हद तक बचा जा सकता है।

महाविद्यालय की मानसिक स्वास्थ्य नोडल अधिकारी डॉ. सबाहत अंजुम कुरैशी ने विद्यार्थियों से कहा कि पढ़ाई के बढ़ते दबाव और प्रतिस्पर्धा के कारण मानसिक तनाव स्वाभाविक है, लेकिन किसी भी कठिन परिस्थिति में निराश होने के बजाय अभिभावकों, शिक्षकों और मित्रों से खुलकर संवाद करना चाहिए। उन्होंने कहा कि असफलता जीवन का अंत नहीं, बल्कि सफलता की ओर बढ़ने का एक अवसर है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य मुकेश कुमार ठाकुर ने की। उन्होंने विद्यार्थियों से मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य के बीच संतुलन बनाए रखने का आह्वान करते हुए कहा कि स्वस्थ मन ही सफल जीवन की आधारशिला है।
कार्यशाला में महाविद्यालय के प्राध्यापक, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में नवप्रवेशी विद्यार्थियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने तथा स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया।
