Sunday, July 5, 2026
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🌅 महापर्व छठ को लेकर जिलाधिकारी ने घाटों का किया निरीक्षण, दिए साफ-सफाई व सुरक्षा के कड़े निर्देश

मऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। आस्था और विश्वास के महापर्व छठ को लेकर प्रशासनिक तैयारियां जोर पर हैं। रविवार को जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र ने जनपद मुख्यालय स्थित गाय घाट, भीटी समेत विभिन्न नदियों के किनारे बनाए गए घाटों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायज़ा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।

जिलाधिकारी ने घाटों पर बेहतर साफ-सफाई, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा तंत्र को मजबूत बनाने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि नदी जल क्षेत्र में निश्चित दूरी पर मजबूत बैरिकेटिंग की जाए ताकि व्रती महिलाएं एवं श्रद्धालु सुरक्षित तरीके से अर्घ्य दे सकें। साथ ही, उन्होंने संबंधित विभागों को नाव व नाविकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित मदद उपलब्ध हो सके।

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निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि सभी घाटों पर आपदा प्रबंधन से संबंधित दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाए और प्रकाश व्यवस्था में किसी भी प्रकार की कमी न रहे। उन्होंने नगर पालिका और सिंचाई विभाग के अधिकारियों से तालमेल बनाकर छठ पर्व से पूर्व सभी व्यवस्थाएं पूर्ण करने को कहा।

इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक इलामरन , अपर जिलाधिकारी सत्यप्रिय सिंह, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद दिनेश कुमार यादव सहित कई अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
महापर्व छठ के लिए प्रशासन की यह तैयारियां श्रद्धालुओं की आस्था और सुरक्षा दोनों को मजबूत आधार प्रदान करती हैं।

तीन किलो चांदी और ढाई सौ ग्राम सोने के जेवर ले उड़े चोर, परिजनों में दहशत

मऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। कोपागंज थाना क्षेत्र के ग्राम सभा केवलापुर में शनिवार की रात हुई चोरी ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया। यह घटना इतनी महत्वपूर्ण है कि इससे न केवल पीड़ित परिवार परेशान है, बल्कि आसपास के ग्रामीण भी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। अज्ञात चोरों ने घर की दीवार में सेंधमारी कर लाखों रुपये मूल्य के बेशकीमती आभूषण और अन्य सामान पर हाथ साफ कर दिया।

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घटना के अनुसार, केवलापुर निवासी घनश्याम यादव पुत्र संग्राम यादव अपने परिवार के साथ रात का खाना खाकर सोए हुए थे। इसी दौरान चोरों ने घर के पीछे दीवार में सेंध लगाकर प्रवेश किया और घर में रखे तीनों बहुओं के चार संदूक उठाकर फरार हो गए। संदूकों में सोने-चांदी के गहने और अन्य कीमती सामान थे।

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सुबह जब परिवार के लोग उठे तो देखा कि घर के दरवाजे खुले और संदूक गायब थे। खोजबीन करने पर लगभग 500 मीटर दूर धान के खेत में चारों संदूक खाली पाए गए और कुछ सामान खेतों में बिखरा हुआ था। परिजनों ने बताया कि चोरी गए सामान में तीन किलो चांदी और ढाई सौ ग्राम सोने के गहने शामिल हैं। चोरी में मंगलसूत्र, हार, मनटिका, अंगूठी, कड़ा सहित 12 जोड़ी चांदी के कड़े और अन्य जेवरात भी शामिल थे।

बीट पर तैनात पुलिस कर्मियों को भी चोरी की भनक नहीं लगी। घटना की सूचना पाकर थानाध्यक्ष कोपागंज रविंद्र नाथ राय पुलिस बल और फोरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल से फिंगरप्रिंट और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए।

पुलिस का कहना है कि यह चोरी सुनियोजित तरीके से की गई है और जल्द ही आरोपियों का पता लगा लिया जाएगा। वहीं, ग्रामीण क्षेत्र में बढ़ती चोरी की घटनाओं को लेकर दहशत में हैं और रात्रि गश्त बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।

इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि घरों की सुरक्षा के लिए सतर्कता और प्रभावी पुलिस निगरानी अत्यंत महत्वपूर्ण है।

🌸 मिशन शक्ति के तहत महिला कल्याण विभाग ने महिलाओं को किया जागरूक

घरेलू हिंसा, दहेज उन्मूलन और महिला सुरक्षा पर दी गई उपयोगी जानकारी

मऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)।जिला प्रोबेशन अधिकारी डॉ. श्वेता त्रिपाठी के निर्देशन में मिशन शक्ति फेज 5.0 के तहत महिला कल्याण विभाग, मऊ द्वारा व्यापक जागरूकता चौपाल कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विकास खंड कोपागंज के अंतर्गत शहरोज तथा डाडी चट्टी ग्रामसभा में आयोजित हुआ।

इस दौरान महिला कल्याण विभाग की टीम ने ग्रामीण महिलाओं को घरेलू हिंसा, दहेज उन्मूलन और महिला सुरक्षा के अधिकारों के बारे में विस्तार से बताया। कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं को यह समझाया गया कि किसी भी प्रकार की हिंसा या उत्पीड़न की स्थिति में उन्हें किस तरह सरकारी योजनाओं और हेल्पलाइन नंबरों का लाभ लेना चाहिए।

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🔹 चर्चा के मुख्य बिंदु: घरेलू हिंसा एवं दहेज उन्मूलन से संबंधित कानूनी अधिकार।निराश्रित महिला पेंशन योजना।मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना।मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य)।वन स्टॉप सेंटर एवं चाइल्ड हेल्पलाइन।मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना।मुख्यमंत्री राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना।साथ ही कार्यक्रम में उपस्थित टीम ने महिलाओं को महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी दी—
📞 चाइल्ड हेल्पलाइन: 1098
📞 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन: 1076
📞 महिला पावर हेल्पलाइन: 1090
📞 महिला हेल्पलाइन: 181
🌺 “मिशन शक्ति” का उद्देश्य
मिशन शक्ति अभियान का लक्ष्य महिलाओं को आत्मनिर्भर, सुरक्षित और जागरूक बनाना है। इसके तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लगातार चौपाल, वर्कशॉप और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से जागरूकता फैलाने का काम किया जा रहा है।
डॉ. श्वेता त्रिपाठी ने कहा कि—
“महिलाओं को अपने अधिकारों की जानकारी होना ही सशक्तिकरण की पहली सीढ़ी है। विभाग का उद्देश्य हर ग्राम पंचायत तक जागरूकता का यह संदेश पहुंचाना है।”

आस्था, विश्वास व सूर्यदेव की उपासना का वृतपर्व छठपूजा

छठिमैया मोरी विनती बारम्बार,
स्वीकारौ अर्ध्य हमार।
छठिमैया बड़का परब बरत पूजा बा,
यामे कौनो पंडित नाहीं,
कोउ नाहीं पूजारी,
सूरज देवता अर्ध्य लेवत हैं,
डूबत उगत तैयारी,
डूबत सूरजन का पूजत बा
सब भोले नर नारी।
छठिमैया मोरी विनती….

सबय करत बरत औ पूजन,
ना कोउ ऊँच ना नीचा,
लोकगीत पुरबिया गावैं,
गावैं सबय बरतधारी,
सब पकवान घरै मा बनावत
लरिका बिटिया खाईं,
सगरी रात घाट भरि नहावैं
कोऊ ऊँच न नीच जनाईं।
छठिमैया मोरी विनती ……

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टोकरियाँ भरि भरि बटत परसदवा
अमीरौ गरीबवा खाई,
बहुतै श्रद्धा भगति करत सब
पूजत सूरज औ छठि माई,
लगातार छत्तीस घंटा तक बरती
बिन खाये पिये रहि जाई,
छठिमैया मोरी विनती बारम्बार,
स्वीकारौ अर्ध्य हमार।

बढ़ै सामाजिक सौहार्द,
सदभाव, आस्था व विश्वास,
शांति, समृद्धि व सादगी आवति
छठिमैया भरती घर द्वार,
पवित्रता का महापरब है,
फ़ूलैं फलैं सब सपरिवार,
आदित्य देत बधाई औ
शुभकामना सब करौ स्वीकार।
छठिमैया मोरी विनती…..

डॉ कर्नल आदि शंकर मिश्र
‘आदित्य’

नचनिया’ बयान पर भड़के खेसारी – “एनडीए में तो तीन-तीन पहले से हैं”

खेसारी लाल यादव का रवि किशन पर करारा वार: “20 साल की सरकार में बिहार में एक भी फैक्ट्री क्यों नहीं लगी?”

बिहार विधानसभा चुनाव में छपरा सीट से प्रत्याशी और भोजपुरी स्टार खेसारी लाल यादव इन दिनों चुनावी मैदान में जमकर प्रचार कर रहे हैं। इस बीच उन्होंने भाजपा सांसद रवि किशन पर तीखा हमला बोला और केंद्र व राज्य सरकार से औद्योगिक विकास को लेकर बड़ा सवाल पूछा। खेसारी ने कहा कि “गुजरात के लिए पैसा है, तो बिहार के लिए क्यों नहीं?”

छपरा (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) छपरा में आयोजित एक जनसभा में खेसारी लाल यादव ने जनता से अपने लिए समर्थन मांगा और मंच से रवि किशन के बयानों का करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा, “केंद्र में 15 साल से और बिहार में 20 साल से बीजेपी की सरकार है, लेकिन आज तक एक भी फैक्ट्री क्यों नहीं लगी?”

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रवि किशन ने हाल ही में खेसारी पर आरोप लगाया था कि उन्होंने भोजपुरी इंडस्ट्री को बेच दिया और सनातन धर्म का नाम सिर्फ पैसे कमाने के लिए इस्तेमाल किया। इस पर खेसारी ने पलटवार करते हुए कहा, “आप किस सनातन धर्म की बात करते हैं, जब खुद अपने विरोधियों पर तंज कसते हैं?”

खेसारी ने जनता से जात-पात से ऊपर उठकर बच्चों के भविष्य के लिए वोट करने की अपील की। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग उन्हें ‘नचनिया’ कहकर तंज कस रहे हैं, लेकिन “एनडीए में तो तीन-तीन नचनिया पहले से हैं, और उन्हीं ने इस परंपरा की शुरुआत की थी।”

खेसारी के इस बयान ने बिहार की सियासत में नई हलचल पैदा कर दी है। उनके समर्थक इसे “जनता की आवाज़” बता रहे हैं, जबकि विरोधी इसे चुनावी नौटंकी कह रहे हैं।

खेत में खींचकर युवती से छेड़खानी, मोबाइल में फोटो लेकर दी धमकी, पुलिस जांच में जुटी

Deoria News: उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के बरहज थाना क्षेत्र से एक शर्मनाक मामला सामने आया है। यहां सरयू नदी पार परसियां-विशुनपुर देवार क्षेत्र की एक 20 वर्षीय युवती के साथ गन्ने के खेत में छेड़खानी की गई। आरोपी ने न केवल युवती को खेत में जबरदस्ती खींच लिया, बल्कि मोबाइल से फोटो लेकर धमकी दी कि अगर उसने शिकायत की, तो तस्वीर वायरल कर देगा।

पीड़िता ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वह शनिवार दोपहर पशुओं के लिए चारा काटने खेत गई थी। तभी एक युवक आया और उसका मुंह दबाकर खेत में खींच ले गया। वहां उसने छेड़खानी की और मोबाइल से फोटो ले ली। युवती के विरोध करने पर आरोपी ने कहा कि अगर उसने यह मामला पुलिस को बताया, तो वह फोटो सोशल मीडिया पर वायरल कर देगा।

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घटना की जानकारी मिलते ही गांव में सनसनी फैल गई। पीड़िता ने हिम्मत दिखाते हुए पुलिस को लिखित शिकायत (तहरीर) दी।

थानाध्यक्ष दिनेश कुमार मौर्य ने बताया कि पीड़िता की तहरीर मिल गई है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है और जल्द कार्रवाई की बात कही है।

यह घटना एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े करती है।

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🌅 छठ महापर्व 2025: आज खरना पूजा, जानें शुभ मुहूर्त, विधि और इसका आध्यात्मिक महत्व

पटना/लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)छठ महापर्व की पवित्र शुरुआत नहाय-खाय से हो चुकी है और आज रविवार, 26 अक्टूबर 2025 को खरना पूजा का पावन दिन है। इस दिन व्रती महिलाएं और पुरुष सूर्य देव व छठी मैया की आराधना करते हुए व्रत की शुद्धता और संकल्प को दृढ़ करते हैं। घर-आंगन में तैयारियों का उत्साह और भक्ति का वातावरण छठ के इस विशेष दिन को और भी मंगलमय बना देता है।

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🕕 खरना का शुभ मुहूर्त और पूजा का समय– इस वर्ष खरना पूजा 26 अक्टूबर 2025 को मनाई जा रही है। सूर्योदय: सुबह 6:29 बजेसूर्यास्त: शाम 5:41 बजे व्रती महिलाएं सूर्यास्त के बाद यानी शाम 5:41 बजे के बाद खरना का पूजन और प्रसाद अर्पण करेंगी। इसी क्षण सूर्य देव और छठी मैया की आराधना से पूरे परिवार पर आशीर्वाद की वर्षा होती है।

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🍚 खरना की पूजा विधि और प्रसाद का महत्व– खरना के दिन व्रती सुबह जल्दी उठकर स्नान कर पवित्र वस्त्र धारण करती हैं। पूरे दिन बिना जल ग्रहण किए व्रत रखा जाता है।
सूर्यास्त के बाद व्रती मिट्टी के नए चूल्हे पर आम की लकड़ी से गुड़, दूध और चावल की खीर बनाती हैं। इसके साथ गेहूं के आटे की रोटी या पूरी तैयार की जाती है।
सबसे पहले यह प्रसाद सूर्य देव और छठी मैया को अर्पित किया जाता है। फिर व्रती स्वयं इसे ग्रहण करती हैं। इसी क्षण से शुरू होता है 36 घंटे का निर्जला उपवास, जो उगते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद समाप्त होता है।

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🌻 ‘खरना’ का अर्थ और महत्व

‘खरना’ का अर्थ होता है शुद्धता — शरीर, मन और आत्मा की पवित्रता का संकल्प। इस दिन की गई पूजा से घर का वातावरण शुद्ध और सकारात्मक बनता है।
मिट्टी के नए चूल्हे का प्रयोग, गंगाजल से शुद्धिकरण और सात्विक आहार की तैयारी इस पर्व की प्रमुख परंपराएं हैं। ऐसा माना जाता है कि खरना की पूजा करने से सूर्य देव और छठी मैया की विशेष कृपा प्राप्त होती है, जिससे परिवार में सुख, शांति और समृद्धि आती है।

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🙏 भक्ति और विश्वास का पर्व

छठ महापर्व न केवल आस्था का प्रतीक है बल्कि यह परिवार, अनुशासन और पर्यावरण की पवित्रता का उत्सव भी है। खरना से लेकर उगते सूर्य को अर्घ्य देने तक का हर चरण आत्मसंयम और श्रद्धा की पराकाष्ठा को दर्शाता है।

भीख मांगने वाली महिला के पास मिले लाखों रुपये, गिनते-गिनते थक गए लोग, पुलिस भी हुई हैरान

Uttarakhand News: उत्तराखंड के रुड़की से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां भीख मांगने वाली एक महिला के झोले से लाखों रुपये के नोट और सिक्के बरामद हुए हैं। महिला के पास इतने पैसे थे कि लोग गिनते-गिनते थक गए, लेकिन पैसा खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा था। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है और लोग तरह-तरह के रिएक्शन दे रहे हैं।

12 साल से घर के बाहर मांग रही थी भीख
जानकारी के मुताबिक, यह मामला रुड़की के मंगलौर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला पठानपुरा का है। महिला पिछले 12 वर्षों से एक घर के बाहर भीख मांगती थी। किसी को अंदाजा नहीं था कि उसके झोले में इतनी बड़ी रकम छिपी है। जब स्थानीय लोगों ने देखा कि महिला के पास दो भारी कट्टे हैं, तो उन्होंने उन्हें खोलने का फैसला किया।

कट्टों में निकले नोटों की गड्डियां और हजारों सिक्के
जैसे ही लोगों ने कट्टे खोले, सभी की आंखें फटी की फटी रह गईं। अंदर से दस और बीस रुपये के नोटों की गड्डियां और हजारों सिक्के निकले। लोगों ने जब पैसे गिनना शुरू किया तो पूरा दिन बीत गया, लेकिन रुपये खत्म नहीं हो रहे थे।

पुलिस ने कब्जे में लिया पैसा, जांच शुरू
स्थानीय लोगों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस मौके पर पहुंची और पैसे को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। बताया गया कि महिला की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है, इसलिए उसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि महिला के पास इतनी बड़ी रकम कहां से आई।

यह अनोखी घटना सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है। लोग यह देखकर हैरान हैं कि एक भिखारी महिला के पास लाखों रुपये जमा हो सकते हैं।

राम मंदिर फैसले को चुनौती देना पड़ा महंगा, पटियाला हाउस कोर्ट ने वकील महमूद प्राचा पर लगाया ₹6 लाख का जुर्माना

Patiala House Court: दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने वकील महमूद प्राचा को बड़ा झटका देते हुए उनकी उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के 2019 अयोध्या राम मंदिर फैसले को निरस्त करने की मांग की थी। अदालत ने इस याचिका को फिजूल, भ्रामक और न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग बताया और वकील पर ₹6 लाख का जुर्माना ठोका है।

डिस्ट्रिक्ट जज धर्मेंद्र राणा ने अपने आदेश में कहा कि याचिका तथ्यों से परे थी और यह न्यायिक व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा करती है। कोर्ट ने टिप्पणी की कि ऐसा प्रतीत होता है कि याचिकाकर्ता ने अयोध्या फैसले को ठीक से पढ़ा ही नहीं, वरना ऐसा भ्रम नहीं होता।

वकील ने जस्टिस चंद्रचूड़ के बयान का गलत अर्थ लगाया
प्राचा ने दावा किया था कि तत्कालीन CJI डी.वाई. चंद्रचूड़ ने कहा था कि अयोध्या फैसला भगवान श्रीराम लला द्वारा दिए गए समाधान पर आधारित था। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जस्टिस चंद्रचूड़ ने केवल यह कहा था कि उन्होंने भगवान से मार्गदर्शन की प्रार्थना की थी, न कि किसी पक्ष से समाधान लिया था। अदालत ने कहा कि वकील ने ईश्वर और कानूनी रूप से मान्यता प्राप्त देवता (ज्यूरिस्टिक पर्सनालिटी) के बीच का फर्क समझे बिना मामला दायर किया।

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कोर्ट की सख्त टिप्पणी और चेतावनी
अदालत ने कहा, “जब रक्षक ही भक्षक बन जाएं तो हालात चिंताजनक हो जाते हैं।” कोर्ट ने वरिष्ठ वकील के रवैये को गंभीर लापरवाही बताया और कहा कि न्यायिक प्रणाली के दुरुपयोग को रोकना जरूरी है ताकि समय और संसाधन व्यर्थ न हों।

जज प्रोटेक्शन एक्ट का हवाला
कोर्ट ने कहा कि यह मामला ‘जज प्रोटेक्शन एक्ट, 1985’ के तहत बार है, जिसके अनुसार न्यायिक कार्यों के लिए किसी जज पर सिविल या क्रिमिनल कार्रवाई नहीं हो सकती। अदालत ने निचली अदालत के आदेश को बरकरार रखते हुए जुर्माना एक लाख से बढ़ाकर छह लाख रुपये कर दिया और कहा कि न्यायपालिका की गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।

🗳️ बिहार चुनाव से पहले बड़ा झटका: VIP के कई नेताओं ने BJP का थामा दामन, मुकेश सहनी पर दबाव बढ़ा


पटना (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले विकासशील इंसान पार्टी (VIP) को एक बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पार्टी के कई वरिष्ठ और ज़मीनी नेताओं ने शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सदस्यता ग्रहण कर ली। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब VIP प्रमुख मुकेश सहनी महागठबंधन के उप-मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में चुनाव प्रचार में पूरी ताकत से जुटे हुए हैं।
भाजपा प्रदेश कार्यालय में हुए इस औपचारिक कार्यक्रम में VIP के प्रदेश उपाध्यक्ष रंजीत साहनी और मुजफ्फरपुर के जिलाध्यक्ष महावीर सहनी ने अपने समर्थकों के साथ भाजपा का दामन थामा। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिलीप जायसवाल ने उनका स्वागत किया। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय और बिहार सरकार के मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता भी मौजूद रहे।
🔹 अन्य दलों के नेता भी BJP में शामिल
केवल VIP ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और अन्य दलों से जुड़े कई नेता भी भाजपा में शामिल हुए।
इनमें कुंवर वाहिनी अध्यक्ष व राजद नेता जितेंद्र स्वामी, प्रखंड प्रमुख मनोज सिंह, सीवान व्यवसायी संघ के अध्यक्ष रजनीकांत जायसवाल, कॉलेज प्राचार्य अभिनव प्रियदर्शी, और राजद नेता कक्कू स्वर्णकार प्रमुख नाम हैं।
इसके अलावा VIP के कुढ़नी प्रखंड अध्यक्ष सतीश कुमार और युवा प्रखंड अध्यक्ष गरीबन सहनी ने भी भाजपा का साथ चुना।
वाल्मीकि समाज सफाई संघ के अध्यक्ष राजेश कुमार भी अपने समर्थकों के साथ भाजपा में शामिल हुए।
🔹 मुकेश सहनी के लिए चुनौतीपूर्ण स्थिति
इस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम को VIP के लिए चुनावी नुकसान के रूप में देखा जा रहा है।
पार्टी फिलहाल 15 सीटों पर चुनाव लड़ रही है और महागठबंधन की ओर से मुकेश सहनी को तेजस्वी यादव के साथ उप-मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित किया गया है।
हालांकि, लगातार हो रहे नेताओं के पलायन ने VIP की संगठनात्मक मजबूती और जनाधार पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह पार्टी के भीतर आंतरिक असंतोष का संकेत है।
🔹 “राजनीति का नया रंग – आओ सनम, जाओ सनम”
राजनीतिक जानकारों और मतदाताओं का मानना है कि आज की राजनीति में विश्वास और विचारधारा का क्षरण तेजी से बढ़ा है।
पहले पार्टी से असहमति जताने पर निष्कासन या अनुशासनात्मक कार्रवाई होती थी, लेकिन अब दल बदलना आम बात बन गई है।
एक मतदाता ने कहा — “अब तो आओ सनम, जाओ सनम वाली राजनीति हो गई है। जनता इसे राजनीति नहीं, अवसरवाद समझती है।”
बिहार की सियासत में यह घटनाक्रम न केवल VIP के लिए चुनौतीपूर्ण है, बल्कि पूरे महागठबंधन के समीकरण पर भी असर डाल सकता है।
आने वाले दिनों में यह तय होगा कि मुकेश सहनी की पार्टी इस झटके से उबर पाती है या नहीं।

यूपी बोर्ड परीक्षा विशेष: सफलता की राह पर आत्मविश्वास और अनुशासन का दीप

जैसे-जैसे यूपी बोर्ड की परीक्षाओं की तिथि नज़दीक आ रही है, विद्यार्थियों के साथ-साथ अभिभावकों के मन में भी उत्साह और हल्की-सी चिंता का माहौल बन जाता है। यह स्वाभाविक भी है — क्योंकि यह केवल परीक्षा नहीं, बल्कि मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास की परख का अवसर है।

🎯 विद्यार्थियों के लिए संदेश – बोर्ड परीक्षा किसी डर का नाम नहीं, बल्कि यह उस मंच का प्रतीक है जहाँ आप अपनी वर्षभर की मेहनत को रूप और दिशा देते हैं। नियमितता और समय प्रबंधन को सफलता की कुंजी मानें। हर विषय को संतुलित ढंग से दोहराएँ, कठिन अध्यायों से न भागें — बल्कि उन्हें छोटे-छोटे भागों में बाँटकर समझें।परीक्षा के दौरान मन को शांत रखें — घबराहट ज्ञान को धुंधला कर देती है प्रतिदिन कुछ समय ध्यान, प्रार्थना या संगीत में लगाएँ ताकि मन केंद्रित रहे। याद रखें, अच्छे अंक मेहनत से आते हैं, और आत्मविश्वास से निखरते हैं।

👨‍👩‍👧 अभिभावकों की भूमिका सबसे अहम – अभिभावक इस दौर में बच्चों के लिए सबसे बड़ी प्रेरणा बन सकते हैं।उन्हें सुनें, समझें और सहारा दें, दबाव नहीं।तुलना से बचें — हर बच्चा अलग होता है और उसकी क्षमता भी अलग होती है।सकारात्मक माहौल बनाना सबसे बड़ी सहायता है; एक मुस्कान, एक भरोसे भरा शब्द बच्चे के आत्मबल को कई गुना बढ़ा देता है।भोजन और नींद का ध्यान रखें — स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ विचार जन्म लेते हैं।

🌟 सफलता का सूत्र– “परीक्षा ज्ञान की नहीं, संयम की परीक्षा है —
और जो संयम रखता है, वही विजेता बनता है।”

इस परीक्षा सत्र में सभी विद्यार्थियों से यही अपेक्षा है कि वे अपनी मेहनत, ईमानदारी और आत्मविश्वास से परीक्षा में उतरें। परिणाम चाहे जो भी हो, यह अनुभव उन्हें आगे की ज़िन्दगी में और मज़बूत बनाएगा।

🖋️ लेखक: सोमनाथ मिश्र
📚 “राष्ट्र की परम्परा” विशेष अंक – यूपी बोर्ड परीक्षा प्रेरणा श्रृंखला


नहाय-खाय से शुरू हुआ चार दिवसीय सूर्योपासना का महापर्व छठ

आज खरना, कल अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य, घाटों पर तैयारियां जोरों पर

संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। सनातन धर्मावलंबियों का महान पर्व छठ महापर्व 25 अक्टूबर से नहाय-खाय के साथ आरंभ हो गया। यह चार दिवसीय सूर्योपासना का अनुष्ठान आस्था, शुद्धता और लोक संस्कृति का अद्भुत संगम माना जाता है।
आज 26 अक्टूबर को लोहंडा (खरना) के अवसर पर व्रती पूरे दिन निर्जला उपवास रखकर शाम में भगवान भास्कर की पूजा कर प्रसाद ग्रहण करेंगी। 27 अक्टूबर की संध्या को अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा, जबकि अंतिम दिन 28 अक्टूबर को उदीयमान सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर व्रत का पारण होगा।

“कांच ही बांस के बहंगिया, बहंगी लचकत जाय,
घरे-घरे होई छठी मइया, अर्घ दिहल जाय।”

आस्था से ओतप्रोत यह लोकगीत हर घर-आंगन में गूंज रहा है।

  • नहाय-खाय से शुरू हुआ पुण्यकाल
    इस वर्ष छठ पर्व कार्तिक शुक्ल चतुर्थी को ज्येष्ठा नक्षत्र के साथ शोभन योग, रवियोग और सिद्ध योग जैसे तीन शुभ योगों में आरंभ हुआ है। इस दिन व्रती गंगाजल या पवित्र जल में स्नान कर भगवान सूर्य को अर्घ्य देते हैं और शुद्ध सात्विक भोजन अरवा चावल, चना दाल, कद्दू की सब्जी, पकौड़ी और आवलाँ की चासनी ग्रहण कर अनुष्ठान का आरंभ करते हैं।

“नहाय-खाय के दिन भइल बा, छठी मईया आवेली अंगना,
सुपवा में भरि के अर्घ चढ़इब, कहब नमो नमः सुरज भगवान।”

  • खरना पर दो नक्षत्रों का युग्म संयोग
    रविवार 26 अक्टूबर (कार्तिक शुक्ल पंचमी) को ज्येष्ठा और मूल नक्षत्रों के युग्म संयोग तथा रवियोग व सर्वार्थ सिद्धि योग के शुभ अवसर पर व्रती खरना की पूजा करेंगी। इस दिन पूरे दिन निर्जला उपवास रखने के बाद शाम को भगवान भास्कर की आराधना कर व्रती गुड़ और ईख के रस से बने प्रसाद का सेवन करेंगी।
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“खरना के बरतिया तोर नेम निराला,
घरे-घरे बजे बाजा, छठी मईया के जइला।”

27 को अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य

छठ के तीसरे दिन 27 अक्टूबर को पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र, सुकर्मा योग और रवियोग के शुभ संयोग में श्रद्धालु घाटों पर सज-धज कर पहुंचेंगे। व्रती फल, नारियल, माला, पान-सुपारी और दीप से सजे डाले लेकर अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देंगे।
मान्यता है कि सूर्य को अर्घ्य देने से मानसिक शांति, उन्नति और समृद्धि प्राप्त होती है।

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“केलवा जरे के बालम हो, पिया के संग करब अर्घ दान,
छठी मईया तोहार पूजा करब, सूरज देव के देब अर्घ दान।”

28 को उगते सूर्य को अर्घ्य और समापन

28 अक्टूबर की अल सुबह पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र, धृति योग और त्रिपुष्कर योग के पावन संयोग में व्रती गंगा या स्थानीय घाटों पर जाकर उदीयमान सूर्य को दूध और जल से अर्घ्य देंगी। इसी के साथ 36 घंटे का निर्जला उपवास पूर्ण होगा।
पारण के बाद व्रती प्रसाद वितरण करेंगी और परिवार तथा समाज के कल्याण की कामना करेंगी।

  • “उग हे सूरज देव, अरघ के बेरिया,
  • निज भक्तन के राखिहऽ लाज, छठी मइया।”

🌺 छठ पूजा से शादी तक, इन ट्रेडीशनल ड्रेसेज में छा जाएं आप — दिखे पारंपरिक भी, स्टाइलिश भी!

लेखिका: रंजना तिवारी राष्ट्र की परम्परा डेस्क

फैशन और संस्कृति सेक्शन
त्योहारों का मौसम शुरू हो चुका है। खासकर छठ पूजा के पावन अवसर से लेकर शादी-ब्याह के सीजन तक, हर महिला चाहती है कि वह पारंपरिक भी दिखे और ट्रेंडिंग भी। लेकिन असली चुनौती यह होती है कि कौन-सी ड्रेस ऐसी हो जो संस्कारों की छाप भी रखे और फैशन का तड़का भी।
अगर आप भी इसी सोच में हैं, तो यह लेख खास आपके लिए है — जहाँ हम बताएंगे ऐसे बेस्ट ट्रेडीशनल ऑफ-शोल्डर कुर्ता सेट्स और ड्रेसेज, जो आपको हर फंक्शन में बना देंगे सबसे अलग।
🌸 1. पिंक विस्कोस जॉर्जेट कुर्ता सेट — शादी और त्योहार दोनों में परफेक्ट
इस सीजन में पिंक विस्कोस जॉर्जेट कुर्ता सेट ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा रखा है। हल्के झिलमिल फैब्रिक के साथ यह कुर्ता सेट न केवल पारंपरिक टच देता है बल्कि मॉडर्न लुक भी बनाए रखता है।
इस ड्रेस की सबसे बड़ी खासियत है इसका ऑफ-शोल्डर डिजाइन, जो आपके आत्मविश्वास और स्टाइल को निखारता है।
आप इसे छठ पूजा के सायंकालीन अर्घ्य, हल्दी, मेहंदी, या रिसेप्शन जैसे मौकों पर पहन सकती हैं।

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👉 स्टाइल टिप: इस ड्रेस के साथ गोल्डन झुमके, सॉफ्ट बन हेयरस्टाइल, और जरी बॉर्डर वाला दुपट्टा पहनें — आपका लुक ट्रेडीशनल क्वीन जैसा लगेगा।
🌼 2. एथनिक ऑफ-शोल्डर लहंगा विद दुपट्टा — संस्कार और ग्लैमर का संगम
अगर आप शादी में कुछ हटके पहनना चाहती हैं, तो ऑफ-शोल्डर लहंगा सेट आपके लिए परफेक्ट चॉइस है।
इसमें ब्रॉकेट, बनारसी या रेशमी फैब्रिक का उपयोग किया जा सकता है जिससे इसका हर फोल में संस्कृति झलके।
यह ड्रेस आपको रॉयल और ग्रेसफुल दोनों लुक देती है।
👉 संस्कृति संग स्टाइल: इस ड्रेस के साथ हल्का गजरा, पर्ल ज्वेलरी और ट्रेडीशनल पोटली बैग जरूर कैरी करें।
🌹 3. छठ पूजा के लिए सूती या ऑर्गेंजा साड़ी — सादगी में ही सुंदरता
छठ पर्व की बात हो और साड़ी का ज़िक्र न हो, ऐसा हो ही नहीं सकता। इस पर्व पर लाल, पीले या नारंगी रंग की साड़ी पहनना शुभ माना जाता है।
अगर आप हल्का मॉडर्न टच चाहती हैं, तो ऑर्गेंजा या कॉटन ब्लेंड साड़ी के साथ ऑफ-शोल्डर ब्लाउज चुनें।
यह परिधान आपकी श्रद्धा के साथ आपकी सुंदरता को भी एक नई ऊँचाई देता है।
💫 4. कहां से खरीदेंआप ये ड्रेसेज ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद सकती हैं।साथ ही, लोकल बुटीक या हैंडलूम स्टोर्स से खरीदने पर आपको भारतीय कारीगरी और कपड़े की मौलिकता का अनुभव मिलेगा।
💖 5.आज की महिला अपने लुक के साथ अपनी पहचान भी पहनती है। ऐसे में पारंपरिक ड्रेसेज का आधुनिक रूप न सिर्फ आपकी खूबसूरती बढ़ाता है, बल्कि हमारी संस्कृति को भी जीवंत रखता है।
तो इस छठ पूजा से लेकर शादी के मौसम तक — ट्रेडीशनल ऑफ-शोल्डर ड्रेसेज के साथ तहलका मचाइए और हर नजर को अपनी ओर खींच लीजिए!

“छठी मैया से कल होगा सवाल… मैया देई जवाब — कवना कलमवा से लिखल करमवां?”

भक्ति, भाव और विश्वास का पर्व छठ — जहाँ आस्था के आगे झुक जाते हैं सारे प्रश्न


🕉️ जब सूर्य की अंतिम किरणें गंगा या घाट के जल पर पड़ती हैं और आस्था से भरे लोग “छठी मैया” के गीत गाते हैं, तब लगता है जैसे पूरा वातावरण भक्ति में डूब गया हो। छठ पर्व केवल एक पूजा नहीं, बल्कि मनुष्य और प्रकृति के बीच उस पवित्र संवाद का प्रतीक है, जिसमें सवाल भक्त का होता है और जवाब देती हैं “मइया छठी” — ममता और आशीर्वाद के साथ। कल जब श्रद्धालु डूबते सूर्य को अर्घ्य देंगे, तब हर हृदय में यही सवाल गूंजेगा — “कवना कलमवा से लिखल करमवां?” यानी, “किस भाग्य की लेखनी से लिखा गया है यह जीवन?”

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🌞 छठ: आस्था, अनुशासन और आत्मशक्ति का पर्व
छठ पर्व बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड और नेपाल के तराई क्षेत्रों में विशेष रूप से मनाया जाता है। लेकिन आज यह सीमाओं से निकलकर पूरे भारत और विश्व में भारतीय संस्कृति का प्रतीक बन चुका है। चार दिनों तक चलने वाला यह पर्व न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि वैज्ञानिक और पर्यावरणीय दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
छठ व्रत करने वाले भक्त कठोर नियमों का पालन करते हैं — नमक रहित भोजन, शुद्धता, निरंतर उपवास और जल-अर्घ्य के साथ सूर्योपासना। यह पर्व शरीर और मन दोनों की शुद्धि का संदेश देता है।

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🌸 भक्ति में सवाल और विश्वास में जवाब
छठी मैया के समक्ष जब व्रती खड़ा होता है, तो उसके मन में अनगिनत प्रश्न होते हैं — जीवन के संघर्षों के, दुखों के, परिवार के, भविष्य के। परंतु वह प्रश्न शब्दों में नहीं, भावनाओं में ढल जाते हैं।
भक्त केवल कहता है — “छठी मैया से कल होगा सवाल, मैया देई जवाब…”
यही इस पर्व का सबसे सुंदर अर्थ है — जब भक्ति अपने शिखर पर होती है, तो मौन भी संवाद बन जाता है।

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🌊 प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक
छठ केवल सूर्य और उषा की पूजा नहीं है, बल्कि यह प्रकृति के प्रति आभार प्रकट करने का त्योहार है। जब व्रती उगते और डूबते सूर्य को अर्घ्य देता है, तो वह जल, वायु, अग्नि, पृथ्वी और आकाश — इन पाँच तत्वों का आभार मानता है।
आज जब दुनिया जलवायु संकट से जूझ रही है, छठ का संदेश और भी प्रासंगिक हो जाता है — “प्रकृति ही जीवन है।”

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🌺 लोकगीतों में गूँजती भावनाएँ
छठ पर्व में गाए जाने वाले लोकगीत जैसे —
“कवना कलमवा से लिखल करमवां…”
“छठी मैया आइलें अंगना हो…”
“केलवा के पात पर उगेलन सूरज देव…”
ये गीत केवल भक्ति नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और पारिवारिक भावनाओं के प्रतीक हैं। हर गीत में माँ और बच्चे का रिश्ता झलकता है। यही वजह है कि छठ के गीत सुनते ही हर प्रवासी का मन अपने गाँव की ओर लौटने लगता है।

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🌄 भक्त और मइया का संवाद: एक आध्यात्मिक कथा
लोकमान्यता है कि छठी मैया सूर्यदेव की बहन हैं और वह अपने भक्तों के जीवन से अंधकार दूर करती हैं। जो भी सच्चे मन से व्रत रखता है, छठी मइया उसकी मनोकामना अवश्य पूरी करती हैं।
भक्ति में लीन व्रती जब घाट पर खड़ा होकर कहता है —
“मैया, हमार परीक्षा ले लs, पर भरोसा ना तोड़l”
तो ऐसा लगता है जैसे सृष्टि ठहर गई हो और मैया मुस्कुराते हुए उत्तर दे रही हों — “विश्वास रख, समय बदल जाई।”

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🌕 आधुनिक युग में छठ की बढ़ती लोकप्रियता
आज के व्यस्त और तनावपूर्ण जीवन में भी लोग छठ का व्रत पूरी निष्ठा से निभा रहे हैं। मॉल, आईटी सेक्टर और विदेशों में बसे भारतीय भी नदी या कृत्रिम तालाब बनाकर अर्घ्य देते हैं। सोशल मीडिया पर “जय छठी मैया” के ट्रेंड हर साल यह साबित करते हैं कि भक्ति का कोई भूगोल नहीं होता।

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🌻 संदेश:छठ केवल सूर्योपासना नहीं — यह विश्वास, संयम, पर्यावरण-संतुलन और मातृशक्ति का प्रतीक है। जब भक्त पूछता है “कवना कलमवा से लिखल करमवां?” तो यह केवल एक प्रश्न नहीं, बल्कि जीवन की यात्रा का सार है।
उत्तर शायद एक ही है — “जो भक्ति में डूब गया, वही कर्म से जीत गया।”

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📿 अंतिम पंक्तियाँ:
कल जब घाटों पर दीपों की कतार सजेगी, नदी का जल सुनहरे रंग में नहाएगा और गूंजेगा —
“छठी मैया से कल होगा सवाल, मैया देई जवाब…”
तो हर आस्था का दीपक एक ही बात कहेगा —
“मइया, तोहरा भरोसे हमार संसार बसल बा।”

गोली मारकर युवक की हत्या की कोशिश, संयोग से बची जान — पुलिस ने एक आरोपी को हिरासत में लिया

सोहनपुर/रामपुर बुजुर्ग: बनकटा थाना क्षेत्र के ग्राम जंजीरहा पुल के पास शनिवार की सुबह करीब 11 बजे उस वक्त हड़कंप मच गया जब बाइक सवार दो युवकों ने एक युवक को गोली मारने की कोशिश की। संयोग से गोली मिस हो गई, जिससे युवक की जान बच गई। गोली चलने की आवाज सुनते ही आसपास के लोग मौके पर दौड़ पड़े, लेकिन हमलावर जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए।

पीड़ित अभिषेक यादव, निवासी रामपुर बुजुर्ग ने थाने में नामजद तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। उसने बताया कि वह अपने दोस्त अंशु कुमार (निवासी सोहनपुर) के साथ घर से सोहनपुर जा रहा था। तभी पीछे से बाइक सवार दो युवक—एक धरनी छापर (मैरवा, बिहार) और दूसरा बंजरिया (बनकटा, बलिया) निवासी—ने उनकी बाइक ओवरटेक कर रोक ली। उनमें से एक ने पिस्टल कनपटी पर सटा कर फायर किया, लेकिन गोली नहीं चली।

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पुलिस ने एक युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
थानाध्यक्ष गोरखनाथ सरोज ने बताया कि मामले की जांच-पड़ताल जारी है। प्रारंभिक जांच में यह आपसी विवाद का मामला प्रतीत हो रहा है, जबकि गोली चलने की बात संदिग्ध लग रही है।

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