Sunday, July 5, 2026
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गोली मारकर युवक की हत्या की कोशिश, संयोग से बची जान — पुलिस ने एक आरोपी को हिरासत में लिया

सोहनपुर/रामपुर बुजुर्ग: बनकटा थाना क्षेत्र के ग्राम जंजीरहा पुल के पास शनिवार की सुबह करीब 11 बजे उस वक्त हड़कंप मच गया जब बाइक सवार दो युवकों ने एक युवक को गोली मारने की कोशिश की। संयोग से गोली मिस हो गई, जिससे युवक की जान बच गई। गोली चलने की आवाज सुनते ही आसपास के लोग मौके पर दौड़ पड़े, लेकिन हमलावर जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए।

पीड़ित अभिषेक यादव, निवासी रामपुर बुजुर्ग ने थाने में नामजद तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। उसने बताया कि वह अपने दोस्त अंशु कुमार (निवासी सोहनपुर) के साथ घर से सोहनपुर जा रहा था। तभी पीछे से बाइक सवार दो युवक—एक धरनी छापर (मैरवा, बिहार) और दूसरा बंजरिया (बनकटा, बलिया) निवासी—ने उनकी बाइक ओवरटेक कर रोक ली। उनमें से एक ने पिस्टल कनपटी पर सटा कर फायर किया, लेकिन गोली नहीं चली।

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पुलिस ने एक युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
थानाध्यक्ष गोरखनाथ सरोज ने बताया कि मामले की जांच-पड़ताल जारी है। प्रारंभिक जांच में यह आपसी विवाद का मामला प्रतीत हो रहा है, जबकि गोली चलने की बात संदिग्ध लग रही है।

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CBI ने खंगाले निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर के बैंक खाते, जांच में सामने आए करोड़ों रुपये के ट्रांजेक्शन

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चंडीगढ़/पंजाब: पंजाब के रोपड़ रेंज के निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर के बैंक खातों से करोड़ों रुपये के लेनदेन सामने आने के बाद CBI ने उनकी वित्तीय जांच तेज कर दी है। एजेंसी ने एचडीएफसी, पीएनबी, आईसीआईसीआई समेत पांच प्रमुख बैंकों के स्टेटमेंट्स की जांच शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार, पिछले दो से तीन वर्षों में इन खातों में बड़े पैमाने पर रकम के ट्रांजेक्शन हुए हैं।

जांच एजेंसी ने अब इन बैंकों से पिछले दस साल का पूरा रिकॉर्ड तलब किया है। सीबीआई टीम भुल्लर के एसएसपी मोहाली रहने के समय से उनके वित्तीय लेनदेन का मिलान कर रही है। बताया जा रहा है कि भुल्लर के पास पांच से छह बैंक खाते हैं, जिनमें लगातार भारी ट्रांजेक्शन हुए हैं। अब एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि पैसे किन खातों में ट्रांसफर किए गए और किन खातों से भुल्लर को रकम मिली।

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साथ ही, आयकर रिटर्न (ITR) की भी जांच शुरू कर दी गई है। इस काम में आयकर विभाग के विशेषज्ञ अफसरों की मदद ली जा रही है। सीबीआई आय और खर्च के अंतर का आकलन कर रही है ताकि आय से अधिक संपत्ति के मामले में मजबूत आधार तैयार किया जा सके।

भुल्लर की 14 दिन की न्यायिक हिरासत अगले सप्ताह पूरी होने पर उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा। संभावना है कि इस दौरान सीबीआई नए तथ्यों के साथ रिमांड की मांग कर सकती है। एजेंसी बिचौलिए कृष्णू और डीआईजी भुल्लर के बीच हुई बातचीत तथा उनके नेताओं और अधिकारियों के संबंधों की पुष्टि में भी जुटी हुई है।

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भीषण सड़क हादसा: बेकाबू ट्रक ने ट्रैक्टर-ट्रॉली को मारी टक्कर, 28 घायल

अजमेर/राजस्थान: शनिवार देर शाम राजस्थान के अजमेर जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग 48 पर एक भयंकर सड़क हादसा हुआ। ग्राम खेड़ी के पास एक बेकाबू ट्रक ने ट्रैक्टर-ट्रॉली को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे ट्रॉली पलट गई और उसमें सवार 28 लोग घायल हो गए।

घायलों में से चार गंभीर रूप से घायल बताए गए हैं — दो पुरुष और दो बच्चे। इन्हें तुरंत अजमेर के जेएलएन अस्पताल में रेफर किया गया। बाकी घायलों का स्थानीय बांदनवाड़ा चिकित्सालय में इलाज किया जा रहा है। ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार लोग रामदेवरा दर्शन के लिए जा रहे थे।

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पुलिस ने बताया कि ट्रॉली में महिलाएं और बच्चे भी सवार थे। हादसा राष्ट्रीय राजमार्ग पर होटल के पास हुआ। भीलवाड़ा की ओर से तेज रफ्तार में आए ट्रक ने ट्रैक्टर-ट्रॉली को टक्कर मारी, जिससे चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों और पुलिस ने तुरंत घायलों को निकालकर अस्पताल पहुंचाया।

हादसे के बाद हाईवे पर भारी हड़कंप मच गया। पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है और आगे ट्रैफिक नियंत्रण के उपाय किए गए हैं।

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यूपी में आज का मौसम: सुबह हल्की ठंड, दोपहर में चढ़ेगा पारा

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लखनऊ/वाराणसी: उत्तर प्रदेश में आज मौसम का मिज़ाज बदलता नजर आ रहा है। राज्य के अधिकांश जिलों में सुबह हल्की ठंड और दोपहर में हल्की गर्मी का एहसास रहेगा। मौसम विभाग के मुताबिक, आज बारिश की संभावना बहुत कम है, लेकिन आंशिक रूप से बादल छाए रहने के आसार हैं।

राजधानी लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर और कानपुर समेत कई जिलों में सुबह का तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया, जबकि दिन में अधिकतम तापमान 30 से 32 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है। रात के समय हल्की ठंड बढ़ने की उम्मीद है।

मौसम विभाग ने बताया कि पूर्वी यूपी के कुछ हिस्सों में सुबह कोहरा या हल्की धुंध देखने को मिल सकती है, जिससे दृश्यता प्रभावित हो सकती है। वहीं, पश्चिमी यूपी में मौसम शुष्क बना रहेगा और हवाएं सामान्य गति से चलेंगी।

मौसम विशेषज्ञों की सलाह:

सुबह और रात के समय हल्के गर्म कपड़ों का उपयोग करें।

दिन में गर्मी से बचने के लिए पर्याप्त पानी पिएं।

सुबह यात्रा करने वालों को कोहरे से सावधानी बरतनी चाहिए।

फिलहाल बारिश की कोई चेतावनी नहीं है, इसलिए मौसम आउटडोर गतिविधियों के लिए अनुकूल रहेगा।


उत्तर प्रदेश में फिलहाल मानसून की वापसी के बाद हल्की ठंड और सुहाना मौसम बना हुआ है। अगले कुछ दिनों तक इसी तरह का मिज़ाज रहने की संभावना जताई जा रही है।

दिल दहला देने वाली घटना: मां ने दो मासूम बेटों की हत्या कर खुद दी जान, अंधविश्वास से जुड़ा मामला

मिर्जापुर/उत्तर प्रदेश (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। यूपी के मिर्जापुर जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। कछवां थाना क्षेत्र के सेमरी गांव में रहने वाली संगीता देवी (35) ने अपने दो छोटे बेटों शिवांश (3 वर्ष 8 माह) और शुभंकर (18 माह) के मुंह में कपड़ा ठूंसकर उनकी हत्या कर दी। इसके बाद महिला ने खुद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के वक्त घर पर कोई नहीं था।

शाम को जब पति हरिश्चंद्र बिंद घर पहुंचे, तो उन्होंने दरवाजा अंदर से बंद पाया। काफी आवाज लगाने के बाद भी दरवाजा नहीं खुला। झरोखे से झांकने पर बच्चों को जमीन पर लेटे देखा। शुरुआत में उन्हें सोया हुआ समझकर वह लौट गए, लेकिन बाद में जब दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंचे तो देखा कि दोनों बच्चे मृत पड़े हैं और पत्नी का शव फंदे से लटका हुआ है।

सूचना मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। सीओ सदर अमर बहादुर ने बताया कि महिला शुक्रवार को अपने मायके चंदौली से दोनों बच्चों के साथ ससुराल लौटी थी। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि संगीता देवी अंधविश्वासी थी और झाड़-फूंक में विश्वास करती थी। पुलिस का मानना है कि इसी अंधविश्वास के चलते उसने यह कदम उठाया होगा।

फिलहाल पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। यह घटना पूरे इलाके में सनसनी फैलाने वाली है।

भोजपुरी सिनेमा बेच दिया… खेसारी लाल यादव पर भड़के बीजेपी सांसद रवि किशन, बोले– “इंडस्ट्री को बर्बाद कर दिया”

पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। बिहार चुनाव के बीच भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के दो बड़े सितारे आमने-सामने आ गए हैं। गोरखपुर से बीजेपी सांसद और अभिनेता रवि किशन ने छपरा से आरजेडी प्रत्याशी खेसारी लाल यादव पर करारा हमला बोला है। रवि किशन ने नाम लिए बिना कहा कि “इन लोगों ने भोजपुरी सिनेमा को बेच दिया। उनसे पूछना चाहिए कि आज भोजपुरी इंडस्ट्री का ये हाल किसने किया?”

रवि किशन ने कहा, “भोजपुरी सिनेमा में सनातन का नाम लेकर सब कुछ किया, कमाया और अब इंडस्ट्री को बर्बाद कर दिया। हमने भोजपुरी सिनेमा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई, लेकिन इन लोगों ने इंडस्ट्री पर ताला लगा दिया।”

बीजेपी सांसद ने आगे कहा कि “जहां कभी मेरी फिल्में सिल्वर जुबली करती थीं, वहां आज दर्शक नहीं हैं। इंडस्ट्री के इस पतन के जिम्मेदार वही लोग हैं जिन्होंने भोजपुरी संस्कृति और सनातन मूल्यों को बेचा।”

रवि किशन ने खेसारी लाल यादव के आरजेडी में शामिल होने पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि “ये पहले एनडीए के साथ थे, लेकिन स्वार्थ के लिए विचारधारा बदल ली। जो लोग सनातन और राम मंदिर के खिलाफ आवाज उठाते हैं, जनता उन्हें माफ नहीं करेगी। आने वाले चुनाव में ऐसे लोगों की ज़मानत जब्त हो जाएगी।”

गौरतलब है कि इससे पहले बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने भी खेसारी लाल यादव को “नचनिया” कहा था, जिसके बाद दोनों के बीच तीखी जुबानी जंग देखने को मिली थी।

लॉरेंस बिश्नोई गैंग को बड़ा झटका: CBI ने अमेरिका से गैंगस्टर लखविंदर कुमार को भारत लाकर किया गिरफ्तार

नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को एक और बड़ी सफलता मिली है। एजेंसी ने विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय के सहयोग से लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े फरार अपराधी लखविंदर कुमार को अमेरिका से भारत वापस लाने में सफलता पाई है।

लखविंदर कुमार पर फायरिंग, रंगदारी, धमकाने, गैरकानूनी हथियार रखने और हत्या की कोशिश जैसे गंभीर आरोप हैं। हरियाणा पुलिस उसकी लंबे समय से तलाश में थी और उसके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।

CBI ने बताया कि इंटरपोल के जरिए लखविंदर कुमार के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस 26 अक्टूबर 2024 को जारी किया गया था। यह नोटिस अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी किया जाता है ताकि फरार अपराधियों को पकड़ने में सभी देशों की पुलिस को सहायता मिल सके।

अमेरिकी एजेंसियों के सहयोग से लखविंदर कुमार को 25 अक्टूबर 2025 को भारत डिपोर्ट किया गया। दिल्ली एयरपोर्ट पर हरियाणा पुलिस की टीम ने उसे हिरासत में लिया और अब उसे हरियाणा ले जाया जाएगा, जहां दर्ज मामलों में उससे पूछताछ की जाएगी।

CBI के मुताबिक, भारत इंटरपोल नेटवर्क के जरिए अब तक 130 से अधिक फरार अपराधियों को विदेशों से वापस लाने में सफल रहा है। यह कार्रवाई लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नेटवर्क पर एक बड़ा झटका मानी जा रही है।

रूस का यूक्रेन पर बड़ा मिसाइल और ड्रोन हमला: 4 की मौत, कई घायल, कीव में जोरदार धमाके

Russia-Ukraine War: रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच युद्धविराम की बातचीत चल रही थी, लेकिन इसी बीच रूस ने एक बार फिर यूक्रेन पर मिसाइल और ड्रोन हमलों की बौछार कर दी। ताजा रूसी हमलों में कम से कम चार लोगों की मौत हो गई है और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। यह जानकारी स्थानीय अधिकारियों ने शनिवार (25 अक्टूबर 2025) को दी।

यूक्रेन की राजधानी कीव पर बैलिस्टिक मिसाइल हमले में दो लोगों की मौत और नौ अन्य घायल हुए। कीव की सैन्य प्रशासन के प्रमुख त्काचेंको ने बताया कि मिसाइल हमलों के कारण एक गैर-आवासीय इमारत में आग लग गई, जबकि इंटरसेप्ट किए गए मिसाइलों का मलबा आसपास की इमारतों पर गिरा, जिससे खिड़कियां और दीवारें क्षतिग्रस्त हो गईं।

कीव के मेयर विटाली क्लिट्स्को ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि शहर में कई धमाके सुने गए और यह हमला रूस की बैलिस्टिक मिसाइलों से किया गया। वहीं, ड्नीप्रोपेत्रोव्स्क क्षेत्र में भी दो लोगों की मौत और सात घायल हुए। स्थानीय गवर्नर व्लादिस्लाव हैवानेंको के अनुसार, रूसी हमलों में कई आवासीय इमारतें, निजी घर, एक दुकान और एक वाहन नष्ट हो गए।

यूक्रेन की वायुसेना ने कहा कि रूस ने कुल 9 इस्कंदर-एम (Iskander-M) बैलिस्टिक मिसाइलें और 62 अटैक ड्रोन यूक्रेन की ओर दागे। इनमें से चार मिसाइलें और 50 ड्रोन को इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया गया। हालांकि, एक बचावकर्मी की मौत और दूसरे के घायल होने की खबर भी सामने आई है।

यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब युद्ध को चार साल पूरे होने वाले हैं और कीव के सहयोगी देश रूस पर और कड़े प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रहे हैं।

💔 स्मृतियाँ: वे महापुरुष जिन्होंने अपने कर्मों से इतिहास के पन्नों पर अमिट छाप छोड़ी

26 अक्टूबर का दिन भारतीय इतिहास में न केवल घटनाओं के लिए बल्कि उन महान विभूतियों के निधन के लिए भी स्मरणीय है, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में अभूतपूर्व योगदान दिया। साहित्य, संगीत, स्वतंत्रता संग्राम और सामाजिक चेतना के क्षेत्र में इन व्यक्तित्वों ने जो कार्य किए, वे आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्त्रोत बने रहेंगे। आइए जानें उन महान आत्माओं के जीवन, योगदान और विरासत के बारे में जिन्होंने 26 अक्टूबर को इस दुनिया को अलविदा कहा।

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  1. क्रांति त्रिवेदी (2009) — नारी चेतना की स्वर-साधिका
    क्रांति त्रिवेदी 20वीं सदी की हिंदी की सबसे सम्मानित और प्रभावशाली लेखिकाओं में गिनी जाती हैं। उनका जन्म मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में हुआ था। प्रारंभिक शिक्षा इंदौर में प्राप्त करने के बाद उन्होंने हिंदी साहित्य में स्नातकोत्तर उपाधि हासिल की। उन्होंने महिलाओं की स्थिति, सामाजिक असमानता और भावनात्मक संघर्षों पर गहन लेखन किया। उनकी रचनाओं में ‘स्त्री का मौन’, ‘अनकही’, और ‘संघर्ष की राह’ जैसी कहानियाँ विशेष रूप से प्रसिद्ध हैं। वे आकाशवाणी और दूरदर्शन से भी जुड़ी रहीं। उनके लेखन ने हिंदी साहित्य में स्त्री विमर्श को नई दिशा दी। 26 अक्टूबर 2009 को उनका निधन हुआ, किंतु उनकी लेखनी आज भी समाज में परिवर्तन का संदेश देती है।
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  3. लॉर्ड लिटन द्वितीय (1947) — ब्रिटिश राजनयिक और बंगाल के गवर्नर
    लॉर्ड लिटन द्वितीय, जिनका पूरा नाम विक्टर एल्बर्ट जॉर्ज चार्ल्स लिटन था, का जन्म 9 अगस्त 1876 को इंग्लैंड में हुआ था। वे ब्रिटिश गवर्नर ऑफ बंगाल (1922-1927) रहे। उनके शासनकाल में भारतीय शिक्षा और प्रशासन में कई सुधार लागू हुए। उन्होंने बंगाल में कृषि और स्थानीय स्वशासन के क्षेत्रों में नीतिगत बदलाव किए। वे भारतीय संस्कृति के प्रति गहरी रुचि रखते थे और कई भारतीय लेखकों से पत्राचार भी किया करते थे। उन्होंने मंचूरिया में ब्रिटिश प्रतिनिधि के रूप में भी कार्य किया। 26 अक्टूबर 1947 को उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कहा। इतिहास में वे एक उदार विचारक ब्रिटिश प्रशासक के रूप में जाने जाते हैं।
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  5. डी. वी. पलुस्कर (1955) — सुरों के साधक, संगीत के संत
    प्रख्यात शास्त्रीय गायक डी. वी. पलुस्कर का जन्म 28 मई 1921 को महाराष्ट्र के नासिक जिले में हुआ था। वे प्रसिद्ध गायक पं. विष्णु दिगंबर पलुस्कर के पुत्र थे। बचपन से ही संगीत उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा था। उन्होंने ग्वालियर घराने की परंपरा को आगे बढ़ाया। पलुस्कर की आवाज़ में भक्ति और माधुर्य का अनूठा संगम था। उनके द्वारा गाए गए भजन ‘रघुपति राघव राजाराम’ और ‘पायो जी मैंने राम रतन धन पायो’ आज भी मन को छू जाते हैं। मात्र 34 वर्ष की आयु में 26 अक्टूबर 1955 को उनका निधन हो गया, लेकिन उनका योगदान भारतीय संगीत की आत्मा में आज भी जीवित है।
  6. दत्तात्रेय रामचन्द्र बेंद्रे (1981) — कन्नड़ कविता के सूर्य
    दत्तात्रेय रामचन्द्र बेंद्रे का जन्म 31 जनवरी 1896 को धारवाड़ (कर्नाटक) में हुआ था। वे आधुनिक कन्नड़ साहित्य के सबसे महत्वपूर्ण कवि माने जाते हैं। बेंद्रे को ‘अंबरिष’ नाम से भी जाना जाता था। उनकी कविताओं में भारतीय संस्कृति, लोक जीवन और प्रकृति के दर्शन झलकते हैं। उन्हें 1973 में ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। उन्होंने अपने लेखन से कन्नड़ भाषा को नई पहचान दी। उनके प्रमुख काव्य संग्रह नकु तंत्री और गंगा लहरी आज भी साहित्य के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। 26 अक्टूबर 1981 को उनका निधन हुआ, लेकिन वे कन्नड़ कविता के उज्ज्वल सितारे के रूप में सदा अमर हैं।
  7. मन्मथनाथ गुप्त (2000) — क्रांति की कलम के योद्धा
    मन्मथनाथ गुप्त का जन्म 7 फरवरी 1908 को उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में हुआ था। वे हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन से जुड़े क्रांतिकारी थे और काकोरी कांड में सक्रिय भूमिका निभाई थी। स्वतंत्रता के बाद उन्होंने लेखन को अपना साधन बनाया। उन्होंने क्रांतिकारी आंदोलन का इतिहास जैसी चर्चित पुस्तकें लिखीं। गुप्त जी ने साहित्य को देशभक्ति की चेतना से जोड़ा और नवयुवकों में राष्ट्रीयता का संचार किया। 26 अक्टूबर 2000 को उनका निधन हुआ, किंतु उनके विचार आज भी युवाओं को प्रेरणा देते हैं कि कलम और क्रांति एक ही दिशा में बढ़ सकते हैं।
  8. बलराज भल्ला (1956) — त्याग और देशभक्ति की मिसाल
    बलराज भल्ला का जन्म पंजाब में हुआ था। वे प्रसिद्ध क्रांतिकारी और महात्मा हंसराज के पुत्र थे। बचपन से ही उन्हें स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरणा घर से मिली। उन्होंने ब्रिटिश शासन के खिलाफ कई आंदोलनों में भाग लिया और जेल भी गए। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद वे सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहे। उन्होंने शिक्षा के प्रसार और युवाओं के नैतिक उत्थान के लिए कार्य किया। 26 अक्टूबर 1956 को उनका निधन हुआ। बलराज भल्ला का जीवन हमें यह सिखाता है कि सच्ची स्वतंत्रता केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना में भी होती है।
    26 अक्टूबर को हुए इन महान व्यक्तित्वों के निधन ने भारतीय इतिहास को एक गहरी संवेदना दी। चाहे वे साहित्यकार हों, संगीतज्ञ, क्रांतिकारी या प्रशासक — सभी ने अपनी कर्मनिष्ठा, प्रतिभा और देशप्रेम से समाज को नई दिशा दी। उनका जीवन संदेश आज भी प्रेरणा देता है कि सेवा, सत्य और समर्पण ही अमरता का मार्ग हैं।

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🔹 प्रस्तुत: पंडित सत्य प्रकाश पाण्डेय, वैदिक ज्योतिषाचार्य


🕉️ आज का दिन विशेष
26 अक्टूबर 2025, रविवार का दिन है। आज सूर्यदेव की उपासना विशेष फलदायी रहेगी। रविवार को सूर्य की आराधना करने से मान-सम्मान, आत्मबल और यश की प्राप्ति होती है।
ग्रह-नक्षत्रों की चाल के अनुसार, आज का दिन कुछ राशि वालों के लिए सफलता और लाभ लेकर आया है, वहीं कुछ राशियों को सतर्कता की आवश्यकता है।

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मेष (A, L, E)
कार्य/व्यवसाय: आज कार्यक्षेत्र में नए अवसर मिल सकते हैं। व्यापार में लाभ की संभावना है।
शिक्षा: छात्रों के लिए सफलता का दिन, किसी प्रतियोगी परीक्षा में शुभ परिणाम मिल सकता है।
कला-संगीत: रचनात्मक कार्यों में पहचान मिलेगी।
राजनीति: प्रभावशाली व्यक्तियों का सहयोग मिलेगा।
प्रशासनिक क्षेत्र: अधिकारियों के निर्णयों से लाभ मिलेगा।
आर्थिक स्थिति: लाभ के योग बन रहे हैं।
स्वास्थ्य: हल्की एक्सरसाइज करें, जल का सेवन बढ़ाएं।
शुभ रंग: लाल
शुभ अंक: 9
पूजन: सूर्य देव को अर्घ्य दें।
वृषभ (B, V, U, W)
कार्य/व्यवसाय: धन निवेश सोच-समझकर करें।
शिक्षा: विद्यार्थियों को पढ़ाई में एकाग्रता बनानी होगी।
कला-संगीत: रचनात्मक लोगों के लिए प्रेरणादायक दिन।
राजनीति: पुराने संपर्क लाभ देंगे।
प्रशासनिक क्षेत्र: वरिष्ठों का सहयोग मिलेगा।
आर्थिक स्थिति: खर्चों पर नियंत्रण जरूरी।
स्वास्थ्य: संतुलित आहार लें।
शुभ रंग: गुलाबी
शुभ अंक: 6
पूजन: माँ लक्ष्मी की उपासना शुभ।

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मिथुन (K, C, G, CH)
कार्य/व्यवसाय: नई योजनाएँ लाभदायक रहेंगी।
शिक्षा: अध्ययन में मन लगेगा, करियर से जुड़े निर्णय ले सकते हैं।
कला-संगीत: नए प्रोजेक्ट की शुरुआत सफल रहेगी।
राजनीति: प्रभाव बढ़ेगा।
प्रशासनिक क्षेत्र: पदोन्नति के योग हैं।
आर्थिक स्थिति: धन लाभ की संभावना।
स्वास्थ्य: मेडिटेशन करें, मानसिक तनाव दूर होगा।
शुभ रंग: हरा
शुभ अंक: 5
पूजन: गणेश जी की आराधना करें।
कर्क (H, D)
कार्य/व्यवसाय: मेहनत का फल मिलेगा, पर धैर्य रखें।
शिक्षा: पढ़ाई में ध्यान देने की आवश्यकता।
कला-संगीत: भावनात्मक सृजन का दिन।
राजनीति: संयम और संतुलन से कार्य करें।
प्रशासनिक क्षेत्र: कार्यभार बढ़ सकता है।
आर्थिक स्थिति: खर्चा बढ़ेगा।
स्वास्थ्य: योग लाभदायक रहेगा।
शुभ रंग: सफेद
शुभ अंक: 2
पूजन: चंद्रमा की आराधना करें।

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सिंह (M, T)
कार्य/व्यवसाय: नई जिम्मेदारियाँ मिलेंगी, सफलता सुनिश्चित।
शिक्षा: प्रतिस्पर्धी परीक्षा में सफलता।
कला-संगीत: नई रचना को सराहना मिलेगी।
राजनीति: प्रभावशाली लोगों से लाभ।
प्रशासनिक क्षेत्र: प्रमोशन के संकेत।
आर्थिक स्थिति: निवेश लाभ देगा।
स्वास्थ्य: फिटनेस पर ध्यान दें।
शुभ रंग: सुनहरा
शुभ अंक: 1
पूजन: सूर्य देव को जल अर्पण करें।
कन्या (P, TH, N)
कार्य/व्यवसाय: पुराने कार्य पूर्ण होंगे।
शिक्षा: छात्र मेहनत का फल पाएंगे।
कला-संगीत: रचनात्मक कार्यों में प्रेरणा मिलेगी।
राजनीति: विरोधी शांत रहेंगे।
प्रशासनिक क्षेत्र: समय प्रबंधन से सफलता मिलेगी।
आर्थिक स्थिति: स्थिरता बनी रहेगी।
स्वास्थ्य: नींद पूरी लें।
शुभ रंग: नीला
शुभ अंक: 7
पूजन: भगवान विष्णु की आराधना करें।

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तुला (R, T)
कार्य/व्यवसाय: नए आइडिया लाभ देंगे।
शिक्षा: विद्यार्थियों के लिए शुभ समाचार।
कला-संगीत: सृजनात्मकता का दिन।
राजनीति: सम्मान में वृद्धि।
प्रशासनिक क्षेत्र: कार्यकुशलता बढ़ेगी।
आर्थिक स्थिति: लाभ के अवसर मिलेंगे।
स्वास्थ्य: नींद पूरी लें।
शुभ रंग: हल्का हरा
शुभ अंक: 3
पूजन: माँ सरस्वती की उपासना करें।
वृश्चिक (N, Y)
कार्य/व्यवसाय: नई योजनाओं में सफलता।
शिक्षा: मेहनत का प्रतिफल मिलेगा।
कला-संगीत: प्रदर्शन से सम्मान मिलेगा।
राजनीति: नेतृत्व में मजबूती।
प्रशासनिक क्षेत्र: निर्णय क्षमता बेहतर रहेगी।
आर्थिक स्थिति: धन आगमन।
स्वास्थ्य: ऊर्जावान महसूस करेंगे।
शुभ रंग: भूरा
शुभ अंक: 8
पूजन: हनुमान जी की आराधना करें।

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धनु (BH, DH, P)
कार्य/व्यवसाय: करियर में नई शुरुआत।
शिक्षा: उच्च शिक्षा के लिए अवसर।
कला-संगीत: नए प्रोजेक्ट की रूपरेखा बनेगी।
राजनीति: यश में वृद्धि।
प्रशासनिक क्षेत्र: योजनाओं में सफलता।
आर्थिक स्थिति: स्थिर लाभ।
स्वास्थ्य: खान-पान पर ध्यान दें।
शुभ रंग: पीला
शुभ अंक: 5
पूजन: बृहस्पति देव की पूजा करें।
मकर (KH, J)
कार्य/व्यवसाय: अचानक बदलाव संभव, संयम रखें।
शिक्षा: अध्ययन में एकाग्र रहें।
कला-संगीत: समय थोड़ा चुनौतीपूर्ण।
राजनीति: विरोधियों से सावधान रहें।
प्रशासनिक क्षेत्र: कार्य की समीक्षा होगी।
आर्थिक स्थिति: खर्चों में कमी करें।
स्वास्थ्य: थकान महसूस होगी।
शुभ रंग: स्लेटी
शुभ अंक: 4
पूजन: शनि देव की पूजा करें।

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कुंभ (G, S, SH)
कार्य/व्यवसाय: नए प्रोजेक्ट सफल होंगे।
शिक्षा: प्रतियोगी परीक्षा में सफलता।
कला-संगीत: नई प्रेरणा मिलेगी।
राजनीति: जनसमर्थन मिलेगा।
प्रशासनिक क्षेत्र: निर्णय क्षमता बढ़ेगी।
आर्थिक स्थिति: लाभ के योग।
स्वास्थ्य: मन प्रसन्न रहेगा।
शुभ रंग: बैंगनी
शुभ अंक: 2
पूजन: शिव आराधना करें।
मीन (D, CH, Z, TH)
कार्य/व्यवसाय: योजनाएँ सफल होंगी।
शिक्षा: एकाग्रता बढ़ेगी।
कला-संगीत: रचनात्मक कार्यों में सराहना।
राजनीति: लोगों का सहयोग मिलेगा।
प्रशासनिक क्षेत्र: सफलता के अवसर।
आर्थिक स्थिति: धन की प्राप्ति।
स्वास्थ्य: योग और ध्यान से लाभ।
शुभ रंग: आसमानी
शुभ अंक: 7
पूजन: विष्णु जी की आराधना शुभ।
⚠️ डिस्क्लेमर:
यह राशिफल पंडित सत्य प्रकाश पाण्डेय (वैदिक ज्योतिषाचार्य) के ज्योतिषीय विश्लेषण पर आधारित है।
राष्ट्र की परम्परा इस ज्योतिषीय जानकारी की पूर्णता या सटीकता का दावा नहीं करता। अपनी व्यक्तिगत जन्मकुंडली हेतु विशेषज्ञ ज्योतिष से परामर्श अवश्य करें।

🌟 “26 अक्टूबर के नायकों की गाथा: जिन्होंने अपने कर्म से रचा इतिहास, जगाया राष्ट्र का विश्वास” 🌟

भारत के इतिहास में 26 अक्टूबर का दिन कई प्रतिभाओं के जन्म का साक्षी रहा है। इस दिन जन्मे महान व्यक्तित्वों ने अपने-अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देकर देश का नाम रोशन किया। चाहे साहित्य हो, संगीत, राजनीति या खेल—इन सभी ने अपने कार्यों से भारत के गौरव को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया। आइए जानते हैं 26 अक्टूबर को जन्मे उन महान विभूतियों के जीवन, संघर्ष और योगदान के बारे में विस्तार से।

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  1. जेरेमी लालरिनुंगा (जन्म: 26 अक्टूबर 2002, आइजोल, मिज़ोरम)
    जेरेमी लालरिनुंगा भारत के उभरते हुए भारोत्तोलक खिलाड़ी हैं, जिन्होंने बहुत कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम ऊँचा किया। मिज़ोरम के आइजोल जिले में जन्मे जेरेमी ने बचपन से ही वेटलिफ्टिंग के प्रति रुचि दिखाई। उनके पिता लालनेहला एक बॉक्सर थे, जिससे खेल भावना उन्हें विरासत में मिली। जेरेमी ने 2018 में युवा ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा। वे पहले भारतीय खिलाड़ी बने जिन्होंने युवा ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीता। राष्ट्रमंडल खेल 2022 में भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया। उनका समर्पण आज भारत के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
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  3. हृदयनाथ मंगेशकर (जन्म: 26 अक्टूबर 1937, महाराष्ट्र)
    लता मंगेशकर और आशा भोसले के छोटे भाई हृदयनाथ मंगेशकर भारतीय संगीत जगत के श्रेष्ठ संगीतकारों में गिने जाते हैं। उनका जन्म महाराष्ट्र में हुआ था। उन्होंने मराठी और हिंदी फिल्मों में अद्वितीय संगीत दिया। उनके संगीत में शास्त्रीयता और भावनाओं का गहरा समन्वय देखने को मिलता है। मराठी गीत “मोगरा फुलला” से लेकर हिंदी फिल्म माया मेमसाब के संगीत तक, हृदयनाथ जी ने हर जगह अपनी अमिट छाप छोड़ी। भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया। उन्होंने संगीत को केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि साधना का माध्यम माना।
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  5. जे. डी. रमबई (जन्म: 26 अक्टूबर 1934, मेघालय)
    जे. डी. रमबई मेघालय के नौवें मुख्यमंत्री रहे। उनका जन्म मेघालय के एक छोटे से गाँव में हुआ था। प्रारंभिक शिक्षा स्थानीय विद्यालय से प्राप्त करने के बाद उन्होंने राजनीति विज्ञान में स्नातक की उपाधि हासिल की। वे अपने सादे जीवन, स्पष्ट सोच और जनसेवा के लिए जाने जाते थे। मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने राज्य में शिक्षा, परिवहन और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए अनेक योजनाएँ चलाईं। रमबई ने जनजातीय क्षेत्रों में विकास का नया अध्याय लिखा। उन्होंने हमेशा “लोक के लिए राजनीति” का आदर्श अपनाया।
  6. एस. बंगरप्पा (जन्म: 26 अक्टूबर 1933, शिमोगा, कर्नाटक)
    एस. बंगरप्पा भारतीय राजनीति के मंझे हुए नेता और कर्नाटक के 12वें मुख्यमंत्री रहे। उनका जन्म शिमोगा जिले में हुआ था। उन्होंने मैसूर विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई की। बंगरप्पा सामाजिक न्याय और पिछड़े वर्गों के उत्थान के प्रबल पक्षधर थे। मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने किसानों और गरीबों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएँ लागू कीं। उनके शासनकाल में शिक्षा और सिंचाई परियोजनाओं को नई दिशा मिली। वे हमेशा जनसाधारण के बीच रहकर उनकी समस्याओं को सुनते थे। “जनता का नेता” के रूप में वे आज भी याद किए जाते हैं।
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  8. वेमपति चिन्ना सत्यम (जन्म: 26 अक्टूबर 1929, एल्पुर, आंध्र प्रदेश)
    वेमपति चिन्ना सत्यम भारतीय शास्त्रीय नर्तक और कुचिपुड़ी नृत्य के महान गुरु थे। आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले के एल्पुर गाँव में जन्मे सत्यम जी ने बचपन से ही नृत्य की साधना शुरू की। उन्होंने कुचिपुड़ी को देश-विदेश में पहचान दिलाई। उन्होंने सैकड़ों विद्यार्थियों को प्रशिक्षित किया और इस नृत्य शैली को नाट्यरूप में प्रस्तुत किया। भारत सरकार ने उन्हें पद्म भूषण और संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया। उनका जीवन इस बात का प्रतीक है कि समर्पण से कला अमर हो जाती है।
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  10. ठाकुर प्रसाद सिंह (जन्म: 26 अक्टूबर 1924, मध्य प्रदेश)

ठाकुर प्रसाद सिंह हिंदी साहित्य की नवगीत विधा के प्रमुख कवियों में से एक थे। उनका जन्म मध्य प्रदेश में हुआ। वे कवि, आलोचक और संपादक तीनों रूपों में सक्रिय रहे। उनकी रचनाओं में ग्रामीण जीवन की सादगी, सामाजिक पीड़ा और मानवीय संवेदनाएँ झलकती हैं। “गीत का सफर” और “समय की पुकार” जैसे संग्रहों ने उन्हें ख्याति दिलाई। उन्होंने नवगीत को नई दिशा दी और आधुनिक कविता में लोक जीवन के रंग भरे। वे हिंदी कविता के सच्चे जनकवि थे।

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  1. प्रीति सिंह (जन्म: 26 अक्टूबर 1971, वाराणसी, उत्तर प्रदेश)
    प्रीति सिंह समकालीन हिंदी साहित्य की प्रसिद्ध उपन्यासकार और संपादिका हैं। वाराणसी में जन्मी प्रीति सिंह ने पत्रकारिता और साहित्य दोनों में उच्च शिक्षा प्राप्त की। उनके उपन्यास क्रॉसवर्ड, साइलेंट स्क्रीम और फेयरप्ले को विशेष लोकप्रियता मिली। वे नारी चेतना, सामाजिक असमानता और रिश्तों की जटिलता पर लिखती हैं। उनकी भाषा सशक्त, सरल और भावनात्मक होती है। प्रीति सिंह आज के दौर में हिंदी साहित्य की सशक्त आवाज़ मानी जाती हैं।
  2. राम प्रकाश गुप्ता (जन्म: 26 अक्टूबर 1923, अमेठी, उत्तर प्रदेश)
    राम प्रकाश गुप्ता भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री रहे। अमेठी जिले में जन्मे गुप्ता जी ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई की। स्वतंत्रता आंदोलन में भाग लेने के बाद वे राजनीति में आए। वे संगठन के कुशल प्रबंधक और जनता से सीधे संवाद करने वाले नेता थे। मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने प्रशासनिक सुधार और भ्रष्टाचार उन्मूलन पर ध्यान केंद्रित किया। बाद में वे मध्य प्रदेश के राज्यपाल भी बने। उनका जीवन सादगी और सेवा का उदाहरण था।
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  4. मधुकर दिघे (जन्म: 26 अक्टूबर 1920, महाराष्ट्र)
    मधुकर दिघे भारतीय राजनीति के आदर्शवादी नेता थे जिन्होंने मेघालय और अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल के रूप में कार्य किया। महाराष्ट्र में जन्मे दिघे जी ने युवा अवस्था से ही राष्ट्रसेवा को अपना लक्ष्य बनाया। वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े रहे और जनसंघ के संस्थापक सदस्यों में से एक थे। राज्यपाल के रूप में उन्होंने उत्तर-पूर्व भारत के विकास और एकता के लिए नीतियाँ बनाईं। उनका योगदान भारत के संघीय ढांचे को सशक्त करने में अहम रहा।
  5. गणेशशंकर विद्यार्थी (जन्म: 26 अक्टूबर 1890, इलाहाबाद, उत्तर प्रदेश)
    स्वतंत्रता संग्राम के वीर सेनानी और पत्रकार गणेशशंकर विद्यार्थी का जन्म इलाहाबाद में हुआ था। वे “प्रताप” नामक अख़बार के संपादक रहे, जिसने ब्रिटिश शासन की नीतियों की कटु आलोचना की। उन्होंने समाज में समानता, न्याय और भाईचारे की भावना को बल दिया। 1931 में कानपुर में हुए सांप्रदायिक दंगों के दौरान वे लोगों की रक्षा करते हुए शहीद हो गए। विद्यार्थी जी ने पत्रकारिता को जनसेवा का माध्यम बनाया और “कलम का सिपाही” कहलाए।
  6. गोदावरीश मिश्र (जन्म: 26 अक्टूबर 1886, पुरी, उड़ीसा)
    गोदावरीश मिश्र उड़ीसा के प्रसिद्ध समाज सुधारक, साहित्यकार और जनसेवक थे। उनका जन्म पुरी जिले में हुआ। उन्होंने उड़ीया भाषा के उत्थान के लिए आजीवन कार्य किया। वे कवि, दार्शनिक और विचारक तीनों रूपों में सक्रिय रहे। उनकी रचनाएँ सामाजिक जागरूकता और मानवता का संदेश देती हैं। उन्होंने शिक्षा के प्रसार और बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित किया। ओड़िशा में उन्हें “जनजागरण के कवि” के रूप में सम्मानित किया जाता है।
    🌺 26 अक्टूबर का दिन हमें यह सिखाता है कि प्रतिभा केवल किसी एक क्षेत्र में नहीं होती—यह तो हर उस व्यक्ति में होती है जो अपने कार्य के प्रति ईमानदार और राष्ट्र के प्रति समर्पित है। इन विभूतियों की जीवन गाथा प्रेरणा देती है कि चाहे परिस्थिति कैसी भी हो, अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और निष्ठा अडिग हो तो सफलता निश्चित है।

इतिहास की वो तारीख जिसने बदल दिए दुनिया के कई अध्याय


26 अक्टूबर, मानव सभ्यता के इतिहास में कई ऐसे मोड़ों का साक्षी बना है जहाँ राजनीति, विज्ञान, समाज और मानवता ने नई दिशा प्राप्त की। यह दिन केवल घटनाओं की श्रृंखला नहीं, बल्कि संघर्ष, आविष्कार, स्वतंत्रता और परिवर्तन की अमिट कहानियाँ समेटे हुए है। आइए जानते हैं 26 अक्टूबर के दिन घटी कुछ ऐसी ऐतिहासिक घटनाएँ जिन्होंने विश्व के इतिहास में नई इबारतें लिखीं।
1774 – अमेरिका की पहली महाद्वीपीय कांग्रेस का स्थगन: स्वतंत्रता की राह का आरंभ
26 अक्टूबर 1774 को फिलाडेल्फिया में अमेरिका की पहली महाद्वीपीय कांग्रेस का समापन हुआ। यह वही बैठक थी जिसमें ब्रिटिश उपनिवेशों ने एकजुट होकर ब्रिटेन के अत्याचारों के खिलाफ आवाज़ बुलंद की। यहीं से अमेरिकी स्वतंत्रता संग्राम की नींव पड़ी। यह कांग्रेस अमेरिका के लोकतांत्रिक इतिहास की पहली संगठित कोशिश थी, जिसने आगे चलकर आज़ादी की लौ प्रज्वलित की।

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1858 – एच.ई. स्मिथ ने किया वॉशिंग मशीन का पेटेंट
26 अक्टूबर 1858 को एच.ई. स्मिथ ने वॉशिंग मशीन का पेटेंट प्राप्त किया। उस दौर में यह खोज घरों में काम करने वाली महिलाओं के लिए एक बड़ी राहत बनकर आई। मशीन ने श्रम को आसान बनाया और आधुनिक घरेलू उपकरणों के विकास की दिशा में क्रांतिकारी कदम साबित हुई। स्मिथ का यह आविष्कार तकनीकी प्रगति की कहानी में एक अहम अध्याय के रूप में दर्ज है।
1905 – नॉर्वे को मिली स्वीडन से स्वतंत्रता
1905 का यह दिन नॉर्वे के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में लिखा गया। 26 अक्टूबर को नॉर्वे ने स्वीडन से अपनी स्वतंत्रता प्राप्त की। लंबे समय से चले आ रहे राजनीतिक तनाव और जनता की स्वतंत्रता की चाह ने अंततः परिणाम दिया। यह न केवल एक राष्ट्र की मुक्ति थी, बल्कि लोकतांत्रिक संकल्प की विजय भी थी।

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1934 – महात्मा गांधी के संरक्षण में ‘अखिल भारतीय ग्रामीण उद्योग संघ’ की स्थापना
भारत के स्वावलंबन की राह पर यह दिन बेहद महत्वपूर्ण था। 26 अक्टूबर 1934 को महात्मा गांधी के नेतृत्व में अखिल भारतीय ग्रामीण उद्योग संघ की स्थापना हुई। इसका उद्देश्य ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाना था। खादी, हस्तशिल्प और लघु उद्योगों को प्रोत्साहन देकर इस संगठन ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नया जीवन दिया। यह गांधीजी के ग्राम स्वराज के सपने की ठोस पहल थी।
1943 – कोलकाता में हैजे की महामारी से 2155 मौतें
अक्टूबर 1943 में कोलकाता (तत्कालीन कलकत्ता) में भयंकर हैजे की महामारी फैल गई, जिसके तीसरे सप्ताह तक 2155 लोगों की जान चली गई। यह घटना उस दौर की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर चुनौती को उजागर करती है। इस महामारी ने भारत में स्वास्थ्य सुधार और स्वच्छता के महत्व को नए सिरे से समझाया।

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1947 – जम्मू-कश्मीर का भारत में विलय
26 अक्टूबर 1947, भारत के इतिहास का निर्णायक क्षण था। राजा हरि सिंह ने इस दिन जम्मू-कश्मीर का भारत में विलय करने का निर्णय लिया और ‘विलय पत्र’ पर हस्ताक्षर किए। पाकिस्तान के आक्रमण के बीच लिया गया यह फैसला भारत की अखंडता की दिशा में सबसे बड़ा कदम साबित हुआ। इस घटना ने भारतीय राजनीति और सीमाओं की परिभाषा को सदैव के लिए बदल दिया।
1947 – इराक से ब्रिटिश सेना का कब्ज़ा समाप्त
इसी दिन इराक में ब्रिटिश सेना का नियंत्रण समाप्त हुआ। यह कदम पश्चिम एशिया में औपनिवेशिक शासन के पतन का प्रतीक बना। इराक ने अपनी स्वतंत्र सत्ता की घोषणा कर एक नई राष्ट्रीय पहचान की नींव रखी।
1950 – मदर टेरेसा द्वारा ‘मिशनरीज ऑफ चैरिटी’ की स्थापना
26 अक्टूबर 1950 को मदर टेरेसा ने कोलकाता में मिशनरीज ऑफ चैरिटी की स्थापना की। उनका यह कदम मानवता के लिए समर्पण की पराकाष्ठा था। गरीबों, बीमारों और असहायों की सेवा के लिए समर्पित यह संस्था आज भी विश्वभर में प्रेम और करुणा का संदेश देती है।

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1951 – विंस्टन चर्चिल पुनः ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बने
द्वितीय विश्वयुद्ध के दिग्गज नेता विंस्टन चर्चिल 26 अक्टूबर 1951 को एक बार फिर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बने। उनकी वापसी ने ब्रिटेन की राजनीति को नई दिशा दी। चर्चिल की दृढ़ इच्छाशक्ति और प्रेरक नेतृत्व ने उस दौर के यूरोपीय परिदृश्य को गहराई से प्रभावित किया।
1969 – नील आर्मस्ट्रांग और एडविन एल्ड्रिन भारत पहुँचे
चाँद पर कदम रखने वाले पहले अंतरिक्ष यात्री नील आर्मस्ट्रांग और एडविन एल्ड्रिन जब 26 अक्टूबर 1969 को मुंबई पहुँचे, तो पूरा भारत गर्व से भर उठा। यह यात्रा विज्ञान और अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत की बढ़ती रुचि का प्रतीक बनी। बच्चों और वैज्ञानिकों के लिए यह मुलाकात प्रेरणा स्रोत बन गई।
1975 – मिस्र के राष्ट्रपति अनवर सादात की ऐतिहासिक अमेरिका यात्रा
26 अक्टूबर 1975 को मिस्र के राष्ट्रपति अनवर सादात ने अमेरिका की आधिकारिक यात्रा की, जो मिस्र के इतिहास में पहली थी। यह यात्रा अरब जगत और पश्चिमी देशों के बीच संवाद की दिशा में एक अहम मोड़ बनी।

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1976 – त्रिनिदाद एंड टोबैगो को मिली आजादी
26 अक्टूबर 1976 को त्रिनिदाद एंड टोबैगो ने ब्रिटेन से स्वतंत्रता प्राप्त की। यह छोटा द्वीपीय राष्ट्र कैरिबियन क्षेत्र में लोकतांत्रिक विकास का उदाहरण बना।
1980 – इज़रायल के राष्ट्रपति यित्झाक नावोन मिस्र पहुँचे
इस दिन इज़रायल के राष्ट्रपति यित्झाक नावोन मिस्र की यात्रा करने वाले पहले इज़रायली राष्ट्रपति बने। यह यात्रा दोनों देशों के बीच संबंधों के सुधार का संकेत थी और मध्य पूर्व में शांति की नई पहल के रूप में देखी गई।
1994 – इस्रायल-जॉर्डन शांति संधि का ऐतिहासिक दिन
26 अक्टूबर 1994 को अरावा क्रॉसिंग पर इस्रायल और जॉर्डन के बीच लंबे समय से प्रतीक्षित शांति संधि पर हस्ताक्षर हुए। दशकों पुराने तनाव के अंत का यह क्षण मध्यपूर्व के इतिहास में शांति के प्रतीक के रूप में दर्ज हुआ।

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1999 – आजीवन कारावास की अवधि तय
भारत के उच्चतम न्यायालय ने 26 अक्टूबर 1999 को एक ऐतिहासिक निर्णय दिया — आजीवन कारावास की अवधि 14 वर्ष तय की गई। इस फैसले ने न्यायिक प्रणाली में स्पष्टता लाई और सजा की अवधारणा को नई व्याख्या दी।
2001 – जापान ने भारत-पाक प्रतिबंध हटाए
26 अक्टूबर 2001 को जापान ने भारत और पाकिस्तान पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों को हटा दिया। यह निर्णय एशिया में कूटनीतिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम साबित हुआ।
2005 – भारत-चीन मैत्री वर्ष की घोषणा
इस दिन वर्ष 2006 को भारत-चीन मैत्री वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया। इस घोषणा ने दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और आर्थिक सहयोग को प्रोत्साहन दिया।
2006 – इस्रायल में बराक सौदे की जांच की मांग
26 अक्टूबर 2006 को इस्रायल के एक मंत्री ने भारत के साथ हुए बराक मिसाइल सौदे की जांच की मांग की। यह मामला रक्षा सौदों की पारदर्शिता पर उठे प्रश्नों का केंद्र बन गया।

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2007 – नासा का डिस्कवरी यान अंतरिक्ष स्टेशन पर सफलतापूर्वक उतरा
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा का डिस्कवरी यान 26 अक्टूबर 2007 को अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन पर सफलतापूर्वक उतरा। यह मिशन विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में एक और मील का पत्थर था। उसी दिन अमेरिका ने ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स और कुछ बैंकों पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा भी की, जिससे अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मच गई।
2012 – बर्मा में हिंसा और अफ़ग़ानिस्तान में आत्मघाती हमला
26 अक्टूबर 2012 को बर्मा (म्यांमार) में भयंकर साम्प्रदायिक झड़पों में 64 लोगों की मौत हुई। वहीं अफ़ग़ानिस्तान की एक मस्जिद में आत्मघाती हमले में 41 लोग मारे गए और 50 घायल हुए। यह दिन दुनिया के उन हिस्सों की करुण वास्तविकता का प्रतीक है जहाँ अब भी शांति एक सपना है।

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2015 – हिंदूकुश में विनाशकारी भूकंप
26 अक्टूबर 2015 को हिंदूकुश पर्वत श्रृंखला में आए 7.5 तीव्रता के भूकंप ने उत्तर-पूर्वी अफगानिस्तान और पाकिस्तान को झकझोर दिया। 398 लोगों की मौत और 2500 से अधिक घायल हुए। यह त्रासदी प्रकृति की शक्ति और मानव जीवन की नाज़ुकता की याद दिलाती है।
26 अक्टूबर की ये ऐतिहासिक घटनाएँ हमें बताती हैं कि समय का हर पल इतिहास बनता है — कभी संघर्ष की कहानी, कभी करुणा की मिसाल, तो कभी विज्ञान और मानवता की नई उपलब्धि। इस तारीख ने विश्व मानचित्र पर अनेक परिवर्तन अंकित किए, जो आज भी हमें प्रेरित करते हैं कि इतिहास केवल पढ़ने की चीज़ नहीं, बल्कि जीने की सीख है।

आगरा खण्ड स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों का De-novo पुनरीक्षण प्रारंभ, 06 नवम्बर तक करें आवेदन

आगरा (राष्ट्र की परम्परा)।
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार आगरा खण्ड स्नातक एवं आगरा खण्ड शिक्षक विधान परिषद निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों के De-novo पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। यह जानकारी अपर जिलाधिकारी (नगर)/उप जिला निर्वाचन अधिकारी यमुनाधर चौहान ने दी।

उन्होंने बताया कि अर्हता दिनांक 01 नवम्बर 2025 के आधार पर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र हेतु निर्धारित प्रारूप फॉर्म-18, तथा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र हेतु फॉर्म-19 पर 06 नवम्बर 2025 तक आवेदन किए जा सकते हैं।

अपर जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि

स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में नाम दर्ज कराने हेतु आवेदक उस क्षेत्र का सामान्य निवासी होना चाहिए तथा अर्हता दिनांक 01.11.2025 को कम से कम तीन वर्ष पूर्व भारत के किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक या समकक्ष अर्हता प्राप्त होनी चाहिए।

शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र हेतु आवेदक क्षेत्र का सामान्य निवासी हो तथा दिनांक 01.11.2025 से तत्काल पहले के छह वर्षों में से कम से कम तीन वर्ष राज्य के भीतर विनिर्दिष्ट शैक्षणिक संस्थाओं में शिक्षण कार्य में संलग्न रहा हो, जिसका स्तर माध्यमिक विद्यालय से कम न हो।

उन्होंने आगे बताया कि आवेदन पत्र विकास खण्ड कार्यालयों, नगर पालिकाओं, तहसीलों एवं निर्धारित मतदेय स्थलों पर नामित अधिकारियों से प्राप्त एवं वहीं जमा किए जा सकते हैं।

इसके अतिरिक्त, इच्छुक अभ्यर्थी ऑनलाइन आवेदन भी कर सकते हैं। इसके लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश की वेबसाइट https://ceouttarpradesh.nic.in/ पर जाकर “Online Registration for Graduate and Teacher Constituency” विकल्प पर क्लिक कर आवेदन किया जा सकता है।

अपर जिलाधिकारी ने सभी पात्र स्नातकों एवं शिक्षकों से अपील की है कि वे निर्धारित समयावधि के भीतर अपना आवेदन अनिवार्य रूप से जमा करें, ताकि वे आगामी विधान परिषद निर्वाचन में मतदान का अधिकार प्राप्त कर सकें।

01 नवम्बर से शुरू होगा धान खरीद अभियान, डीएम ने दिए सख्त निर्देश, किसानों की सुविधा सर्वोपरि

कलेक्ट्रेट सभागार में धान क्रय केंद्र प्रभारियों का प्रशिक्षण कार्यशाला संपन्न

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। धान खरीद वर्ष 2025-26 के अंतर्गत जनपद महराजगंज में धान क्रय केंद्रों के संचालन की तैयारियां जोरों पर हैं। इसी क्रम में जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में सभी क्रय केंद्र प्रभारियों का प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में जिलाधिकारी ने सभी केंद्र प्रभारियों को निर्देशित किया कि 31 अक्टूबर 2025 तक केंद्रों की सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली जाएं, ताकि 01 नवम्बर 2025 से धान क्रय कार्य सुचारु रूप से प्रारंभ किया जा सके। उन्होंने कहा कि किसानों का उत्पीड़न किसी भी स्थिति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने क्रय केंद्रों पर पेयजल, छाया, बैठने की व्यवस्था, तथा बड़े बैनर लगाने के निर्देश दिए, जिन पर केंद्र खुलने-बंद होने का समय एवं सम्पूर्ण विवरण स्पष्ट रूप से अंकित रहे। उन्होंने कहा कि महिला, दिव्यांग एवं वृद्ध कृषकों को तौल में वरीयता दी जाए तथा पर्याप्त बोरे और श्रमिकों की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि 01 नवम्बर से पूर्व ई-पास मशीन का प्रशिक्षण पूर्ण कर लिया जाए, ताकि खरीद के दौरान किसी तकनीकी समस्या का सामना न करना पड़े।
इससे पूर्व जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी ने कार्यशाला में उपस्थित क्रय केंद्र प्रभारियों को धान खरीद से संबंधित दिशा-निर्देशों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सभी केंद्र चेकलिस्ट के अनुसार कार्य करें और किसानों की खरीद में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न होने दें।डिप्टी आरएमओ द्वारा अवगत कराया गया कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 हेतु जनपद में धान उत्पादन 457.239 मी.टन, उत्पादकता 32.33 कु प्रति हे.और आच्छादन 1.77 लाख हे. है। जबकि गत वर्ष 2024-25 में धान उत्पादन 517.630 मी.टन रहा था। पिछले वर्ष 2 लाख मी.टन के लक्ष्य के सापेक्ष 2,29,535.912 मी.टन (114.76%) धान की खरीद 42,308 किसानों से की गई थी जो जनपद के लिए उल्लेखनीय उपलब्धि रही।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) एवं जिला धान खरीद अधिकारी डॉ. प्रशांत कुमार, सहायक आयुक्त व सहायक निबंधन सहकारिता सुनील कुमार गुप्ता, विभिन्न एजेंसियों के जनपद स्तरीय अधिकारी, केंद्र प्रभारी एवं सचिव उपस्थित रहे।
यह कार्यशाला आगामी धान खरीद अभियान को सफल बनाने की दिशा में एक अहम पहल के रूप में देखी जा रही है, जिससे किसानों को सुविधाजनक, पारदर्शी और सुगम व्यवस्था मिल सकेगी।

प्रमुख सचिव, समाज कल्याण एवं राज्य मद्य निषेध अधिकारी द्वारा वर्चुअल बैठक सम्पन्न

नशा मुक्ति केंद्रों हेतु नई गाइडलाइन जारी, उल्लंघन पर होगी कड़ी कार्यवाही

आगरा, (राष्ट्र की परम्परा)
प्रमुख सचिव, समाज कल्याण एल. वेंकटेश्वर लू तथा राज्य मद्य निषेध अधिकारी, उत्तर प्रदेश आर. एल. राजवंशी की अध्यक्षता में आज निदेशालय समाज कल्याण, लखनऊ से वर्चुअल माध्यम द्वारा बैठक सम्पन्न हुई।

बैठक में प्रमुख सचिव लू ने निर्देशित किया कि जनपदों में संचालित सभी प्राइवेट नशा मुक्ति केंद्रों का संचालन मद्य निषेध विभाग द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुरूप ही किया जाए। जिन केंद्रों द्वारा इन गाइडलाइनों का अनुपालन नहीं किया जा रहा है, उनके विरुद्ध जिलाधिकारी द्वारा गठित टीम — जिसमें विभागीय अधिकारी एवं पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम शामिल होगी — कार्यवाही सुनिश्चित करेगी।

उन्होंने यह भी कहा कि एनजीओ द्वारा संचालित नशा मुक्ति केंद्रों के साथ-साथ जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाए, ताकि समाज में नशा मुक्ति का संदेश व्यापक रूप से पहुंचे।

प्रमुख सचिव ने यह आह्वान किया कि इस पुण्य कार्य में धार्मिक संस्थान, एनएसएस स्वयंसेवक, सैनिक कल्याण बोर्ड, सिविल डिफेंस वार्डेन और अन्य सामाजिक संगठन भी जुड़ें, जिससे माननीय प्रधानमंत्री जी के “विकसित भारत” के सपने को साकार करने में सहयोग मिल सके।

राज्य मद्य निषेध अधिकारी आर. एल. राजवंशी ने कहा कि नशा मुक्ति केंद्रों का संचालन सेवा भाव से होना चाहिए, न कि पैसे के लालच से। यह एक सामाजिक दायित्व है, जिसे ईमानदारी और संवेदनशीलता से निभाया जाना चाहिए।