Monday, July 6, 2026
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स्मरणीय 15 अक्टूबर: साहित्य, धर्म और कला के नायकों की कहानी

🕯️ 15 अक्टूबर: उन महान आत्माओं की याद, जिन्होंने दुनिया पर छोड़ी अमिट छाप


15 अक्टूबर इतिहास के पन्नों में उन महान व्यक्तित्वों के निधन की याद दिलाता है, जिन्होंने अपने जीवनकाल में साहित्य, धर्म, स्वतंत्रता संग्राम और कला के क्षेत्र में अमूल्य योगदान दिया। आइए जानते हैं इस दिन अलग-अलग वर्षों में किन महान विभूतियों ने दुनिया को अलविदा कहा।
1595 – फ़ैज़ी (फ़ारसी कवि)
फ़ैज़ी, जिनका जन्म 1543 ईस्वी में भारत के शेरशाह सलिम के काल में हुआ, फ़ारसी साहित्य के अत्यंत प्रतिष्ठित कवि माने जाते हैं। उन्हें शेरशाह और अकबर के दरबार में विशेष सम्मान प्राप्त था। फ़ैज़ी ने अपने कविताओं और गीतों के माध्यम से प्रेम, समाज और आध्यात्मिक चेतना को अभिव्यक्त किया। उनके शेर और काव्य संग्रह आज भी साहित्य प्रेमियों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं।
1918 – साईं बाबा
साईं बाबा, जिन्हें शिर्डी के साईं बाबा के नाम से जाना जाता है, भारत के महान संत और समाज सुधारक थे। उनका जन्म महाराष्ट्र के शिर्डी में हुआ था। वे धर्म, मानवता और सेवा के प्रतीक माने जाते हैं। साईं बाबा ने अपने उपदेशों के माध्यम से मानवता, करुणा और भाईचारे का संदेश दिया, जो आज भी करोड़ों लोगों के लिए मार्गदर्शन का स्रोत है।
1961 – सूर्यकान्त त्रिपाठी ‘निराला’
सूर्यकान्त त्रिपाठी ‘निराला’ हिंदी साहित्य के अमर कवि थे। 1896 में बनारस (वर्तमान वाराणसी), उत्तर प्रदेश में जन्मे निराला ने सामाजिक सुधार, स्वतंत्रता संग्राम और मानवीय संवेदनाओं पर आधारित कविता लिखी। उनका साहित्य पीढ़ियों तक भारतीय संस्कृति और भावनाओं को समृद्ध करता रहा।
1999 – दुर्गा भाभी (स्वतंत्रता संग्राम सेनानी)
दुर्गा भाभी, जिनका असली नाम दुर्गादेवी था, भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की नायिका थीं। 1909 में जन्मी, उन्होंने ब्रिटिश राज के खिलाफ साहसिक कारनामों में भाग लिया। उनकी नेतृत्व क्षमता और देशभक्ति आज भी स्वतंत्रता सेनानियों के लिए प्रेरणा है।
2020 – भानु अथैया (ऑस्कर विजेता ड्रेस डिज़ाइनर)
भानु अथैया भारतीय सिनेमा की विश्वप्रसिद्ध फैशन डिजाइनर थीं। 1941 में जन्मी, उन्होंने ‘गांधी’ फिल्म के लिए ऑस्कर पुरस्कार विजेता पोशाक डिजाइन कर अंतरराष्ट्रीय पहचान प्राप्त की। उनके क्रिएशन ने भारतीय परिधान कला को विश्व स्तर पर प्रतिष्ठित किया।

ये सभी महान विभूतियाँ अपनी कला, ज्ञान, सेवा और देशभक्ति के माध्यम से मानवता को समृद्ध करती रही हैं। उनका योगदान समाज और संस्कृति में अमिट छाप छोड़ गया है।

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हँसते रिश्ते व आत्म सुख

खुल कर हँसना, आत्म- सुकून दे,
मन में मन हँसना दिल को सुकून दे,
प्रेम सदा हँसता मुस्कुराता जीवन दे,
प्रेम सुखी जीवन की चाभी होती है।

सचेतन मन व सतर्क मस्तिष्क में,
ध्यान केन्द्रित हो तो फिर भय कैसा,
जीवन के सारे सपने सच हो जायें,
आत्मा व हृदय भी संतुष्ट हो जायें।

आत्मसंतोष तभी होता है जब आत्मा
हृदय से सुख संतोष का एहसास करे
हृदय सदा आँखों से यह एहसास करे
दुखी आत्माओं का दुःख भी दूर करें।

मानव प्रवृत्ति में दो अवयव ऐसे होते
जो हम कभी नही विस्मृत कर पाते,
नि:स्वार्थ प्रेम तथा विश्वास अटूट,
मुरझा जायें तो वापस न मिल पाते।

प्रेम और विश्वास सदा सौहार्द बढ़ाते
निंदा झूठ अकारण हमें दूर ले जाते
जो खुद में सुधार की आदत डाल ले
वह इंसान जीवन में सदा सुख पाते।

सम्बंध मधुर रख पाने से सारी
व्यथा व थकान मिट जाती है,
नाराजी निंदा जो भी हो आदित्य
सदा आपस की दूर हो जाती है।

डॉ कर्नल आदि शंकर मिश्र ‘आदित्य’

बुध ग्रह को अनुकूल बनाकर पाएं बुद्धि, वाणी और व्यापार में सफलता

राष्ट्र की परम्परा धर्म-संवाद विशेषांक🌿 बुधवार विशेष :

हिंदू ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बुध ग्रह बुद्धि, वाणी, तर्कशक्ति, संवाद और व्यापार का अधिपति माना गया है। जन्मकुंडली में यदि बुध ग्रह शुभ स्थिति में हो, तो व्यक्ति वाक्पटु, चतुर, कुशल व्यापारी और विद्वान बनता है। जबकि अशुभ स्थिति में यह निर्णयों में भ्रम, मानसिक अस्थिरता, आर्थिक हानि और व्यापार में अवरोध का कारण बनता है। ऐसे में बुधवार के दिन उचित पूजा, व्रत और मंत्र-जाप द्वारा बुध को अनुकूल बनाया जा सकता है।

🌺 बुध ग्रह के शुभ होने के लाभ

बुध के अनुकूल होने पर व्यक्ति की बुद्धि प्रखर होती है, व्यापार में लाभ मिलता है और जीवन में सफलता एवं स्थिरता आती है। विशेष रूप से छात्रों, व्यापारियों और वक्ताओं के लिए बुध का शुभ प्रभाव अत्यंत आवश्यक माना गया है।

🪔 बुध ग्रह के देवता और पूजन

बुध ग्रह के अधिदेवता भगवान विष्णु हैं। गणेश जी तथा भगवान नारायण की पूजा बुधवार के दिन शुभ फलदायी मानी जाती है।

🕉️ बुध ग्रह के प्रमुख मंत्र

  1. वैदिक मंत्र:
    “ॐ बुधाय नमः”
    (108 बार जाप करने से बुध ग्रह की शांति होती है।)
  2. बीज मंत्र:
    “ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः”
    (यह मंत्र बुध के दोषों को दूर कर बुद्धि एवं वाणी को स्थिर करता है।)
  3. शांति मंत्र:
    “प्रियंगु कलिकाश्यामं रूपेण प्रतिमं बुधम्।
    सौम्यं सौम्यगुणोपेतं तं बुधं प्रणमाम्यहम्॥”

🌼 पूजा विधि-विधान

प्रातः स्नान के बाद हरे वस्त्र धारण करें।

भगवान गणेश और विष्णुजी के समक्ष दीपक जलाकर पूजा करें।

हरे मूंग, कच्चा घी, तुलसी पत्ते, मिष्ठान्न का भोग लगाएं।

बुध देव के मंत्र का 108 बार जाप करें।

गौमाता को हरी घास खिलाएं, गरीब बच्चों को हरे वस्त्र दान करें और तुलसी को जल अर्पित करें।

बुधवार को झूठ बोलने और विवाद से बचें।

🌿 बुध ग्रह को प्रसन्न करने के उपाय

हरे वस्त्र धारण करें।

योग्य ज्योतिषाचार्य की सलाह पर पन्ना (Emerald) रत्न पहनें।

गायों को हरा चारा, पक्षियों को अनाज खिलाएं।

बुधवार को व्रत रखकर केवल हरी वस्तुओं का सेवन करें।

नियमित रूप से “ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः” मंत्र का जाप, भगवान विष्णु एवं गणेश की आराधना और सेवा-दान करने से बुध ग्रह शीघ्र ही शुभ फल देता है। इससे बुद्धि का विकास, संवाद-कौशल में वृद्धि और आर्थिक स्थिरता प्राप्त होती है।

राष्ट्र की परम्परा सुझाव देता है कि इन उपायों को अपनाने से पूर्व किसी अनुभवी ज्योतिषाचार्य से सलाह अवश्य ले

साईं बाबा: श्रद्धा से भक्ति, भक्ति से भगवान तक का दिव्य पथ

(गुरु, भक्त और ईश्वर के अद्वैत स्वरूप की अनूठी कथा)

एक युगद्रष्टा संत का ईश्वरीय अवतार
भारतभूमि संतों और महापुरुषों की भूमि रही है। इसी पावन धरती पर 19वीं शताब्दी में अवतरित हुए एक ऐसे महात्मा, जिनकी वाणी और उपदेश आज भी करोड़ों हृदयों में श्रद्धा का दीप जलाते हैं — शिरडी के साईं बाबा।
वे किसी धर्म, जाति या सम्प्रदाय के बंधन में नहीं बंधे थे। वे स्वयं में एक ऐसे “गुरु” थे जिन्होंने भक्तों को बताया कि “सबका मालिक एक”, और सच्ची भक्ति किसी नाम, मूर्ति या पंथ की नहीं बल्कि ईश्वर अनुभव की अनुभूति है।
🌿 शिरडी का साधक – रहस्यमय जीवन और बाल्यकाल
साईं बाबा के जीवन के प्रारंभिक वर्ष रहस्य से घिरे हैं। कहा जाता है कि उनका जन्म 1838 के आसपास महाराष्ट्र या हैदराबाद क्षेत्र में हुआ था। उनका असली नाम, माता-पिता या जन्मस्थान के प्रमाण नहीं मिलते — मानो वे स्वयं अलौकिक ऊर्जा का अवतार बनकर पृथ्वी पर आए हों।
पहली बार वे महाराष्ट्र के शिरडी गाँव में एक पेड़ के नीचे ध्यानमग्न अवस्था में दिखाई दिए। गाँववाले उन्हें “फकीर” कहते थे, क्योंकि वे एक ही वस्त्र में रहते, भीख माँगते और साधना में लीन रहते थे। धीरे-धीरे उनकी करुणा, ज्ञान और अलौकिक चमत्कारों ने लोगों के मन में श्रद्धा का अंकुर बो दिया।
🔱 श्रद्धा और सबुरी: साईं दर्शन का मूल मंत्र
साईं बाबा की शिक्षाओं का आधार दो शब्दों में सिमटता है — “श्रद्धा और सबुरी”।
उन्होंने कहा था —
“श्रद्धा रखो और सबुरी रखो, जो होना है, वह अपने समय पर होगा।”
श्रद्धा (Faith) का अर्थ है — ईश्वर पर पूर्ण विश्वास, गुरु की वाणी पर अटूट आस्था।
सबुरी (Patience) का अर्थ है — समय की गति को समझकर, कर्म करते हुए धैर्य रखना।
साईं बाबा ने अपने भक्तों को यही सिखाया कि मनुष्य का जीवन तभी सार्थक होता है जब वह इन दो सिद्धांतों को हृदय में बसाए। यह केवल उपदेश नहीं, बल्कि जीवन साधना का मार्ग था, जिसने करोड़ों को अंधविश्वास से निकालकर आध्यात्मिक अनुभूति तक पहुँचाया।
🌼 भक्त परायणता: भक्त के जीवन में साईं की करुणा
साईं बाबा ने अपने भक्तों के साथ जिस प्रकार का प्रेम संबंध स्थापित किया, वह अद्वितीय है।
वे न तो राजाओं की सेवा से प्रसन्न होते थे, न दान-दक्षिणा से; उन्हें प्रिय थी भक्त की निष्ठा, प्रेम और सेवा भावना।
शिरडी के हेमाडपंती मंदिर में जब बाबा की आरती होती थी, तो बाबा अक्सर स्वयं दीपक जलाते, भक्तों के सिर पर हाथ फेरते और कहते “मैं भूखा हूँ तो तुम मुझे अन्न दो, मैं प्यासा हूँ तो तुम मुझे जल दो — क्योंकि मैं हर जीव में विद्यमान हूँ।”
यह उपदेश “गुरु और शिष्य” के पारंपरिक संबंध से परे जाकर “भक्त और भगवान” के अद्वैत भाव को प्रकट करता है।
साईं बाबा ने यह सिखाया कि सेवा ही सच्ची पूजा है, और मानवता ही सबसे बड़ा धर्म है।
🔮 गुरु से भगवान तक – साईं का अध्यात्मिक रूपांतरण
प्रारंभ में साईं बाबा स्वयं को “फकीर” और “गुरु” कहते थे। वे लोगों को भक्ति, ध्यान, सत्य और करुणा की शिक्षा देते थे।
लेकिन समय के साथ, भक्तों की आस्था इतनी गहरी हो गई कि वे साईं को केवल गुरु नहीं, बल्कि भगवान का साक्षात् रूप मानने लगे।
उनके अद्भुत चमत्कारों — जैसे बीमारों को स्वस्थ करना, असंभव को संभव बना देना, और लोगों के मनोभावों को जान लेना — ने श्रद्धालुओं के मन में यह विश्वास जगाया कि साईं बाबा सर्वव्यापी चेतना के प्रतीक हैं।
उनका कथन था —
“जो मुझे गुरु मानता है, मैं उसका मार्गदर्शक हूँ;
जो मुझे भगवान मानता है, मैं उसका रक्षक हूँ;
और जो मुझे सेवक मानता है, मैं उसका साथी हूँ।”
यह वाक्य साईं दर्शन की पराकाष्ठा है — जहाँ गुरु, भक्त और भगवान का भेद मिट जाता है, और केवल एक ही सत्ता रह जाती है — “साईं”।
🌹 साईं साक्षात्कार और भक्त अनुभव
शिरडी साईं बाबा के अनेक भक्तों ने अपने जीवन में उनके प्रत्यक्ष साक्षात्कार का अनुभव किया।
किसी को बाबा ने कठिन रोगों से मुक्त किया, किसी के घर में अन्न की वर्षा हुई, किसी को नौकरी मिली, तो किसी को संतान का वरदान।
लेकिन इन चमत्कारों के पीछे संदेश स्पष्ट था —
“चमत्कार नहीं, श्रद्धा ही असली शक्ति है।”
बाबा कहा करते थे —
“मैं जीवित हूँ, अपने भक्तों के बीच आज भी विद्यमान हूँ।
जो मुझे सच्चे मन से पुकारेगा, मैं उसकी पुकार सुनूँगा।”
इसलिए आज भी जब कोई व्यक्ति साईं मंदिर में दीप जलाता है या “ॐ साईं राम” का नाम लेता है, तो उसे एक अद्भुत शांति और सुरक्षा का अनुभव होता है।
🌼 साईं सन्देश: धर्म, जाति और सम्प्रदाय से परे एकता का प्रतीक
साईं बाबा की सबसे बड़ी देन यह थी कि उन्होंने धर्मों के बीच की दीवारें तोड़ दीं।
वे मस्जिद में रहते थे लेकिन “राम” का नाम लेते थे।
वे “कुरान” का आदर करते थे लेकिन “गीता” के उपदेशों का भी उल्लेख करते थे।
उनके अनुयायी हिंदू भी थे, मुसलमान भी, पारसी और ईसाई भी।
उनका मुख्य संदेश था —
“ईश्वर एक है, नाम अनेक हैं।”
आज जब समाज में धर्म के नाम पर विभाजन दिखाई देता है, तब साईं बाबा का यह संदेश मानवता के लिए सबसे बड़ी प्रेरणा बनता है।
🪔 साईं की समाधि और अनंत उपस्थिति
15 अक्टूबर 1918 को विजयादशमी के दिन, साईं बाबा ने शिरडी में ही समाधि ली।
कहा जाता है कि समाधि के समय उन्होंने कहा —
“मैं शरीर छोड़ रहा हूँ, लेकिन मैं सदैव अपने भक्तों के साथ रहूँगा।”
आज भी शिरडी स्थित साईं समाधि मंदिर में प्रतिदिन हजारों भक्त श्रद्धा और आस्था से मत्था टेकते हैं।
वहाँ की वातावरण में आज भी वह दिव्य शांति और करुणा व्याप्त है, जिसे शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता।
🌺 आधुनिक युग में साईं भक्ति की प्रासंगिकता
आज के युग में जब मनुष्य तनाव, भय और अस्थिरता से घिरा हुआ है, साईं बाबा की शिक्षाएँ पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हैं।
उनका जीवन यह सिखाता है कि —
सच्चा धर्म है मानवता की सेवा।
सच्चा साधन है कर्मयोग।
सच्चा धन है श्रद्धा और सबुरी।
जब हम किसी भूखे को भोजन देते हैं, किसी निराश को आशा देते हैं या किसी रोते हुए को सहारा देते हैं — वहीं साईं हमारे भीतर मुस्कुराते हैं।
🌼 साईं आरती और नामस्मरण की महिमा
साईं आरती, “ॐ जय साईंनाथ” या “शिरडी साईं बाबा आरती” केवल एक गीत नहीं बल्कि भक्ति का अनुभव है।
भक्त जब सामूहिक रूप से बाबा के नाम का जाप करते हैं, तो वह ऊर्जा वातावरण को पवित्र कर देती है।
कहा जाता है कि जो व्यक्ति नियमित रूप से “साईं सच्चरित्र” का पाठ करता है, उसके जीवन से दुःख, भय और असफलता दूर हो जाती है।
🕉️ साईं तत्वदर्शन: गुरु, भक्ति और ईश्वर का समन्वय
साईं बाबा का दर्शन “गुरु-भक्ति-ईश्वर” त्रिवेणी है।
वे कहते थे —
“गुरु के बिना कोई भक्ति नहीं, भक्ति के बिना कोई ईश्वर नहीं।”
इसलिए साईं बाबा के उपदेश केवल धार्मिक नहीं, आध्यात्मिक विज्ञान हैं —
जहाँ गुरु मार्गदर्शक है, भक्ति साधन है, और ईश्वर साध्य।
यही कारण है कि साईं बाबा को “गुरु से भगवान तक का सेतु” कहा गया है।
🌸 समापन: साईं बाबा का सनातन संदेश
साईं बाबा ने कभी किसी से कुछ नहीं माँगा, लेकिन सबको देने का वचन दिया।
उन्होंने कहा — “जो मुझे सच्चे मन से पुकारेगा, मैं उसके घर दौड़ा चला आऊँगा।”आज करोड़ों लोग जब “ॐ साईं राम” का उच्चारण करते हैं, तो वे केवल एक नाम नहीं, बल्कि एक ऊर्जा, एक करुणा और एक गुरु स्वरूप को अनुभव करते हैं।
साईं बाबा का जीवन हमें यह सिखाता है कि —
ईश्वर बाहर नहीं, हमारे भीतर है।
और जब हम सबके भीतर के ईश्वर को पहचान लेते हैं, तभी सच्ची श्रद्धा और भक्ति की पूर्णता होती है।

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👑 15 अक्टूबर: इतिहास में जन्में महान व्यक्तित्व और उनके योगदान

15 अक्टूबर का दिन न केवल भारतीय इतिहास बल्कि विश्व इतिहास में भी कई महान व्यक्तियों के जन्मदिन के रूप में याद किया जाता है। इस दिन जन्मे व्यक्तियों ने राजनीति, विज्ञान, समाजसेवा और कला में अपने योगदान से दुनिया को प्रभावित किया। आइए जानते हैं इस दिन जन्मे प्रमुख व्यक्तित्वों के बारे में, जिन्होंने अपने जीवन से प्रेरणा दी।
1️⃣ 1542 – मुग़ल शासक अकबर
अकबर, जिन्हें “अकबर महान” कहा जाता है, का जन्म 15 अक्टूबर 1542 को उजीना (राजस्थान) में हुआ था। उन्होंने 1556 से 1605 तक भारत पर शासन किया और मुग़ल साम्राज्य को अपने शासक काल में ऐतिहासिक ऊँचाइयों पर पहुँचाया। अकबर शिक्षा, कला, और धर्मनिरपेक्षता में अग्रणी थे। उन्होंने अपने दरबार में “दीवान-ए-खास” की स्थापना की और धार्मिक सहिष्णुता के लिए “दीन-ए-इलाही” धर्म का प्रचार किया। उनके शासनकाल में स्थापत्य कला और संस्कृति को नई दिशा मिली। अकबर ने प्रशासनिक सुधार किए और भूमि नीति को सुव्यवस्थित किया। उनका योगदान भारतीय राजनीति और संस्कृति पर आज भी गहरा प्रभाव रखता है।
प्रमुख योगदान: साम्राज्य विस्तार, धार्मिक सहिष्णुता, कला और संस्कृति को बढ़ावा।
2️⃣ 1914 – अफ़ग़ानिस्तान के राजा मोहम्मद ज़हीर शाह मोहम्मद ज़हीर शाह का जन्म 15 अक्टूबर 1914 को काबुल, अफ़ग़ानिस्तान में हुआ। वे अफ़ग़ानिस्तान के सबसे लंबे समय तक शासन करने वाले राजा रहे, जिनका शासन 1933 से 1973 तक चला। ज़हीर शाह ने अपने शासन में अफ़ग़ान समाज में आधुनिकता और शिक्षा को बढ़ावा दिया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में अफ़ग़ानिस्तान की स्थिरता को बनाए रखा और देश में शांति स्थापित करने का प्रयास किया। उनका शासनकाल अफ़ग़ान इतिहास में स्थिरता और प्रगति के प्रतीक के रूप में याद किया जाता है।
प्रमुख योगदान: आधुनिक शिक्षा प्रणाली का विकास, राजनीतिक स्थिरता, अंतरराष्ट्रीय कूटनीति।
3️⃣ 1931 – डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम
भारत के “मिसाइल मैन” डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का जन्म 15 अक्टूबर 1931 को रामेश्वरम, तमिलनाडु में हुआ। वे भारत के 11वें राष्ट्रपति (2002–2007) रहे और भारतीय अंतरिक्ष एवं रक्षा अनुसंधान में अहम योगदान दिया। डॉ. कलाम ने भारत के मिसाइल कार्यक्रम और पीवीआरडी (पूर्ववर्ती भारत सरकार के वैज्ञानिक) में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे युवाओं के प्रेरक नेता और शिक्षक भी थे। उनके सरल जीवन और मेहनती व्यक्तित्व ने उन्हें राष्ट्र का प्रिय बनाकर रखा।
प्रमुख योगदान: भारत का मिसाइल कार्यक्रम, विज्ञान और शिक्षा में योगदान, राष्ट्र सेवा।
4️⃣ 1936 – मदन लाल खुराना
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री मदन लाल खुराना का जन्म 15 अक्टूबर 1936 को लाहौर (अब पाकिस्तान) में हुआ। वे भारतीय जनता पार्टी से जुड़े और दिल्ली के मुख्यमंत्री (1993–1996) रहे। खुराना ने दिल्ली में प्रशासनिक सुधारों और विकास कार्यों को गति दी। उनके नेतृत्व में दिल्ली में शिक्षा, स्वास्थ्य और नगर नियोजन में सुधार हुए। वे जनता के बीच सीधे संवाद और सेवा के लिए लोकप्रिय रहे।
प्रमुख योगदान: दिल्ली के प्रशासनिक सुधार, शिक्षा और नगर विकास, राजनीतिक नेतृत्व।
5️⃣ 1952 – डॉ. रमन सिंह
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह का जन्म 15 अक्टूबर 1952 को सीतापुर, छत्तीसगढ़ में हुआ। वे भाजपा के वरिष्ठ नेता और सामाजिक कार्यकर्ता हैं। उनके नेतृत्व में छत्तीसगढ़ राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास की दिशा में कई योजनाएं लागू हुई। डॉ. रमन सिंह ने किसानों और ग्रामीण समाज के उत्थान के लिए कई नीतियां बनाई और शासन में पारदर्शिता पर जोर दिया।
प्रमुख योगदान: छत्तीसगढ़ के विकास कार्य, शिक्षा और स्वास्थ्य में सुधार, ग्रामीण उत्थान।
6️⃣ 1957 – मीरा नायर
विश्व प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक मीरा नायर का जन्म 15 अक्टूबर 1957 को दिल्ली में हुआ। उन्होंने विश्व सिनेमा में भारतीय संस्कृति और सामाजिक मुद्दों को नई पहचान दी। मीरा नायर की फ़िल्में जैसे Salaam Bombay! और Monsoon Wedding ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय समाज और संस्कृति की झलक पेश की। वे समाजिक जागरूकता और मानवाधिकारों की समर्थक हैं।
प्रमुख योगदान: सिनेमा और कला में वैश्विक पहचान, सामाजिक जागरूकता, भारतीय संस्कृति का प्रचार।
7️⃣ 1957 – मुख्तार अब्बास नक़वी
भारतीय राजनीतिज्ञ मुख्तार अब्बास नक़वी का जन्म 15 अक्टूबर 1957 को उत्तर प्रदेश में हुआ। वे केंद्रीय मंत्री और राज्य सभा सांसद रहे। नक़वी ने शिक्षा, धर्म और सामाजिक समरसता में योगदान दिया है। वे अल्पसंख्यक समाज के उत्थान और सामाजिक न्याय के लिए सक्रिय रहे।
प्रमुख योगदान: राजनीति में नेतृत्व, सामाजिक और धार्मिक समरसता, अल्पसंख्यक समाज का उत्थान।
15 अक्टूबर को जन्मे ये महान व्यक्तित्व अपने-अपने क्षेत्र में अद्वितीय योगदान के लिए जाने जाते हैं। उनके जीवन और कार्य से यह स्पष्ट होता है कि प्रेरणा और सेवा की भावना से समाज और राष्ट्र की दिशा बदल सकती है।

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ऋतिक रोशन पहुंचे दिल्ली हाईकोर्ट, पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए दायर की याचिका

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। बॉलीवुड सुपरस्टार ऋतिक रोशन ने अपने पर्सनैलिटी राइट्स (Personality Rights) की सुरक्षा को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। अभिनेता ने आरोप लगाया है कि उनके नाम, पहचान, आवाज और छवि का अनधिकृत व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है, जिससे उनकी व्यक्तिगत और पेशेवर प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच सकता है।

ऋतिक रोशन ने अदालत से अपील की है कि उनके नाम, फोटो, वीडियो या किसी भी तरह के एआई-जनरेटेड कंटेंट का बिना अनुमति उपयोग तुरंत रोका जाए। उन्होंने कहा कि इस तरह के दुरुपयोग से न केवल कलाकारों की पहचान का शोषण होता है, बल्कि फेक विज्ञापन और गलत प्रचार को भी बढ़ावा मिलता है।

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मामले की सुनवाई बुधवार को न्यायमूर्ति मनमीत प्रीतम अरोड़ा की बेंच में होगी।
अभिनेता की याचिका में कई ज्ञात और अज्ञात ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स व ब्रांड्स को पक्षकार बनाया गया है, जो उनके पर्सनैलिटी लक्षणों का व्यावसायिक लाभ के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं।

इन सितारों ने भी मांगी थी पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा

हाल के महीनों में कई बॉलीवुड सेलेब्रिटी अदालतों में अपने अधिकारों की सुरक्षा की मांग कर चुके हैं।

ऐश्वर्या राय बच्चन और अभिषेक बच्चन को दिल्ली हाईकोर्ट से अपने नाम, फोटो और आवाज के अनधिकृत उपयोग पर रोक का आदेश मिला।

गायक कुमार सानू ने भी एआई द्वारा उनकी आवाज के फर्जी उपयोग के खिलाफ याचिका दायर की थी।

वहीं, सुनील शेट्टी ने भी बॉम्बे हाईकोर्ट में अपने पर्सनैलिटी राइट्स की रक्षा को लेकर गुहार लगाई थी।

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प्रदेश की 1.86 करोड़ माताओं-बहनों को मिलेगा दो मुफ्त एलपीजी रिफिल सिलेंडर, शिक्षामित्रों को दीपावली से पहले मानदेय का तोहफा

लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को लोकभवन सभागार में प्रदेश की 1.86 करोड़ माताओं-बहनों को दो मुफ्त एलपीजी रिफिल सिलेंडर का उपहार देंगे। यह योजना प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के तहत लागू की जा रही है, जिससे गरीब और ग्रामीण महिलाओं को रसोई में धुएं से मुक्ति मिलेगी।

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरुआत मई 2016 में हुई थी, और अब तक उत्तर प्रदेश में 1.86 करोड़ परिवारों को उज्ज्वला कनेक्शन प्रदान किए जा चुके हैं। राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि उज्ज्वला लाभार्थियों को प्रति वर्ष दो मुफ्त एलपीजी रिफिल सिलेंडर दिए जाएंगे।

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इस योजना का पहला चरण अक्टूबर से दिसंबर 2025 तक चलेगा, जबकि दूसरा चरण जनवरी से मार्च 2026 तक होगा। इसके लिए सरकार ने 1500 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया है।
अब तक 1.23 करोड़ उज्ज्वला लाभार्थियों का आधार सत्यापन पूरा हो चुका है। वितरण कार्य इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कंपनियों के माध्यम से किया जाएगा। राज्य सरकार ने कंपनियों को 346.34 करोड़ रुपये की अग्रिम धनराशि भी जारी कर दी है ताकि वितरण में कोई देरी न हो।

शिक्षामित्रों को दीपावली से पहले मिलेगा मानदेय

प्रदेश के 1.30 लाख शिक्षामित्रों के लिए दीपावली का त्यौहार खुशियों से भरा रहेगा।
बेसिक शिक्षा विभाग ने सितंबर माह के मानदेय के लिए 129 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी कर दी है, जो अगले एक-दो दिन में शिक्षामित्रों के खातों में भेज दी जाएगी।

राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी ने सभी बीएसए (BSA) को निर्देश दिया है कि किसी भी अपात्र शिक्षामित्र को भुगतान न किया जाए और भुगतान की व्यय रिपोर्ट निदेशालय को भेजी जाए।

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काशी विश्वनाथ मंदिर में श्रद्धालु के चश्मे में मिला हिडन कैमरा, मां की तस्वीरें लेते हुए मचा हड़कंप

वाराणसी (राष्ट्र की परम्परा)। श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में मंगलवार सुबह सुरक्षा व्यवस्था उस समय सतर्क हो गई जब दर्शन के लिए आए एक श्रद्धालु के चश्मे में हिडन कैमरा मिला। मौके पर सुरक्षा बलों और पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए श्रद्धालु को पूछताछ के लिए थाने ले जाया।

जानकारी के अनुसार, श्रद्धालु की पहचान बेनडापुडी प्रुधवी राजू पुत्र बेनडापुडी नागा राजू, निवासी बेगमपेट, सिकंदराबाद (तेलंगाना) के रूप में हुई है। वह अपने परिवार के साथ वाराणसी दर्शन हेतु आया था और कचौड़ी गली स्थित होटल शिवाश्रय में ठहरा हुआ था।

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सुबह सभी परिजन सुगम दर्शन टिकट लेकर श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचे थे। इसी दौरान सुरक्षा कर्मियों को जानकारी मिली कि श्रद्धालु के चश्मे में एक स्पाई कैमरा लगा है, जिससे वह अपनी मां की तस्वीरें खींच रहा था।

तुरंत कार्रवाई करते हुए पुलिस ने श्रद्धालु को चौक थाने ले जाकर पूछताछ की। उसके मोबाइल फोन में चश्मे से ली गई तीन तस्वीरें बरामद हुईं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एएलआईयू (Anti-Land Illegal Unit) और एटीएस टीम ने भी पूछताछ की। हालांकि, जांच के बाद किसी भी संदिग्ध गतिविधि की पुष्टि नहीं हुई, जिसके बाद श्रद्धालु को छोड़ दिया गया।
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि वह विदेश में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में कार्यरत है और किसी प्रकार की गलत नीयत नहीं थी।

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संभल में IT रेड: मीट कारोबारी के ठिकानों पर दूसरे दिन भी छापेमारी, 100 से ज्यादा कर्मचारी फैक्टरी में ही बंद

संभल (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश के संभल जिले में मीट कारोबार से जुड़ी बड़ी कार्रवाई जारी है। सरायतरीन निवासी मीट कारोबारी हाजी इमरान और हाजी इरफान के घर तथा गांव चिमियावली स्थित मीट फैक्टरी पर आयकर विभाग (Income Tax Department) की छापेमारी दूसरे दिन मंगलवार को भी जारी रही।

सूत्रों के अनुसार, छापेमारी के दौरान फैक्टरी परिसर में 100 से अधिक कर्मचारी और मजदूर दो दिन से अंदर ही मौजूद हैं। आयकर टीम लगातार दस्तावेजों, खातों और डिजिटल रिकार्ड की जांच में जुटी हुई है।

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मोहल्ला नाला निवासी एक रिश्तेदार और चमन सराय निवासी एक कर्मचारी के घर पर भी जांच की गई, जहां से टीम को कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले बताए जा रहे हैं।
मंगलवार को दिनभर IT टीम के अधिकारी फैक्टरी और कारोबारी के घर के बीच आना-जाना करते रहे, जिससे पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल रहा।

हालांकि विभाग की ओर से अब तक किसी भी जब्ती या आयकर चोरी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन माना जा रहा है कि बड़ी कर चोरी का मामला सामने आ सकता है। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, छापेमारी बुधवार तक जारी रहने की संभावना है।

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आज भारत का मौसम अपडेट: उत्तर भारत में ठंडक की शुरुआत, दक्षिण में भारी बारिश की चेतावनी

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नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। भारत मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, आज देश के दक्षिणी राज्यों—केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना—में मूसलाधार बारिश और गरज-चमक के आसार हैं। वहीं उत्तर और मध्य भारत में तापमान में गिरावट के साथ हल्की ठंडक महसूस की जा रही है।

केरल और तमिलनाडु में तेज हवाओं के साथ भारी वर्षा की संभावना जताई गई है, जबकि दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश में आज मौसम साफ रहेगा।
मौसम विभाग ने बताया कि अगले 24 घंटों में दक्षिण भारत के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहेगा, जबकि उत्तर भारत में सर्दी की दस्तक महसूस होगी।

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वाराणसी, लखनऊ और पटना में आज अधिकतम तापमान लगभग 31°C और न्यूनतम 20°C के आसपास दर्ज किया गया। दिन के समय धूप खिली रहेगी, जबकि रात में हल्की ठंडक बनी रहेगी।

IMD ने नागरिकों को सलाह दी है कि दक्षिणी राज्यों में बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और मौसम अलर्ट पर नजर रखें।

मुख्य मौसम झलकियाँ:

दक्षिण भारत में भारी बारिश और बिजली गिरने की संभावना।

उत्तर भारत में तापमान में गिरावट, सुबह-शाम सर्दी का अहसास।

दिल्ली-एनसीआर में आज आसमान साफ और हवा शुष्क रहेगी।

मध्य भारत में मानसून विदा होते ही मौसम सुहावना।

पूर्वोत्तर राज्यों में छिटपुट बारिश की संभावना।

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घरेलू विवाद ने ली जान, बहू के चाकू मारने से ससुर की मौत

भटनी/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)। देवरिया जिले के भटनी थाना क्षेत्र के बलुआ अफगान गांव में रविवार रात हुए घरेलू विवाद का दर्दनाक अंजाम मंगलवार को सामने आया। 60 वर्षीय जयप्रकाश वर्मा, जिन्हें उनकी बहू अंजलि वर्मा ने चाकू से घायल कर दिया था, इलाज के दौरान दम तोड़ बैठे।पुलिस के अनुसार, बलुआ अफगान गांव के बाजार टोला निवासी जयप्रकाश वर्मा का अपने बेटे मुकेश वर्मा की पत्नी अंजलि से किसी बात पर विवाद हो गया। कहासुनी बढ़ने पर अंजलि ने गुस्से में ससुर पर चाकू से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल जयप्रकाश को स्थानीय लोगों ने तत्काल भटनी के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत में सुधार दिखने पर परिजन उन्हें घर ले आए थे।मंगलवार दोपहर करीब चार बजे जयप्रकाश की तबीयत अचानक बिगड़ गई और कुछ ही देर में उनकी मौत हो गई। घटना से पूरा परिवार सदमे में है। जानकारी मिलते ही थानाध्यक्ष जितेंद्र सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए देवरिया भेजा।पुलिस ने आरोपी अंजलि वर्मा को हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि मामला पारिवारिक विवाद से जुड़ा है।

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लॉरेंस बिश्नोई गिरोह को बड़ा झटका: अमेरिका से अमित पंडित गिरफ्तार, राजस्थान पुलिस को बड़ी सफलता

राजस्थान (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। राजस्थान पुलिस को मंगलवार को बड़ी कामयाबी मिली है। लॉरेंस बिश्नोई-रोहित गोदारा गिरोह के प्रमुख सदस्य अमित पंडित को अमेरिका से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बताया कि आरोपी को जल्द ही भारत लाया जाएगा।

एडीजी क्राइम दिनेश एमएन ने बताया कि इस गिरफ्तारी से विदेश में छिपे रोहित गोदारा को पकड़ने की राह आसान हो सकती है। इससे पहले, राजस्थान पुलिस ने रोहित गोदारा, गोल्डी बरार समेत कई गैंगस्टरों को राज्य के मोस्ट वांटेड अपराधियों की सूची में शामिल किया था।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (अपराध) दिनेश एमएन ने राज्य में कानून-व्यवस्था मजबूत करने और जनता का विश्वास बहाल करने के उद्देश्य से शीर्ष 25 मोस्ट वांटेड अपराधियों की नई सूची जारी की। इस सूची में 12 नए अपराधी भी शामिल हैं, जिन पर लाखों रुपये का इनाम घोषित है।

लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के वर्तमान और पूर्व सदस्य भी इस सूची में शीर्ष पर हैं। रोहित गोदारा (उर्फ रावताराम), जो हत्या, डकैती और लूट के 20 मामलों में वांछित है, सूची में सबसे ऊपर हैं। उस पर राजस्थान पुलिस द्वारा 1 लाख रुपये और राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) द्वारा 5 लाख रुपये का इनाम है।

सूची जारी होने के बाद, एडीजी ने जयपुर और जोधपुर पुलिस आयुक्तों, सभी रेंज पुलिस महानिरीक्षकों, जिला पुलिस अधीक्षकों और अन्य संबंधित पुलिस अधिकारियों को इन अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए निर्देशित किया।

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मिथिला की बेटी मैथिली ठाकुर ने थामा BJP का दामन, बोलीं- समाजसेवा के लिए राजनीति में शामिल हुईं

बिहार (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा को बड़ा राजनीतिक बढ़ावा देते हुए, लोक और भक्ति गायिका मैथिली ठाकुर मंगलवार को पटना में बिहार भाजपा अध्यक्ष दिलीप जायसवाल की उपस्थिति में भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गईं। सूत्रों के अनुसार, ठाकुर के दरभंगा के अलीनगर से आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने की संभावना है।

बिहार विधानसभा की 243 सीटों पर मतदान 6 और 11 नवंबर को होगा, जबकि मतगणना 14 नवंबर को होगी।

इस अवसर पर बिहार भाजपा अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने एनडीए की जीत पर भरोसा जताया और विपक्षी महागठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके कई विधायक जल्द ही भाजपा में शामिल होंगे।

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गायिका मैथिली ठाकुर ने कहा, “मैं प्रधानमंत्री और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से बहुत प्रेरित हूँ। मैं किसी राजनीतिक दल में शामिल होने से राजनेता नहीं बनती; मैं यहाँ समाज की सेवा और उनके विचार लोगों तक पहुँचाने के लिए आई हूँ। मैं मिथिला की बेटी हूँ और मेरी आत्मा मिथिला में बसती है। पार्टी जो भी आदेश देगी, मैं वही करूँगी।”

मैथिली ठाकुर कौन हैं?

चुनाव आयोग ने मैथिली ठाकुर को बिहार का ‘स्टेट आइकॉन’ नियुक्त किया है। उन्हें संगीत नाटक अकादमी द्वारा 2021 में उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। बिहार के मधुबनी ज़िले में जन्मी मैथिली ठाकुर ने मैथिली, भोजपुरी और हिंदी में पारंपरिक लोकगीत प्रस्तुत किए हैं और बिहार की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान दिलाई है।

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बहराइच में ठेकेदार ने अवैध रूप से काटे सागवान के पेड़, वन विभाग ने जांच के दिए आदेश

बहराइच (राष्ट्र की परम्परा)। पर्यावरण संरक्षण को लेकर सरकार करोड़ों रुपए खर्च कर वृक्षारोपण अभियान चला रही है, लेकिन इसके बावजूद जिले के अब्दुल्लागंज वन क्षेत्र में हरे पेड़ों की अवैध कटान थमने का नाम नहीं ले रही। जानकारी के अनुसार बसंतपुर गांव के पश्चिम दिशा में स्थित बागवान फकीरे वर्मा के बाग में लकड़ी ठेकेदार ने बिना परमिट के सागवान के पेड़ों की कटाई कर दी। कटे हुए पेड़ों के ठूंठ को छिपाने के लिए जेसीबी से खुदाई कर खेत की जुताई तक करवा दी गई।

ग्रामीणों का कहना है कि ठेकेदार वन विभाग के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से यह अवैध कटान कराते हैं। क्षेत्र में सागवान के साथ-साथ आम, नीम, शीशम और गूलर जैसे पेड़ों की भी बिना अनुमति कटाई की जा रही है। इस पर जब अब्दुल्लागंज रेंज के संबंधित अधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने बताया कि मामले की जांच कर जुर्माना लगाया जाएगा।

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पर्यावरणविद् शिव पूजन सिंह, दुर्गेश वर्मा और दस्तगीर ने कहा कि हरे पेड़ों की कटान से पर्यावरण को भारी नुकसान हो रहा है और यह प्रशासन की लापरवाही को दर्शाता है। उन्होंने अवैध कटान पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

वहीं, प्रभागीय वन अधिकारी (DFO) डॉ. राम सिंह यादव ने बताया कि मौके की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों ने मांग की है कि जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।

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15 अक्टूबर: इतिहास के पन्नों में दर्ज प्रेरक घटनाएँ और उपलब्धियाँ

डॉ. कलाम की जयंती और विश्व इतिहास की यादगार घटनाएँ

1931 – मिसाइल मैन डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का जन्म
15 अक्टूबर 1931 को रामेश्वरम, तमिलनाडु में भारत के प्रसिद्ध वैज्ञानिक और 11वें राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का जन्म हुआ। उन्हें “मिसाइल मैन” कहा जाता है क्योंकि उन्होंने भारत के बैलिस्टिक मिसाइल और अंतरिक्ष कार्यक्रम को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया। उनके जीवन का संदेश सादगी, शिक्षा और कड़ी मेहनत के माध्यम से देश की सेवा करना है।

1932 – टाटा एयरलाइंस (अब एयर इंडिया) की स्थापना
टाटा सन्स लिमिटेड ने 15 अक्टूबर 1932 को भारत की पहली एयरलाइन “टाटा एयरलाइंस” की स्थापना की। यह भारत में वाणिज्यिक हवाई यात्रा की शुरुआत का प्रतीक था। बाद में इसे एयर इंडिया नाम दिया गया। यह कदम भारतीय विमानन उद्योग को वैश्विक मानकों के साथ जोड़ने वाला महत्वपूर्ण अध्याय साबित हुआ।

1949 – त्रिपुरा का भारत संघ में विलय
त्रिपुरा रियासत ने 15 अक्टूबर 1949 को औपचारिक रूप से भारत संघ में विलय किया। यह देश की एकता और अखंडता को मजबूत करने वाला ऐतिहासिक कदम था। इस विलय ने भारतीय संघ को भू-राजनीतिक दृष्टि से सुदृढ़ किया और राज्य के विकास में नए अवसर खोले।

1981 – डॉ. कलाम को पद्म भूषण से सम्मान
विज्ञान और तकनीकी क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान के लिए डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम को 15 अक्टूबर 1981 को पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके अथक प्रयास और भारत के रक्षा एवं अंतरिक्ष कार्यक्रम में योगदान की मान्यता थी।

1990 – मिखाइल गोर्बाचेव को नोबेल शांति पुरस्कार
सोवियत संघ के राष्ट्रपति मिखाइल गोर्बाचेव को 15 अक्टूबर 1990 को वैश्विक शांति और “शीत युद्ध” को समाप्त करने में योगदान के लिए नोबेल शांति पुरस्कार दिया गया। उनके सुधारों ने दुनिया में राजनीतिक स्थिरता और लोकतांत्रिक मूल्यों को प्रोत्साहित किया।

1993 – नेल्सन मंडेला और एफ. डब्ल्यू. डी. क्लार्क को नोबेल शांति पुरस्कार
दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद समाप्त करने और लोकतंत्र स्थापित करने में योगदान के लिए नेल्सन मंडेला और एफ. डब्ल्यू. डी. क्लार्क को संयुक्त रूप से 15 अक्टूबर 1993 को नोबेल शांति पुरस्कार मिला। यह सम्मान मानवाधिकार और समानता के संघर्ष की महान उपलब्धि को दर्शाता है।
1651 – इंग्लैंड के चार्ल्स द्वितीय का फ्रांस भागना
भविष्य के इंग्लैंड के राजा चार्ल्स द्वितीय ने 15 अक्टूबर 1651 को राजनीतिक असुरक्षा के कारण फ्रांस भागना पड़ा। इस कदम ने इंग्लैंड की राजनैतिक परिस्थिति और बाद के राजशाही संघर्षों की दिशा तय की।
1793 – फ्रांस की रानी मैरी एंटोनेट को गिलोटिन से दंडित किया गया
फ्रांसीसी क्रांति के दौरान 15 अक्टूबर 1793 को रानी मैरी एंटोनेट को गिलोटिन से मृत्युदंड दिया गया। यह घटना क्रांति की कठोरताओं और सामाजिक न्याय के संघर्ष की याद दिलाती है।
1686 – मुग़ल सम्राट औरंगज़ेब का बीजापुर के साथ शांति समझौता
मुग़ल सम्राट औरंगज़ेब ने 15 अक्टूबर 1686 को बीजापुर के साथ शांति समझौता किया। इस समझौते ने दक्षिण भारत में राजनीतिक स्थिरता और सामरिक संतुलन सुनिश्चित किया।
1935 – टाटा एयरलाइन की पहली वाणिज्यिक उड़ान
टाटा एयरलाइन की पहली वाणिज्यिक उड़ान 15 अक्टूबर 1935 को शुरू हुई। यह घटना भारतीय वायुयान उद्योग में व्यावसायिक उड़ानों की नींव रखने वाली थी और आधुनिक विमानन के विकास में मील का पत्थर साबित हुई।
1958 – ट्यूनीशिया ने मिस्र से राजनयिक संबंध समाप्त किए
15 अक्टूबर 1958 को ट्यूनीशिया ने मिस्र के साथ राजनयिक संबंध समाप्त करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया। यह कदम क्षेत्रीय राजनीतिक संतुलन और स्वतंत्र राष्ट्रीय नीति की दिशा में महत्वपूर्ण था।
1978 – मिस्र में अनवर सादात राष्ट्रपति बने
अनवर सादात 15 अक्टूबर 1978 को मिस्र के राष्ट्रपति बने। उनके नेतृत्व में मिस्र ने आंतरिक और बाहरी सुधारों को अपनाया और मध्य पूर्व की राजनीति में नई दिशा तय की।
1997 – अरुंधति राय को बुकर पुरस्कार मिला
भारतीय लेखिका अरुंधति राय को 15 अक्टूबर 1997 को ‘द गॉड ऑफ स्मॉल थिंग्स’ के लिए बुकर पुरस्कार मिला। यह उनके साहित्यिक योगदान और भारतीय समाज की जटिलताओं को वैश्विक स्तर पर पेश करने की मान्यता थी।
2003 – चीन ने मानव को अंतरिक्ष में भेजा
15 अक्टूबर 2003 को चीन तीसरा ऐसा देश बना जिसने मानव को अंतरिक्ष में सफलतापूर्वक भेजा। यह चीन के वैज्ञानिक और अंतरिक्ष अनुसंधान में प्रगति की महत्वपूर्ण उपलब्धि थी।
2006 – संयुक्त राष्ट्र ने उत्तर कोरिया पर प्रतिबंध लगाए
उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम के चलते 15 अक्टूबर 2006 को संयुक्त राष्ट्र ने उस पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध लगाए। यह कदम वैश्विक सुरक्षा और परमाणु नीति नियंत्रण के लिए ऐतिहासिक था।
2012 – हिलेरी मेंटल को मैन बुकर पुरस्कार मिला
ब्रिटिश लेखिका हिलेरी मेंटल को 15 अक्टूबर 2012 को उनके उपन्यास “ब्रिंग अप द बॉडीज” के लिए मैन बुकर पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह साहित्यिक उत्कृष्टता और इतिहास पर आधारित रचनात्मक लेखन की मिसाल है।

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