Monday, July 6, 2026
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आईजीआरएस में उलटबांसी: सूचना मांगने वाले पर ही आरोप, रिपोर्ट में बना दिया आरोपी

सलेमपुर/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)ग्राम पंचायत निजामाबाद के एक युवक द्वारा जन सूचना अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी अब विवादों में घिर गई है। एक वर्ष तक सूचना न मिलने पर युवक ने ऑनलाइन आईजीआरएस पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन चौंकाने वाली बात यह रही कि निस्तारण रिपोर्ट में शिकायतकर्ता को ही आरोपी बना दिया गया।ग्रामीण क्षेत्र सलेमपुर ब्लॉक के निजामाबाद निवासी आमिर खान पुत्र नियाजुद्दीन ने ग्राम सचिव से सूचना मांगने के लिए कई बार पत्र लिखे, परंतु कोई जवाब नहीं मिला। अंततः उन्होंने ऑनलाइन माध्यम से शिकायत दर्ज कर दी। कुछ ही दिनों में मामला “निस्तारित” दिखा दिया गया। रिपोर्ट में न केवल यह लिखा गया कि आमिर खान ने कोई सूचना कभी मांगी ही नहीं, बल्कि उन पर ग्रामीणों को भड़काने और धन उगाही जैसे गंभीर आरोप लगा दिए गए।पत्र के अनुसार, यह रिपोर्ट सहायक विकास अधिकारी (सलेमपुर-देवरिया) द्वारा जिला पंचायतराज अधिकारी देवरिया को भेजी गई थी, जिसमें लिखा गया है कि आमिर खान ने अब तक कोई सूचना नहीं मांगी और वे ग्राम पंचायत में भ्रम फैलाकर योजनाओं में बाधा डाल रहे हैं। यही रिपोर्ट आईजीआरएस पोर्टल पर निस्तारण का आधार बना दी गई।उधर, शिकायतकर्ता आमिर खान ने इसका खंडन किया है। उनका कहना है कि उन्होंने एक वर्ष से लगातार सूचना मांगी है, जिसका स्पष्ट प्रमाण उनके पास मौजूद है। आमिर द्वारा साझा किए गए एक वीडियो में देखा जा सकता है कि स्वयं सहायक विकास अधिकारी कार्यालय कर्मियों से सूचना तैयार करने की बात कह रहे हैं। यह वीडियो इस बात की पुष्टि करता है कि सूचना वास्तव में मांगी गई थी।आमिर खान का कहना है कि ऐसे फर्जी निस्तारण से न केवल सूचना के अधिकार का उल्लंघन हुआ है, बल्कि सरकारी पोर्टल की विश्वसनीयता पर भी प्रश्न उठता है। उन्होंने जिलाधिकारी से मांग की है कि निस्तारण रिपोर्ट की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यदि किसी साधारण व्यक्ति की वैध शिकायत को उलटा उसी पर दोष मढ़कर बंद किया जाने लगे, तो आम जनता का शासन-प्रशासन पर भरोसा कमजोर पड़ जाएगा।

“क्रॉफर्ड मार्केट की रात में आग का कहर: चमकते सपनों के बीच उठी लपटों की आह”

बहल के निजी स्कूल में टीचर की हैवानियत: चचेरे भाइयों को डंडे से पीटा, थप्पड़ों से किया लहूलुहान, अस्पताल में भर्ती

हरियाणा (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। बहल कस्बे स्थित एक निजी स्कूल में हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। नौंवी और दसवीं कक्षा में पढ़ने वाले दो चचेरे भाइयों को स्कूल के अंग्रेजी और अनुशासन अध्यापक ने डंडों से बेरहमी से पीटा। पिटाई इतनी बर्बर थी कि डंडा तीन टुकड़ों में टूट गया, लेकिन शिक्षक का गुस्सा फिर भी शांत नहीं हुआ। दोनों नाबालिग छात्रों को गंभीर हालत में जिला नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पीड़ित छात्रों के परिजनों ने बताया कि सोमवार को करीब 11:50 बजे टीचर ने दोनों बच्चों को बुरी तरह पीटा। दसवीं कक्षा के छात्र के पिता ने बताया कि उनके बेटे और उसके चचेरे भाई पर थप्पड़ों की बरसात की गई, जिससे दोनों के मुंह लाल हो गए। जब बच्चे घर पहुंचे और माता ने उनके शरीर पर डंडे के निशान देखे, तो उन्होंने पूरी घटना बताई।

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घटना की जानकारी मिलते ही बहल पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। जांच अधिकारी निरीक्षक संजय ने बताया कि बच्चों और परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि पिटाई के बाद अध्यापक ने दोनों बच्चों से माफीनामा लिखवाया, जिसमें यह भी लिखवाया गया कि वे किसी कार्रवाई की मांग नहीं करेंगे। यह सब विद्यालय की प्राचार्या और अन्य स्टाफ की मौजूदगी में हुआ। आरोप है कि यह सब सातवीं कक्षा के एक छात्र के साथ कथित बदतमीजी के आरोप में किया गया।

फिलहाल दोनों बच्चे अस्पताल में दर्द से कराह रहे हैं। परिजनों ने स्कूल प्रबंधन और टीचर पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे अपनी गलती मानने को तैयार नहीं हैं और सुलह का दबाव बना रहे हैं।

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“क्रॉफर्ड मार्केट की रात में आग का कहर: चमकते सपनों के बीच उठी लपटों की आह”

मुंबई (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)दक्षिण मुंबई के प्रतिष्ठित क्रॉफर्ड मार्केट में मंगलवार और बुधवार की दरम्यानी रात आग ने अफरा-तफरी मचा दी। महानगरपालिका के अधिकारियों के अनुसार, घटना में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन बाजार में कई दुकानों को नुकसान पहुंचा।

बताया गया कि एल टी रोड स्थित यह व्यस्त बाजार देर रात 2 बजकर 13 मिनट पर आग की चपेट में आ गया। दमकल विभाग की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सुबह चार बजे तक आग पर काबू पाया।

महानगरपालिका के एक अधिकारी ने बताया कि आग की वजह से बिजली के तार, एक एसी यूनिट, टीवी सेट, पंखे, सीसीटीवी कैमरा, लकड़ी का फर्नीचर, पालतू जानवरों का भोजन और प्लास्टिक शीट क्षतिग्रस्त हो गए।

अभी तक आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। यह घटना मुंबई पुलिस मुख्यालय के सामने स्थित क्रॉफर्ड मार्केट में हुई, जो शहर के सबसे व्यस्त और प्रसिद्ध व्यापारिक केंद्रों में से एक है।

आग से हुए नुकसान के बावजूद, राहत की बात यह है कि किसी भी व्यक्ति की जान को खतरा नहीं हुआ। अधिकारियों ने बताया कि बाजार जल्द ही सामान्य स्थिति में लौट आएगा और सुरक्षा इंतजाम कड़े कर दिए गए हैं।

🔥आग में समाई उम्मीदें: जैसलमेर की स्लीपर बस ने छीन ली 21 ज़िंदगियाँ

पीएम मोदी ने जताया शोक, सहायता राशि की घोषणा

जैसलमेर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। राजस्थान के जैसलमेर-जोधपुर राजमार्ग पर मंगलवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया। जैसलमेर से जोधपुर जा रही एक निजी स्लीपर बस में अचानक आग लगने से कम से कम 21 यात्रियों की ज़िंदा जलकर मौत हो गई, जबकि 16 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतकों की चीखें, मदद को दौड़ते राहगीर और जलती बस का मंजर ऐसा था कि देखने वालों की रूह कांप उठी।


🔹 पाँच दिन पहले शुरू हुई थी बस सेवा
यह बस केके ट्रैवल्स की थी, जो महज पाँच दिन पहले ही इस रूट पर शुरू की गई थी। बताया जा रहा है कि कंपनी ने एसी बस को स्लीपर कोच में बदलकर यात्रियों से टिकट वसूली शुरू कर दी थी। हादसे के दौरान बस में 57 यात्री सवार थे। दोपहर करीब 3 बजे बस जैसलमेर से रवाना हुई और कुछ ही दूरी पर पहुँचने के बाद इसके पिछले हिस्से से धुआँ उठता दिखाई दिया।
🔹 कुछ ही सेकंड में आग ने ली भयावह शक्ल
बस चालक ने तुरंत वाहन को सड़क किनारे रोका, लेकिन तब तक आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया। यात्री खिड़कियाँ तोड़कर बाहर निकलने की कोशिश करने लगे। कई लोग अंदर ही फँस गए।
स्थानीय लोग और राहगीर तुरंत मदद को पहुँचे, वहीं दमकल और पुलिस टीमों को भी सूचना दी गई। कुछ यात्रियों को जलते वाहन से बाहर निकाल लिया गया, पर कई लोग आग की लपटों में समा गए।
🔹 घायलों को जोधपुर रेफर किया गया
घायलों को पहले जवाहर अस्पताल (जैसलमेर) लाया गया, जहाँ से 16 गंभीर रूप से झुलसे लोगों को जोधपुर के अस्पताल में रेफर किया गया। अधिकारियों ने राहत और बचाव कार्य में तेजी दिखाई।
🔹 मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पहुँचे स्थल पर
घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपना पटना चुनाव प्रचार कार्यक्रम रद्द कर जैसलमेर पहुँचकर हालात का जायजा लिया। उन्होंने बचाव कार्य में शामिल स्थानीय लोगों, सैन्यकर्मियों और दमकल कर्मियों का आभार जताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि घायलों का सर्वोत्तम इलाज सुनिश्चित किया जाएगा।
🔹 पीएम मोदी ने जताया शोक, सहायता राशि की घोषणा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हृदयविदारक हादसे पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा —
“राजस्थान के जैसलमेर में हुई दुर्घटना में हुई जानमाल की हानि से व्यथित हूँ। इस कठिन समय में मेरी संवेदनाएँ प्रभावित लोगों और उनके परिवारों के साथ हैं।”
प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिवारों को ₹2 लाख और घायलों को ₹50,000 की आर्थिक सहायता की घोषणा की है।
🔹 राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति व विपक्ष के नेताओं ने भी जताया दुख
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौर सहित कई नेताओं ने इस भीषण हादसे पर शोक व्यक्त किया है। राष्ट्रपति ने कहा कि,
“यह घटना अत्यंत हृदयविदारक है। मैं शोक-संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करती हूँ और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करती हूँ।”
🔹 प्रारंभिक जांच: शॉर्ट सर्किट से लगी आग
पुलिस जांच में प्रारंभिक रूप से यह सामने आया है कि बस के वायरिंग सिस्टम में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी। जिला प्रशासन ने राहत कार्य के लिए तत्काल हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं ताकि परिजन अपने प्रियजनों की जानकारी प्राप्त कर सकें।
🔹 सुरक्षा पर उठे सवाल
इस हादसे ने निजी ट्रैवल ऑपरेटरों की सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बिना तकनीकी परीक्षण के बसों को स्लीपर में बदलना अब मानव जीवन के साथ खिलवाड़ साबित हो रहा है।
जैसलमेर-जोधपुर हाईवे की वह दोपहर अब इतिहास के सबसे भयावह हादसों में दर्ज हो चुकी है। पलभर में बुझी 21 ज़िंदगियाँ और सैकड़ों टूटे परिवार इस बात की याद दिलाते हैं कि सड़क पर चलने वाली हर गाड़ी में सिर्फ़ पहिए नहीं, कई सपनों की उम्मीदें चलती हैं।

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मार्निंग वॉकर अभियान” से बढ़ा पुलिस पर जनविश्वास, 414 व्यक्तियों व 231 वाहनों की हुई सघन चेकिंग

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)जनपद देवरिया में बुधवार की सुबह का नज़ारा कुछ अलग था। ठंडी हवाओं और धुंध के बीच जब लोग मॉर्निंग वॉक पर निकले, तो उन्हें चौक-चौराहों पर खड़ी पुलिस टीमों ने रोककर सुरक्षा की मुस्कान के साथ अभिवादन किया। यह दृश्य किसी फिल्मी सीन से कम नहीं था, बल्कि पुलिस अधीक्षक संजीव सुमन के निर्देशन में चलाया गया एक वास्तविक “मार्निंग वॉकर चेकिंग अभियान” था, जिसका उद्देश्य था—शांति, सुरक्षा और जनविश्वास को नई मजबूती देना।

अभियान का उद्देश्य — जनता से संवाद, सुरक्षा का विश्वास

जनपदीय पुलिस ने इस अभियान को सुबह 5 बजे से 8 बजे तक एक साथ सभी थाना क्षेत्रों में संचालित किया। थाना प्रभारी और थानाध्यक्ष स्वयं सड़कों पर उतरे, नागरिकों से सीधे संवाद किया और उन्हें भरोसा दिलाया कि पुलिस सिर्फ पहरेदार नहीं, बल्कि साथी है।
इस संवाद का उद्देश्य था – जनता के मन में सुरक्षा, संवाद और मित्र पुलिसिंग की भावना को और मजबूत करना।
कड़ी जांच और सघन चेकिंग
अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने—संदिग्ध व्यक्तियों व वाहनों की तलाशी,चोरी की गाड़ियों की जांच,तीन सवारी, मोडिफाइड साइलेंसर व नाबालिग चालकों पर कार्रवाई,तथा अवैध असलहे और मादक पदार्थों की खोजबीन की।

पुलिस ने कुल 26 स्थानों पर चेकिंग की और 414 व्यक्तियों व 231 वाहनों की गहन जांच की।
जनता ने जताया भरोसा, पुलिस की पहल की सराहना चेकिंग के दौरान जब अधिकारियों ने लोगों को अभियान के उद्देश्य से अवगत कराया, तो नागरिकों ने इसे सराहनीय कदम बताया। सुबह के समय की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उन्होंने संतोष और भरोसा व्यक्त किया।

एक मॉर्निंग वॉकर ने कहा — “पहली बार पुलिस को इस तरह सक्रिय और संवादशील रूप में देखा। अब सच में लगता है कि पुलिस हमारी सुरक्षा के लिए हर पल तत्पर है।”

एसपी संजीव सुमन बोले – अभियान रहेगा नियमित पुलिस अधीक्षक संजीव सुमन ने बताया कि ऐसे अभियान जनपद में आगे भी निरंतर जारी रहेंगे। इन अभियानों से जहां अपराध पर नियंत्रण होगा, वहीं आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास और संवाद की भावना और अधिक गहरी होगी।
देवरिया पुलिस का यह मानवीय प्रयास न सिर्फ कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक सार्थक कदम है, बल्कि “जनता की पुलिस” की उस परिकल्पना को भी साकार कर रहा है, जहां सुरक्षा सिर्फ वर्दी नहीं, बल्कि विश्वास की पहचान बनती है।

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🌍 लाखों की लागत लापरवाही की सौगात, शोपीस बन गया कूड़ा निस्तारण केंद्र

शाहजहांपुर (राष्ट्र की परम्परा)। स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांवों को स्वच्छ और रोगमुक्त बनाने के उद्देश्य से करोड़ों की योजनाएं चलाई जा रही हैं, परंतु जिम्मेदारों की लापरवाही इन योजनाओं पर ग्रहण बनकर बैठी है। जैतीपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत लाईखेड़ा में लाखों रुपये की लागत से निर्मित कूड़ा निस्तारण केंद्र आज शोपीस बनकर रह गया है। गांव के विकास का प्रतीक बनने के बजाय यह अब उपेक्षा और बदइंतजामी की मिसाल बन गया है।

जिस केंद्र में गांव का कूड़ा, प्लास्टिक और अन्य अपशिष्ट पदार्थ एकत्र कर वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जाना था, वहां अब गोबर का अंबार लगा है। ग्रामीणों ने केंद्र के आगे गोबर और गंदगी डालना शुरू कर दिया है, जिससे आसपास का माहौल दूषित हो चुका है। दुर्गंध और मच्छरों के कारण गांव में बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है।

सरकार जहां एक ओर “स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत” का सपना साकार करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं जमीनी स्तर पर ग्राम पंचायत अधिकारी और स्थानीय प्रशासन की उदासीनता से यह सपना धुंधला पड़ता नजर आ रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि केंद्र बनने के बाद कुछ दिनों तक यहां साफ-सफाई रखी गई, लेकिन बाद में किसी ने इसकी सुध नहीं ली। आज हालत यह है कि कूड़ा निस्तारण केंद्र स्वयं गंदगी फैलाने का केंद्र बन गया है। ग्रामीणों की शिकायत है कि कई बार अधिकारियों को इस बारे में अवगत कराया गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

इस संबंध में जब ग्राम पंचायत अधिकारी विश्वास शुक्ला से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। गांव के लोग अब प्रशासन से अपेक्षा कर रहे हैं कि जल्द कार्रवाई हो, ताकि लाखों की लागत से बना यह केंद्र अपने वास्तविक उद्देश्य की पूर्ति कर सके।

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गजेंद्र मोक्ष से लेकर श्रीकृष्ण जन्मोत्सव तक की पावन कथा में डूबे श्रद्धालु

बाल योगी पचौरी जी महाराज ने सुनाई भक्ति, प्रेम और त्याग की अद्भुत व्याख्या

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिला मुख्यालय के औद्योगिक क्षेत्र में चल रहे नौ दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के चतुर्थ दिवस की कथा श्रद्धा, उत्साह और भक्ति भाव से ओत-प्रोत माहौल में संपन्न हुई। कथा का आयोजन भारत-तिब्बत समन्वय संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व प्रधानाचार्य रामकुमार सिंह के सौजन्य से किया जा रहा है।


चतुर्थ दिवस की कथा में वृंदावन धाम से पधारे राष्ट्रीय संत बाल योगी पंचौरी जी महाराज ने गजेंद्र मोक्ष, भगवान मोहिनी अवतार, भगवान वामन अवतार, भगवान राम अवतार, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव और नंदोत्सव की दिव्य लीलाओं का विस्तारपूर्वक वर्णन किया।
महाराज ने कहा कि गजेंद्र मोक्ष कथा इस बात का संदेश देती है कि संकट की घड़ी में जब मनुष्य सच्चे हृदय से प्रभु का स्मरण करता है, तो भगवान स्वयं उसकी रक्षा के लिए प्रकट होते हैं। उन्होंने बताया कि मोहिनी अवतार यह दर्शाता है कि भगवान जब-जब आवश्यक होता है, तब-तब अपनी सृष्टि की रक्षा के लिए नए रूप में अवतरित होते हैं।
वामन अवतार की कथा सुनाते हुए महाराज ने कहा कि भगवान विष्णु ने एक छोटे ब्राह्मण बालक का रूप धारण कर राजा बलि को दान की मर्यादा का अद्भुत संदेश दिया। इसी तरह राम अवतार की कथा में उन्होंने बताया कि मर्यादा पुरुषोत्तम राम का जीवन सत्य, संयम और धर्म का प्रतीक है।
कथा के अंतिम चरण में जब श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की कथा प्रारंभ हुई, तो पूरा पंडाल “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयकारों से गूंज उठा। बाल योगी पंचौरी जी महाराज ने भावपूर्ण शैली में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का वर्णन किया तो श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। इसके उपरांत नंदोत्सव मनाया गया, जिसमें उपस्थित श्रद्धालुओं ने उत्सवमय वातावरण में झूमकर भजन गाए और प्रसाद वितरण किया गया।
कथा के दौरान श्रद्धालुओं ने भक्ति, प्रेम और त्याग की महिमा को आत्मसात किया। पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा और आनंद से भर गया।
इस अवसर पर कथा परीक्षित उर्मिला सिंह, रामकुमार सिंह के साथ डॉक्टर के. के. सिंह, रमाशंकर सिंह, मुन्नी देवी, डॉ. श्याम कुमार सिंह, एमएलसी संतोष कुमार सिंह, जिलाधिकारी आलोक कुमार, एमएलसी प्रतिनिधि इंजीनियर सुधांशु सिंह, अयांश बाबू सहित अनेक गणमान्यजन एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।

त्योहारों की मिठास में मिलावट की कड़वाहट

खाद्य आपूर्ति विभाग की सख्त कार्रवाई, कई दुकानें सील, क्विंटलभर सोनपापड़ी नष्ट

भागलपुर/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। त्योहारों की रौनक में मिठास घोलने के बजाय मिलावटखोरों ने लोगों की सेहत से खिलवाड़ शुरू कर दिया था। लेकिन खाद्य आपूर्ति विभाग ने इस बार ऐसी लापरवाही को सख्ती से निपटाया है। बुधवार को विभाग ने भागलपुर चौराहा क्षेत्र और आसपास की मिठाई दुकानों पर सघन जांच अभियान चलाया, जिसमें भारी अनियमितताएं सामने आईं।

जांच के दौरान नंदनी स्वीट हाउस में रखी करीब एक क्विंटल बत्तीसी सोनपापड़ी खराब पाई गई, जिसे मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। विभाग की यह कार्रवाई इतनी अप्रत्याशित थी कि कई दुकानदारों में हड़कंप मच गया और उन्होंने अपनी दुकानें बंद कर लीं।

वहीं, कोलकाता स्वीट हाउस से तीन सैंपल लिए गए, जहां फैक्ट्री परिसर में भारी गंदगी और अस्वच्छता पाई गई। अधिकारियों ने तत्काल फैक्ट्री प्रबंधन को साफ-सफाई के कड़े निर्देश देते हुए कुछ दिनों के लिए संचालन रोकने का आदेश दिया।

जांच टीम में विभाग के लगभग 6 से 7 अधिकारी और कर्मचारी शामिल थे, जिन्होंने क्षेत्र की दर्जनों मिठाई दुकानों की जांच की। इस दौरान पांच अन्य प्रतिष्ठानों पर भी कार्रवाई की गई। कई दुकानदारों ने विभागीय दल को देखकर घबराहट में दुकानें बंद कर दीं।

खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारियों का कहना है कि त्योहारों के समय मिलावटी मिठाई और खराब खाद्य सामग्री से जनस्वास्थ्य को नुकसान न पहुंचे, इसके लिए लगातार सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। विभाग ने स्पष्ट किया कि आगामी दिनों में यह अभियान प्रदेश के सभी जिलों में तेज़ी से जारी रहेगा।

उन्होंने जनता से अपील की कि वे स्वच्छता और गुणवत्ता की जांच के बाद ही मिठाई खरीदें, और यदि किसी दुकान पर संदिग्ध या मिलावटी मिठाई दिखाई दे, तो विभागीय हेल्पलाइन पर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं।

इस सघन जांच से साफ संकेत मिला है कि प्रशासन इस बार त्योहारों की मिठास को मिलावट की मार से बचाने के लिए पूरी तरह सक्रिय है

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महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)।सदर विकास खंड क्षेत्र के विजयपुर पश्चिमी चौराहे से कृषि फार्म होते हुए पोखरहवा टोले तक जाने वाला मार्ग अब जल्द ही नई सूरत में नजर आ सकता है। वर्षों से जर्जर इस सड़क के निर्माण की मांग आखिरकार रंग लाई है। लोक निर्माण विभाग (PWD) ने इस पर मुहर लगा दी है। विभाग के अनुसार, लगभग 1.1 किलोमीटर लंबी इस सड़क का निर्माण कार्य ₹112.54 लाख की अनुमानित लागत से किया जाएगा।

यह मार्ग ग्राम पंचायत बागापार, विजयपुर पश्चिमी, कृषि फार्म, और पोखरहवा टोला जैसे कई गांवों को जोड़ता है। लंबे समय से ग्रामीणों का यह मुख्य संपर्क मार्ग पूरी तरह टूट-फूट चुका है। जगह-जगह गड्ढों में तब्दील सड़क से होकर गुजरना लोगों के लिए रोजमर्रा की चुनौती बन गया था। बरसात के दिनों में तो यह मार्ग दलदल में बदल जाता था, जिससे स्कूल जाने वाले बच्चे, किसान, बुजुर्ग और वाहन चालक सभी परेशान रहते थे।

स्थानीय समाजसेवी उमेश चन्द्र मिश्र ने इस जनसमस्या को गंभीरता से उठाया। उन्होंने शासन को शिकायत संख्या 40018725018057 के तहत आवेदन भेजकर कहा कि यह मार्ग जनहित से जुड़ा अति महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है, जिससे प्रतिदिन हजारों लोग महराजगंज जिला मुख्यालय और आसपास के बाजारों तक आवागमन करते हैं।

ग्रामीणों के अनुसार, खराब सड़क के कारण कई बार लोग गिरकर घायल भी हुए हैं, फिर भी वर्षों से किसी ने ध्यान नहीं दिया। मगर अब विभागीय जवाब ने लोगों की उम्मीदों को नया आधार दिया है। पीडब्ल्यूडी द्वारा आईजीआरएस पोर्टल पर दिए गए जवाब में बताया गया है कि यह मार्ग झाड़ापन अनजुड़ी बसावर खंड के अंतर्गत आता है और इसका प्रस्ताव स्वीकृति हेतु भेजा गया है।

विभाग ने यह भी कहा कि जैसे ही बजटीय प्रावधान उपलब्ध होंगे, निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर शुरू किया जाएगा।

स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि सड़क निर्माण में देरी की गई तो वे जन आंदोलन करने को विवश होंगे। उन्होंने जिला प्रशासन से इस जनहित के मुद्दे पर तत्काल कार्यवाही की मांग की है।

गांव के बुजुर्गों का कहना है — “यह सड़क केवल मिट्टी का रास्ता नहीं, बल्कि हमारी उम्मीदों की डोर है। बच्चों की पढ़ाई से लेकर किसानों की आजीविका तक इसी पर निर्भर है।”

अब देखना यह है कि विभाग की स्वीकृति के बाद यह मंज़ूरी कितनी जल्दी हकीकत में बदलती है। लोगों को भरोसा है कि जल्द ही विजयपुर से पोखरहवा तक की यह धूल भरी राह पक्के व सुरक्षित मार्ग में तब्दील होगी।

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डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम: एक युगपुरुष, जिसने भारत को स्वाभिमान और विज्ञान की नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया

भारतीय इतिहास में कुछ नाम ऐसे हैं, जो समय की सीमाओं को पार कर प्रेरणा के प्रतीक बन जाते हैं। डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम का नाम उनमें सर्वोच्च स्थान रखता है। वे केवल एक वैज्ञानिक या राष्ट्रपति नहीं, बल्कि एक ऐसे युगदृष्टा थे जिन्होंने अपने जीवन और कार्य से यह सिद्ध किया कि साधारण परिस्थितियों से निकलकर असाधारण ऊँचाइयों को प्राप्त किया जा सकता है। उनका जीवन भारत के हर युवा के लिए यह संदेश देता है कि यदि मन में स्वप्न है, तो कोई अभाव सफलता के मार्ग में बाधा नहीं बन सकता।

संघर्ष से आत्मनिर्माण तक
अवुल पकिर जैनुलाब्दीन अब्दुल कलाम का जन्म 15 अक्टूबर 1931 को तमिलनाडु के रमणीय द्वीप नगर रामेश्वरम में हुआ। उनके पिता जैनुलाब्दीन एक नाविक थे, जो तीर्थयात्रियों को नाव से पार कराते थे, जबकि माता अशिअम्मा अत्यंत धार्मिक और दयालु स्वभाव की गृहिणी थीं। परिवार आर्थिक रूप से सम्पन्न नहीं था, लेकिन संस्कारों से समृद्ध अवश्य था।

बचपन से ही कलाम मेहनती और जिज्ञासु स्वभाव के थे। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा रामनाथपुरम प्राथमिक विद्यालय में प्राप्त की। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर थी, इसलिए वे अख़बार बाँटने का कार्य करते हुए अपनी पढ़ाई का खर्च स्वयं उठाते थे। उनके शिक्षक शिवसुबरमन ने उनमें विज्ञान के प्रति गहरी रुचि देखी और उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

शिक्षा और करियर की दिशा
उन्होंने सेंट जोसेफ कॉलेज, तिरुचिरापल्ली से भौतिकी में स्नातक की उपाधि प्राप्त की और बाद में मद्रास इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) से एरोनॉटिकल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। कॉलेज के दिनों में ही उनका सपना उड़ान तकनीक और रॉकेट विज्ञान के क्षेत्र में कुछ अनूठा करने का था।
उनकी मेहनत और लगन ने उन्हें भारतीय रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) में वैज्ञानिक के रूप में प्रवेश दिलाया। बाद में वे भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) में शामिल हुए और यहाँ से उनकी असली उड़ान शुरू हुई—

भारत के मिसाइल मैन की यात्रा
ISRO में उन्होंने भारत के पहले स्वदेशी उपग्रह प्रक्षेपण यान SLV-III के विकास में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे 1980 में रोहिणी उपग्रह को अंतरिक्ष में सफलतापूर्वक स्थापित किया गया। यह उपलब्धि भारत को उन देशों की सूची में ले आई जो अपने स्वयं के रॉकेट से उपग्रह प्रक्षेपित करने में सक्षम थे।
इसके बाद उन्होंने रक्षा क्षेत्र में कई ऐतिहासिक परियोजनाओं का नेतृत्व किया। “इंटीग्रेटेड गाइडेड मिसाइल डेवलपमेंट प्रोग्राम (IGMDP)” के तहत उन्होंने ‘अग्नि’, ‘पृथ्वी’, ‘त्रिशूल’, ‘आकाश’ और ‘नाग’ जैसी मिसाइलों के निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाई। इन्हीं उपलब्धियों के कारण उन्हें “मिसाइल मैन ऑफ इंडिया” के रूप में विश्व प्रसिद्धि मिली।
1998 में पोखरण-II परमाणु परीक्षणों के दौरान वे प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार थे। इन परीक्षणों ने भारत को विश्व के परमाणु शक्ति सम्पन्न राष्ट्रों की श्रेणी में खड़ा कर दिया।

राष्ट्रपति के रूप में : जनता के दिलों का नेता
25 जुलाई 2002 को वे भारत के 11वें राष्ट्रपति बने। उनका चयन किसी राजनीतिक पृष्ठभूमि से नहीं बल्कि उनकी योग्यता, निष्ठा और लोकप्रियता के कारण हुआ था। उन्हें “जनता का राष्ट्रपति” कहा गया क्योंकि उन्होंने राष्ट्रपति भवन की गरिमा को जनता के प्रति संवेदनशीलता और सहजता से जोड़ा।
अपने कार्यकाल में उन्होंने शिक्षा, युवाशक्ति, स्वावलंबन और विज्ञान-प्रौद्योगिकी के भारतीयकरण पर विशेष बल दिया। उनका “विजन 2020” भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का सपना था। वे मानते थे कि किसी भी देश की वास्तविक प्रगति उसके युवाओं और शिक्षकों के सशक्त होने पर निर्भर करती है।
शिक्षा के प्रति समर्पण और युवाओं से जुड़ाव
राष्ट्रपति पद छोड़ने के बाद डॉ. कलाम ने शिक्षण और लेखन को अपना प्रमुख कार्य बना लिया। वे विश्वविद्यालयों में जाकर युवाओं से संवाद करते, उन्हें अपने जीवन का उद्देश्य तय करने की प्रेरणा देते। उनका कहना था—

“युवा यदि ठान ले तो कोई भी असंभव कार्य संभव बन सकता है।”

उनकी प्रसिद्ध पुस्तकों में “Wings of Fire”, “Ignited Minds”, “India 2020”, “My Journey”, और “The Life Tree” शामिल हैं। इनमें उन्होंने अपने जीवन के अनुभवों और भारत के भविष्य की दिशा पर गहराई से विचार प्रस्तुत किया।

सादगी में महानता
डॉ. कलाम की सबसे बड़ी विशेषता उनकी सादगी और विनम्रता थी। राष्ट्रपति रहते हुए भी उन्होंने भव्य जीवनशैली नहीं अपनाई। वे हमेशा आत्मनिर्भरता, समय की पाबंदी और कर्म के प्रति समर्पण पर जोर देते थे।
उनका जीवन गीता के इस संदेश का मूर्त रूप था—

“कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन।”
उनकी वाणी में गहराई और आचरण में विनम्रता थी। वे कहते थे—

“सपना वह नहीं जो आप नींद में देखते हैं, सपना वह है जो आपको सोने नहीं देता।”

उनके विचारों में धर्म, विज्ञान और मानवता का अद्भुत संगम दिखाई देता था।
अंतिम क्षण और अमर विरासत
27 जुलाई 2015 को जब वे आईआईएम शिलॉंग में “लिविंग प्लैनेट” विषय पर व्याख्यान दे रहे थे, तभी मंच पर ही हृदयाघात से उनका निधन हो गया। मृत्यु भी उन्हें उसी कार्य के दौरान मिली, जिसके लिए उन्होंने जीवन समर्पित किया था— शिक्षा और प्रेरणा देना।
उनके पार्थिव शरीर को रामेश्वरम में पूरे राजकीय सम्मान के साथ दफ़नाया गया। लाखों लोगों ने उन्हें नम आँखों से विदा किया। परंतु वास्तव में, डॉ. कलाम कहीं गए नहीं — वे आज भी करोड़ों भारतीयों की आकांक्षाओं और सपनों में जीवित हैं।
प्रेरणा के अदम्य स्रोत
डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम ने यह सिद्ध कर दिया कि महानता का रास्ता जन्म या परिस्थिति से नहीं, बल्कि कर्म और निष्ठा से बनता है। उन्होंने हमें यह सिखाया कि एक वैज्ञानिक मस्तिष्क के साथ संवेदनशील हृदय होना ही सच्चे नेतृत्व की पहचान है।
उनकी जीवनगाथा हर भारतीय के लिए एक प्रेरणास्रोत है। वे एक ऐसे दीपस्तंभ हैं जो हमें यह सिखाते हैं-

“यदि तुम सूरज की तरह चमकना चाहते हो, तो पहले सूरज की तरह जलना सीखो।”

डॉ. कलाम की स्मृति भारत की आत्मा में सदैव जीवित रहेगी। एक ऐसे युगपुरुष के रूप में जिसने विज्ञान, मानवता और राष्ट्रभक्ति का त्रिवेणी संगम कर दिया।

नवनीत मिश्र

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बाबा बालक नाथ मंदिर चढ़ावा गणना घोटाला: आरोपी कर्मियों और परिवार की संपत्ति की होगी जांच

हमीरपुर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध में चढ़ावा गणना में गड़बड़ी के आरोप में निलंबित क्लर्क केशव और लेखाकार गुरूचैन के खिलाफ पुलिस ने गहन जांच शुरू कर दी है। अदालत से जमानत मिलने के बाद दोनों आरोपी रिहा हो गए हैं, लेकिन मंदिर ट्रस्ट ने उन्हें फिलहाल निलंबित कर रखा है।

घटना का विवरण

मंदिर में हर साल करोड़ों रुपये का चढ़ावा आता है और रोजाना का चढ़ावा लाखों रुपये में होता है। जिस दिन गड़बड़ी पकड़ी गई, उस दिन 32 लाख रुपये से अधिक की गणना हुई थी। मामला तब सामने आया जब 500 रुपये के नोट के बंडल में 100 की बजाय 140 नोट पाए गए।

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पुलिस जांच

पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह गड़बड़ी पहली बार हुई है या लंबे समय से चल रही थी। जांच के तहत:

आरोपी कर्मियों और उनके परिवारजनों की संपत्तियों की जानकारी जुटाई जा रही है।

मंदिर ट्रस्ट से उनके सर्विस रिकार्ड की जानकारी ली जा रही है।

आरोपियों के संपर्कों और चढ़ावे की राशि जमा करने वाले बैंक कर्मियों की भी जांच की जा रही है।

तीन से छह माह की सीसीटीवी फुटेज कब्जे में लेकर फोरेंसिक जांच के लिए भेजी गई है।

डीएसपी बड़सर लालमन शर्मा ने बताया कि आरोपी कर्मियों की संपत्ति और उनके संपर्कों की भी पड़ताल की जाएगी।

आगे की कार्रवाई

मंदिर प्रशासन और पुलिस इस मामले की गहनता से पड़ताल कर रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि गड़बड़ी केवल उसी दिन हुई थी या लंबे समय से नियमित तौर पर हो रही थी।

🌟 15 अक्टूबर का अंक राशिफल: जानें किस मूलांक पर बरसेगी गणेश जी की कृपा

आज का अंक ज्योतिष फल (15/10/2025)
आज बुधवार है। तिथि 15 अक्टूबर 2025 को अंकों का योग (1+5+1+0+2+0+2+5 = 16 → 1+6=7) मूलांक 7 (केतु ग्रह) से संबंधित है।
केतु का प्रभाव आत्म-विश्लेषण, गहराई, अध्यात्म और रहस्यमय चिंतन का प्रतीक है।
आज का दिन कुछ लोगों के लिए नई शुरुआत और कुछ के लिए आत्मचिंतन का संदेश लेकर आएगा।
आइए जानते हैं — मां सरस्वती की कृपा से कैसा रहेगा आज का दिन मूलांक 1 से 9 तक के जातकों के लिए।
🌞 मूलांक 1 (MULANK 1)
दिन कैसा रहेगा: नेतृत्व और नई शुरुआत का दिन। कार्यक्षेत्र में आपकी दृढ़ता पहचान बनेगी।
व्यवसाय: नए कॉन्ट्रैक्ट या प्रोजेक्ट की शुरुआत के लिए अनुकूल समय।
विद्यार्थी: प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के योग।
कला/संगीत: नए विचारों को मंच मिलेगा।
राजनीति: आपकी बातों का प्रभाव बढ़ेगा।
दांपत्य जीवन: अहंकार से बचें, नहीं तो रिश्तों में तनाव।
आर्थिक स्थिति: निवेश से लाभ संभव।
शुभ रंग: लाल
शुभ अंक: 1
देव पूजा: सूर्य देव को अर्घ्य दें।
सुझाव: किसी बुजुर्ग का आशीर्वाद लें।
🌙 मूलांक 2 (MULANK 2)
दिन कैसा रहेगा: भावनाओं में संतुलन बनाए रखें। प्रेम संबंधों के लिए अच्छा दिन।
व्यवसाय: सौदेबाजी में सावधानी, पर लाभ के संकेत।
विद्यार्थी: ध्यान में कमी आ सकती है, एकाग्र रहें।
कला/संगीत: रचनात्मकता चरम पर रहेगी।
राजनीति: जनता से जुड़ने का अवसर।
दांपत्य जीवन: प्रेम और मधुरता बढ़ेगी।
आर्थिक स्थिति: खर्चों में संयम रखें।
शुभ रंग: सफेद या सिल्वर
शुभ अंक: 2
देव पूजा: भगवान शिव की पूजा करें।
सुझाव: जल में चंद्रमा को अर्घ्य दें।
🕉️ मूलांक 3 (MULANK 3)
दिन कैसा रहेगा: शिक्षा, सलाह और नेतृत्व में सफलता का दिन।
व्यवसाय: सलाह देने वाले कार्यों में लाभ।
विद्यार्थी: गुरु कृपा से सफलता के संकेत।
कला/संगीत: मंच प्रदर्शन में पहचान मिलेगी।
राजनीति: वरिष्ठों का समर्थन।
दांपत्य जीवन: आपसी समझ बढ़ेगी।
आर्थिक स्थिति: स्थिरता बनी रहेगी।
शुभ रंग: पीला
शुभ अंक: 3
देव पूजा: भगवान विष्णु या बृहस्पति देव की आराधना करें।
सुझाव: गुरुजनों का आशीर्वाद लें।
⚙️ मूलांक 4 (MULANK 4)
दिन कैसा रहेगा: योजनाओं में विलंब संभव, लेकिन धैर्य रखें।
व्यवसाय: अचानक बदलाव से फायदा या नुकसान दोनों हो सकते हैं।
विद्यार्थी: फोकस बनाए रखें।
कला/संगीत: प्रयोगात्मक कार्यों में रुचि बढ़ेगी।
राजनीति: विरोधियों से सावधान रहें।
दांपत्य जीवन: संवाद बनाए रखें।
आर्थिक स्थिति: खर्च बढ़ सकता है।
शुभ रंग: स्लेटी या भूरा
शुभ अंक: 4
देव पूजा: भगवान गणेश की पूजा करें।
सुझाव: इलेक्ट्रॉनिक सामान न खरीदें।
🌿 मूलांक 5 (MULANK 5)
दिन कैसा रहेगा: यात्रा, संवाद और नए अवसरों का दिन।
व्यवसाय: मार्केटिंग, मीडिया या ट्रेड में लाभ।
विद्यार्थी: नई चीजें सीखने का अवसर।
कला/संगीत: नवाचार का दिन।
राजनीति: जनसंपर्क बढ़ेगा।
दांपत्य जीवन: बातों में मिठास रखें।
आर्थिक स्थिति: लेन-देन में सतर्क रहें।
शुभ रंग: हरा
शुभ अंक: 5
देव पूजा: विष्णु भगवान की आराधना करें।
सुझाव: सोच-समझकर बोलें।
💞 मूलांक 6 (MULANK 6)
दिन कैसा रहेगा: प्रेम, सौंदर्य और आकर्षण से भरा दिन।
व्यवसाय: कला, डिजाइन और सौंदर्य उत्पादों से लाभ।
विद्यार्थी: आत्मविश्वास बढ़ेगा।
कला/संगीत: उत्कृष्ट प्रदर्शन संभव।
राजनीति: जनता का समर्थन मिलेगा।
दांपत्य जीवन: रिश्तों में मिठास।
आर्थिक स्थिति: लाभकारी सौदे।
शुभ रंग: गुलाबी या नीला
शुभ अंक: 6
देव पूजा: माता लक्ष्मी की आराधना करें।
सुझाव: सुगंधित दीपक जलाएं।
🔮 मूलांक 7 (MULANK 7)
दिन कैसा रहेगा: आत्ममंथन और गहराई का दिन।
व्यवसाय: शोध, अध्यात्म और लेखन में प्रगति।
विद्यार्थी: एकाग्रता बढ़ेगी।
कला/संगीत: आत्मिक जुड़ाव से रचना उत्कृष्ट होगी।
राजनीति: रणनीति बनाएं, जल्दबाजी न करें।
दांपत्य जीवन: भावनात्मक समझ जरूरी।
आर्थिक स्थिति: मध्यम पर स्थिर।
शुभ रंग: नीला या बैंगनी
शुभ अंक: 7
देव पूजा: केतु संबंधित मंत्र जपें या गणेश पूजन करें।
सुझाव: ध्यान और मौन साधना करें।
⚖️ मूलांक 8 (MULANK 8)
दिन कैसा रहेगा: परिश्रम का फल मिलने का दिन।
व्यवसाय: नई जिम्मेदारी या पदोन्नति के संकेत।
विद्यार्थी: परिणाम अनुकूल।
कला/संगीत: स्थिरता आएगी।
राजनीति: प्रभावशाली निर्णय का दिन।
दांपत्य जीवन: एक-दूसरे का सहयोग आवश्यक।
आर्थिक स्थिति: उन्नति और लाभ।
शुभ रंग: काला या गहरा नीला
शुभ अंक: 8
देव पूजा: शनिदेव की पूजा करें।
सुझाव: गरीब को भोजन दान करें।
🔥 मूलांक 9 (MULANK 9)
दिन कैसा रहेगा: ऊर्जा, जोश और सफलता का दिन।
व्यवसाय: प्रतिस्पर्धा में जीत।
विद्यार्थी: सफलता सुनिश्चित।
कला/संगीत: उत्साह से भरा प्रदर्शन।
राजनीति: लोकप्रियता में वृद्धि।
दांपत्य जीवन: तकरार से बचें।
आर्थिक स्थिति: लाभ के योग।
शुभ रंग: लाल या मरून
शुभ अंक: 9
देव पूजा: मां दुर्गा या हनुमान जी की पूजा करें।
सुझाव: क्रोध पर नियंत्रण रखें।
🪔 आज का विशेष उपाय (सभी मूलांकों के लिए)
🌼 बुधवार के दिन गणेश जी को दूर्वा अर्पित करें,
📿 और हर कार्य से पहले उनका स्मरण करें —

ॐ गं गणपतये नमः”
इससे आज के दिन केतु और बुध दोनों का प्रभाव संतुलित रहेगा।

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नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2025 के दौरान ऑफलाइन ई-रुपया (e₹) को लॉन्च कर दिया है। इस डिजिटल करेंसी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अब बिना इंटरनेट या मोबाइल नेटवर्क के भी भुगतान (Payment) किया जा सकेगा। आरबीआई का कहना है कि यह करेंसी बिल्कुल फिजिकल कैश की तरह डिजिटल फॉर्मेट में काम करेगी।

क्या है डिजिटल रुपया (e₹)?

डिजिटल रुपया या e₹ भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी की गई सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) है। इसे पहली बार 1 दिसंबर 2022 को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लॉन्च किया गया था। यह भारतीय रुपये का डिजिटल रूप है, जिसकी वैल्यू और भरोसा पारंपरिक नकद (कैश) के समान है। अंतर सिर्फ इतना है कि यह डिजिटल वॉलेट में सुरक्षित रहता है और इसे मोबाइल एप के माध्यम से इस्तेमाल किया जा सकता है।

UPI से कैसे अलग है डिजिटल रुपया?

जहां UPI (Unified Payments Interface) के जरिए पैसे बैंक अकाउंट से ट्रांसफर होते हैं, वहीं डिजिटल रुपया कैश की तरह काम करता है। इसमें बैंक अकाउंट की जरूरत नहीं होती, बल्कि ट्रांजैक्शन सीधे एक वॉलेट से दूसरे वॉलेट में होती है।
e₹ से भुगतान करने के लिए इंटरनेट की आवश्यकता नहीं होती — बस मोबाइल नेटवर्क का होना जरूरी है। वर्तमान में यह NFC (Near Field Communication) तकनीक पर टेस्ट किया जा रहा है, जिससे आप फोन को पास लाकर ट्रांजैक्शन कर सकेंगे।

किन बैंकों में मिल रही है eRupee वॉलेट सुविधा?

फिलहाल 15 बैंक e₹ पायलट प्रोजेक्ट का हिस्सा हैं और आम जनता को eRupee वॉलेट की सुविधा दे रहे हैं। इनमें शामिल हैं:
SBI, ICICI Bank, HDFC Bank, Axis Bank, PNB, Yes Bank, Union Bank, Bank of Baroda, Kotak Mahindra Bank, Canara Bank, IDFC First Bank, IndusInd Bank, Indian Bank, Karnataka Bank और Federal Bank।
यूजर्स अपने बैंक का eRupee एप गूगल प्ले स्टोर या एपल स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं।

UPI QR कोड से भी कर सकेंगे पेमेंट

eRupee वॉलेट में QR कोड स्कैनर की सुविधा दी गई है। यानी उपयोगकर्ता अब किसी भी UPI QR कोड को स्कैन करके डिजिटल रुपये से पेमेंट कर सकेंगे। इससे UPI और eRupee के बीच सहज इंटीग्रेशन संभव हो गया है। इसके लिए कोई शुल्क या न्यूनतम बैलेंस की आवश्यकता नहीं होती।

फोन खोने पर भी सुरक्षित रहेगा eRupee वॉलेट

अगर मोबाइल फोन खो भी जाए, तो भी eRupee वॉलेट को दोबारा रिकवर किया जा सकता है। इस पर कोई ब्याज नहीं मिलता, लेकिन यह पूरी तरह सुरक्षित और विश्वसनीय डिजिटल करेंसी है, जिसे आरबीआई द्वारा जारी किया गया है।

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रुद्रपुर से लेकर बरियारपुर तक पुलिस तैनाती में बड़ा फेरबदल

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)पुलिस प्रशासन ने आज एक व्यापक तैनाती व तबादला सूची जारी की है, जिसमें कई संवेदनशील स्थानों पर नए अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। इस फैसले ने इलाकेभर में उत्सुकता की लहर दौड़ा दी।
सूची के अनुसार, आशीष राय को रुद्रपुर थाना छोड़कर भुजौली भेजा गया है, जबकि वरूण सिंह को सुरौली थाना के लिए चुन लिया गया है। नितिन साहू को सलेमपुर, कमलेश कुमार को बरियारपुर, और अंकित यादव को बरहज तैनात किया गया है। इसी तरह, सौरभ सिंह, सदानन्द यादव, अनिल तिवारी, विवेक यादव, अविनाश मौर्य और सुमितकान्त जैसे अधिकारियों को अलग-अलग थानों में भेजा गया है। धर्मेन्द्र कुमार, अभिमित कुमार, महेन्द्र मोहन मिश्र, रमेश कुमार सिंह, राधेश्याम चौधरी, आनन्द राव और संदीप सिंह को भी नयी चौकियों का जिम्मा सौंपा गया है।

इन विभागीय फेरबदल के पीछे प्रशासन का उद्देश्य सुरक्षा और पुलिस सेवा को बेहतर बनाना बताया जा रहा है। ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में अपराध नियंत्रण, कोविड-कालीन चुनौतियों से निपटना, और आम नागरिकों की सुरक्षा को दुरुस्त करना इस बदलाव की प्रमुख वजह मानी जा रही है।

विश्लेषकों का कहना है कि ये ताबेदार अधिकारी ऐसे इलाकों में भेजे गए हैं जहाँ कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने की जरूरत अधिक थी। जनता की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि नए अधिकारियों की तैनाती से स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था में क्या बदलाव आते हैं और जनता को कितनी राहत मिलती है।

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असम JE सिविल भर्ती 2025: APSC ने जारी किया रिजल्ट, 650 पदों के लिए अब होगा दस्तावेज़ सत्यापन

असम (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। असम लोक सेवा आयोग (APSC) ने सार्वजनिक निर्माण विभाग (Public Works Roads Department – PWRD) और सार्वजनिक निर्माण (भवन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग) विभाग [Public Works (Building & NH) Department] में जूनियर इंजीनियर (सिविल) पदों की भर्ती परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया है। यह भर्ती विज्ञापन संख्या 05/2025 के तहत आयोजित की गई थी। उम्मीदवार अब अपना परिणाम आयोग की आधिकारिक वेबसाइट http://apsc.nic.in पर देख सकते हैं।

इस भर्ती के माध्यम से कुल 650 जूनियर इंजीनियर (सिविल) पदों पर नियुक्ति की जाएगी। APSC ने 20 जुलाई 2025 को OMR आधारित स्क्रीनिंग टेस्ट आयोजित किया था, जिसके जरिए उम्मीदवारों के तकनीकी ज्ञान और समस्या समाधान क्षमता का मूल्यांकन किया गया।

अगला चरण – दस्तावेज़ सत्यापन (Document Verification)

परिणाम घोषित होने के बाद अब सफल उम्मीदवारों को दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया से गुजरना होगा। आयोग जल्द ही दस्तावेज सत्यापन की तिथि और विस्तृत कार्यक्रम जारी करेगा। उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे सभी आवश्यक शैक्षणिक प्रमाण पत्र, पहचान पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेज पहले से तैयार रखें ताकि प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी न हो।

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अधिकारी वर्ग ने बताया कि यह भर्ती राज्य की इंफ्रास्ट्रक्चर क्षमता को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है। उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे APSC की वेबसाइट पर सभी अपडेट्स के लिए नियमित रूप से नजर बनाए रखें।

परिणाम और स्कोरकार्ड डाउनलोड करने के चरण:

  1. असम लोक सेवा आयोग की आधिकारिक वेबसाइट apsc.nic.in पर जाएं।
  2. होमपेज पर “Latest Updates” सेक्शन में जाएं।
  3. “Junior Engineer (Civil) Result 2025” लिंक पर क्लिक करें।
  4. परिणाम स्क्रीन पर प्रदर्शित हो जाएगा।
  5. PDF डाउनलोड करें और भविष्य के उपयोग के लिए सहेज लें।

उम्मीदवारों को दस्तावेज सत्यापन के दौरान इसका प्रिंटआउट साथ ले जाना आवश्यक होगा।

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