Sunday, July 5, 2026
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UPSC छात्र की हत्या का सनसनीखेज खुलासा: प्रेमिका अमृता ने किताबों से सजाई चिता, शराब-घी डालकर जलाया शव

Delhi UPSC Student Murder Case: दिल्ली के तिमारपुर स्थित गांधी विहार इलाके में यूपीएससी छात्र रामकेश मीणा हत्याकांड ने पूरे देश को झकझोर दिया है। जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी प्रेमिका अमृता चौहान ने अपने पूर्व प्रेमी सुमित कश्यप के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी। फोरेंसिक साइंस की छात्रा होने के नाते अमृता ने सबूत मिटाने के लिए ऐसा प्लान बनाया, जिसे सुनकर पुलिस भी दंग रह गई।

ऐसे दिया गया वारदात को अंजाम

पुलिस के अनुसार, 5 अक्टूबर की रात अमृता और सुमित ने रामकेश की गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को बेड पर लिटाकर उस पर घी, रिफाइंड ऑयल और शराब डाली गई। कमरे में रखी किताबों से शव की चिता सजाई गई और एलपीजी सिलिंडर से आग लगाकर हादसा दिखाने की कोशिश की गई।
सिलिंडर का रेगुलेटर धीरे-धीरे खोलने के बाद दोनों आरोपी रात करीब 2:57 बजे फ्लैट से निकल गए। कुछ देर बाद फ्लैट में विस्फोट हुआ और रामकेश का शव जलकर टुकड़ों में बिखर गया।

मोबाइल लोकेशन और CCTV से खुला राज

फोरेंसिक टीम को कमरे में सिलिंडर के टुकड़े देखकर शक हुआ। सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर पता चला कि रात 8:30 बजे दो युवक फ्लैट में घुसे और बाद में एक महिला और युवक को मुंह ढके बाहर जाते देखा गया।
मोबाइल लोकेशन से पुष्टि हुई कि घटना के वक्त अमृता वहीं मौजूद थी। इसके बाद पुलिस ने मुरादाबाद से अमृता, सुमित और संदीप को गिरफ्तार किया।

हत्या के पीछे की वजह

जांच में सामने आया कि रामकेश ने अमृता के साथ कई इंटिमेट वीडियो और फोटो रिकॉर्ड किए थे, जिन्हें वह डिलीट नहीं कर रहा था। इससे गुस्साई अमृता ने अपने एक्स-बॉयफ्रेंड सुमित के साथ मिलकर हत्या की साजिश रच डाली।

तीनों आरोपी गिरफ्तार

अमृता चौहान – फोरेंसिक साइंस ग्रेजुएट, मूल निवासी मुरादाबाद

सुमित कश्यप – गैस वितरक, अमृता का पूर्व प्रेमी

संदीप कुमार – सुमित का दोस्त, एसएससी की तैयारी कर रहा था

तीनों को पुलिस ने क्रमशः 18, 21 और 23 अक्टूबर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

मृतक का प्रोफाइल

मृतक रामकेश मीणा मूल रूप से राजस्थान का रहने वाला था और दिल्ली में यूपीएससी की तैयारी कर रहा था। वह बीटेक ग्रेजुएट था और गांधी विहार के फ्लैट में किराए पर रह रहा था।

Disclaimer: यह खबर पुलिस रिपोर्ट्स और जांच में मिले तथ्यों पर आधारित है। किसी भी निर्णय या निष्कर्ष से पहले आधिकारिक पुष्टि का इंतजार करें।

यंग लोगों में तेजी से बढ़ रही डायबिटीज! जानें इसके कारण और शरीर में दिखने वाले शुरुआती संकेत

Why Young People Get Diabetes:
आजकल डायबिटीज (Diabetes) सिर्फ बुजुर्गों की नहीं, बल्कि युवाओं की भी बीमारी बन गई है। बदलती लाइफस्टाइल, अनहेल्दी डाइट और फिजिकल एक्टिविटी की कमी के कारण 20 से 35 साल के बीच के लोगों में डायबिटीज के केस तेजी से बढ़ रहे हैं। चिंता की बात यह है कि अब तो किशोरों और बच्चों में भी शुगर की समस्या सामने आ रही है।

🔹 यंग लोगों को क्यों हो रही है डायबिटीज?

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग जंक फूड, सॉफ्ट ड्रिंक्स और प्रोसेस्ड फूड्स का सेवन ज्यादा करने लगे हैं। इन चीजों में मौजूद हाई शुगर और ट्रांस फैट्स शरीर में फैट और बैड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ा देते हैं।
इसके अलावा, एक्सरसाइज की कमी, देर रात तक जागना और तनावपूर्ण दिनचर्या शरीर के हार्मोनल बैलेंस को बिगाड़ देती है। ऐसे में इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ता है, और ब्लड शुगर लेवल नियंत्रित नहीं रह पाता। यही कारण है कि यंग एज में डायबिटीज होने का खतरा बढ़ जाता है।

🔹 शरीर देता है ये शुरुआती संकेत

अगर आपकी बॉडी में नीचे दिए गए लक्षण दिखाई देने लगें, तो ये डायबिटीज की चेतावनी हो सकते हैं:

  1. ज्यादा प्यास लगना या बार-बार मुंह सूखना
  2. थकान या कमजोरी महसूस होना, बिना किसी वजह के
  3. वजन का अचानक बढ़ना या घटना
  4. गर्दन, कांख या कोहनी के पास स्किन का काला पड़ना
  5. बार-बार पेशाब आना
  6. धुंधला दिखाई देना और भूख बढ़ना
  7. घावों का देर से भरना या प्राइवेट पार्ट में खुजली

अगर ये लक्षण लंबे समय तक बने रहें, तो ब्लड शुगर टेस्ट कराना बेहद जरूरी है।

🔹 कैसे करें बचाव?

डेली रूटीन में कम से कम 30 मिनट वॉक या योगा जरूर करें।

जंक फूड, मीठे पेय और सॉफ्ट ड्रिंक्स से दूरी बनाएं।

स्ट्रेस कम करें और पर्याप्त नींद लें।

हेल्दी और बैलेंस्ड डाइट अपनाएं।

Disclaimer: यह जानकारी विशेषज्ञों और शोध अध्ययनों पर आधारित है। इसे मेडिकल सलाह न मानें। डायबिटीज के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

हेयर डाई से किडनी को होता है नुकसान! जानें कैसे बढ़ता है खतरा और किन लोगों को रखनी चाहिए खास सावधानी

Side Effects of Hair Dye on Kidney: आज के समय में हेयर कलर लगाना सिर्फ फैशन नहीं, बल्कि कई लोगों की डेली रूटीन का हिस्सा बन चुका है। सफेद बालों को छिपाने या नया ट्रेंडी लुक पाने के लिए हेयर डाई का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हेयर डाई में मौजूद कुछ खतरनाक केमिकल्स आपकी किडनी को डैमेज कर सकते हैं? आइए जानते हैं इससे आपकी सेहत को कितना खतरा हो सकता है।

कैसे होती है किडनी को क्षति?

किडनी शरीर का नेचुरल फिल्टर है, जो खून से विषैले तत्वों को निकालती है। जब हम बार-बार या गलत तरीके से हेयर डाई लगाते हैं, तो उसमें मौजूद पैरा-फिनाइलेंडायमीन (PPD) और अमीनो फिनॉल्स जैसे केमिकल स्कैल्प के जरिए शरीर में प्रवेश कर ब्लडस्ट्रीम तक पहुंच जाते हैं।
Journal of the Pakistan Medical Association में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, ज्यादा मात्रा में PPD के संपर्क में आने से किडनी इंफ्लेमेशन और एक्यूट रीनल फेल्योर जैसी गंभीर स्थितियां हो सकती हैं।

इन लक्षणों पर रखें नजर

अगर डाई के हानिकारक तत्व शरीर में असर दिखा रहे हों, तो ये संकेत नजर आ सकते हैं:

पैरों, टखनों या हाथों में सूजन

लगातार थकान या कमजोरी

भूख में कमी या जी मिचलाना

यूरिन में बदलाव

आंखों के आसपास सूजन

अगर ये लक्षण लंबे समय तक बने रहें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

किन लोगों को रखनी चाहिए सावधानी?

  1. क्रॉनिक किडनी डिजीज से पीड़ित लोग
  2. ब्लड प्रेशर या डायबिटीज के मरीज
  3. जिनकी त्वचा बहुत संवेदनशील या एलर्जिक है
  4. जो बार-बार या बहुत डार्क शेड्स का उपयोग करते हैं

सुरक्षित विकल्प

नेचुरल डाई या हर्बल टिंट्स का इस्तेमाल करें

अमोनिया-फ्री और PPD-फ्री प्रोडक्ट चुनें

नया प्रोडक्ट लगाने से पहले पैच टेस्ट जरूर करें

बाल रंगने के बाद स्कैल्प को अच्छी तरह धोएं

Disclaimer: यह जानकारी केवल शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। इसे मेडिकल सलाह के रूप में न लें। किसी भी नए हेयर प्रोडक्ट या इलाज से पहले अपने डॉक्टर से सलाह अवश्य लें।

🕊️ देवरिया ने खोया एक सच्चा जननायक, क्षेत्र में शोक की लहर

देवरिया (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। देवरिया जिले के गौरी बाजार क्षेत्र के ग्राम सभा बखरा निवासी लोकतंत्र सेनानी श्री झिनकू राव के निधन की खबर ने पूरे क्षेत्र को शोकाकुल कर दिया है। लोकतंत्र की रक्षा के लिए अपने जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा समर्पित करने वाले झिनकू राव जी का जाना एक युग का अंत जैसा प्रतीत होता है।

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उनकी लोकतांत्रिक निष्ठा, साहस और जनता के हितों के प्रति समर्पण सदैव प्रेरणा स्रोत रहेंगे। बताया जा रहा है कि वे लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे, जिनका इलाज घर पर ही चल रहा था। सोमवार को उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की सूचना मिलते ही क्षेत्रीय लोगों, जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों ने गहरा दुःख व्यक्त किया है।
🙏 “लोकतंत्र के प्रहरी” के रूप में याद किए जाएंगे झिनकू राव उन गिने-चुने स्वतंत्रता-प्रेरित लोकतंत्र सेनानियों में शामिल थे जिन्होंने देश के कठिन राजनीतिक दौर में लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष किया। वे हमेशा युवाओं को संविधान, सत्य और न्याय के प्रति निष्ठा रखने की प्रेरणा देते रहे।

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स्थानीय लोगों ने उन्हें “जनता के बीच के जननायक” की संज्ञा दी है, क्योंकि उन्होंने हमेशा समाज के अंतिम व्यक्ति तक आवाज पहुँचाने की कोशिश की।

🌼 क्षेत्र में शोक की लहर, नेताओं ने जताया दुःख गौरी बाजार से लेकर देवरिया शहर तक शोक की लहर दौड़ गई है। कई सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि झिनकू राव जी की अनुपस्थिति लोकतांत्रिक चेतना की कमी महसूस कराएगी।

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विधायक डॉ शलभ मणि ने कहा, “प्रभु श्रीराम दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें एवं शोकाकुल परिजनों को यह आघात सहन करने की शक्ति प्रदान करें।”

“ग्रहों की चाल बदलेगी भाग्य की दिशा—जानिए आज कौन होगा भाग्यशाली और किसे रखनी होगी सावधानी!”

🌟 आज का राशिफल 28 अक्टूबर 2025
पंडित सत्य प्रकाश पाण्डेय द्वारा प्रस्तुत

वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, 28 अक्टूबर 2025 का दिन कुछ राशियों के लिए भाग्यवृद्धि लेकर आएगा तो कुछ को सतर्कता की आवश्यकता रहेगी। ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति कर्म, शिक्षा, कला, राजनीति और व्यवसाय सभी क्षेत्रों को प्रभावित करेगी। आइए जानते हैं — मेष से मीन तक आज का संपूर्ण राशिफल।
♈ मेष (Aries) – अक्षर: चू, चे, चो, ला
कार्य/व्यवसाय: नई शुरुआत के योग हैं। काम में सफलता मिलेगी।
शिक्षा: प्रतियोगी परीक्षा में बेहतर परिणाम संभव।
कला/संगीत: रचनात्मक विचारों से पहचान मिलेगी।
राजनीति: प्रभावशाली निर्णय से सम्मान बढ़ेगा।
प्रशासनिक क्षेत्र: उच्चाधिकारियों से सहयोग मिलेगा।
आर्थिक स्थिति: धन लाभ के योग।
स्वास्थ्य: नींद की कमी व थकान से बचें।
शुभ रंग: लाल 🔴
शुभ अंक: 9
पूजा: हनुमान जी की उपासना शुभ रहेगी।

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♉ वृषभ (Taurus) – अक्षर: ई, ऊ, ए, ओ
कार्य/व्यवसाय: निवेश में लाभ।
शिक्षा: पढ़ाई में मन लगेगा।
कला/संगीत: नई पहचान का योग।
राजनीति: जनता से जुड़ाव बढ़ेगा।
प्रशासन: वरिष्ठों का मार्गदर्शन लाभदायक रहेगा।
आर्थिक दृष्टि: बचत बढ़ेगी।
स्वास्थ्य: गले व पेट का ध्यान रखें।
शुभ रंग: सफेद ⚪
शुभ अंक: 6
पूजा: लक्ष्मी माता की आराधना से धनलाभ।
♊ मिथुन (Gemini) – अक्षर: का, की, कू, घ
कार्य/व्यवसाय: योजनाओं पर कार्य करें।
शिक्षा: मीडिया व कम्युनिकेशन छात्रों के लिए दिन शुभ।
कला/संगीत: लेखन व रचनात्मकता में उन्नति।
राजनीति: वक्तव्य प्रभावशाली रहेंगे।
प्रशासन: निर्णय क्षमता मजबूत।
आर्थिक: स्थिरता रहेगी।
स्वास्थ्य: मानसिक शांति बनाए रखें।
शुभ रंग: हरा 🟢
शुभ अंक: 5
पूजा: गणेश जी की आराधना मंगलकारी।

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♋ कर्क (Cancer) – अक्षर: ही, हू, हे, हो
कार्य/व्यवसाय: सहयोगियों से मदद।
शिक्षा: ध्यान केंद्रित करें।
कला/संगीत: भावनात्मक सृजन में सफलता।
राजनीति: पारिवारिक समर्थन मिलेगा।
प्रशासन: परामर्श पर कार्य करें।
आर्थिक: खर्च नियंत्रित रखें।
स्वास्थ्य: जलजनित रोगों से बचें।
शुभ रंग: सफेद ⚪
शुभ अंक: 2
पूजा: चंद्र देव का अभिषेक करें।
♌ सिंह (Leo) – अक्षर: मा, मी, मू, मे
कार्य/व्यवसाय: उन्नति व सम्मान के योग।
शिक्षा: प्रतिस्पर्धा में विजय।
कला/संगीत: मंचीय सफलता।
राजनीति: नेतृत्व कौशल निखरेगा।
प्रशासन: पदोन्नति संभव।
आर्थिक: लाभ के संकेत।
स्वास्थ्य: ऊर्जा से भरे रहेंगे।
शुभ रंग: सुनहरा 🟡
शुभ अंक: 1
पूजा: सूर्य देव को अर्घ्य दें।

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♍ कन्या (Virgo) – अक्षर: टो, पा, पी, पू
कार्य/व्यवसाय: जिम्मेदारियों में वृद्धि।
शिक्षा: एकाग्रता बढ़ेगी।
कला/संगीत: सूक्ष्म कार्यों में सफलता।
राजनीति: आलोचकों पर विजय।
प्रशासन: प्रशंसा के पात्र बनेंगे।
आर्थिक: खर्च बढ़ सकते हैं।
स्वास्थ्य: थकान से राहत मिलेगी।
शुभ रंग: हरा 🟢
शुभ अंक: 7
पूजा: विष्णु भगवान की आराधना शुभ।
♎ तुला (Libra) – अक्षर: रा, री, रू, रे
कार्य/व्यवसाय: नए अवसर मिलेंगे।
शिक्षा: आत्मविश्वास बढ़ेगा।
कला/संगीत: प्रदर्शन सराहा जाएगा।
राजनीति: नई जिम्मेदारी संभव।
प्रशासन: संपर्कों से लाभ।
आर्थिक: संतुलन बनाए रखें।
स्वास्थ्य: मानसिक शांति आवश्यक।
शुभ रंग: नीला 🔵
शुभ अंक: 3
पूजा: मां सरस्वती की आराधना करें।

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♏ वृश्चिक (Scorpio) – अक्षर: तो, ना, नी, नू
कार्य/व्यवसाय: नई योजनाएं बनेंगी।
शिक्षा: मनोविज्ञान व शोध में रुचि।
कला/संगीत: रचनात्मकता में निखार।
राजनीति: नए संपर्क लाभ देंगे।
प्रशासन: जिम्मेदारी बढ़ेगी।
आर्थिक: बचत के अवसर।
स्वास्थ्य: भावनात्मक संतुलन बनाए रखें।
शुभ रंग: लाल 🔴
शुभ अंक: 9
पूजा: भगवान शिव की आराधना करें।
♐ धनु (Sagittarius) – अक्षर: ये, यो, भा, भी
कार्य/व्यवसाय: ट्रैवल व नए प्रोजेक्ट सफल।
शिक्षा: उच्च अध्ययन में प्रगति।
कला/संगीत: नई पहचान का योग।
राजनीति: प्रतिष्ठा बढ़ेगी।
प्रशासन: नेतृत्व के अवसर।
आर्थिक: धन लाभ के योग।
स्वास्थ्य: सफर में सावधानी।
शुभ रंग: पीला 🟡
शुभ अंक: 4
पूजा: बृहस्पति देव की उपासना करें।

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♑ मकर (Capricorn) – अक्षर: भो, जा, जी, खी
कार्य/व्यवसाय: पदोन्नति संभव।
शिक्षा: करियर में नए विकल्प।
कला/संगीत: प्रदर्शन सराहा जाएगा।
राजनीति: समर्थन बढ़ेगा।
प्रशासन: वरिष्ठों की कृपा।
आर्थिक: स्थिरता के साथ वृद्धि।
स्वास्थ्य: आराम जरूरी।
शुभ रंग: ग्रे ⚫
शुभ अंक: 8
पूजा: शनि देव की उपासना करें।
♒ कुंभ (Aquarius) – अक्षर: गू, गे, गो, सा
कार्य/व्यवसाय: विदेश से लाभ।
शिक्षा: रिसर्च व नवाचार में सफलता।
कला/संगीत: नई सोच से पहचान।
राजनीति: पुराने विवाद सुलझेंगे।
प्रशासन: पदोन्नति की संभावना।
आर्थिक: शुभ समाचार।
स्वास्थ्य: यात्रा में सतर्कता।
शुभ रंग: नीला 🔵
शुभ अंक: 11
पूजा: शिव पार्वती की आराधना करें।

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♓ मीन (Pisces) – अक्षर: दी, दू, थ, झ
कार्य/व्यवसाय: रुका कार्य पूर्ण होगा।
शिक्षा: परिणाम अनुकूल।
कला/संगीत: अंतर्ज्ञान से लाभ।
राजनीति: सहयोग से प्रगति।
प्रशासन: न्यायिक क्षेत्र में सफलता।
आर्थिक: पुराना पैसा लौटेगा।
स्वास्थ्य: सर्दी-जुकाम से बचें।
शुभ रंग: हल्का नीला 💙
शुभ अंक: 5
पूजा: विष्णु भगवान की उपासना करें।
⚠️ डिस्क्लेमर:इस राशिफल में दी गई जानकारी वैदिक गणनाओं पर आधारित है। RKP NEWS इस ज्योतिषीय भविष्यवाणी को राष्ट्र की प्रमाणित परंपरा नहीं मानता। अपनी व्यक्तिगत कुंडली संबंधी सलाह हेतु किसी योग्य ज्योतिष विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।

आस्था और श्रद्धा के सागर में डूबा गोरखपुर

छठ महापर्व पर उमड़ा जनसैलाब, सुरक्षा और स्वच्छता व्यवस्था में जुटा पूरा प्रशासनिक अमला

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा ) पूर्वांचल की आस्था का महापर्व छठ रविवार को पूरे श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। सुबह से ही जनपद के घाटों, तालाबों और पोखरों पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। व्रती महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में डूबते सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया और परिवार की सुख-समृद्धि तथा संतान के कल्याण की कामना की।
गोरखपुर शहर और ग्रामीण अंचल में कुल 46 मुख्य घाट और 64 अन्य घाटों पर इस वर्ष छठ पर्व का आयोजन किया गया। प्रमुख घाटों में राजघाट, रामघाट, गोरखनाथ घाट, रामगढ़ताल, बेतियाहाता पोखरा, गोलघर पोखरा आदि शामिल रहे। जहां-जहां श्रद्धालु पहुंचे, वहां भक्ति और लोक परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला। सूर्यास्त के समय “छठ मईया की जय” और “सूर्य देवता की जय” के जयकारों से पूरा वातावरण गूंज उठा।

सुरक्षा और व्यवस्था में जुटा पूरा प्रशासन

छठ पर्व को सकुशल सम्पन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहा। एडीजी जोन मुथा अशोक जैन, डीआईजी रेंज एस. चनप्पा, मंडलायुक्त अनिल ढिंगरा, जिलाधिकारी दीपक मीणा, और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राज करन नय्यर ने स्वयं विभिन्न घाटों पर जाकर तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने सुरक्षा, प्रकाश, सफाई और यातायात व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
एसपी सिटी अभिनव त्यागी, एसपी नॉर्थ जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव, एसपी साउथ जितेन्द्र कुमार, और एसपी अपराध अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमणशील रहे। सभी सीओ, थाना प्रभारी और पुलिस बल घाटों पर तैनात रहे।

🌟 28 अक्टूबर को जन्मे महान व्यक्तित्व: जिन्होंने विचारों, विज्ञान, संगीत और शासन से इतिहास में अमिट छाप छोड़ी 🌟

1️⃣ सिस्टर निवेदिता (1867 – 1911): भारतीय आध्यात्मिकता की समर्पित साधिका
सिस्टर निवेदिता का जन्म 28 अक्टूबर 1867 को आयरलैंड के होल्स्टन नगर में हुआ था। उनका वास्तविक नाम मार्गरेट एलिजाबेथ नोबल था। विवेकानंद के दर्शन और भारत के प्रति उनके समर्पण से प्रभावित होकर उन्होंने अपना पूरा जीवन भारत की सेवा को समर्पित कर दिया। कोलकाता में उन्होंने महिला शिक्षा के लिए विद्यालय की स्थापना की और भारतीय संस्कृति के पुनर्जागरण में अहम भूमिका निभाई। निवेदिता ने बंगाल विभाजन के समय राष्ट्रवाद की चेतना जगाने में भी अग्रणी भूमिका निभाई। भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के शुरुआती दौर में उन्होंने अंग्रेज़ शासन के विरुद्ध अपनी कलम और कर्म दोनों से योगदान दिया।

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2️⃣ अतुल प्रसाद सेन (1871 – 1934): संगीत और कानून के महारथी
अतुल प्रसाद सेन का जन्म 28 अक्टूबर 1871 को बांग्ला प्रांत (अब बांग्लादेश) के ढाका जिले में हुआ था। वे पेशे से विधिवेत्ता थे, परंतु संगीत और कविता के क्षेत्र में भी उतने ही प्रतिभाशाली। उन्होंने बांग्ला गीतों में एक नई आत्मीयता और भावनात्मक गहराई जोड़ी। उनके गीतों में राष्ट्रप्रेम, मानवीय संवेदनाएं और सामाजिक जागरण की झलक मिलती है। उन्होंने बंगाली संगीत में ठुमरी और दादरा जैसी शास्त्रीय शैलियों का प्रभाव डाला, जिससे उनका संगीत श्रोताओं के दिलों को छू गया। शिक्षा के क्षेत्र में भी उन्होंने उल्लेखनीय योगदान दिया और अनेक संस्थाओं की स्थापना की।

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3️⃣ अंजान (1930 – 1997): शब्दों के जादूगर और सिनेमा के गीत-साधक
प्रसिद्ध गीतकार अंजान का जन्म 28 अक्टूबर 1930 को वाराणसी (उत्तर प्रदेश) में हुआ था। उनका वास्तविक नाम लालजी पांडेय था। उन्होंने हिंदी फिल्मों में ऐसे गीत रचे जो आम जनमानस की भावनाओं को सजीव कर गए। “खई के पान बनारस वाला”, “कुंवारे हम रह गए” जैसे गीत आज भी अमर हैं। अंजान ने 300 से अधिक फिल्मों में गीत लिखे और उन्होंने भोजपुरी सिनेमा को भी नया आयाम दिया। उनकी लेखनी में गंगा-जमुनी तहज़ीब की झलक मिलती है। एक कवि, शायर और गीतकार के रूप में उन्होंने शब्दों के माध्यम से भारतीय समाज की नब्ज़ को बखूबी पकड़ा।

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4️⃣ मौरिस गार्नियर हैलेट (1883 – 1959): भारत शासन के कुशल प्रशासक
मौरिस गार्नियर हैलेट का जन्म 28 अक्टूबर 1883 को इंग्लैंड में हुआ था। वे ब्रिटिश प्रशासनिक सेवा में कार्यरत रहे और बाद में भारत सरकार के गृह सचिव बने। द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान उन्होंने भारतीय उपमहाद्वीप में प्रशासनिक स्थिरता बनाए रखने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। 1940 में उन्हें ब्रिटिश भारत के गवर्नर के रूप में सम्मानित किया गया। उनके कार्यकाल में प्रशासनिक ढांचे को व्यवस्थित करने और कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए कई सुधार किए गए। भारत में उनके शासनकाल को औपनिवेशिक प्रशासन के संक्रमण काल के रूप में देखा जाता है।

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5️⃣ बिल गेट्स (1955 – ): विश्व के तकनीकी क्रांतिकारी
विलियम हेनरी गेट्स का जन्म 28 अक्टूबर 1955 को सिएटल, वाशिंगटन (अमेरिका) में हुआ था। वे माइक्रोसॉफ्ट कॉर्पोरेशन के संस्थापक हैं, जिसने पूरी दुनिया के तकनीकी परिदृश्य को बदल दिया। बिल गेट्स ने कंप्यूटर को आम लोगों तक पहुँचाने का स्वप्न साकार किया। उन्होंने बचपन से ही तकनीक में गहरी रुचि दिखाई और हार्वर्ड यूनिवर्सिटी छोड़कर सॉफ्टवेयर विकास की दिशा में कदम बढ़ाया। उनके योगदान से डिजिटल युग की शुरुआत हुई। बाद में उन्होंने बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के माध्यम से वैश्विक स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय कार्य किए।

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6️⃣ अशोक चव्हाण (1958 – ): महाराष्ट्र की राजनीति के अनुभवी चेहरे
अशोक चव्हाण का जन्म 28 अक्टूबर 1958 को महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले में हुआ था। वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने कार्य किया। उनके पिता एस.बी. चव्हाण भी राज्य के दो बार मुख्यमंत्री रहे, जिससे राजनीति उनके जीवन में रच-बस गई। अशोक चव्हाण ने राज्य में ग्रामीण विकास, बुनियादी ढांचे और शिक्षा सुधार के क्षेत्र में विशेष पहल की। उनका नेतृत्व संयमित और संवादशील माना जाता है। वे आज भी महाराष्ट्र की राजनीति में कांग्रेस के सशक्त स्तंभ हैं।

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7️⃣ उर्जित पटेल (1963 – ): आर्थिक नीतियों के मंथनकर्ता
उर्जित रवी पटेल का जन्म 28 अक्टूबर 1963 को नैरोबी (केन्या) में हुआ था। उनकी प्रारंभिक शिक्षा नैरोबी में हुई और आगे उन्होंने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और येल यूनिवर्सिटी से अर्थशास्त्र की पढ़ाई की। वे भारतीय रिजर्व बैंक के 24वें गवर्नर बने। उनके कार्यकाल में नोटबंदी और मौद्रिक नीति में स्थिरता जैसे कई अहम आर्थिक निर्णय लिए गए। उन्होंने वित्तीय अनुशासन और मुद्रास्फीति नियंत्रण के लिए सख्त नीतियां अपनाईं। उर्जित पटेल ने भारत की मौद्रिक प्रणाली को वैश्विक वित्तीय मानकों के अनुरूप बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
✨ 28 अक्टूबर को जन्मे ये सभी व्यक्तित्व अलग-अलग युगों और क्षेत्रों से थे—परंतु एक समानता उन्हें जोड़ती है: समर्पण और परिवर्तन की शक्ति। चाहे आध्यात्मिकता हो, संगीत, शासन, अर्थव्यवस्था या तकनीक—इन सबने अपने-अपने क्षेत्र में इतिहास का नया अध्याय लिखा।

छठ पूजा में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, प्रशासन रहा मुस्तैद

बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। संध्या में सरयू नदी के पावन तट पर आस्था और श्रद्धा का अभूतपूर्व संगम देखने को मिला। हजारों छठ व्रतियों ने भगवान भास्कर को पहला अर्घ्य अर्पित कर परिवार व समाज की मंगलकामना की।

दोपहर से ही नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों से महिलाओं का सैलाब घाटों की ओर उमड़ पड़ा। व्रतियों ने अपनी-अपनी बेदी पर कलश, फल-फूल और पूजन सामग्री सजाकर भगवान सूर्य की आराधना आरंभ की। अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य अर्पित करने के बाद श्रद्धालु परिवारजनों के साथ पारंपरिक छठ गीत गाते हुए घरों को लौटे।

मंगलवार की प्रातः उदीयमान सूर्यदेव को अर्घ्य अर्पण के साथ ही चार दिवसीय छठ महापर्व का समापन होगा, साथ ही व्रतियों का 36 घंटे का निर्जला उपवास पूर्ण होगा।

घाटों पर श्रद्धालुओं ने आकर्षक रंगोली बनाई और भक्ति संगीत से वातावरण को भावपूर्ण बना दिया। नगर पालिका प्रशासन द्वारा सफाई, सजावट व प्रकाश व्यवस्था की सुदृढ़ तैयारी की गई थी, वहीं पुलिस प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था में पूरी तरह मुस्तैद नजर आया।

ढलते सूर्य देव को अर्ध्य अर्पित कर महिलाओं ने की आराधना

बहराइच (राष्ट्र की परम्परा) । नवाबगंज क्षेत्र में पूर्वांचल का महापर्व छठ पूजा के तीसरे दिन सोमवार की संध्या को अस्ताचलगामी भगवान भास्कर को अर्ध्य अर्पित कर व्रत-उपवास महिलाओं ने अपने पति पुत्र और परिवार की सुख-समृद्धि के लिये सूर्य देव से कामना किया ।नवाबगंज क्षेत्र में स्थित गांवों के छोटे-छोटे तालाबों के साथ पौराणीक पांडवों कालीन मंगली नाथ शिव मन्दिर के प्रांगण में स्थित मान सरोवर तक श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम दिखाई दिया जहां महिलाऐं पारंपारिक अनुसार सोलह सिंगार में सज कर सिर पर सुपली में फल-फूल, नारियल और ठेकुआ सजाएं हुऐ भक्तिमय मग्न में सूर्य देव की आराधना में विलीन रहीं। ढलते सूर्यास्त की लालिमा जब सरोवर व तालाबों के जल में प्रतिबिम्बित हुई तो पूरा वातावरण छठ मइया के गीतों से गूंज उठा भक्ति और आस्था से ओतप्रोत यह अद्भुत दृश्य देखकर सब मग्न मन में थे और सरोवर घाट पर महिलाऐं जल में खड़ी होकर सूर्य को अर्घ्य देतीं हुईं दिखाई दे रही थी, वहीं पुरुष श्रद्धालु दीप जलाकर घाटों के किनारे सजावट में लगे रहे। नवाबगंज क्षेत्र के अवधूत गांव, सद्धू गांव, रिक्खी गांव, सेमरा, महादेवा, रामनगर, जयमाल, बुद्धी गांव, हरिहरपुर, नंदा गांव, ढोड़े गांव, बीजे गांव सहित लगभग चार दर्जनों गांवों में छठ पूजा का महापर्व बडे धूमधाम से मनाया जाता है।
सभी जगहों पर प्रशासन और स्थानीय पुलिस द्वारा घाटों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पांडव कालीन पौराणिक प्राचीन मंगली नाथ सरोवर की प्रशासन की द्वारा सफाई व प्रकाश व्यवस्था में जुटी रही। बच्चों और बुजुर्गों में भी उत्साह का माहौल भी दिखाई दे रहा था।व्रत-उपवास महिलाओं ने बताया कि छठ मइया का यह व्रत केवल एक पूजा नहीं, बल्कि आत्म-संयम, शुद्धता और प्रकृति के प्रति आभार का पर्व है। मंगलवार की सुबह उदयमान सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का समापन किया जायेगा। ग्राम प्रधान रिंकू सिंह, पिंटू गुप्ता, बलवंत सिंह सहित समाजसेवी लोग मौजूद रहे। सुरक्षा व्यवस्था के लिये थाना प्रभारी निरीक्षक रमाशंकर यादव पुलिस फोर्स के साथ मंगली नाथ सरोवर पर मौजूद रहे।

छठ महापर्व: अस्ताचलगामी सूर्य को दिया गया अर्घ्य, जिले के घाटों पर दिखा अद्भुत नजारा

महापर्व के अंतिम दिन उगते सूर्य को अर्घ्य देकर माँगा जाएगा सुख-समृद्धि का वरदान

संत कबीर नगर(राष्ट्र की परम्परा)। ‘कांच ही बांस के बहंगिया, बहंगी लचकल जाए। बलमा, बनल छै कहरिया, बहंगी घाट पहुंचाए…।’ के साथ ‘पहिले पहिल हम कईनी, छठी मइया व्रत तोहार। करिहा क्षमा छठी मइया भूल-चूक गलती हमार…।’ वैसे तो दीपावली के बाद से ही छठ के गाने बजने शुरू हो जाते हैं, लेकिन छठ महापर्व शुरू होते ही समूचा वातावरण छठ के गीतों से गुंजायमान हो रहा है। रूनकी-झुनकी बेटी मांगिला-पढ़ल पंडितवा… सुगउ के मरब धेनुष से सुगा गिरिहें मुरछाय… और बाट जे जोहे ला बटोहिया दौरा केकरा के जाय… जैसे छठ पर्व के गीतों से माहौल भक्तिमय बना हुआ है।
सोमवार को छठ पूजा महापर्व के तीसरे दिन अस्ताचल गामी सूरज देव को अर्घ्य देने के लिए महिलाएं टोकरी में पूजन सामग्री लेकर तालाब, नदियों के किनारे घाटों पहुंची। तो कुछ व्रतियों ने घर में ही व्यवस्था कीl जिला मुख्यालय के पक्का पोखरा सहित अन्य सरोवर में पूजा करने के लिए सैकड़ों की तादाद में व्रती महिलाएं पहुंची। कई जगहों पर घर में ही अर्घ्य के लिए गड्ढा खोदकर घाट बनाया गया है। वहीं नगर पंचायत मगहर में आमी नदी के तट पर व्रतियों ने सांध्य अर्घ्य अर्पित कियाl जिला प्रशासन द्वारा भी छठ घाटों पर सुरक्षा और व्रतियों की सुविधा के लिए पर्याप्त व्यवस्था की गई है।
भगवान भास्कर की उपासना का चार दिवसीय महापर्व छठ के दूसरे दिन रविवार को खरना संपन्न हो गया। व्रतियों ने स्नान के बाद संध्या काल में गुड़ और चावल से खीर बनाकर तथा घी लगी रोटी का भोग छठी माता को लगाया। खीर व रोटी को प्रसाद के तौर पर लोगों के बीच बांटा गया। सोमवार को डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया गया और मंगलवार को उदीयमान सूर्य को अर्घ्य के बाद व्रत का पारण करेंगे। छठ गीतों से पूरा वातावरण गूंज रहा है। हर घर से छठ गीत के बोल सुनाई दे रहे हैं। पहले डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। सूर्यास्त के बाद लोग अपने-अपने घर वापस आ जाते हैं। रात भर जागरण किया जाता है।
अध्यापिका श्याम नन्दिनी मिश्रा बताती हैं कि महापर्व छठ शुद्धि और आस्था की मिशाल है। यह पर्यावरण के संरक्षण का संदेश देता है। लोगों को समानता और सद्भाव का मार्ग दिखाता है। अमीर-गरीब सभी माथे पर पूजन सामग्री की टोकरी लेकर एक साथ घाट पहुंचते हैं। यह पर्व प्रकृति से प्रेम को दर्शाता है। सूर्य और जल की महत्ता का प्रतीक यह पर्व पर्यावरण संरक्षण का भी संदेश देता है।
श्रीमती मिश्रा आगे कहती हैं छठ महापर्व सृष्टि चक्र का प्रतीक भी है। इस पर्व में पहले डूबते सूर्य की पूजा होती है। फिर उगते सूर्य की। सूर्य ही हमारे जीवन का स्रोत है। चाहे अपनी रोशनी से हमें जीवन देना हो या हमें भोजन देने वाले पौधों को भोजन देना, सूर्य का संपूर्ण जगत आभारी है।
उन्होंने ने छठी मइया भगवान सूर्य की बहन हैं। इन्हीं को खुश करने के लिए महत्वपूर्ण अवयवों में सूर्य व जल की महत्ता को मानते हुए इन्हीं को साक्षी मानकर भगवान सूर्य की आराधना करते हुए नदी तालाब के किनारे छठ पूजा की जाती है। प्रकृति के षष्ठ अंश से उत्पन्न षष्ठी माता बालकों की रक्षा करने वाले विष्णु भगवान द्वारा रची माया हैं। बालक के जन्म के छठे दिन छठी मैया की पूजा-अर्चना की जाती है।

त्रिपुष्कर योग में करें कार्य, मिलेगा तीन गुना फल!

🌞 28 अक्टूबर 2025 का शुभ पंचांग: मंगलमय मंगलवार — जब भाग्य का द्वार खुलने वाला है!

✍️ प्रस्तुतकर्ता: बृज नारायण मिश्र RKP NEWS डेस्क
आज का दिन (मंगलवार, 28 अक्टूबर 2025) अध्यात्म, आराधना और कर्म के संतुलन का दिन है। कार्तिक शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि प्रातः 8:00 बजे तक रहेगी, जिसके बाद सप्तमी तिथि प्रारंभ होगी। आज का दिन विशेष है क्योंकि सूर्य तुला राशि में और चंद्रमा धनु से रात 10:14 बजे मकर राशि में प्रवेश करेगा। इस दिन सुकर्मा और धृति योग का संगम जीवन में नई ऊर्जा और सफलता का संचार करेगा।
🕉️ दिनांक व पंचांग विवरण
🗓️ तिथि: कार्तिक शुक्ल षष्ठी (08:00 AM तक), उपरांत सप्तमी
🌟 नक्षत्र: पूर्वाषाढ़ा (03:45 PM तक), उपरांत उत्तराषाढ़ा
🧘 योग: सुकर्मा (07:50 AM तक), उपरांत धृति
🕕 करण: तैतिल (08:00 AM तक), गर (08:46 PM तक), वणिज
🌅 सूर्योदय: 6:33 AM
🌇 सूर्यास्त: 5:47 PM
🌝 चन्द्रोदय: 12:14 PM
🌚 चन्द्रास्त: 11:00 PM
📅 वार: मंगलवार

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📖 संवत्सर: विक्रम संवत 2082 (कालयुक्त), शक संवत 1947 (विश्वावसु)
🌤️ ऋतु: हेमंत
🪐 अयन: दक्षिणायन
💫 आज के शुभ-अशुभ काल
राहु काल: 2:58 PM – 4:23 PM ❌
यमगण्ड: 9:22 AM – 10:46 AM ❌
कुलिक काल: 12:10 PM – 1:34 PM ❌
दुर्मुहूर्त: 08:48 AM – 09:33 AM, 10:54 PM – 11:45 PM ❌
अभिजीत मुहूर्त: 11:48 AM – 12:33 PM ✅
अमृत काल: 10:28 AM – 12:13 PM ✅
ब्रह्म मुहूर्त: 04:58 AM – 05:46 AM ✅
🌙 चंद्र व सूर्य स्थिति
सूर्य राशि: तुला ♎
चंद्र राशि: धनु ♐ (10:14 PM तक), उपरांत मकर ♑
चंद्रबल राशियाँ: मिथुन, कर्क, तुला, धनु, कुंभ, मीन
अगले चरण में: मेष, कर्क, सिंह, वृश्चिक, मकर, मीन
🪔 आज का विशेष योग: त्रिपुष्कर योग
काल: 28 अक्टूबर, 03:45 PM से 29 अक्टूबर, 06:34 AM तक

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➡️ त्रिपुष्कर योग में किया गया शुभ कार्य तीन गुना फलदायी होता है!
नई योजनाएँ शुरू करने, धन निवेश और यात्रा के लिए यह योग शुभ माना गया है।
🚩 यात्रा दिशा एवं उपाय
आज यात्रा के लिए शुभ दिशा: उत्तर और पूर्व
अशुभ दिशा: दक्षिण-पश्चिम दिशा में यात्रा न करें 🚫
घर से निकलते समय क्या खाएँ: गुड़ और लाल मिर्च का सेवन करें — यह मंगल ग्रह की कृपा बनाए रखेगा।
यात्रा मंगलमय बनाने का उपाय:
🔸 “ॐ हनुमते नमः” का 11 बार जाप करें।
🔸 लाल वस्त्र पहनना शुभ रहेगा।
🔸 किसी ब्राह्मण या वृद्ध व्यक्ति का आशीर्वाद लेकर प्रस्थान करें।

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💎 आज क्या करें, क्या न करें ✅ करें:
कार्यों की नई शुरुआत करें
हनुमानजी की उपासना करें
घर में ताम्र पात्र में जल रखें
शत्रु या विवाद से जुड़ी बातों में संयम रखें
🚫 न करें: गुस्सा या क्रोध में कोई निर्णय
अशुभ काल में यात्रा या नया सौदा
झूठ बोलना या किसी का अपमान
🔮 आज के ग्रह संकेत
आज का मंगलवार मंगल ग्रह का है जो पराक्रम, साहस और कर्म का प्रतीक है। धृति योग आत्मबल बढ़ाने वाला है, अतः आज के दिन संकल्प लेकर आगे बढ़ने से सफलता सुनिश्चित है।
📜 संक्षेप में दिन का सार
दिन का मंत्र: “ॐ अंगारकाय नमः”
भाग्यांक: 9
शुभ रंग: लाल
शुभ रत्न: मूंगा
शुभ कार्य: भूमि, निर्माण, कर्ज मुक्ति, नया व्यापार आरंभ

🌏 “28 का इतिहास: जब दुनिया ने देखे बदलाव, आज़ादी, आपदाएं और उपलब्धियों के स्वर्णाक्षर”

इतिहास के पन्नों में 28 अक्टूबर का दिन अनेक दृष्टियों से स्मरणीय रहा है। इस दिन विश्व के कई हिस्सों में ऐसी घटनाएं घटित हुईं जिन्होंने न केवल तत्कालीन समाज को प्रभावित किया, बल्कि मानव सभ्यता की दिशा भी बदल दी। विज्ञान, साहित्य, राजनीति, युद्ध और आपदाओं के बीच यह दिन मानवता के उत्थान और संघर्ष की कथा कहता है।
🌟 1886 – स्वतंत्रता का प्रतीक ‘स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी’ का अनावरण
28 अक्टूबर 1886 को अमेरिका के न्यूयॉर्क में ‘स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी’ का औपचारिक उद्घाटन किया गया। यह मूर्ति फ्रांस द्वारा अमेरिका को उपहारस्वरूप दी गई थी, जो आज स्वतंत्रता, लोकतंत्र और दोस्ती का प्रतीक मानी जाती है। तत्कालीन राष्ट्रपति ग्रोवर क्लीवलैंड ने इसका अनावरण किया था। समुद्र तट पर खड़ी यह मूर्ति न केवल प्रवासियों का स्वागत करती है बल्कि विश्व में स्वतंत्रता की भावना का स्थायी प्रतीक बन चुकी है।

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🌍 1891 – जापान में भयावह भूकंप, हज़ारों की मौत
28 अक्टूबर 1891 को जापान में भीषण भूकंप आया जिसने देश के कई क्षेत्रों को हिला कर रख दिया। इस प्राकृतिक आपदा में लगभग 7300 लोगों की मौत हुई। भूकंप ने उस समय के जापान की संरचनात्मक और आपदा प्रबंधन व्यवस्था की सीमाओं को उजागर किया। यह घटना बाद के दशकों में जापान के इंजीनियरिंग और भूकंपरोधी निर्माण के क्षेत्र में हुई प्रगति का प्रेरक कारण बनी।
🇨🇿 1918 – चेकोस्लोवाकिया को मिली स्वतंत्रता
प्रथम विश्व युद्ध के अंतिम चरण में 28 अक्टूबर 1918 को ऑस्ट्रिया-हंगरी साम्राज्य का पतन हुआ और चेकोस्लोवाकिया स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में उभरा। यह दिन उस क्षेत्र के लोगों के लिए स्वतंत्रता और आत्मनिर्णय का प्रतीक बना। आज के समय में चेक गणराज्य और स्लोवाकिया, दोनों देश इस ऐतिहासिक दिन को अपने-अपने तरीके से मनाते हैं।

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✍️ 1954 – अर्नेस्ट हेमिंग्वे को साहित्य का नोबेल पुरस्कार
28 अक्टूबर 1954 को अमेरिकी लेखक अर्नेस्ट हेमिंग्वे को साहित्य का नोबेल पुरस्कार मिला। उन्हें यह सम्मान उनके गहन, सजीव और मानवीय लेखन के लिए दिया गया। उनकी रचनाएं जैसे “द ओल्ड मैन एंड द सी” और “फॉर हूम द बेल टोल्स” ने साहित्य जगत को गहराई से प्रभावित किया। हेमिंग्वे के लेखन ने जीवन के संघर्ष, साहस और आत्म-सम्मान की भावना को सशक्त रूप से प्रस्तुत किया।
🤝 1955 – मिस्र और सऊदी अरब की रक्षा संधि
28 अक्टूबर 1955 को मिस्र और सऊदी अरब के बीच रक्षा संधि पर हस्ताक्षर हुए। यह संधि मध्यपूर्व में शक्ति-संतुलन और सुरक्षा व्यवस्था के लिए ऐतिहासिक कदम थी। उस दौर में क्षेत्र में बढ़ते सामरिक तनाव के बीच यह समझौता अरब देशों की एकता और पारस्परिक सहयोग का प्रतीक बना।

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🕵️‍♂️ 1998 – इंटरपोल की 67वीं आमसभा में नई रणनीति
28 अक्टूबर 1998 को इंटरपोल की 67वीं आमसभा सम्पन्न हुई। इसमें आतंकवाद, साइबर अपराध और संगठित अपराध से निपटने के लिए आधुनिक तकनीक पर आधारित नई रणनीतियों पर सहमति बनी। यह बैठक वैश्विक स्तर पर अपराध-नियंत्रण सहयोग के एक नए युग की शुरुआत मानी जाती है।
🇮🇳 2001 – भारत की कूटनीति के केंद्र में जर्मनी और जापान
28 अक्टूबर 2001 को अंतरराष्ट्रीय संबंधों के क्षेत्र में भारत का दिन ऐतिहासिक रहा। उस दिन जर्मनी के चांसलर गेरहार्ड श्रोडर भारत यात्रा पर आए, जबकि जापान के प्रधानमंत्री जुनीशिरो कोइजुमी के विशेष दूत योशितो मोरी भी भारत पहुंचे। इन यात्राओं ने भारत-जर्मनी-जापान त्रिपक्षीय संबंधों को नई ऊर्जा दी और भारत की वैश्विक भूमिका को और सशक्त किया।

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🏺 2004 – चीन में 4000 वर्ष पुराने मकबरों की खोज
28 अक्टूबर 2004 को बीजिंग के पास पुरातत्वविदों ने लगभग 4000 वर्ष पुराने मकबरों की खोज की। यह खोज चीन के प्राचीन इतिहास और सांस्कृतिक विकास के अध्ययन में अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हुई। उसी वर्ष यूरोपीय संघ और ईरान के बीच परमाणु मसले पर हुई वार्ता भी विफल हो गई, जिसने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई बहसें छेड़ दीं।
💣 2009 – पाकिस्तान के पेशावर में बम धमाका
28 अक्टूबर 2009 को पाकिस्तान के पेशावर में एक भीषण बम धमाके ने पूरे विश्व को झकझोर दिया। इस आतंकी हमले में 117 लोगों की मौत हुई और 213 से अधिक लोग घायल हुए। यह घटना आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक संघर्ष की भयावह वास्तविकता को उजागर करती है। पाकिस्तान के इतिहास में यह एक अत्यंत काला अध्याय माना जाता है।

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⚔️ 2012 – सीरिया में संघर्ष विराम का उल्लंघन
28 अक्टूबर 2012 को सीरिया में घोषित संघर्ष विराम का उल्लंघन हुआ और उस दिन 128 लोगों की जानें गईं। यह घटना उस समय के गृहयुद्ध की त्रासदी को दिखाती है, जहां आम नागरिक हिंसा के शिकार बने। इस दिन अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने शांति बहाली के लिए नए प्रयासों की आवश्यकता महसूस की।
🏎️ 2012 – सेबेस्टियन वेटेल ने जीता इंडियन ग्रां प्री
उसी दिन, खेल जगत में एक नई उपलब्धि दर्ज हुई। जर्मनी के सेबेस्टियन वेटेल ने 2012 का फॉर्मूला वन इंडियन ग्रां प्री खिताब जीता। यह आयोजन भारत के लिए गौरवपूर्ण था, क्योंकि देश पहली बार विश्व स्तरीय ऑटो रेसिंग प्रतियोगिता का सफल आयोजन कर रहा था। वेटेल की यह जीत उनके कैरियर की सबसे शानदार सफलताओं में से एक मानी जाती है।
🕰️ 28 अक्टूबर का दिन विश्व इतिहास का दर्पण है — जिसमें स्वतंत्रता की प्रतीक मूर्ति खड़ी है, तो कहीं धरती कांपने की भयावह गूंज है; कहीं साहित्य का उजाला है, तो कहीं युद्ध और कूटनीति के संघर्ष की कहानियां। हर घटना अपने भीतर मानव सभ्यता की जिजीविषा, संघर्ष और सीख का संदेश समेटे हुए है।
यह दिन हमें याद दिलाता है कि इतिहास केवल बीते समय की कहानी नहीं, बल्कि आने वाले कल के निर्णयों का मार्गदर्शन है।

🚀 “जीरो बंधा से आसमान तक

उत्तर भारत में पहली बार 4 कैनसैट की ऐतिहासिक उड़ान, छात्रों ने रचा नया इतिहास”

कुशीनगर/तमकुहीराज (राष्ट्र की परम्परा)उत्तर भारत के इतिहास में सोमवार का दिन स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया, जब राष्ट्रीय इन-स्पेस मॉडल रॉकेट्री/कैनसैट इंडिया स्टूडेंट कंपटीशन 2024–25 के तहत तमकुहीराज के जीरो बंधा स्थित जंगलपट्टी गांव से एक साथ चार कैनसैट की सफल लॉन्चिंग की गई। यह उत्तर भारत में पहली बार हुआ जब छात्र निर्मित उपग्रहों ने वास्तविक उड़ान भरकर भारत के अंतरिक्ष नवाचार का नया अध्याय लिखा।

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सुबह 7:30 बजे देवरिया लोकसभा क्षेत्र के सांसद शशांक मणि और भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन एवं प्राधिकरण केंद्र (IN-SPACe) के निदेशक डॉ. विनोद कुमार ने झंडी दिखाकर लॉन्चिंग की औपचारिक शुरुआत की। छठ पर्व को ध्यान में रखते हुए 10 में से केवल 4 कैनसैट लॉन्च किए गए, और सभी उड़ानें शत-प्रतिशत सफल रहीं।

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🌟 उत्साह से लबरेज रहा जीरो बंधा क्षेत्र
जंगलपट्टी के लॉन्चिंग स्थल पर सुबह से ही लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी थी। सुरक्षा के लिए लगभग सवा किलोमीटर का एरिया आरक्षित रखा गया था। राम जानकी मंदिर के पास बनी दर्शक दीर्घा में सैकड़ों की संख्या में मौजूद लोगों ने हर उड़ान को तालियों और उत्साह के साथ देखा। जैसे ही कैनसैट पैराशूट के सहारे उतरते, दर्शकों की आँखों में गर्व और रोमांच झलकने लगता था।


🧠 “युवा प्रतिभा को निखारना हमारा लक्ष्य” — डॉ. विनोद कुमार
IN-SPACe निदेशक डॉ. विनोद ने कहा,

“आज हमने उत्तर भारत में पहली बार चार कैनसैट की सफल लॉन्चिंग की। ये सभी लगभग 7000 सेमी क्यूब आकार के छात्र-निर्मित उपग्रह हैं। हमारा लक्ष्य है युवा वैज्ञानिकों को वास्तविक अंतरिक्ष अनुसंधान का अनुभव देना और उन्हें वैश्विक स्तर पर तैयार करना।”

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🇮🇳 “देवरिया से बह रही है नवाचार की हवा” — सांसद शशांक मणि
“यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि देवरिया लोकसभा क्षेत्र से नवाचार की हवा बह रही है। आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र वैज्ञानिक और तकनीकी नेतृत्वकर्ता के रूप में उभरेगा।”
🛰️ तकनीकी मॉनिटरिंग और रिकवरी मिशन
लॉन्चिंग के दौरान सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रही। आठ हाई-क्वालिटी कैमरों से मॉनिटरिंग की गई, जबकि जूरी टीम ने रियल-टाइम डेटा एलईडी स्क्रीन पर देखा। नारायणी नदी में गिरे दो कैनसैट को रिकवरी टीम ने तुरंत सुरक्षित किया।

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👩‍🔬 महिला वैज्ञानिकों की उड़ान
इस प्रतियोगिता में 47 कॉलेजों से आए 600 छात्रों में 133 छात्राएँ शामिल थीं। इन छात्राओं ने कैनसैट के डिज़ाइन, एवियोनिक्स और लॉन्चिंग प्रक्रियाओं में अपनी दक्षता दिखाते हुए STEM क्षेत्र में महिला नेतृत्व की दिशा में मजबूत संदेश दिया।

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🏆 पुरस्कार व प्रतियोगिता की रूपरेखा
कुल 71 टीमें इस प्रतियोगिता में भाग ले रही हैं। विजेता टीमों को पांच-पांच ट्रॉफियाँ और सभी प्रतिभागियों को सर्टिफिकेट दिए जाएंगे। यह वैज्ञानिक महाकुंभ 30 अक्टूबर तक चलेगा, जिसमें शेष 67 कैनसैट और रॉकेट मॉडल लॉन्च किए जाएंगे।
🔍 क्या है कैनसैट?
कैनसैट एक छोटा शैक्षिक उपग्रह मॉडल है, जिसका आकार सोडा कैन जितना होता है। इसे एक किलोमीटर की ऊंचाई तक भेजा जाता है, जहाँ से यह पैराशूट की मदद से उतरते हुए तापमान, दबाव, ऊंचाई और GPS डेटा एकत्र करता है। यह छात्रों को वास्तविक उपग्रह मिशन की तकनीकी प्रक्रिया का अनुभव देता है।

पराली जलाने पर अब तक बीस कृषकों पर लगाया गया अर्थ दण्ड

बहराइच (राष्ट्र की परम्परा)। जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी के निर्देश पर कृषि विभाग की टीम विकास खण्ड शिवपुर में किसानों द्वारा पराली जलाने की अधिक घटनाएं आने के दृष्टिगत उपनिदेशक कृषि विनय कुमार वर्मा, जिला उद्यान अधिकारी दिनेश चौधरी, उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी शिशिर कुमार वर्मा ने शिवपुर की ग्राम आसवा मोहम्मदपुर पहुंचे। यहां पर राजस्व लेखपाल सत्यम साहू, कृषि विभाग के क्षेत्रीय कर्मचारी अरविंद मिश्रा, वरिष्ठ प्राविधिक सहायक ग्रुप ए राम प्रकाश मौर्य तथा राजेश वर्मा प्रधान तथा सैकड़ो किसानों के साथ पराली ना जलाए जाने की शपथ दिलाई तथा लोगों को पराली जलाने से होने वाले पर्यावरण एवं मानव स्वास्थ पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव तथा खेतों की उर्वराशक्ति में कमी होती है फल स्वरुप खेत का उत्पादन कम होता जाता है।
जिला उद्यान अधिकारी ने किसानों से कहा कि पराली न जलाए अपितु इसे अपने खेतों में सड़ाकर खाद बनाएं और अधिक उत्पादन प्राप्त करें। उपनिदेशक कृषि ने इसी विकासखंड शिवपुर की ग्राम पंचायत अरनवा के कृषक दिलीप कुमार पुत्र रंजीत द्वारा पराली जलाई जाने पर रुपये तीस हजार का पर्यावरण अर्थदंड लगाया तथा भविष्य के लिए सचेत किया उपनिदेशक कृषि ने बताया कि आज पूरे जनपद में पराली जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है जिसमें सैकड़ों क्षेत्रीय किसानों, कृषि विभाग के क्षेत्रीय कर्मचारी तथा अधिकारी और 200 से अधिक कृषि सखियां/ सीआरपी द्वारा अपने-अपने क्षेत्र में किसानों को पराली जलाने से रोकने हेतु लोगों को जागरुक कर रहे हैं। डीडी एग्रीकल्चर ने बताया कि पराली जलाने वाले अब तक 20 किसानों पर 97500 रुपए का अर्थदंड लगाया गया है तथा उन्हें भविष्य के लिए सचेत किया गया है कि वह पराली कदापि न जलाएं। अन्यथा वे सभी सरकारी लाभों से वंचित हो जायेंगे।

बूढ़ी मांगे नाती , तरुनी मांगे बेटा , बिटिया जे मांगेली भाई _ भतीजा

संतति संरक्षण संवर्धन के तपपर्व सूर्यषष्ठी पर आस्था का अलौकिक माहौल

नदी जलाशय पोखरा घाटो पर अस्ताचलगामी सूर्य को अर्ध निवेदित

धीरेन्द्र त्रिपाठी

मऊ (राष्ट्र की परम्परा) । संतति संरक्षण संवर्धन का अलौकिक तपपर्व सूर्यषष्ठी पर नदी जलाशय पोखरा घाटो के साथ ही कुओ व घरो के समीप बने कृत्रिम जलाशयों पर यथास्थिति व्रती सोमवार को महिलाओ ने अस्त होते आदित्य को अर्घ्य निवेदित किया । दोपहर बाद से ही सजी धजी श्रृंगार किए महिलाएं बच्चों के साथ घाटों की ओर चल दी । घर के पुरुष सदस्य सिर पर दौरा उठाए श्रद्धा के साथ घाट की ओर बढ़े चलते रहे । सामान्य पूजा के साथ ही कई घरों में मनौती पूरी होने पर कोसी भरने का भी कार्यक्रम था । गन्ने पर चुनरी संग दौरा ढके इस परिवार की महिलाएं हाथ में लोटा लिए चल रही थी। पीछे से बैंड बाजे के साथ हुजूम अनोखा माहौल बनाए हुए था । कांच ही बांस के बहंगिया बहंगी लचकत जाए के साथ ही अन्य कर्णप्रिय छठ गीतों से पूरा वातावरण आस्था का अद्भुत नजारा पेश कर रहा था । पूरा नगर व क्षेत्र जैसे सूर्योपासना के इस पर्व का हर क्षण अपने आप में समेट लेना चाहता था । सास दादी अम्माओ के साथ बहुरिया भी सज धज कर गीत गाती आस्था के महापर्व में अहम भूमिका निभा रही थी । बूढ़ी मांगे नाती ‘ तरुनी मांगे बेटा ‘ बिटिया जे मांगेली भाई रे भतीजा ए छठी माता … इस आंचलिक गीत मैं इस पप्पू पर्व का पूरा मंतव्य ही समाया हुआ था । संतति वृद्धि उनके संरक्षण सुमंगल के लिए इस कठिन व्रत पर पूरा क्षेत्र का माहौल भक्ति में बना रहा । मनोति के अनुसार संतान प्राप्ति के बाद कई महिलाएं भुईपरी पड घाट तक पहुंची । कस्वा के थाने के पीछे स्थित पोखरे पर अदभूत नजारा बना रहा । इसके साथ ही सहरोज स्थित तमसा नदी देवकली फतहपुर ताल नरजा आदि पोखरों पर भीड़ उमड़ी रही । व्रती महिलाओं में वेदी पूजन कर सुपली में केला नारियल सेब अमरस शरीफा अनन्नास सिंघाड़ा आंवला आदि समस्त रितु फल के अलावा ठेकुआ खस्ता मिष्ठान आदि रखकर भगवान भास्कर को अर्ध निवेदित कर सुमंगल कामना किया । छठ के पर्व को सकुशल सम्पन कराने को लेकर स्वय थानाध्यक्ष रविन्द्रनाथ राय एसआई अनिकेत सिंह मय फोर्स घाटो पर डटे सुरक्षा की कमान सम्भाले थे ।

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डाला छठी के त्यौहार को लेकर जहाँ पूरे दिन हर्षोलास का माहौल बना रहा । महिलाए इस पर्व को लेकर सुबह से शाम तक पूरे विधि विधान से तैयारी में लग डूबते सूर्य को अर्ध्य् देने के लिए तालाबो घाटो पर पहुचती रही । वही अन्य महिलाओ के देवी छठी मइया के भक्ति गीतों से पूरा क्षेत्र गूँजता रहा ।

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भगवान राम ने ऋषि अगस्त के कहने पर रावण पर विजय प्राप्त करने के लिए सूर्यषष्ठी पूजा किया था ।उन्होंने सूर्य के छह नामो का जाप किया । राशिमते नमः सम्रद्धते नमः देवासुर नमस्कृताम नमः विवस्वेत नमः भाष्कराय नमः भुनेश्वराय नमः के जाप के बाद ही रावण का वध कर सके । सूर्य षष्ठी व्रत रामायण काल से ही प्रचलित है । व्रत से सबकी मनोकामना की सिद्वी होती है ।

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कोपागंज थाने के पीछे स्थित धार्मिक व ऐतिहासिक पोखरे व घाट की साफ सफाई तथा प्रकाश की व्यवस्था ग्राम पंचायत व शिवपरिवार कावरिया संघ ने किया । शिव परिवार के गुडडू यादव व सभासद बुद्धिराम व अन्य कार्यकर्ताओ ने वकायदे मंच लगाकर भीड़ को नियंत्रण करने के अलावा व्रती महिलाओ को अर्ध के लिए दूध आदि की मुकम्मल व्यवस्था की गयी थी