Monday, July 6, 2026
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मोहम्मद रिजवान की वनडे कप्तानी गई, शाहीन शाह अफरीदी बने पाकिस्तान के नए वनडे कप्तान

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इस्लामाबाद (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने बड़ा फैसला लेते हुए मोहम्मद रिजवान को वनडे टीम की कप्तानी से हटा दिया है। उनकी जगह अनुभवी तेज गेंदबाज शाहीन शाह अफरीदी को 50 ओवर फॉर्मेट की कमान सौंपी गई है। इस बदलाव की पुष्टि इस्लामाबाद में हुई बैठक के बाद हुई, जिसमें सफेद गेंद प्रारूप के कोच माइक हेसन, हाई परफॉर्मेंस निदेशक आकिब जावेद और चयन समिति के सदस्य मौजूद थे।

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज से संभालेंगे कप्तानी
शाहीन शाह अफरीदी चार नवंबर से दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज से पाकिस्तान टीम की कप्तानी संभालेंगे। शाहीन पहले भी 2024 की शुरुआत में टी20 टीम के कप्तान रह चुके हैं, लेकिन दो महीने बाद ही उन्हें उस पद से हटा दिया गया था। अब वनडे में उन्हें एक नया मौका दिया गया है।

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रिजवान के नेतृत्व में निराशाजनक प्रदर्शन
मोहम्मद रिजवान को अक्तूबर 2024 में पाकिस्तान की वनडे और टी20 टीम का कप्तान नियुक्त किया गया था, लेकिन उनके नेतृत्व में टीम प्रदर्शन के लिहाज से उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी। रिजवान की कप्तानी में पाकिस्तान ने 20 वनडे मैचों में से सिर्फ 9 जीते, जबकि 11 हारे — यानी जीत का प्रतिशत मात्र 45 रहा। वहीं, टी20 में उनके नेतृत्व में पाकिस्तान को लगातार चार हार का सामना करना पड़ा।

PCB में नेतृत्व संकट जारी
टी20 टीम की कमान पहले ही सलमान अली आगा को सौंपी जा चुकी है और अब वनडे कप्तान बदलने से यह साफ हो गया है कि पाकिस्तान क्रिकेट में नेतृत्व परिवर्तन का सिलसिला अभी थमा नहीं है। लंबे समय से रिजवान की कप्तानी पर सवाल उठ रहे थे, और सोमवार को हुई बैठक में PCB ने उन्हें आधिकारिक रूप से हटा दिया।

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हरकी पैड़ी पर 17 दिन बाद लौटी गंगा, श्रद्धालुओं ने सुबह-सवेरे लगाई आस्था की डुबकी

हरिद्वार (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। हरिद्वार में 17 दिन बाद हरकी पैड़ी पर गंगाजल की अविरल धारा लौट आई है। मंगलवार सुबह गंगा स्नान के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं के चेहरे खिल उठे, जब उन्होंने हरकी पैड़ी पर भरपूर जल देखा। श्रद्धालुओं ने उत्साह के साथ गंगा में आस्था की डुबकी लगाई और मां गंगा का आशीर्वाद प्राप्त किया।

उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग ने बताया कि ऊपरी गंगनहर को मरम्मत और सफाई कार्य के लिए हर साल की तरह 2 अक्टूबर की मध्यरात्रि को बंद किया गया था। इस दौरान गेटों की मरम्मत, नहर किनारों की मरम्मतीकरण और सफाई का कार्य पूरा किया गया। आमतौर पर यह बंदी 18 दिनों की होती है, लेकिन इस बार नवरात्र के दस दिन होने के कारण यह अवधि 17 दिन तक सीमित रही।

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गंगनहर बंदी के चलते हरकी पैड़ी पर गंगा की मुख्य धारा रुक गई थी, जिससे स्नान करने आने वाले श्रद्धालुओं को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। हालांकि, सिंचाई विभाग की ओर से गंगा आरती के लिए सीमित मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा था।

छोटी दीपावली की रात 19-20 अक्टूबर की मध्यरात्रि में गंगनहर को फिर से चालू कर दिया गया। भीमगोड़ा बैराज के जेई हरीश कुमार के अनुसार, बंदी के दौरान सभी जरूरी अंदरूनी कार्य पूरे कर लिए गए हैं और अब बाहरी कार्य जारी रहेंगे। गंगनहर में पानी बहना शुरू हो गया है, जिससे हरकी पैड़ी पर गंगा अब सामान्य रूप से प्रवाहित होगी।

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अमेरिका-ऑस्ट्रेलिया के बीच 8.5 अरब डॉलर का खनिज समझौता, जाने क्या है मकसद?

वॉशिंगटन (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया ने सोमवार को एक ऐतिहासिक महत्वपूर्ण खनिज समझौते (Critical Minerals Deal) पर हस्ताक्षर किए हैं। व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज की द्विपक्षीय बैठक के बाद हुए इस 8.5 अरब डॉलर के समझौते का मकसद चीन के बढ़ते खनिज नियंत्रण को चुनौती देना है।

इस समझौते के तहत अमेरिका को ऑस्ट्रेलिया के दुर्लभ खनिज संसाधनों तक आसान पहुंच मिलेगी, जिससे दोनों देशों के बीच आर्थिक और रणनीतिक संबंध और मजबूत होंगे। ट्रंप ने इस मौके पर कहा, “करीब एक साल में हमारे पास इतनी मात्रा में क्रिटिकल मिनरल्स होंगे कि समझ नहीं आएगा उनका क्या किया जाए।” उन्होंने बताया कि यह समझौता कई महीनों की बातचीत के बाद संभव हुआ है।

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प्रधानमंत्री अल्बानीज ने इसे अमेरिका-ऑस्ट्रेलिया संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जाने वाला कदम बताया। उनका कहना है कि यह साझेदारी चीन के बढ़ते आर्थिक प्रभाव को सीमित करने में अहम भूमिका निभाएगी।

विशेषज्ञों के अनुसार, चीन की सरकार ने हाल ही में रेयर-अर्थ मिनरल्स (Rare Earth Minerals) के निर्यात पर सख्त नियंत्रण लगाए हैं, जिससे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव बढ़ा है। व्हाइट हाउस के आर्थिक परिषद निदेशक केविन हैसेट ने कहा कि चीन का उद्देश्य तकनीकी आपूर्ति श्रृंखला पर नियंत्रण करना है, जबकि ऑस्ट्रेलिया की खनिज संपदा इस नीति को कमजोर कर सकती है।

अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने कहा, “चीन एक नियंत्रण-आधारित अर्थव्यवस्था है, जबकि अमेरिका और उसके सहयोगी किसी के नियंत्रण में नहीं रहेंगे।”

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बैठक में AUKUS सुरक्षा समझौते पर भी चर्चा हुई, जो अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन के बीच रक्षा सहयोग को मजबूत करने के लिए बनाया गया है। अमेरिकी नौसेना सचिव जॉन फेलन ने कहा कि यह समझौता तीनों देशों के साझा सुरक्षा ढांचे को और प्रभावी बनाएगा।

मातम में बदली दिवाली की खुशियां: हैंडपंप के पास बने गड्ढे में डूबे मासूम की दर्दनाक मौत, परिवार में मचा कोहराम

भदोही (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। ऊंज थाना क्षेत्र के पूरेभान गांव में दिवाली के दिन सोमवार को खुशियों का त्योहार मातम में बदल गया। गांव के सरकारी हैंडपंप के पास बने पानी के गड्ढे में डूबने से एक पांच साल के मासूम बच्चे की मौत हो गई। हादसे के बाद पूरे गांव में सन्नाटा छा गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

जानकारी के अनुसार, पूरेभान गांव निवासी स्व. उमाकांत की पत्नी रेखा अपने तीन बच्चों के साथ रहती हैं। दिवाली के दिन रेखा का सबसे छोटा बेटा सनी (5) घर के बाहर लगे सरकारी हैंडपंप के पास खेल रहा था। बताया जा रहा है कि हैंडपंप से गिरते पानी के कारण वहां एक गहरा गड्ढा बन गया था, जिसमें पानी जमा रहता था। खेलते-खेलते सनी का पैर फिसल गया और वह गड्ढे में जा गिरा।

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जब काफी देर तक सनी घर नहीं लौटा तो मां ने उसे ढूंढना शुरू किया। इस दौरान ग्रामीणों ने हैंडपंप के पास बच्चे का सिर पानी में दिखा। लोगों ने तुरंत उसे बाहर निकाला, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। बच्चे की मौत की खबर से परिवार में कोहराम मच गया।

ग्रामीणों ने बताया कि हैंडपंप के पास सोख्ता न बनने के कारण पानी जमा रहता था, जिससे यह हादसा हुआ। सूचना मिलते ही ऊंज पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बाद में परिजनों ने मासूम का अंतिम संस्कार कलिंजरा घाट पर किया। हादसे के बाद ग्रामीणों ने गड्ढे को मिट्टी से पाट दिया।

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दिल्ली प्रदूषण पर अलर्ट: AQI 500 के पार, गैस चैंबर बनी राजधानी; आंखों में जलन, GRAP-2 लागू

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। दीपावली के बाद दिल्ली-एनसीआर की हवा खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है। राजधानी दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 500 के पार पहुंच चुका है। कई इलाकों में वायु गुणवत्ता ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज की गई है। बढ़ते प्रदूषण के कारण लोगों की आंखों में जलन और सांस लेने में परेशानी की शिकायतें बढ़ गई हैं।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, सोमवार सुबह दिल्ली का औसत AQI 531 दर्ज किया गया। नरेला में AQI 551, अशोक विहार में 493, और आनंद विहार में 394 रहा। इंडिया गेट क्षेत्र का AQI 342 और अक्षरधाम का 358 दर्ज किया गया, जबकि AIIMS और INA के आसपास भी हवा ‘बहुत खराब’ श्रेणी में है। नोएडा का AQI 369 और गाजियाबाद का 402 रिकॉर्ड किया गया है।

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दिल्ली में प्रदूषण से निपटने के लिए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP-2) लागू कर दिया गया है। इसके तहत निर्माण और विध्वंस कार्यों पर रोक, डीजल जनरेटर के उपयोग पर प्रतिबंध और सड़कों की मशीनों से सफाई जैसे कदम उठाए जा रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय हवा में पार्टिकुलेट मैटर (PM 2.5 और PM 10) की मात्रा खतरनाक रूप से बढ़ गई है, जो आंखों और फेफड़ों के लिए हानिकारक है। प्रदूषण के चलते लोगों को घरों में रहने, मास्क पहनने और एंटी-पॉल्यूशन उपाय अपनाने की सलाह दी जा रही है।

आस्था का उजाला: छठ पूजा 2025 की पवित्र विधि, व्रत और श्रद्धा का अमर उत्सव

सूर्य उपासना और मातृ श्रद्धा का अनुपम पर्व जो जीवन में प्रकाश भरता हैl

भारत की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं में कुछ पर्व ऐसे हैं जो केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं, बल्कि मानव जीवन के दर्शन और प्रकृति के सम्मान का प्रतीक हैं। उन्हीं में से एक है — छठ पूजा, जो सूर्य देव और छठी मैया को समर्पित सबसे पवित्र और अनुशासित पर्वों में से एक है।

यह पर्व विशेष रूप से बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और नेपाल के तराई क्षेत्रों में असाधारण भक्ति और अनुशासन के साथ मनाया जाता है। छठ पर्व का मुख्य उद्देश्य है — सूर्य देव की आराधना कर स्वास्थ्य, समृद्धि, संतान-सुख और पारिवारिक कल्याण का आशीर्वाद प्राप्त करना।

चार दिनों तक चलने वाला यह पर्व शुद्धता, संयम और आत्मबल का अद्भुत संगम है, जिसमें भक्त अपने तन, मन और आत्मा को पवित्र करने के लिए कठोर नियमों का पालन करते हैं।
🕉️ छठ पूजा 2025 की तिथियाँ और पूजा क्रम
वर्ष 2025 में छठ पर्व अक्टूबर महीने में मनाया जाएगा।
यह पर्व नहाय-खाय से आरंभ होकर उषा अर्घ्य के साथ संपन्न होगा। आइए जानते हैं — चारों दिनों की पूजा विधि और धार्मिक महत्व।
🌿 पहला दिन — नहाय-खाय
छठ पूजा की शुरुआत नहाय-खाय से होती है, जो इस पर्व का पहला और अत्यंत पवित्र दिन है। इस दिन व्रती (मुख्य उपासक), विशेष रूप से महिलाएं, प्रातःकाल गंगा, सरयू या नजदीकी नदी में स्नान करती हैं।
यह स्नान शरीर और आत्मा की शुद्धि का प्रतीक होता है। स्नान के बाद वे घर आकर पूरे घर की सफाई करती हैं ताकि वातावरण पूर्णतः पवित्र हो सके।
इस दिन केवल एक बार भोजन किया जाता है — जिसे “नहाय-खाय प्रसाद” कहा जाता है। इसमें कद्दू की सब्जी, चने की दाल और अरवा चावल बनाया जाता है। यह सात्विक भोजन बिना लहसुन-प्याज के तैयार किया जाता है।
इस दिन का उद्देश्य है — शरीर को शुद्ध करना और आने वाले कठोर व्रत के लिए मन को तैयार करना।
🌾 दूसरा दिन — खरना
दूसरे दिन को खरना कहा जाता है। इस दिन व्रती निर्जला उपवास रखते हैं — सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक वे न जल पीते हैं, न अन्न ग्रहण करते हैं।
सूर्यास्त के समय व्रती स्नान कर पवित्र स्थान पर भगवान सूर्य की आराधना करते हैं और विशेष प्रसाद बनाते हैं।
इस प्रसाद में होती है — गुड़ की खीर (चावल, दूध और गुड़ से बनी), घी लगी रोटी, केला और अन्य फल
सबसे पहले यह प्रसाद सूर्य देव को अर्पित किया जाता है, फिर परिवार और पड़ोस के लोगों को बांटा जाता है।
इसी के बाद व्रती अपना व्रत खोलते हैं और अगले दिन के निर्जला उपवास के लिए तैयार होते हैं।
खरना की संध्या बेला अत्यंत पवित्र होती है — जब हर घर से “छठ मइया” के गीत गूंजते हैं और वातावरण में भक्ति का अद्भुत संचार होता है।
🌇 तीसरा दिन — संध्या अर्घ्य
तीसरे दिन का नाम ही छठ पूजा का मूल है — यह वह क्षण होता है जब डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है।
यह दिन व्रत का सबसे कठोर दिन माना जाता है। व्रती सूर्योदय से अगले दिन के सूर्योदय तक निर्जला व्रत रखते हैं।
शाम को सूर्यास्त के समय व्रती परिवार सहित नदी, तालाब या घाट पर पहुंचते हैं।
वहाँ वे “डालियाँ” सजाते हैं — जिसमें ठेकुआ, चावल, गन्ना, नींबू, नारियल, मौसमी फल और दीपक रखे जाते हैं।
सूर्य देव के अस्त होते समय व्रती घाट पर खड़े होकर जल अर्पित करते हैं और छठी मइया से परिवार की समृद्धि, संतान-सुख और स्वास्थ्य की कामना करते हैं।
घाटों पर हजारों दीपों की रोशनी और लोकगीतों की गूंज से वातावरण अलौकिक हो उठता है।
यह अनुष्ठान मानव जीवन के उस दर्शन को व्यक्त करता है जिसमें डूबते सूर्य का भी सम्मान किया जाता है — यह सिखाता है कि हर अंत में भी नई शुरुआत छिपी होती है।
🌅 चौथा दिन — उषा अर्घ्य
छठ पूजा का चौथा और अंतिम दिन “उषा अर्घ्य” कहलाता है। यह वह पवित्र क्षण होता है जब भक्त उगते सूर्य को अर्घ्य देते हैं।
यह पूजा सुबह ब्रह्म मुहूर्त में की जाती है। व्रती घाट पर जाकर सूर्य देव के उगने की प्रतीक्षा करते हैं और जैसे ही पहली किरण आकाश में फैलती है, जल से अर्घ्य अर्पित करते हैं।
इसके बाद व्रती ‘पारण’ करते हैं — अर्थात फल या गुड़ खाकर उपवास तोड़ते हैं।
इस दिन के साथ चार दिनों का यह तप, संयम और श्रद्धा का पर्व पूर्ण हो जाता है।
☀️ छठ पूजा का महत्व और दर्शन
छठ पूजा केवल धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति, पर्यावरण और जीवन के संतुलन का प्रतीक है।
सूर्य देव की उपासना इसलिए की जाती है क्योंकि वे ऊर्जा, प्रकाश और जीवन के मूल स्रोत हैं।

इस पर्व में कृत्रिम चीजों का प्रयोग वर्जित है — मिट्टी, बाँस, पत्तों और प्राकृतिक वस्तुओं से पूजा सामग्री तैयार की जाती है। यह हमें पर्यावरण संरक्षण का व्यावहारिक संदेश देता है।

छठ पूजा परिवार और समाज के एकता का उत्सव भी है।
पूरे परिवार मिलकर ठेकुआ, खीर, मालपुआ और मौसमी फल तैयार करते हैं। महिलाएं पारंपरिक लोकगीत गाती हैं —
“केलवा के पात पर उगेलन सूरज देव, हे छठी मइया…”
इन गीतों में केवल भक्ति नहीं, बल्कि मातृत्व, प्रेम और त्याग की गहराई झलकती है।
🌻 वैज्ञानिक दृष्टि से छठ पूजा
छठ पूजा में सूर्य की किरणों के सीधे संपर्क में आना विटामिन D के अवशोषण को बढ़ाता है, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को सुदृढ़ करता है।
नदी के स्वच्छ जल में स्नान और उपवास शरीर को डिटॉक्स करने की प्रक्रिया है, जिससे मन और शरीर दोनों निर्मल होते हैं।
इस प्रकार छठ पूजा आध्यात्मिक ही नहीं, बल्कि वैज्ञानिक दृष्टि से भी अत्यंत लाभकारी है।
🌼 सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व
छठ पूजा समाज में समानता, सामूहिकता और सहयोग की भावना को बल देती है।
इस अवसर पर गरीब और अमीर, जाति या वर्ग का भेद मिट जाता है। सभी एक ही घाट पर, एक ही सूर्य के समक्ष श्रद्धा से सिर झुकाते हैं।

यह त्योहार भारतीय संस्कृति की वह झलक है जो बताती है कि आस्था केवल मंदिरों में नहीं, बल्कि दिलों में बसती है।
🙏 छठ पूजा का संदेश: आस्था में निहित संतुलन
छठ पूजा हमें सिखाती है कि भक्ति में दिखावा नहीं, बल्कि संयम और निष्ठा जरूरी है।
जब घाटों पर हजारों दीप जलते हैं और आकाश में उगता सूर्य छठ मइया के गीतों के बीच मुस्कुराता है, तब लगता है कि सच में —
“जहाँ आस्था है, वहीं सृष्टि में प्रकाश है।”
छठ पर्व इस बात का प्रमाण है कि भक्ति केवल पूजा नहीं, बल्कि प्रकृति, परिवार और समाज के प्रति कृतज्ञता का भाव है।

भारत में आज मौसम में बदलाव, कई राज्यों में कोहरा और हल्की बारिश की संभावना

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मौसम (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। भारत में आज यानी 21 अक्टूबर 2025 को मौसम में विविधता देखने को मिल रही है। उत्तर भारत के कई हिस्सों में घना कोहरा छाया रहा, जबकि दक्षिण और पूर्वी तटीय क्षेत्रों में हल्की बारिश और नमी का असर बना हुआ है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, आने वाले 24 घंटे में देश के कई हिस्सों में छिटपुट बारिश और गरज के साथ बादल छाने की संभावना है।

दिल्ली-एनसीआर में सुबह के समय कोहरा और हवा में नमी दर्ज की गई है, तापमान लगभग 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। वहीं, मुंबई और चेन्नई जैसे तटीय इलाकों में आर्द्रता का स्तर बढ़ने से उमस बनी हुई है। मौसम विभाग ने नागरिकों को कोहरे और प्रदूषण से सावधानी बरतने की सलाह दी है।

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हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में भी बारिश की संभावना जताई गई है। इससे तापमान में हल्की गिरावट दर्ज हो सकती है।

प्रमुख चेतावनियाँ और सुझाव:

कोहरे वाले इलाकों में वाहन चलाते समय गति धीमी रखें।

प्रदूषण से बचाव के लिए मास्क का उपयोग करें।

तटीय राज्यों में हल्की बारिश के चलते छाता या रेनकोट साथ रखें।

सुबह के समय बच्चों और बुजुर्गों को बाहर निकलने से परहेज करें।

देशभर में आज का दिन मिश्रित मौसम वाला रहेगा—कुछ जगहों पर नमी और उमस तो कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश का असर देखने को मिलेगा।

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मशहूर कॉमेडियन असरानी का 84 साल की उम्र में निधन, लंबे समय से थे बीमार

बॉलीवुड (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। भारतीय सिनेमा के दिग्गज और मशहूर कॉमेडियन असरानी का आज निधन हो गया है। 84 वर्षीय अभिनेता लंबे समय से बीमार चल रहे थे। मिली जानकारी के अनुसार, उन्होंने आज दोपहर करीब 3 बजे अंतिम सांस ली।

असरानी ने अपने शानदार अभिनय और कॉमिक टाइमिंग से बॉलीवुड में एक अलग पहचान बनाई थी। उन्होंने शोले, चुपके चुपके, गोलमाल, अभिमान, और हम जैसी सुपरहिट फिल्मों में यादगार भूमिकाएँ निभाईं। उनकी कॉमेडी और संवाद अदायगी आज भी लोगों के दिलों में जिंदा हैं।

फिल्म इंडस्ट्री में असरानी के निधन से शोक की लहर दौड़ गई है। कई सितारों और प्रशंसकों ने सोशल मीडिया पर उन्हें श्रद्धांजलि दी है।

21 अक्टूबर 2025 का दिव्य पंचांग: अमावस्या की नीरवता से नवचंद्र की आराधना तक

21 अक्टूबर 2025 का विस्तृत पंचांग: यात्रा और दिशाशूल के साथ

अक्टूबर 21, 2025, मंगलवार का दिन हिन्दू पंचांग अनुसार कार्तिक माह की कृष्ण पक्ष अमावस्या तिथि पर पड़ रहा है। यह दिन आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। दिन की शुरुआत सूर्योदय के साथ होती है, और सूर्यास्त के समय मन को शांति एवं संतोष की अनुभूति होती है। इस दिन भौमवती अमावस्या और दिवाली का पर्व भी मनाने योग्य है। पंचांग में दिन का प्रत्येक पल, समय और ग्रह स्थिति को दर्शाया गया है, जो आपके कार्य, यात्रा और धार्मिक अनुष्ठानों में मार्गदर्शक सिद्ध होगा।

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पंचांग 21/10/2025 • October 21, 2025
संवत्सर एवं माह विवरण:
विक्रम संवत: 2082, कालयुक्त
शक संवत: 1947, विश्वावसु
पूर्णिमांत माह: कार्तिक
अमांत माह: आश्विन
द्रिक ऋतु: शरद
तिथि: कृष्ण पक्ष अमावस्या: 20 अक्टूबर 03:45 PM – 21 अक्टूबर 05:54 PM
शुक्ल पक्ष प्रतिपदा: 21 अक्टूबर 05:54 PM – 22 अक्टूबर 08:17 PM
नक्षत्र: चित्रा: 20 अक्टूबर 08:16 PM – 21 अक्टूबर 10:58 PM
स्वाति: 21 अक्टूबर 10:58 PM – 23 अक्टूबर 01:51 AM
करण: नाग: 21 अक्टूबर 04:48 AM – 05:55 PM
किस्तुघन: 21 अक्टूबर 05:55 PM – 22 अक्टूबर 07:04 AM
योग: विष्कुम्भ: 21 अक्टूबर 02:34 AM – 22 अक्टूबर 03:16 AM
प्रीति: 22 अक्टूबर 03:16 AM – 23 अक्टूबर 04:05 AM
वार: मंगलवार

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त्यौहार और व्रत: भौमवती अमावस्या
अमावस्या दिवाली
सूर्य और चंद्रमा का समय:
सूर्योदय: 6:30 AM
सूर्यास्त: 5:52 PM
चन्द्रोदय: 6:06 AM
चन्द्रास्त: 5:41 PM
शुभ और अशुभ समय
अशुभ काल:
राहु: 03:01 PM – 04:27 PM
यमगण्ड: 09:20 AM – 10:46 AM
कुलिक: 12:11 PM – 01:36 PM
दुर्मुहूर्त: 08:46 AM – 09:32 AM, 10:55 PM – 11:46 PM
वर्ज्यम्: 05:10 AM – 06:57 AM, 05:14 PM – 07:01 PM
शुभ काल:
अभिजीत मुहूर्त: 11:48 AM – 12:34 PM
अमृत काल: 03:50 PM – 05:37 PM
ब्रह्म मुहूर्त: 04:54 AM – 05:42 AM
आनंदादि योग:
ध्वांक्ष: 21 अक्टूबर 10:58 PM तक
ध्वजा (केतु)
सूर्या राशि: तुला
चंद्र राशि: कन्या (09:36 AM तक) → तुला
चौघड़िया और दिनचर्या
दिन का चौघड़िया:
रोग: 06:30 AM – 07:55 AM
उद्बेग: 07:55 AM – 09:20 AM
चर: 09:20 AM – 10:46 AM
लाभ: 10:46 AM – 12:11 PM
अमृत: 12:11 PM – 01:36 PM
काल: 01:36 PM – 03:01 PM
शुभ: 03:01 PM – 04:27 PM
रोग: 04:27 PM – 05:52 PM

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यात्रा, दिशाशूल और आस्था
यात्रा के लिए अनुकूल समय: सुबह 06:30 AM – 09:20 AM, दोपहर 12:11 PM – 01:36 PM
दिशाशूल: उत्तर और पूर्व दिशा में कार्य एवं यात्रा शुभ; पश्चिम दिशा में सावधानी आवश्यक
आध्यात्मिक मार्गदर्शन: अमावस्या का दिन व्रत, दीपदान और घर की सफाई से अत्यंत फलदायी है। दिवाली पर्व के अवसर पर धन, सुख और समृद्धि के लिए पूजा अनिवार्य मानी जाती है।
भावनात्मक संदेश
21 अक्टूबर 2025, अमावस्या और दिवाली का संगम, यह हमें याद दिलाता है कि अंधकार के बाद ही प्रकाश का आगमन होता है। जैसे नवचंद्र अमावस्या के अंधकार को छेदता है, वैसे ही हमारे जीवन की कठिनाइयाँ भी प्रयास और भक्ति से दूर होती हैं। इस दिन के शुभ मुहूर्त, राहुकाल और यात्रा योग को जानकर, आप अपने कार्य, पूजा और यात्रा को पूर्णत: फलदायक बना सकते हैं।

21 अक्टूबर का भाग्य और सलाह – अंक राशिफल विशेष

पंडित सुधीर तिवारी का अंक राशिफल: जानें 21 अक्टूबर 2025 का आपका दिन

अंक ज्योतिष के अनुसार, हर व्यक्ति का जीवन और उसका भाग्य उसके जन्म तिथि के अंक से जुड़ा होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए हम आपके लिए लाए हैं 21 अक्टूबर 2025 का अंक राशिफल, जो आपको बताएगा कि आज आपके लिए कैसा दिन रहने वाला है। अंकशास्त्र में मूलांक जानने के लिए आपकी जन्मतिथि का योग करना आवश्यक है।
उदाहरण:
यदि आपका जन्म 16 तारीख को हुआ है → 1 + 6 = 7 (मूलांक 7)
यदि आपका जन्म 28 तारीख को हुआ है → 2 + 8 = 10, यानी 1 (मूलांक 1)
नीचे अपने मूलांक के अनुसार जानिए आज का दिन:
मूलांक 1
आज आपका दिन उतार-चढ़ाव भरा रहेगा। कार्यक्षेत्र और व्यापार में सावधानी आवश्यक है। जोखिम वाले निर्णय टालें। परिवार का सहयोग मिलेगा। पेट संबंधी रोग परेशान कर सकते हैं।
सुझाव: वाहन और मशीनरी का प्रयोग सोच-समझकर करें।
मूलांक 2
मिला-जुला दिन। नई योजनाओं पर काम आरंभ न करें। विरोधी सक्रिय हो सकते हैं। परिवार में किसी का स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है। मानसिक तनाव रहेगा।
सुझाव: अनुभवी से सलाह अवश्य लें।

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मूलांक 3
काम में मन कम लगेगा। नई योजनाओं में जल्दबाजी न करें। व्यापार में लाभ सीमित रहेंगे। मौसम के बदलाव से स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है।
सुझाव: धैर्य रखें और यात्रा योजनाओं में सावधानी बरतें।
मूलांक 4
पुराने मित्र या रिश्तेदारों से मुलाकात संभव। व्यापार में लाभ के अवसर आएंगे। दांपत्य जीवन में मधुरता रहेगी। संतान पक्ष से शुभ समाचार मिल सकते हैं।
सुझाव: स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, आनंद लें।

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मूलांक 5
मन में कई विचार आएंगे। व्यापार में निर्णय लेने से पहले सलाह लें। मानसिक तनाव हो सकता है। यात्रा का कार्यक्रम बन सकता है।
सुझाव: परिवार का सहयोग आपको मिलेगा।
मूलांक 6
कार्य क्षेत्र और व्यापार में आपका दिन अनुकूल रहेगा। विरोधियों पर विजय प्राप्त होगी। व्यापार में लाभ के नए अवसर मिलेंगे। अविवाहितों को विवाह प्रस्ताव मिल सकते हैं।
सुझाव: स्वास्थ्य सामान्य रहेगा।

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मूलांक 7
दिन उतार-चढ़ाव भरा। विवादों से दूर रहें। वाणी और क्रोध पर नियंत्रण रखें। व्यापार में लाभ सीमित रहेगा।
सुझाव: वाहन प्रयोग में सावधानी बरतें।
मूलांक 8
किस्मत का साथ मिलेगा। कार्यों की सराहना होगी। परिवार में खुशियों का वातावरण रहेगा। बेरोजगारों को रोजगार मिल सकते हैं।
सुझाव: यात्रा की योजना बन सकती है।

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मूलांक 9
दिन उतार-चढ़ाव भरा। आलस्य अधिक रहेगा। कार्यक्षेत्र में मन कम लगेगा। गले के रोग परेशान कर सकते हैं। परिवार का सहयोग मिलेगा।
सुझाव: बनते हुए कार्यों में बाधा आ सकती है, धैर्य रखें।

आज का दैनिक राशिफल: आर्थिक, प्रशासनिक और राजनीतिक दिशा

21 अक्टूबर 2025 राशिफल – पंडित सत्य प्रकाश पाण्डेय के अनुसार: आज जानिए आपकी राशि क्या कहती है

मेष राशि (21 मार्च – 20 अप्रैल)
आज का दिन: आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। घर के सदस्य सहयोग करेंगे।
कार्यक्षेत्र/व्यवसाय: व्यापार व नौकरी में वृद्धि के योग हैं। पदोन्नति की संभावना।
शिक्षा: विद्यार्थियों के लिए समय अनुकूल। नई जानकारी प्राप्त होगी।
कला-संगीत: रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी।
राजनीति/प्रशासन: राजकीय कार्यों में लाभ। प्रशासनिक क्षेत्र में सम्मान बढ़ेगा।
आर्थिक दृष्टि: पैतृक संपत्ति से लाभ। लेन-देन में स्पष्ट रहें।
शुभ रंग: लाल, पीला
शुभ अंक: 7, 8, 9
पूजा: माँ लक्ष्मी

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वृष राशि (21 अप्रैल – 21 मई)
आज का दिन: मित्रों से सावधान रहें। लाभ के अवसर का समय सीमित है।
कार्यक्षेत्र/व्यवसाय: व्यापार में स्थिति सामान्य। नौकरी में मेहनत का फल मिलेगा।
शिक्षा: ध्यान व स्थिरता आवश्यक।
कला-संगीत: रचनात्मकता में थोड़ी बाधा।
राजनीति/प्रशासन: सरकारी कार्यों में सावधानी।
आर्थिक दृष्टि: चल-अचल संपत्ति में वृद्धि संभव।
शुभ रंग: हरा, नारंगी
शुभ अंक: 2, 5, 7
पूजा: भगवान गणेश

मिथुन राशि (22 मई – 21 जून)
आज का दिन: कार्य दूसरों के सहयोग से सफल होंगे।
कार्यक्षेत्र/व्यवसाय: व्यापार में वृद्धि, शत्रुपक्ष पर विजय।
शिक्षा: विद्यार्थियों को मेहनत से लाभ मिलेगा।
कला-संगीत: रचनात्मकता में सुधार होगा।
राजनीति/प्रशासन: प्रतिष्ठा में वृद्धि।
आर्थिक दृष्टि: वित्तीय लाभ संभव।
शुभ रंग: नीला, सफ़ेद
शुभ अंक: 6, 7, 9
पूजा: भगवान सूर्य

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कर्क राशि (22 जून – 22 जुलाई)
आज का दिन: श्रेष्ठजनों की सहायता मिलेगी।
कार्यक्षेत्र/व्यवसाय: कारोबारी यात्रा सफल, लाभ मिलेगा।
शिक्षा: मनोबल बढ़ेगा।
कला-संगीत: प्रयास सफल।
राजनीति/प्रशासन: प्रशासनिक कार्यों में सफलता।
आर्थिक दृष्टि: आर्थिक हित साधने में मदद मिलेगी।
शुभ रंग: सफ़ेद, हल्का नीला
शुभ अंक: 1, 4, 6
पूजा: भगवान शिव

सिंह राशि (23 जुलाई – 23 अगस्त)
आज का दिन: कार्य में प्राथमिकता रखें। पुराने मित्रों से लाभ।
कार्यक्षेत्र/व्यवसाय: व्यापार व नौकरी में उन्नति।
शिक्षा: शिक्षा में सफलता संभव।
कला-संगीत: कला कार्यों में मन लगेगा।
राजनीति/प्रशासन: सभी क्षेत्र में सहयोग मिलेगा।
आर्थिक दृष्टि: लाभ प्राप्त होगा।
शुभ रंग: केसरिया, सुनहरा
शुभ अंक: 5, 7, 9
पूजा: देवी दुर्गा

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कन्या राशि (24 अगस्त – 23 सितंबर)
आज का दिन: समय कुछ नकारात्मक परिणाम दे सकता है।
कार्यक्षेत्र/व्यवसाय: सावधानी पूर्वक कार्य करें, व्यापार में बाधा।
शिक्षा: अध्ययन में एकाग्रता आवश्यक।
कला-संगीत: मानसिक ध्यान कम।
राजनीति/प्रशासन: विरोधियों के सक्रिय होने की संभावना।
आर्थिक दृष्टि: खर्च पर नियंत्रण रखें।
शुभ रंग: हरा, भूरा
शुभ अंक: 5, 7, 9
पूजा: भगवान गणेश

तुला राशि (24 सितंबर – 23 अक्टूबर)
आज का दिन: समय चक्र है, मायूस न हों।
कार्यक्षेत्र/व्यवसाय: कारोबारी बाधाएँ मानसिक अशांति लाएंगी।
शिक्षा: संतोष व संयम बनाए रखें।
कला-संगीत: कुछ रुकावटें आएंगी।
राजनीति/प्रशासन: कार्यक्षेत्र में रुकावट संभव।
आर्थिक दृष्टि: धन लेन-देन में सतर्कता आवश्यक।
शुभ रंग: गुलाबी, सफ़ेद
शुभ अंक: 2, 5, 7
पूजा: देवी लक्ष्मी

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वृश्चिक राशि (24 अक्टूबर – 22 नवंबर)
आज का दिन: परिवार में मांगलिक कार्य होंगे।
कार्यक्षेत्र/व्यवसाय: शांतिपूर्ण कार्य, व्यापार में वृद्धि।
शिक्षा: विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा।
कला-संगीत: प्रेम और रचनात्मकता बढ़ेगी।
राजनीति/प्रशासन: राजकीय सम्मान के योग।
आर्थिक दृष्टि: लाभ संभव।
शुभ रंग: लाल, सफ़ेद
शुभ अंक: 1, 5, 9
पूजा: भगवान हनुमान

धनु राशि (23 नवंबर – 21 दिसंबर)
आज का दिन: स्वयं पर विश्वास रखें।
कार्यक्षेत्र/व्यवसाय: व्यापारिक संबंध मजबूत होंगे।
शिक्षा: शिक्षा में उन्नति।
कला-संगीत: नए प्रयासों में सफलता।
राजनीति/प्रशासन: नियमपूर्वक कार्य लाभदायक।
आर्थिक दृष्टि: वित्तीय लाभ संभव।
शुभ रंग: नीला, पीला
शुभ अंक: 3, 5, 7
पूजा: भगवान सूर्य

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मकर राशि (22 दिसंबर – 20 जनवरी)
आज का दिन: वित्तीय मामलों में सतर्क रहें।
कार्यक्षेत्र/व्यवसाय: व्यवसाय में बाधाएँ।
शिक्षा: ध्यान केंद्रित रखें।
कला-संगीत: कला क्षेत्र में मेहनत सफल होगी।
राजनीति/प्रशासन: भावुकता में निर्णय न लें।
आर्थिक दृष्टि: कर्ज देने से बचें।
शुभ रंग: नीला, भूरा
शुभ अंक: 4, 6, 8
पूजा: भगवान शिव

कुंभ राशि (21 जनवरी – 19 फरवरी)
आज का दिन: सरकारी सहयोग मिलेगा।
कार्यक्षेत्र/व्यवसाय: कार्यक्षेत्र में सफलता, अवसरों का लाभ।
शिक्षा: विद्यार्थियों के लिए समय अनुकूल।
कला-संगीत: मित्रों के साथ मनोविनोद संभव।
राजनीति/प्रशासन: प्रशासनिक कार्यों में सफलता।
आर्थिक दृष्टि: बकाया धन की प्राप्ति।
शुभ रंग: हरा, नीला
शुभ अंक: 4, 7, 8
पूजा: देवी सरस्वती

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मीन राशि (20 फरवरी – 20 मार्च)
आज का दिन: उत्साह में वृद्धि, आलस्य त्यागें।
कार्यक्षेत्र/व्यवसाय: व्यवसायिक मेहनत और लगन का लाभ।
शिक्षा: सामाजिक कार्यों में सक्रियता।
कला-संगीत: रचनात्मक कार्यों में सफलता।
राजनीति/प्रशासन: लंबी चुनौतियों का सामना।
आर्थिक दृष्टि: नए आय के स्रोत बनेंगे।
शुभ रंग: नारंगी, सफ़ेद
शुभ अंक: 1, 4, 6
पूजा: भगवान विष्णु

🇮🇳 जय हिन्द की गर्जना: आज़ाद हिन्द फ़ौज स्थापना दिवस — स्वतंत्रता की ज्वाला का पुनर्जागरण

स्वतंत्रता की रणभेरी
21 अक्टूबर भारत की स्वतंत्रता यात्रा का वह स्वर्णिम अध्याय है, जब नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने 1943 में आज़ाद हिन्द फ़ौज (Indian National Army – INA) की स्थापना की घोषणा की थी।
यह वह क्षण था जब विदेश की भूमि पर भारतीय सैनिकों ने आज़ादी का बिगुल बजाया — “जय हिन्द!” की गूंज ने साम्राज्यवाद की नींव हिला दी।

सिंगापुर से उठी स्वतंत्रता की लौ
द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान, जापान की सहायता से नेताजी ने दक्षिण-पूर्व एशिया में भारतीय कैदियों और अप्रवासियों को संगठित किया।
21 अक्टूबर 1943 को सिंगापुर में आज़ाद हिन्द सरकार (Provisional Government of Free India) की स्थापना की घोषणा हुई।
नेताजी ने कहा —
“भारत की स्वतंत्रता हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है, और इसे हम छीनकर रहेंगे।”
आज़ाद हिन्द फ़ौज की भूमिका
INA का उद्देश्य ब्रिटिश शासन को भारत से उखाड़ फेंकना था।
इसके सेनानियों में स्त्रियाँ भी शामिल थीं — रानी झांसी रेजिमेंट इसका उदाहरण थी, जिसका नेतृत्व कैप्टन लक्ष्मी सहगल ने किया।
“दिल्ली चलो” का नारा केवल युद्ध का नहीं, बल्कि आत्मगौरव का प्रतीक बन गया।
भारत में प्रभाव
हालांकि INA सैन्य दृष्टि से पूर्ण विजय प्राप्त नहीं कर सकी, पर उसने ब्रिटिश शासन की नींव को हिला दिया।
1945 में जब INA के सैनिकों पर मुकदमे चले, तब पूरे भारत में विरोध की लहर उठी।
यह लहर इतनी तीव्र थी कि ब्रिटिश शासन का अस्तित्व ही डगमगा गया।
नेताजी का संदेश था —
“तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आज़ादी दूँगा” — जो आज भी हर भारतीय के दिल में गूंजता है।
नेताजी की ज्वाला अमर रहे
21 अक्टूबर का “आज़ाद हिन्द फ़ौज स्थापना दिवस” केवल ऐतिहासिक नहीं, बल्कि राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक है।
यह हमें याद दिलाता है कि जब इच्छाशक्ति अडिग होती है, तो असंभव भी संभव बन जाता है।

स्वस्थ जीवन का अमृत: विश्व आयोडीन अल्पता दिवस — जागरूकता से स्वास्थ्य की सुरक्षा

छोटी-सी कमी, बड़े खतरे


21 अक्टूबर को पूरी दुनिया “विश्व आयोडीन अल्पता दिवस (Global Iodine Deficiency Day)” के रूप में मनाती है।
यह दिवस उस पोषक तत्व “आयोडीन” की महत्ता को याद दिलाता है, जो हमारे शरीर के सुचारु संचालन के लिए अत्यावश्यक है।
आयोडीन की कमी एक “मूक महामारी” की तरह है — दिखती नहीं, पर लाखों लोगों को प्रभावित करती है।
आयोडीन क्यों ज़रूरी है?
आयोडीन थायरॉइड ग्रंथि के सही कार्य के लिए आवश्यक तत्व है। इसकी कमी से
गलगंड (Goitre),थायरॉइड रोग,मानसिक मंदता (Mental Retardation),गर्भवती महिलाओं में जटिलताएँ,जैसे गंभीर परिणाम सामने आते हैं।

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विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, विश्व की लगभग एक तिहाई आबादी कभी न कभी आयोडीन की कमी से प्रभावित होती है।
भारत और आयोडीन की कहानी
भारत जैसे विकासशील देशों में यह समस्या लंबे समय तक गंभीर रही।
इसीलिए भारत सरकार ने 1980 के दशक में “राष्ट्रीय आयोडीन अल्पता विकार नियंत्रण कार्यक्रम (NIDDCP)” शुरू किया।
इस कार्यक्रम के अंतर्गत आयोडीन युक्त नमक (Iodized Salt) को बढ़ावा दिया गया, जिससे देश में गलगंड और अन्य विकारों की दर में उल्लेखनीय कमी आई।
जागरूकता की आवश्यकता
आज भी ग्रामीण और दूरदराज़ क्षेत्रों में बहुत से लोग बिना आयोडीन वाला नमक उपयोग करते हैं।
21 अक्टूबर को इस दिवस के ज़रिए सरकारें, स्वास्थ्य संगठन और मीडिया जनता को जागरूक करते हैं कि
“एक छोटा बदलाव — आयोडीन युक्त नमक अपनाना — जीवनभर की बीमारियों से बचा सकता है।”
सेहत की रक्षा, जागरूकता से
आयोडीन की कमी को रोकना किसी दवा से नहीं, बल्कि सही जानकारी और आदतों से संभव है।
“विश्व आयोडीन अल्पता दिवस” इस बात का प्रतीक है कि स्वास्थ्य केवल डॉक्टर के पास नहीं, बल्कि हमारे रसोईघर में भी बसता है।

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✨ 22 अक्टूबर 2025 का दिव्य पंचांग: नवचंद्र का प्रथम प्रभात, शुभारंभ का मंगल संकेत

🌞जब अमावस्या की नीरवता पीछे छूटती है और प्रतिपदा का नवप्रभात आकाश में उजास फैलाता है, तब नया आरंभ, नई ऊर्जा और शुभ कार्यों का संकेत मिलता है। 22 अक्टूबर 2025 का दिन पंचांग के अनुसार विशेष आध्यात्मिक और ज्योतिषीय महत्व रखता है। यह दिन दीपावली के उपरांत गोवर्धन पूजा और अन्नकूट उत्सव की पावन बेला के निकट है — जो मानव और प्रकृति के संतुलन का प्रतीक है।
🕉️ 22 अक्टूबर 2025 का पंचांग (बुधवार)
विवरण जानकारी
दिनांक 22 अक्टूबर 2025 (बुधवार)
हिन्दू मास और पक्ष कार्तिक माह, शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा
तिथि प्रतिपदा – 8:17 PM तक, तत्पश्चात द्वितीया
नक्षत्र स्वाति नक्षत्र – 1:51 AM (23 अक्टूबर) तक, तत्पश्चात विशाखा
योग प्रीति योग – 3:16 AM तक, तत्पश्चात आयुष्मान योग
करण किस्तुघ्न – 7:04 AM तक, तत्पश्चात बव
वार बुधवार
विक्रम संवत 2082 (कालयुक्त संवत्सर)
शक संवत 1947 (विश्वावसु संवत्सर)
चन्द्र मास अमांत — आश्विन, पूर्णिमांत — कार्तिक
ऋतु शरद ऋतु
अयन दक्षिणायन

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☀️ सूर्य और चंद्र ग्रहणीय विवरण घटना समय
सूर्योदय 6:31 AM
सूर्यास्त 5:51 PM
चन्द्रोदय 7:09 AM
चन्द्रास्त 6:32 PM
सूर्य राशि तुला राशि
चन्द्र राशि तुला राशि
🌕 तुला राशि में चंद्रमा का संचार — यह दिन संतुलन, सौंदर्य, सौहार्द और कूटनीति का प्रतीक रहेगा।
व्यवसायिक लेन-देन और नए संबंधों की शुरुआत के लिए अनुकूल समय।
🕰️ शुभ और अशुभ काल
काल समय
अभिजीत मुहूर्त 11:47 AM – 12:33 PM
ब्रह्म मुहूर्त 04:55 AM – 05:43 AM
अमृत काल 02:58 PM – 04:45 PM
राहुकाल 12:11 PM – 1:36 PM
यमगंड 7:55 AM – 9:20 AM
कुलिक काल 10:46 AM – 12:11 PM
दुर्मुहूर्त 09:30 AM – 10:18 AM, 10:56 PM – 11:46 PM

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🔔 विशेष सुझाव:
राहुकाल और यमगंड काल में कोई भी नया कार्य, लेन-देन, यात्रा या शुभारंभ न करें।
अभिजीत मुहूर्त में किया गया कार्य सिद्धि की ओर अग्रसर होता है।
🌺 आज के व्रत, त्यौहार और पर्व
पर्व / व्रत महत्व
गोवर्धन पूजा भगवान श्रीकृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत उठाने की स्मृति में अन्नकूट उत्सव का आयोजन।
अन्नकूट महोत्सव प्रकृति, अन्न और पशुधन के प्रति कृतज्ञता का पर्व।
प्रतिपदा श्राद्ध/दान पुण्य नई प्रतिपदा पर दान, दीपदान और अन्नदान से पुण्य की प्राप्ति होती है।
💫 आनन्दादि योग व परिणाम योग नाम प्रभाव
ध्वजा योग (केतु) विजय, उत्साह, और मान-सम्मान की प्राप्ति का योग।
प्रीति योग प्रेम, मधुरता और शांति का प्रतीक।

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🌿 आज के विशेष उपाय

  1. तुला राशि में चंद्रमा होने से मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की उपासना विशेष फलदायी रहेगी।
  2. तुलसी पर जल अर्पण और दीपक जलाने से आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी।
  3. गोदान और अन्नदान का विशेष महत्व — यह कार्तिक मास के प्रथम दिवस का श्रेष्ठ कर्म है।
    🌸 आज का ग्रह स्थिति व राशि फल संकेत (संक्षेप में)
    मेष से कर्क राशि वालों के लिए व्यापारिक उन्नति का योग।
    सिंह, कन्या, तुला राशि वालों के लिए पारिवारिक सुख व सामाजिक मान-सम्मान में वृद्धि।
    वृश्चिक और धनु राशि वालों को स्वास्थ्य पर ध्यान देना चाहिए।
    मकर, कुंभ, मीन राशि के लिए नए अवसर और आध्यात्मिक चिंतन का दिन।
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    🪔 आध्यात्मिक संदेश
    “अमावस्या की तिमिरा में जब दीपक जलता है, तो केवल घर नहीं—मन भी प्रकाशित होता है।
    प्रतिपदा का सूर्योदय हमें याद दिलाता है कि हर अंत के बाद एक नई शुरुआत होती है।”
    22 अक्टूबर 2025 का यह दिन अंधकार से प्रकाश की ओर यात्रा का प्रतीक है —
    मन में सकारात्मकता, कर्म में स्थिरता और वाणी में मधुरता बनाए रखना आज के दिन का सच्चा साधन है।

वीरों की याद में सलाम: 21 अक्टूबर — पुलिस स्मृति दिवस की कहानी

कर्तव्य की राह पर बलिदान का पर्व


21 अक्टूबर भारत के इतिहास में एक ऐसा दिन है जब समूचा देश अपने उन सपूतों को याद करता है, जिन्होंने राष्ट्र की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। यह दिन ‘पुलिस स्मृति दिवस’ के रूप में हर वर्ष मनाया जाता है। भारत के पुलिस बल की यह परंपरा न केवल शौर्य और अनुशासन की प्रतीक है, बल्कि यह नागरिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के उस अदृश्य कवच का स्मरण कराती है जो हर पल हमारे जीवन की रक्षा में तैनात रहता है।
इतिहास की पृष्ठभूमि
इस दिवस की शुरुआत 1959 में हुई थी। उस वर्ष 21 अक्टूबर को लद्दाख में भारत-चीन सीमा पर हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र में तैनात भारतीय पुलिस के जवानों पर चीनी सैनिकों ने अचानक हमला किया था।
उस भीषण मुठभेड़ में सीआरपीएफ (केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल) के 10 जवान शहीद हो गए। यह बलिदान स्वतंत्र भारत के पुलिस इतिहास की अमर गाथा बन गया।
तब से ही 21 अक्टूबर को इन शहीदों की स्मृति में ‘पुलिस स्मृति दिवस’ मनाया जाने लगा।
शौर्य, त्याग और अनुशासन का प्रतीक
पुलिस बल देश की सबसे बड़ी वर्दीधारी संस्था है। चाहे आतंकवाद से लड़ाई हो, प्राकृतिक आपदाएँ हों, चुनावी ड्यूटी हो या महामारी में जनता की सेवा — पुलिस हमेशा अग्रिम पंक्ति में रहती है।
इनका कार्य केवल कानून लागू करना नहीं, बल्कि समाज में विश्वास और शांति कायम रखना भी है।
यह दिवस हमें याद दिलाता है कि सुरक्षा केवल सीमा पर नहीं, बल्कि हमारे हर शहर और गांव में ड्यूटी पर खड़े उस जवान की चौकसी से भी जुड़ी है।
देशभर में आयोजन
हर वर्ष 21 अक्टूबर को दिल्ली के राष्ट्रीय पुलिस स्मारक (National Police Memorial) सहित सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में शहीद पुलिस कर्मियों को श्रद्धांजलि दी जाती है।
इस अवसर पर पुलिस परेड, पुष्पांजलि समारोह, और शहीद परिवारों के सम्मान कार्यक्रम आयोजित होते हैं।
पुलिस स्मृति दिवस केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि यह “कर्तव्य-निष्ठा” के उस व्रत का प्रतीक है जो हर पुलिस कर्मी के जीवन में गहराई से अंकित रहता है।
सलाम उन वर्दियों को
21 अक्टूबर का यह दिवस हमें सिखाता है कि सुरक्षा के लिए जो सच्चे प्रहरी हैं, उनका कर्ज़ शब्दों में नहीं चुकाया जा सकता।
यह दिन सिर्फ़ स्मरण का नहीं, बल्कि प्रेरणा का दिन है — उस “अटूट निष्ठा” का जो हर भारतीय के दिल में गर्व का संचार करती है।